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मई में घरेलू हवाई यात्री संख्या में 4.1% की वृद्धि, लेकिन मासिक रफ्तार हुई स्थिर : ICRA
महीने के दौरान एयरलाइनों द्वारा कुल 98,353 उड़ानों का संचालन किया गया
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत में घरेलू हवाई यात्रा ने मई 2025 में साल-दर-साल आधार पर 4.1% की वृद्धि दर्ज की. रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार, इस दौरान अनुमानित 143.6 लाख यात्रियों ने हवाई सफर किया, जो मई 2024 में दर्ज 138.0 लाख से अधिक है. हालांकि अप्रैल 2025 की तुलना में यात्री संख्या लगभग स्थिर रही.
महीने के दौरान एयरलाइनों द्वारा कुल 98,353 उड़ानों का संचालन किया गया, जो पिछले साल मई में 93,551 था - यानी 5.1% की सालाना वृद्धि. औसतन प्रतिदिन 3,173 उड़ानों का संचालन हुआ, जो मई 2024 के 3,018 से अधिक था, लेकिन अप्रैल 2025 के 3,274 से थोड़ा कम. प्रत्येक उड़ान में औसतन 146 यात्री सवार हुए - यह संख्या मई 2024 में 147 थी। पैसेंजर लोड फैक्टर (PLF), जो एयरलाइन की सीट उपयोग क्षमता को दर्शाता है, मई 2025 में 88.0% रहा, जो पिछले साल के 88.9% से थोड़ा कम है, लेकिन अप्रैल के 86.1% से बेहतर प्रदर्शन दर्शाता है.
FY2026 की शुरुआत स्थिर, लेकिन चुनौतियां बनी हुई हैं
वित्त वर्ष 2026 की पहली दो तिमाहियों (अप्रैल–मई 2025) में कुल घरेलू यात्री संख्या 286.8 लाख रही, जो सालाना आधार पर 6.2% की वृद्धि है. ICRA ने पूरे वित्त वर्ष के लिए 7–10% की वृद्धि का अनुमान जताया है, जिससे यात्री संख्या 175–181 मिलियन तक पहुंच सकती है. ICRA ने अपने विश्लेषण में कहा, “उपभोक्ता मांग में स्थिरता दिख रही है, लेकिन मासिक वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ी है.” एजेंसी ने विमानन क्षेत्र के लिए 'Stable' आउटलुक बनाए रखा है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, ईरान-पाकिस्तान के ऊपर सीमित एयरस्पेस और हालिया एयर इंडिया हादसे के चलते बीमा प्रीमियम में संभावित वृद्धि जैसे जोखिमों की चेतावनी भी दी है.
जून 2025 में एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें सालाना आधार पर 13.8% और माह-दर-माह 2.7% घटी हैं, जिससे एयरलाइनों को कुछ राहत मिली है. फिर भी, किराये पर दबाव और बढ़ती परिचालन लागत के चलते मुनाफा कमाना मुश्किल बना हुआ है. ICRA का अनुमान है कि FY2026 में भारतीय विमानन उद्योग को Rs 20,000–30,000 करोड़ के शुद्ध घाटे का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि यह नुकसान FY2022 के Rs 23,500 करोड़ और FY2023 के Rs 17,400 करोड़ के मुकाबले थोड़ा कम रहेगा.
Pratt & Whitney इंजन की समस्या और कल-पुर्जों की कमी के चलते प्रमुख एयरलाइनों के कई विमानों को ग्राउंड किया गया था. मार्च 2025 में जहां 133 विमान खड़े थे, वहीं मई में यह संख्या घटकर 40 हो गई है. इससे परिचालन में कुछ राहत मिली है, लेकिन एयरलाइनों को पुराने या किराए के विमानों पर निर्भर रहने के चलते ज्यादा किराया और दक्षता में कमी का सामना करना पड़ रहा है.
आगे चलकर, एयरलाइनों की लाभप्रदता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे लोड फैक्टर को कैसे स्थिर रखें, किराये को कैसे विवेकपूर्ण बनाएं और सीमित बेड़े की स्थिति में परिचालन को कैसे सुचारू रखें. ICRA ने कहा, “जैसे-जैसे मांग स्थिर हो रही है, एयरलाइनों को लागत नियंत्रण और सेवा गुणवत्ता के बीच संतुलन साधना होगा.”
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