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क्या आपके पास भी है iPhone 12, फ्रांस ने इस कारण लगाई रोक
Apple कंपनी का इस पूरे मामले पर कहना है कि आईफोन 12 2020 में लॉन्च हुआ था. लेकिन 2021 में उसे फ्रांस की सरकार के रेग्यूलेटरी सिस्टम से प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारत में भले ही मौजूदा समय में मोबाइल रेडीएशन को लेकर विवाद न चल रहा हो लेकिन फ्रांस की सरकार ने आईफोन 12 पर इसी कारण से रोक लगा दी है. जबकि वहीं इस बैन पर आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल का कहना है कि उसका फोन पूरी तरह से सुरक्षित है और दुनिया भर की सभी एजेंसियों से उसे प्रमाण पत्र मिला हुआ है. लेकिन सवाल ये फिर खड़ा हो गया है कि क्या आपका हमारा फोन विकीरण से सुरक्षित है.
आखिर क्या है ये पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दरअसल फ्रांसीसी नियामक प्राधिकरण ने हाल ही में ये एप्पल कंपनी के iphone 12 पर बैन लगा दिया. फ्रांसीसी नियामक प्राधिकरण ने फोन से निकलने वाले रेडिएशन को लेकर चिंता जताई है. नियामक की ओर से कहा गया है कि विकीरण जोखिम सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं. इस बात पर एक बार फिर चर्चा शुरु हो गई है कि क्या आपका हमारा मोबाइल फोन सुरक्षित है.
रेडीएशन के आरोप पर एप्पल ने क्या कहा?
नियामक द्वारा ये बात कहे जाने के बाद एप्पल ने भी इस पर अपनी बात रखी है. एप्पल की ओर से कहा गया है कि आई फोन 12 में किसी तरह की विकीरण समस्या नहीं है. एप्पल ने ये भी कहा है कि 2020 में इस फोन के लॉन्च होने के बाद 2021 में फोन ने फ्रांस में विकीरण टेस्ट को पूरी तरह से पास कर लिया था. इस फोन को इंटरनेशनल एजेंसियों से सर्टिफिकेट मिल चुके हैं.
कैसे निकलता है फोन से विकीरण?
दरअसल फोन से निकलने वाला विकीरण दो प्रकार का होता है. इसमें पहला आरएफ (रेडियाफ्रीक्वेंशी) विकीरण होता है और दूसरा ईएलएफ विकीरण. पहले किस्म का विकीरण जो कि आरएफ विकीरण होता है वो फोन से कॉल करते समय या इंटरनेट इस्तेमाल करते समय निकलता है. आरएफ विकीरण को सामान्य तौर पर सुरक्षित माना जाता है. दुनियाभर के अलग-अलग देशों की रेग्यूलेटरी संस्थाएं सुरक्षित विकीरण के लिए सुरक्षा मानक स्थापित करती हैं. उनका पालन करने पर ही फोन कंपनियों को देश में बेचने की अनुमति दी जाती है. इसी तरह दूसरा विकीरण होता है ईएलएफ विकीरण. ये किसी भी स्मार्ट फोन के इलेक्ट्रिक घटकों से आता है. इसे नॉन ऑयोनाइजिंग और सेफ माना जाता है. दरअसल इसकी जांच के लिए SAR वैल्यू बनाई गई है. इसे फोन कंपनियों को कम रखना होता है. जो भी कंपनी फोन बनाती है उसे तय मानकों का पालन करना होता है.
क्या ये आपके लिए खतरे की घंटी है?
अभी तक संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से इस मामले में कई शोध किए गए हैं. लेकिन किसी भी शोध में ऐसा नहीं पाया गया है कि फोन से निकलने वाला रेडिएशन इंसानों के लिए खतरनाक है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसे किसी तरह से इंसानों के लिए खतरनाक नहीं पाया है.
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