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ED ने इस कंपनी के प्रमोटर को किया गिरफ्तार, 25,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का है आरोप
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अरविंद धाम की सात दिन की हिरासत दे दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को Amtek Group ऑफ कंपनीज के प्रमोटर अरविंद धाम की 7 दिन की हिरासत दे दी है. ईडी ने अरविंद धाम की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से उससे पूछताछ करने के लिए 14 दिन की हिरासत मांगी थी. विशेष सीबीआई न्यायाधीश भूपिंदर सिंह की अदालत में अरविंद को 17 जुलाई को पेश किया जाएगा. आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने M/s ACIL लिमिटेड और ग्रुप की अन्य कंपनियों के मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के प्रावधानों के तहत 09 जुलाई को अरविंद धाम को गिरफ्तार किया था.
कोर्ट ने 7 दिन की हिरासत में भेजा
ये गिरफ्तारी 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बैंक धोखाधड़ी मामले के संबंध में की गई थी. गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश करने पर माननीय विशेष न्यायालय, राउज एवेन्यू, दिल्ली ने अरविंद धाम को सात दिन की ED रिमांड दी है. धाम को दिल्ली में एक स्पेशल PMLA (Prevention of Money Laundering Act) अदालत के समक्ष 10 जुलाई को पेश किया गया. ईडी ने कहा कि कंपनी और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला CBI की उस FIR से सामने आया है, जो IDBI Bank और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की लिखित शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई थी.
Amtek Group के खिलाफ क्या हैं आरोप?
IDBI बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायतों के आधार पर CBI की ओर से FIR दर्ज करने के बाद ED ने अपनी जांच शुरू की थी. एजेंसी ने बताया कि यह आरोप लगाया गया था कि धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात करके लोन्स का इस्तेमाल कहीं और किया गया, जिससे बैंकों को गलत तरीके से 673.35 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में एमटेक ऑटो समूह की कंपनियों के खिलाफ एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए प्रवर्तन निदेशालय को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था.
पिछले महीने ED ने मारे छापे
ईडी ने पिछले महीने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और नागपुर में अरविंद धाम, कंपनी के एक अन्य डायरेक्टर गौतम मल्होत्रा और अन्य के परिसरों पर छापे मारे थे. ED ने कहा कि एमटेक समूह ने 15 से अधिक बैंकों से लिए गए 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के लोन का भुगतान नहीं किया है. एजेंसी ने आरोप लगाया कि धाम, विभिन्न कंपनियों में कई बेनामी संपत्तियों के बेनिफीशियल ओनर थे. इन कंपनियों में एमटेक समूह के कर्मचारी जैसे चपरासी, ड्राइवर, फील्ड बॉय और समूह की कंपनियों से कोई संबंध नहीं रखने वाले लोग डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे थे. ईडी ने कहा कि धाम ने अपने पास मौजूद ऐसी संपत्तियों के बारे में किसी भी बैंक या लेनदार को कभी नहीं बताया.
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