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डिजिटल इंडिया को मिलेगी रफ्तार, PhonePe को मिला ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर का दर्जा
RBI की यह मंजूरी फोनपे को न केवल एक मजबूत तकनीकी पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में मदद करेगी, बल्कि देशभर के छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान में सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में से एक फोनपे को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है. यह निर्णय कंपनी के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे डिजिटल भुगतान बाजार में फोनपे की हिस्सेदारी और मजबूत होगी. दिवाली से पहले मिली इस सौगात ने डिजिटल इंडिया के सपने को भी और मजबूती प्रदान की है.
क्या है यह मंजूरी और क्या बदलेगा?
अब तक फोनपे केवल एक ऑनलाइन पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर काम कर रही थी, लेकिन RBI की इस मंजूरी के बाद कंपनी अब थर्ड पार्टी पेमेंट एग्रीगेटर की भूमिका निभा सकेगी. इसका मतलब है कि वह क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, UPI और नेट बैंकिंग जैसे माध्यमों से पेमेंट स्वीकार करने और उन्हें व्यापारियों के खातों में सेटल करने की पूरी सुविधा उपलब्ध कराएगी.
SME सेक्टर पर फोकस, मर्चेंट नेटवर्क होगा मजबूत
फोनपे के मर्चेंट बिजनेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर (CBO) युवराज सिंह शेखावत ने कहा कि यह मंजूरी विशेष रूप से छोटे और मध्यम कारोबारियों (SME) को बेहतर सेवाएं देने में मदद करेगी. उन्होंने बताया कि अब कंपनी उन व्यापारियों तक पहुंचेगी जिन्हें अब तक डिजिटल पेमेंट की बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं.
मजबूत होगा पेमेंट गेटवे, मिलेगा स्मूथ चेकआउट एक्सपीरियंस
RBI की मंजूरी के बाद फोनपे अपने पेमेंट गेटवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर कर पाएगा. इससे मर्चेंट्स को त्वरित ऑनबोर्डिंग की सुविधा मिलेगी और डेवलपर्स के लिए आसान इंटीग्रेशन संभव होगा. इसके साथस ही ग्राहकों को बेहतर चेकआउट अनुभव मिलेगा जिससे पेमेंट सक्सेस रेट भी बढ़ेगा.
फोनपे का अब तक का सफर
फोनपे की शुरुआत 2016 में हुई थी और आज यह भारत की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में से एक है. इसके पास 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स, 4.5 करोड़ मर्चेंट्स का नेटवर्क और 36 करोड़ से ज्यादा डेली ट्रांजैक्शंस हैं. कंपनी का पोर्टफोलियो अब सिर्फ पेमेंट तक सीमित नहीं है. इसमें लेंडिंग, इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन, वेल्थ प्रोडक्ट्स, हाइपरलोकल ई-कॉमर्स (पिनकोड) और इंडस ऐपस्टोर जैसी सेवाएं भी शामिल हैं.
ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर क्या होता है?
पेमेंट एग्रीगेटर वह सेवा है जो व्यापारियों को अपने ग्राहकों से क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, UPI, वॉलेट आदि के जरिए ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा देती है. इसके मुख्य चरण होते हैं:
1. मर्चेंट ऑनबोर्डिंग – व्यापारी KYC और वेरिफिकेशन के बाद प्लेटफॉर्म से जुड़ते हैं.
2. पेमेंट गेटवे इंटीग्रेशन – यह वेबसाइट या ऐप में कैश काउंटर जैसा काम करता है.
3. मल्टीपल पेमेंट ऑप्शन सपोर्ट – ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान का विकल्प चुन सकता है.
4. पेमेंट प्रोसेसिंग और सेटलमेंट – पेमेंट सफल होने पर ग्राहक को कन्फर्मेशन मिलता है और पैसे व्यापारी के खाते में पहुंचते हैं.
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