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डिजिटल इंडिया के बावजूद अभी भी लोग इस तरीके से खरीद रहे हैं इंश्‍योरेंस पॉलिसी 

सर्वे में टर्म प्‍लान खरीदने को लेकर सबसे बड़ी समस्‍या के कारण का भी खुलासा किया है. लोगों का कहनाा है कि महंगा प्रीमियम इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

हमारे देश में भले ही डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाने को लेकर सरकार तेजी से काम कर रही हो लेकिन जहां तक लाइफ इंश्‍योरेंस खरीदने की बात आती है वहां अभी भी लोग ऑफलाइन तरीके से इंश्‍योरेंस पॉलिसी खरीदने में ज्‍यादा विश्‍वास रखते हैं. आईपीक्‍यू 5 के ताजा सर्वे में ये बात निकलकर आई है कि अभी भी हमारे देश में 70 प्रतिशत लोग एजेंट के जरिए ही इंश्‍योरेंस पॉलिसी खरीद रहे हैं. जबकि 14 प्रतिशत बैंक से और 16 प्रतिशत ऑनलाइन तरीके से पॉलिसी खरीद रहे हैं. इस सर्वे में कई और बातें भी निकलकर सामने आई है, जिसमें ये बताया गया है कि पॉलिसी को लेकर हमारे देश में एजुकेशन के स्‍तर में बड़ा बदलाव आया है. 


कितना आया है एजुकेशन में बदलाव 

मैक्‍स इंश्‍योरेंस और कंतार कंपनी के द्वारा किए गए इस सर्वे में ये निकलकर सामने आया है कि वर्ष 2020 के मुकाबले देश में इंश्‍योरेंस को लेकर जानकारी में लगातार इजाफा हुआ है. ऑनलाइन सर्वे में 2020 में जहां ये 35 प्‍वाइंट पर था, इस साल ये 43 प्‍वाइंट पर आ गया है. इसी तरह सुरक्षा के मामले में पहले ये 63 पर था जिसमें 6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. यही नहीं ओनरशिप लेवल में भी इजाफा हुआ है. पहले ये 73 प्रतिशत था, जिसमें अब 2 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. 

दक्षिण भारत रहा सभी जोन में टॉप पर 

 इस सर्वे को देश में नॉर्थ, ईस्‍ट, वेस्‍ट और साउथ जोन के अनुसार किया गया था. दक्षिण भारत के लोगों ने सभी मामलों में अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क नजर आए हैं. जहां तक सुरक्षा को लेकर बात है तो उसमें दक्षिण भारत को 47 प्‍वाइंट मिले हैं जबकि पिछले साल ये 41 पर था इसी तरह से एलआई ओनरशिप के आंकड़ों मे भी दक्षिण भारत के लोगों ने बाजी मारी है. नॉर्थ में जहां ये इस साल 68 प्‍वाइंट आया है वहीं दक्षिण भारत में ये 78 प्‍वाइंट तक रहा है. इसी तरह वेस्‍ट को 70 और ईस्‍ट को 76 प्‍वाइंट तक रहा है. वहीं सुरक्षा के मामले में भी दक्षिण भारत को ज्‍यादा प्‍वाइंट मिले हैं. इनमें दक्षिण भारत को 77 प्‍वाइंट मिले हैं जबकि पिछले साल 65 पर था. 


टर्म, सेविंग और मार्केट लिंक्‍स प्‍लान का क्‍या है आंकड़ा 

टर्म प्‍लान को लेकर अक्‍सर चर्चा होती है उसे लेकर इस सर्वे में जो आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार इसके अवेयरनेस स्‍तर में इजाफा हुआ है और ये 2019 के 47 के मुकाबले इस साल 64 तक पहुंच गया है. इस तरह से सेविंग प्‍लान लेने की जागरूकता के मामले में जो 2019 में 43 पर था इस साल 67 पर पहुंच गया है. इसी तरह मार्केट लिंक्‍ड प्‍लान के मामले में भी इजाफा हुआ है. 2019 के 27 प्‍वाइंट के मुकाबले इस साल ये 47 तक पहुंच गया है. 

बच्‍चों की शिक्षा पहले स्‍थान पर 

इस सर्वे में ये भी निकलकर सामने आया है कि बच्‍चों की शिक्षा पर आज भी देश के लोग ज्‍यादा खर्च कर रहे हैं. आज भी लोग इसे लेकर सबसे ज्‍यादा चिंतित हैं इसे 60 प्‍वाइंट दिए गए हैं जबकि ओल्‍ड एज के लिए 49 प्‍वाइंट हैं, बच्‍चों की शादी के लिए 40 और स्‍वास्‍थ्‍य आपातकाल आज भी सिर्फ 20 प्‍वाइंट ही शहरो में निकलकर सामने आया है. 

क्‍या है टर्म प्‍लान खरीदने में सबसे बड़ी समस्‍या 

इस सर्वे में ये भी निकलकर सामने आया है कि टर्म प्‍लान खरीदने में लोग सबसे ज्‍यादा किस कारण इसे नहीं खरीदते हैं. उसकी सबसे बड़ी वजह महंगा प्रीमियम है जिसे इस सर्वे में इस साल 28 प्‍वाइंट मिले हैं. जबकि 2021 में ये 33 पर था. जबकि दूसरी सबसे बड़ी वजह जिसे लोग मानते हैं वो है कि लोग मेडिकल टेस्‍ट के लिए जाना पड़ता है. तीसरी वजह लो रिटर्न को इसकी बड़ी वजह मानते हैं.


क्‍या कहता है ग्रामीण भारत 

कंपनी ने अब ग्रामीण भारत को लेकर भी सर्वे शुरू कर दिया है. इसके कुछ प्राथमिक आंकड़े सामने आ रहे हैं, जिसमें 10 में 8 लोग आज भी साथ रहना ज्‍यादा पसंद करते हैं. जबकि 10 में से 8 लोग ये मानते हैं कि बच्‍चों की शिक्षा सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है. जबकि 10 में से 7 लोग बढ़ती महंगाई के कारण परेशान हैं। जबकि 82 प्रतिशत कहते हैं कि महंगाई ने उनकी दैनिक दिनचर्या को बूरी तरह प्रभावित किया है.
 


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