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मुश्किलों के भंवर में Dunzo, अब को-फाउंडर दलवीर सूरी छोड़ रहे कंपनी का साथ
क्विक कॉमर्स कंपनी डंजो (Dunzo) को लेकर पिछले कुछ समय से नेगेटिव खबरें सामने आ रही हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
हाइपरलोकल क्विक कॉमर्स कंपनी डंजो (Dunzo) मुश्किलों के ऐसे भंवर में घिरती जा रही है. कर्मचारियों की सैलरी रोकने, बेंगलुरु ऑफिस छोड़ने जैसी नेगेटिव खबरों के बाद अब कंपनी अपने को-फाउंडर दलवीर सूरी के फैसले को लेकर चर्चा में है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूरी ने कंपनी का साथ छोड़ने का फैसला कर लिया है. Dunzo के सीईओ कबीर बिस्वास ने ईमेल के माध्यम से कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी है. बता दें कि Dunzo की शुरुआत साल 2014 में हुई थी.
कंपनी के 4 को-फाउंडर
दलवीर सूरी ने कंपनी को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है. उन्होंने मई 2015 में जब Dunzo का दामन थामा, तब वह केवल वॉट्सऐप पर ऑर्डर एक्सेप्ट करती थी. Dunzo के 4 को-फाउंडर हैं - कबीर बिस्वास, दलवीर सूरी, अंकुर अग्रवाल और मुकुंद झा. हालांकि, बिस्वास अकेले ऐसे को-फाउंडर हैं, जिनके पास कंपनी में इक्विटी है. बिस्वास की Dunzo में करीब 3.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है. जबकि सूरी, अग्रवाल और झा को केवल फिक्स्ड सैलरी मिलती है.
कैश क्रंच से जूझ रही कंपनी
दलवीर सूरी के कंपनी छोड़ने की खबर ऐसे समय आई है, जब डंजो (Dunzo) नकदी की कमी सहित तमाम समस्याओं से जूझ रही है. बताया जा रहा है कि सूरी पहले भी कंपनी छोड़ने का मन बना चुके थे, लेकिन CEO कबीर बिस्वास के साथ बातचीत के बाद उन्होंने अपना मन बदल लिया था, लेकिन इस बार उनका जाना तय है. सूरी वैसे तो कंपनी के सभी ऑपरेशन्स देखते थे, मगर उन पर विशेष रूप से Dunzo के B2B कारोबार को बढ़ाने की जिम्मेदारी थी. गौरतलब है कि डंजो क्विक-कॉमर्स बिजनेस से फोकस कम करके B2B कारोबार पर ज्यादा ध्यान दे रही है. क्योंकि क्विक-कॉमर्स में उसे घाटा हो रहा है.
रिलायंस, गूगल का है निवेश
कंपनी इस समय कॉस्ट कटिंग कर रही है. इसी के चलते Dunzo ने बेंगलुरु में अपना ऑफिस स्पेस छोड़ दिया है और कई राउंड छंटनी कर चुकी है. इस कंपनी में रिलायंस रिटेल, गूगल सहित अन्य निवेशकों ने अच्छा-खासा पैसा लगा रखा है. पिछले साल की शुरुआत में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की रिटेल यूनिट रिलायंस रिटेल ने ग्रोसरी के ऑनलाइन डिलीवरी कारोबार में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने के लिए डंजो में 25.8 प्रतिशत हिस्सेदारी 20 करोड़ डॉलर (लगभग 1488 करोड़ रुपए) में खरीदी थी. उस समय कंपनी की सेवाएं 7 मेट्रो शहरों में उपलब्ध थीं, जिसे जल्द ही 15 शहरों में विस्तारित करने की योजना थी. उस समय यह भी कहा गया था कि फंडिंग के अलावा डंजो और रिलायंस रिटेल आपस में कुछ व्यावसायिक साझेदारी भी करेंगी. वहीं, कंपनी में गूगल की हिस्सेदारी लगभग 19 प्रतिशत है.
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