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Electoral Bonds: जिन 2 कंपनियों ने दिया सबसे ज्यादा चुनावी चंदा, देख लें उनकी जन्मकुंडली

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड्स की जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

इस समय देश में सबसे ज्यादा चर्चा इलेक्टोरल बॉन्ड्स (Electoral Bonds) की है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव आयोग (EC) ने भारतीय स्टेट बैंक (State Bank Of India) से मिली इलेक्टोरल बॉन्ड्स की पूरी लिस्ट अपने पोर्टल पर अपलोड कर दी है. इससे यह सबसे सामने आ गया है कि किसने, किसे और कितना चुनावी चंदा दिया. इस लिस्ट में शामिल फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज (Future Gaming And Hotel Services) और मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) टॉप 2 दानी कंपनियां हैं, जिन्होंने राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने के लिए सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे थे.

इन्होंने खोल दी तिजोरी 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज ने 2019 से 2024 के बीच इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए करीब 1,368 करोड़ रुपए का चुनावी चंदा दिया है. जबकि मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने कुल 966 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड्स खरीदे थे. कंपनी ने अप्रैल 2019 में पहली बार और 2023 में आखिरी बार डोनेशन खरीदा था. मेघा इंजीनियरिंग के बारे में कहा जा रहा है कि कंपनी ने पिछले साल जो चंदा दिया था, उसके एक महीने बाद ही महाराष्ट्र में उसे 14,400 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट मिल गया. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि MEIL के चुनावी बॉन्ड खरीदने के महीने भर के अंदर ही उसे ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट का टेंडर मिल गया था.

कंपनी के पास कई प्रोजेक्ट 
हैदराबाद मुख्यालय वाली MEIL की स्थापना 1989 में पीपी रेड्डी ने की थी. 1991 में पीपी रेड्डी के भतीजे पीवी कृष्णा रेड्डी भी उनके साथ काम करने लगे और दोनों मिलकर कंपनी चलाते हैं. MEIL ने तेलंगाना में 14 बिलियन डॉलर की सबसे बाद सिंचाई परियोजनाओं में से एक का निर्माण किया था. इसी साल कंपनी को कालेश्वरम प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन का कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है, जो दुनिया के सबसे बड़े इरिगेशन प्रोजेक्ट में शामिल है. MEIL को महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में बड़े प्रोजेक्ट मिले हुए हैं. MEIL की वेबसाइट के मुताबिक कंपनी सिंचाई, जल प्रबंधन, बिजली, हाइड्रोकार्बन, परिवहन, भवन और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में काम करती है.

L&T ने जताया था विरोध
MEIL अलग-अलग सेक्टर्स में काम करती है. 2018 में कंपनी ने टीवी न्यूज की दुनिया में कदम रखा और TV9 नेटवर्क में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी. PP Reddy फोर्ब्स की 2023 की लिस्ट में 54वें सबसे धनवान भारतीय के तौर पर शामिल थे. कंपनी पर लग रहे आरोपों की बात करें, तो मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार के मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजनल डिवेलपमेंट अथॉरिटी (MMDRA) ने ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट के लिए टेंडर निकाला था. इस प्रोजेक्ट के तहत संजय गांधी नेशनल पार्ट के अंतरगत दो रोड टनल बनाई जानी थीं. केवल MEIL की ही बिड पर प्रतिक्रिया दी गई थी, जिसके खिलाफ लार्सन एंड टर्बो (L&T) ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कंपनी ने कहा कि अस्पष्ट कारणों से MMDRA ने उसकी बोली को अस्वीकार किया. जबकि MMDRA ने अपने बचाव में दलील दी थी कि फाइनेंशियल बिड ओपन होने के बाद L&T ने कमियों में सुधार के लिए आवेदन किया था, जिसकी नियमों के मुताबिक अनुमति नहीं दी जा सकती.

लॉटरी किंग की है फ्यूचर गेमिंग
फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज की बात करें, तो सबसे ज्यादा चुनावी चंदा देने वाली इस कंपनी को सैंटियागो मार्टिन (Santiago Martin) चलाते हैं. मार्टिन को लॉटरी किंग के नाम से भी जाना जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सैंटियागो मार्टिन साल 1988 में म्यांमार के यांगून से भारत लौटे और लॉटरी बिजनेस की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने अपने कारोबार को भूटान और नेपाल तक फैलाया. सैंटियागो मार्टिन ने लॉटरी के अलावा कंस्ट्रक्शन, टेस्सटाइल्स, हॉस्पिटैलिटी और कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टर्स में भी कदम रखा. वह ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ लॉटरी ट्रेड एंड एलायज इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष भी हैं. फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रडार पर है. ED पीएमएलए कानून उल्लंघन के आरोपों को लेकर कंपनी की जांच कर रहा है. मई 2023 में कंपनी के कोयंबटूर और चेन्नई में ठिकानों पर छापेमारी भी हुई थी. 


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