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NGOs के लिए स्टॉक एक्सचेंज लाने की तैयारी तेज, जानिए SEBI के नियम, इससे आपको क्या फायदा?
सोशल स्टॉक एक्सचेंज से सोशल इंटरप्राइेजज के लिए बाजार से फंड जुटाना आसान होगा, सेबी ने जुलाई में इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: देश में जल्द ही सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE) की शुरुआत होने वाली है, इसके लिए मार्केट रेगुलेटर (Sebi) ने एक विस्तृत फ्रेमवर्क पेश किया है. इस फ्रेमवर्क में मार्केट रेगुलेटर ने बताया है कि जो भी Not-for-Profit Organisation (NPO) संस्थाएं SSE में रजिस्टर होना चाहती हैं उनके लिए क्या क्राइटेरिया होगा.
सोशल स्टॉक एक्सचेंज के लिए नए नियम
अपने सर्कुलर में, मार्केट रेगुलेटर ने SSE के साथ रजिस्ट्रेशन के लिए NPO द्वारा पूरी की जाने वाली न्यूनतम जरूरतों को बताया है, NPO के लिए शून्य-कूपन शून्य प्रिंसिपल इंस्ट्रूमेंट्स जारी करके पैसे जुटाने की जरूरत और एक्सचेंज पर NPO की ओर से किए जाने वाले सालाना डिस्क्लोजर भी जरूरी किया है. लिस्टेड NPO को तिमाही के अंत से 45 दिनों के भीतर एSSE ये बताना होगा कि उसने पैसों का कहां इस्तेमाल किया, उसका पूरा ब्यौरा देना होगा. इसके साथ ही, SEBI ने SSE का इस्तेमाल करके पैसा जुटाने वाले सोशल एंटरप्राजेस को वित्त वर्ष के अंत से 90 दिनों के भीतर वार्षिक प्रभाव रिपोर्ट (AIR) को डिस्क्लोज करने को भी अनिवार्य किया है.
क्या है सोशल स्टॉक एक्सचेंज
सोशल स्टॉक एक्सचेंज से सोशल इंटरप्राइेजज के लिए बाजार से फंड जुटाना आसान होगा, सेबी ने जुलाई में इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया था. सोशल स्टॉक
एक्सचेंज को आसान भाषा में समझें, तो यह एक तरह से सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों (NGO) को बाजार से फंड जुटाने में मदद करेगा. जिस तरह से निजी कंपनियां अभी बाजार से पैसे जुटाती हैं, ठीक वैसे ही सोशल इंटरप्राइजेज (NGOs) भी खुद को शेयर बाजार में रजिस्टर्ड कराकर पैसे जुटा सकेंगे. इसके बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पहले बजट भाषण में (साल 2019-20 के लिए) जिक्र किया था.
रिटेल निवेशकों के लिए क्या फायदा
Social Stock Exchange (SSE) की जब शुरुआत होगी तो ठीक वैसे ही काम करेगा जैसे कि BSE, NSE काम करते हैं. समाज के लिए काम कर रही संस्थाएं इस पर लिस्ट होंगी, उनके शेयरों की ट्रेडिंग होगी और कोई भी आम निवेशक NGO के शेयरों को खरीद और बेच सकेगा, जैसा कि शेयर बाजार में कोई भी रिटेल निवेशक इस समय करता है
नया नहीं है SSE
भारत में भले ही सोशल स्टॉक एक्सचेंज नया हो, लेकिन दुनिया में यूरोप, अमेरिकी देशों, यूके, कनाडा, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, जमैका और केन्या में पहले से चल रहे हैं.
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