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54 साल के मिस्त्री ने अपने बिजनेस को दुनिया में पहुंचाया, जानिए इनके बारे में सबकुछ
54 साल की छोटी सी उम्र में साइरस मिस्त्री ने अपने फैमिली बिजनेस को न केवल पूरी दुनिया में पहुंचा दिया बल्कि टाटा संस से एक लंबी कॉर्पोरेट लड़ाई भी लड़ी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रहे साइसर मिस्त्री का आज महाराष्ट्र के पालघर में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया. 54 साल की छोटी सी उम्र में साइरस मिस्त्री ने अपने फैमिली बिजनेस को न केवल पूरी दुनिया में पहुंचा दिया बल्कि टाटा संस से एक लंबी कॉर्पोरेट लड़ाई भी लड़ी. हालांकि इस लड़ाई में उनको हार का सामना करना पड़ा. आज हम आपको उनकी पूरी बॉयोग्राफी के बारे में बता रहे हैं.
4 जुलाई 1968 को हुआ था जन्म
मिस्त्री का जन्म भारतीय मूल के चर्चित खरबपति पलोनजी शापूरजी मिस्त्री के सबसे छोटे बेटे के तौर पर मुंबई में 4 जुलाई 1968 को हुआ था. 1992 में साइरस मिस्त्री ने भारत के सबसे प्रमुख वकीलों में से एक इकबाल छागला की बेटी रोहिका छागला से शादी की है. उनके दो बेटे हैं. सायरस मिस्त्री कंस्ट्रक्शन फेडरेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक सदस्य भी हैं.
यहां से की पढ़ाई
मिस्त्री ने शुरुआत में स्कूल की पढ़ाई मुंबई के कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन से की. इसके बाद सिविल इंजिनियरिंग की पढ़ाई लंदन से की और फिर लंदन बिजनेस स्कूल से मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की. पलोनजी शापूरजी की तरह उनके पास भी आइरिश नागरिकता है.
1991 में पिता के कारोबार में हाथ देना शुरू किया
मिस्त्री ने 1991 में पिता के कारोबार में हाथ बांटना शुरू कर दिया. 1994 में ग्रुप कंपनियों में डायरेक्टर बने. अपने पिता की तरह ही साइरस मिस्त्री ने भारत में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए, इनमें सबसे ऊंचे रिहायसी टॉवर का निर्माण, सबसे लंबे रेल पुल का निर्माण और सबसे बड़े बंदरगाह का निर्माण शामिल है. पलोनजी मिस्त्री ग्रुप का कारोबार कपड़े से लेकर रियल एस्टेट, हॉस्पिटेलिटी और बिजनेस ऑटोमेशन तक फैला हुआ है.
50 देशों में फैलाया कारोबार
साइरस ने शापूरजी पालोनजी एंड कंपनी का कारोबार दुनिया के 50 देशों में फैला दिया. उन्होंने कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में ग्रुप की कंपनियों को दुनिया भर में स्थापित किया. उनके निर्देशन में कंपनी ने मध्य पूर्व और अफ्रीका में विकास किया है.
टाटा संस का चेयरमैन बनने पर मिली प्रसिद्धि
2006 में उनके पिता पालोनजी मिस्त्री ने टाटा समूह के बोर्ड से रिटायर होने के बाद अपने बेटे को नियु्क्त कर दिया. आज भी टाटा संस में शापूरजी पालोनजी ग्रुप सबसे बड़ा (18.37 फीसदी का) शेयरहोल्डर है. टाटा संस में डायरेक्टर बनने के बाद काफी लोग उनको जानने लगे जो बिजनेस की दुनिया से भी वाकिफ नहीं थे. साइरस मिस्त्री को टाटा संस की कई कंपनियों का डायरेक्टर चुना गया. नवंबर 2011 में वो टाटा संस के वाइस चेयरमैन बने और रतन टाटा के रिटायर होने के बाद 28 दिसंबर 2012 को उनको टाटा संस का चेयरमैन बना दिया गया.
2016 में हटे, फिर सुप्रीम कोर्ट में केस हारे
2016 में टाटा संस के बोर्ड ने मिस्त्री को कंपनी से अचानक पद से हटा दिया. इसके खिलाफ मिस्त्री ने रतन टाटा और टाटा संस के खिलाफ हाईकोर्ट में केस कर दिया. वहां पर मिस्त्री को जीत मिली लेकिन उसके बाद टाटा संस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट ने टाटा के फेवर में अपना फैसला सुना दिया. इस लड़ाई को हारने के बाद मिस्त्री को बड़ा झटका लगा और वो काफी लो प्रोफाइल में रहने लगे थे. इसके बाद 4 सितंबर 2022 को उनका दुखद निधन हो गया.
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