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NRI को भारत में पसंद आ रहे हैं ये इंश्योरेंस, सर्वे में आया चौंकाने वाला आंकड़ा
भारत से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय NRIs अब जीएसटी का रिफंड भी प्राप्त कर सकते है. चूंकि अधिकांश NRI अपने विदेशों में टैक्स का भुगतान करते है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारत में हेल्थ इंश्योरेंस अन्य देशों की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध है, जो इसे विदेश में रहने वालों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाता है. पॉलिसिबाजार की रिपोर्ट अनुसार संयुक्त अरब अमेरिका, सऊदी अरब, कतर, ओमान और कुवैत जैसे देशों के NRI हेल्थ इंश्योरेंस खरीदारों का सबसे बड़ा प्रतिशत 58% हैं, इसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका/कनाडा (14%), यूके (8%) और ऑस्ट्रेलिया (6%) हैं.
क्या कहते हैं सर्वे के आंकड़े?
आकंड़ों के अनुसार, 28 से 45 वर्ष की उम्र वाले लगभग 71 प्रतिशत NRI भारत में रह रहे अपने परिवार के सदस्यों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीद रहे है. इसमे फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी NRI के बीच काफी लोकप्रिय है, 40% NRI फैमिली फ्लोटर हेल्थ पॉलिसी का विकल्प चुन रहे हैं. इन पॉलिसियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा (25%) भारत में रहने वाले माता-पिता या वरिष्ठ नागरिकों के लिए खरीदा जाता है. अपने हेल्थ इंश्योरेंस बेनिफिट्स को अधिकतम प्राप्त करने के लिए, NRI हाई इंश्योरेंस वेल्यू वाली इंश्योरेंस पॉलिसी का विकल्प चुनते हैं, जो विशेष रूप से गंभीर बीमारियों या महंगी चिकित्सा स्थितियों के लिए जरूरी हैं. कम से कम एक-चौथाई एनआरआई 1 करोड़ रुपये से अधिक का कवरेज चुनते हैं, जबकि 34% NRI 25 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच बीमा राशि को चुनते हैं.
इस वजह से ज्यादा खरीद रहे हैं हेल्थ इंश्योरेंस?
आधे से ज्यादा NRI खरीदार प्रीमियम पर मिलने वाले डिस्काउंट का लाभ उठाने के लिए मल्टीईयर पॉलिसियों का विकल्प चुनते हैं. यह न केवल चुनी गई अवधि के लिए प्रीमियम को लॉक करता है, बल्कि मेडिकल इन्फलेशन या बढ़ती उम्र के कारण प्रीमियम में बदलाव से भी बचाता है.एनआरआई अक्सर अपने हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज को बढ़ाने के लिए ऐड-ऑन का चयन करते हैं, जैसे असीमित कवरेज, ग्लोबल कवरेज, पीईडी वैटिंग पीरियड में कमी, अतिरिक्त स्वास्थ्य कवरेज और क्लेम शील्ड.
पहले से मौजूद बीमारी (पीईडी) ऐड-ऑन के लिए वेटिंग पीरियड को कम करना सबसे लोकप्रिय विकल्प (17%) है, इसके बाद असीमित कवरेज (10%) है. इसके अलावा, 15% एनआरआई अतिरिक्त स्वास्थ्य कवरेज (एएचसी) पसंद करते हैं और शील्ड ऐड-ऑन का दावा करते हैं, जबकि 5% वैश्विक कवरेज का विकल्प चुनते हैं. हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने वाले लगभग 34% NRI में पहले से ही कई बीमारियां मौजूद होती हैं, जिनमें सर्जिकल प्रक्रियाएं (21%), डायबिटिज (17%), हाई ब्लडप्रेशर (13%), थायरॉइड समस्याएं (10%), और अस्थमा (11%) शामिल हैं। यह सबसे आम बीमारियां है जिनके लिए NRI हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय कवरेज की तलाश में रहते हैं.
NRI को मिलती है ये सुविधा
भारत से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय NRIs अब जीएसटी का रिफंड भी प्राप्त कर सकते है. चूंकि अधिकांश NRI अपने निवासी विदेशी देश में टैक्स का भुगतान करते हैं, इसलिए उन्हें भारत में टैक्स का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है. हालांकि, यह रिफंड केवल तभी लागू होता है जब प्रस्तावक NRI हो और भुगतान उनके NRI (अनिवासी बाहरी) खाते से किया गया हो. आंकड़ों से पता चलता है कि 40% से अधिक NRI ग्राहक भारत से हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय जीएसटी रिफंड का लाभ उठाते हैं.
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