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BEL को मिले इस ऑर्डर से शेयरों में आया उछाल, इतने प्रतिशत का हुआ इजाफा
BEL की शुरुआत करने का मकसद ये था कि देश इलेक्ट्रिक उपकरणों और उसकी तकनीक में आत्मनिर्भर हो सके. 1 कारखाने से शुरू करने वाली ये कंपनी आज नौ कारखानों तक पहुंच चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर की नामी कपंनी BEL (भारत इलेक्ट्रोनिक लिमिटेड) को मिले 2000 करोड़ रुपये के ऑर्डर के बाद सोमवार को उसके शेयरों में तेजी देखने को मिली. कंपनी के शेयरों में सोमवार को 3 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली. BEL को ये ऑर्डर कोच्चि शिपयॉर्ड से मिला है. इस ऑर्डर में कंपनी को अलग-अलग प्रकार के सेंसर से लेकर, फायर कंट्रोल सिस्टम और अगली पीढ़ी के मिसाइल सिस्टम के लिए कम्यूनिकेशन उपकरणों की सप्लाई करनी है.
शेयर में आई कितनी तेजी?
सोमवार को बाजार खुलने के बाद कंपनी के शेयर में 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली. दोपहर में 12.32 बजे पर खबर लिखे जाने पर कंपनी का शेयर 3. 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 140.10 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. बीईएल के शेयर में पिछले एक महीने में 10 प्रतिशत तक की ग्रोथ देखने को मिली है. जबकि वहीं अगर पूरे साल का विश्लेषण करें तो अब तक कंपनी के शेयर में 40 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा हो चुका है.
कहां-कहां से मिला है कंपनी कार ऑर्डर
कंपनी को एक ओर जहां कोच्चि शिपयार्ड से 2118 करोड़ का ऑर्डर मिला है, वहीं दूसरी ओर AFNET SATCOM N/W से 886 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है. कंपनी को इस साल में अब तक 14384 करोड़ रुपये का कुल ऑर्डर मिल चुका है. कंपनी ने पहली तिमाही में 530.84 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है. वहीं कंपनी के कुल रेवेन्यू की बात करें तो वो 12 प्रतिशत बढ़कर 3510.8 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा है. जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में ये 3112.8 करोड़ रुपये पर था.
क्या करती है भारत इलेक्ट्रिकल लिमिटेड
भारत इलेक्ट्रिकल कंपनी रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली एक नवरत्न कंपनी है. ये कंपनी हमारी सेनाओं की तीनों यूनिट आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के लिए अलग-अलग प्रकार के इलेक्ट्रिकल उपकरणों को बनाने का काम करती है. इस कंपनी की सथापना 1954 में की गई थी. इस कंपनी को बनाने का मकसद ये था कि देश इलेक्ट्रिकल साजो सामान के क्षेत्र में और उसकी तकनीक में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो सकेगा. इसके पहले कारखाने की शुरुआत बेंग्लुरु में की गई थी. लेकिन आज इसकी नौ उत्पादन इकाईयां स्थापित हो चुकी हैं.
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