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देश के विज्ञापन खर्च में 2020 की तुलना में 2022 में इतना बढ़ा खर्च, जानिए कितना हुआ इजाफा

दुनियाभर में 30 करोड़ SMB/MSME हैं , जबकि भारत का इसमें योगदान 20 प्रतिशत का है और यहां कोई 6.3 करोड़ SMB/MSME हैं. रिपोर्ट बताती है कि इसमें सालाना 5 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी हो रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

2022 के बीतने के बाद अब धीरे-धीरे हर सेक्‍टर की ग्रोथ से लेकर खर्च तक के आंकड़े सामने आने शुरू हो गए हैं. इसी कड़ी में विज्ञापन देने वाली कंपनियों के खर्च के मामले में जो रिपोर्ट सामने आई है वो अपने आप में इस सेक्‍टर के लगातार बढ़ते प्रभाव को दिखा रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार SMB/MSME सेक्‍टर के विज्ञापनदाताओं के कुल मीडिया विज्ञापन खर्च में औसत 61 प्रतिशत बढोत्‍तरी हुई है.  

आखिर कितनी हुई है बढ़ोत्‍तरी 
टैम मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 की तुलना में 2022 में ब्रैंड्स ऑफ भारत द्वारा विज्ञापन पर खर्च की गई राशि में 255 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. ‘विज्ञापन खर्च और उत्तर भारत के ब्रैंड्स का भविष्य’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत के अलग-अलग विज्ञापनदाता कंपनियों के विज्ञापन के व्‍यय में 2022 में 2020 के मुकाबले 255 प्रतिशत और 2019 के मुकाबले 52 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. रिपोर्ट बताती है कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद में SMB/MSME सेक्‍टर 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देना जारी रखेगा और अगले 4 वर्षों के दौरान इस क्षेत्र के विज्ञापन खर्च में औसत 12 प्रतिशत से अधिक सालाना वृद्धि का अनुमान है.

किस सेक्‍टर में हुआ कितना इजाफा
टैम मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, टीवी चैनलों और प्रिंट प्रकाशनों के डिजिटल संस्करणों के लिए विज्ञापनदाताओं की संख्या में क्रमशः 2-6 गुना वृद्धि हुई है. यह भी कहा गया है कि पारंपरिक मीडिया में अगले प्रमुख विज्ञापनदाताओं के रूप में रियल एस्टेट, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, फूड चेन/रेस्‍टोरेंट, रिटेल स्टोर आदि जैसे हाइपरलोकल उद्योग अपनी प्रमुख भूमिका निभाते रहेंगे. इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट से पता चला है कि हाइपरलोकल विज्ञापनदाताओं ने टीवी, रेडियो और डिजिटल विज्ञापनों पर अपना खर्च बढ़ा दिया है, जिसमें जीईसी शैली के विज्ञापन में इस समय सबसे बड़ी बढ़ोत्‍तरी का अनुभव कर रहे हैं. यही नहीं इस दौरान केबल चैनलों पर 2 लाख से ज्यादा विज्ञापन आए. 70 से अधिक क्षेत्रीय श्रेणियों ने प्रिंट उद्योग में विकास का संकेत दिया है जबकि 50 से अधिक क्षेत्रीय श्रेणियों ने रेडियो उद्योग में निरंतर ग्रोथ दिखाई है और 30 से अधिक क्षेत्रीय श्रेणियों ने टेलीविजन उद्योग में लगातार विकास दिख रहा है. 


कौन से ब्रैंड्स रहे टॉप पर 
2022 में टीवी पर शीर्ष 5 विज्ञापनदाताओं में पेप्सी को इंडिया होल्डिंग, प्रताप स्नैक्स, एग्रो टेक फूड्स, आईटीसी और पार्ले जैसे प्रोडक्ट्स रहे. जबकि गुड 2 ग्रेट इंडस्ट्रीज, गोपाल स्नैक्स, बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल, हल्दीराम भुजियावाला, अग्रवाल पापड़ और हल्दीराम फूड इंटरनेशनल प्रिंट पर शीर्ष 5 विज्ञापनदाता थे. विज्ञापन खर्च के संदर्भ में, विज्ञापनदाताओं के SMB/MSME समूह ने कुल मीडिया विज्ञापन खर्च का औसत 61 प्रतिशत प्रदान किया, जो 2022 में 85,600 करोड़ रुपये रहा है.  रिपोर्ट के अनुसार, 6.5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर के साथ, SMB/MSME क्षेत्र का भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 30 प्रतिशत या 270 ट्रिलियन रुपये का योगदान है. रिपोर्ट बताती है कि SMB/MSME क्षेत्र में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है.  नई उद्योग और उभरते हुए स्टार्टअप SMB/MSME के विस्तार को बढ़ावा देने वाले मुख्य तत्व हैं, जिनमें शहरी/अर्ध-शहरी बाजार का योगदान क्रमशः 48 प्रतिशत और ग्रामीण बाजारों का 52 प्रतिशत है. 


क्‍या बोले टैम मीडिया के सीईओ
टैम मीडिया रिसर्च के सीईओ एल.वी. कृष्णन ने रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि पिछले 20-25 वर्षों में भारत में विज्ञापन क्षेत्र कैसे विकसित हुआ है. उन्होंने कहा, 'वर्ष 2000 में जब हमने अभियानों की निगरानी शुरू की थी, तब 70 फीसदी मार्केटिंग बजट बहुराष्ट्रीय कंपनियों से आ रहा था. अब, हम एक पूरी तरह से अलग तस्वीर देख रहे हैं. भारत में दुनिया का सबसे बड़ा SMB बाजार है. यह सिर्फ संख्या नहीं है, यह वास्तव में SMB बाजार का हिस्सा है जो दुनिया में अतुलनीय है. 

कृष्णन के अनुसार, दुनिया में 30 करोड़ से अधिक SMB हैं, जिनमें से 20 प्रतिशत अकेले भारत में स्थित हैं. वर्तमान में, SMB भारत में विज्ञापन व्यय का 36 प्रतिशत हिस्सा है. इसके अलावा, उन्होंने बताया कि महामारी, मुद्रास्फीति और मंदी की चुनौतियों के बावजूद, लगभग 70 क्षेत्रीय और हाइपरलोकल श्रेणियां, शिक्षा, भोजन, फैशन, घर की सजावट और चिकित्सा-स्वास्थ्य की पांच मुख्य श्रेणियों के अलावा, लगातार बढ़ रही हैं. पिछले चार वर्षों में. रेडियो उद्योग का उदय लगभग 50 क्षेत्रीय श्रेणियों द्वारा संचालित हो रहा है। 30 से अधिक क्षेत्रीय टीवी श्रेणियां विकास को बढ़ावा देने में मदद कर रही हैं. हर जगह, हाइपरलोकल विज्ञापन का विस्तार हो रहा है. केबल टीवी छोटा होने के बावजूद बहुत सारे विज्ञापन प्राप्त करता है. उन्होंने कहा कि नागपुर, औरंगाबाद और लुधियाना जैसे छोटे शहरों में गुणवत्तापूर्ण रेडियो विज्ञापन प्राप्त होते हैं.


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