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वित्त मंत्री ने 7 टैक्स स्लैब वाले सिस्टम को लेकर दिया ये महत्वपूर्ण बयान
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा की सरकार इस सिस्टम को इसलिए लेकर आई थी क्योंकि इससे कम आय वाले लोगो को ज्यादा टैक्स देना पड़े.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश करने जा रही है. लेकिन उससे पहले उन्होंने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने देश में 7 टैक्स लैब वाले सिस्टम को लेकर बयान दिया है कि सरकार इस सिस्टम को इसलिए लेकर आई ताकि कम इनकम ग्रुप वालों को ज्यादा आयकर न देना पड़े. आपको बता दें कि सरकार ने आम बजट 2020-21 में ऑप्शनल इनकम टैक्स रिजीम शुरू की थी, जिसके तहत जिन लोगो की आय कम है उन पर ज्यादा टैक्स की मार न पड़े. हालांकि, इस रिजीम में कई तरह की टैक्स पर मिलने वाली छूटों को शामिल नहीं किया गया था। इनमें हाउस रेंट से लेकर 80 सी जैसी छूटें शामिल हैं.
लोअर आय वालों को देना पड़े कम टैक्स
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार मौजूदा टैक्स सिस्टम के बीच एक ऑप्शनल सिस्टम इसलिए लेकर आएं ताकि लो इनकम ग्रुप वालों को कम टैक्स देना पड़े. हालांकि इसमें किसी तरह की छूट नहीं है लेकिन यह पुराने सिस्टम से आसान है और इसकी टैक्स दरें भी कम है.
क्या है ऑप्शनल टैक्स रिजीम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा ने कहा कि सरकार ऑप्शनल टैक्स रिजीम (Optional tax regime) का फायदा समाज के उन तबके के लोगों को मिलेगा जो कम आय अर्जित कर पाते हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) में प्रत्येक टैक्सपेयर्स लगभग 7-10% छूट का दावा कर सकता है और इनकम लिमिट के आधार पर इनकम टैक्स (Income Tax) की दरें 10%, 20% और 30% के बीच होती हैं. आपको बता दें कि मोदी सरकार ने दो साल पहले 2020-21 में ऑप्शनल इनकम टैक्स रिजीम शुरू की थी. हालांकि, इस रिजीम में कई तरह की छूटों को शामिल नहीं किया गया था। जिसमें (HRA), होम लोन के ब्याज और 80C के तहत निवेश जैसी अन्य टैक्स जैसी छूट नहीं दी जाती है.
क्या है इस योजना के तहत टैक्स स्लैब
इस योजना के तहत अगर आपकी आय ढाई लाख रुपए हैं तो उसे टैक्स से पूरी तरह बाहर रखा गया है. इसके बाद जैसे जैसे आपकी इनकम बढ़ती है वैसे-वैसे टैक्स का दायरा भी बढ़ता चला जाता है. अगर आपकी इनकम ढाई लाख रुपये से लेकर ₹5 लाख तक है तो उस पर आपको 5% का टैक्स देना पड़ता है. उसके बाद अगर आपकी इनकम ₹5 लाख से ₹ 7.50 लाख तक है तो इस पर आपको 10% टैक्स देना पड़ता है, इसी तरह ₹7.50 लाख से लेकर ₹10 लाख तक आपको 15% टैक्स देना पड़ता है, 10 लाख से 12.50 लाख रुपए तक 20%, 12.50 लाख से 15 लाख तक 25%, और 15 लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्स देना पड़ता है. वही ओल्ड टैक्स रीजीम वाले सिस्टम में ढाई लाख तक की आय टैक्स फ्री है जबकि 2.50 लाख रुपए से ₹5 लाख तक 5%, 5 लाख से 10 लाख रुपए तक 20%, जबकि इसके बाद 10 लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्स लगता है.
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