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न्याय योजना के चलते बीते 5 सालों में 40 लाख लोग गरीबी रेखा से बाहर आए : मल्लिकार्जुन खड़गे
राज्य सरकार की ओर से अब तक गोबर विक्रेताओं को 5.16 करोड़ रुपए और गन्ना उत्पादक किसानों को 57.18 करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
आने वाले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सरकार की रैलियों और नई योजनाओं की सौगात देने का सिलसिला लगातार जारी है. इस मौके पर छत्तीसगढ़ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य सरकार की योजनाओं से होने वाले लाभ को लेकर कहा कि न्याय योजनाओं के चलते बीते पांच सालों में 40 लाख लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गये हैं। सवा दो लाख करोड़ रुपए की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में अंतरित की गई है, जिसने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है. खड़गे ने ये बात छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सुमाभाठा में आयोजित कृषक सह श्रमिक सम्मेलन के अवसर पर कही.
मुख्यमंत्री श्रमिक योजना की हुई शुरुआत
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मुख्यमंत्री बघेल ने श्रमिकों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना का शुभारंभ भी किया. उन्होंने कहा कि इस योजना में दस साल तक पंजीकृत रहे एवं 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके निर्माणी श्रमिकों को जीवन पर्यंत प्रति माह 15 सौ रुपए की पेंशन सहायता दी जाएगी.
इसके साथ ही प्रदेश के 24 लाख 52 हजार 592 किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के 1895 करोड़ रुपए अंतरित किए. साथ ही गोधन न्याय योजना के 65 हजार गोबर विक्रेताओं को 5 करोड़ 16 लाख रुपए की राशि और 33 हजार 642 गन्ना उत्पादक किसानों को 57 करोड़ 18 लाख रुपए प्रोत्साहक राशि भी उनके खाते में डाली गई है.
क्या बोले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल?
इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि आपकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए 28 सितंबर को जारी की गई है. चूंकि आचार संहिता लगने के पश्चात निर्वाचन आयोग से इसके लिए अनुमति लेनी होती इसमें विलम्ब की आशंका के चलते आज ही इसका भुगतान कर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 73 लाख लोगों को राशन से सुनिश्चित कराया है. युवाओं को 147 करोड़ बेरोजगारी भत्ते के रूप में दिए हैं.
मुख्यमंत्री बोले जातिगत जनगणना होनी चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने की हमारी परंपरा रही है. देश में इंदिरा गांधी पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। प्रतिभा पाटिल देश की राष्ट्रपति चुनी गईं. हमारा मत है कि महिला आरक्षण को इसी वक्त लागू करना चाहिए. जातिगत जनगणना होनी चाहिए, इससे सभी वर्गों की स्पष्ट स्थिति की जानकारी होगी. पिछड़े वर्गों के आर्थिक स्थिति की जानकारी होगी और इसके मुताबिक योजनाएं बनाई जा सकती हैं जो प्रभावी होगी.
सीएम ने बिलासपुर में 7 लाख आवासों के लिए हितग्राहियों की पहली किश्त 25-25 हजार डालने का काम भी किया. भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में हम प्रदेशभर में घूमे और सभी की मांग रही कि आवास चाहिए, इसके बाद हमने आर्थिक सर्वेक्षण का निर्णय लिया और इस आधार पर सभी को आवास दे रहे हैं. हमने किसानों के हित में निर्णय लिया कि धान 15 से बढ़ाकर 20 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से खरीदा जाएगा. उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए हमने विभिन्न विभागों में 42 हजार से ज्यादा पदों की भर्ती निकाली.
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