✕

होम / बिजनेस / चीन से निकली कंपनियां भारत सहित इन 3 देशों को बना रही है ठिकाना, हमें होगा इतना फायदा 

चीन से निकली कंपनियां भारत सहित इन 3 देशों को बना रही है ठिकाना, हमें होगा इतना फायदा 

जिन सेक्‍टरों में सबसे ज्‍यादा कंपनियां आ सकती हैं उनमें ऑटोमोबाइल, कैपिटल गुड्स, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, सेमीकंडक्‍टर (एसेंबलिंग टेस्टिंग), सोलर एनर्जी,, और फार्मा जैसे सेक्‍टर शामिल हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

पिछले कुछ समय में दक्षिण एशिया में बदली परिस्थितियों के कारण दुनिया की सप्‍लाई चेन में अहम भूमिका निभाने वाली कंपनियां चीन छोड़ रही हैं. इसी मसले को Nomura की रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट में Nomura ने 130 देशों के साथ बातचीत की है. इस बातचीत में निकलकर आया है कि चीन छोड़ने वाली कंपनियों के लिए तीन देश ऐसे हैं जहां वो जा रही हैं. इनमें भारत, वियतनाम और मलेशिया शामिल है. अगर भारत के लिहाज से देखें तो 2030 तक भारत के एक्‍सपोर्ट में इससे बड़ा इजाफा होने की उम्‍मीद है. 

2030 तक हो जाएगी अप्रत्‍याशित बढ़ोतरी
नोमुरा की इस रिपोर्ट में कई पहलुओं को लेकर बात की गई है. नोमुरा की इस रिपोर्ट में भारत के लिहाज से ये बताया गया है कि आखिर कौन-कौन से सेक्‍टर ऐसे हैं, जहां से संबंधित कंपनियां भारत में आ सकती हैं. जिन सेक्‍टरों में सबसे ज्‍यादा कंपनियां आ सकती हैं उनमें ऑटोमोबाइल, कैपिटल गुड्स, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, सेमीकंडक्‍टर (एसेंबलिंग टेस्टिंग), सोलर एनर्जी,, और फार्मा जैसे सेक्‍टर शामिल हैं. नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हर साल 10 प्रतिशत की ग्रोथ से 2030 तक भारत का एक्‍सपोर्ट 835 बिलियन डॉलर का हो जाएगा. वहीं 2023 में अगर देश के एक्‍सपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो ये 431 बिलियन डॉलर था. 

ये भी पढ़ें: Quant MF को लेकर सेबी की कार्रवाई के बाद CFO ने दिया इस्‍तीफा, इन्‍हें मिली जिम्‍मेदारी

PLI स्‍कीम से मिल रहा है बड़ा फायदा 
दरअसल भारत सरकार अपने मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर को आगे बढ़ाने के लिए कई तरह की कोशिशें कर रही हैं. इसी एक कोशिश का नाम है पीएलआई स्‍कीम. सरकार की ओर से शुरू की गई इस योजना ने अब तक बेहतरीन नतीजे दिखाए हैं और एप्‍पल को बनाने वाली तीन कंपनियों ने इस स्‍कीम के लिए आवेदन किया है. इनमें फॉक्‍सकान हो या विस्‍ट्रॉन हो या पेगाट्रान इन सभी को इस स्‍कीम का फायदा मिला है. वहीं रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत लो कॉस्‍ट लेबर इंसेटिव मैन्‍युफैक्‍चरिंग के अवसर को हासिल करने में पीछे रह गया है, जिसका फायदा दूसरे देशों ने उठाया है. 

चीन की भूमिका में हुआ है बदलाव 
चीन से एक ओर सप्‍लाई चेन से जुड़ी कंपनियां भारत आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर चीन का निवेश भी कई देशों में बढ़ रहा है. सबसे खास बात ये है कि चीन का निवेश आसियान देशों में ज्‍यादा बढ़ रहा है. भारत में अमेरिका के अलावा विकसित एशियाई देश ज्‍यादा निवेश कर रहे हैं. मौजूदा समय में दुनिया के कई देशों में निवेश की संभावनाएं बेहतर बन रही हैं लेकिन कंपनियां ज्‍यादा भारत, मलेशिया और वियतनाम जैसे देशों में निवेश करना चाह रही हैं. नोमुरा की ओर से निवेशकों को जो सलाह दी गई है वो ये है कि छोटी अवधि को लेकर सतर्क रहें. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI की नई रणनीति, डॉलर से लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग तक बदले नियम

भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए कई नियामकीय बदलाव किए हैं. इनका उद्देश्य डॉलर की मांग को व्यवस्थित करना, करेंसी डेरिवेटिव कारोबार में जोखिम सीमित करना और बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

1 day ago

भारत में 3D प्रिंटिंग को बढ़ावा देने की तैयारी, NSAM 2.0 से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार

नई रणनीति में स्वदेशी तकनीकों को व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल के योग्य बनाने, बौद्धिक संपदा विकसित करने, डिजिटल तकनीकों को एकीकृत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्पाद तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा.

1 day ago

सेबी के नए सेटलमेंट नियम नोटिफाई, ₹10 लाख तक के मामलों का होगा फास्ट-ट्रैक निपटारा

नए नियमों के तहत कंपनी के खातों में गड़बड़ी या फंड के दुरुपयोग जैसे मामलों में भी सेटलमेंट का विकल्प उपलब्ध रहेगा.

1 day ago

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी रोजगार की मांग, सितंबर में 25.2% का उछाल; 1.56 करोड़ परिवारों ने मांगा काम

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मानसून के बाद कृषि गतिविधियों और रबी फसल की बुवाई के बीच ग्रामीण श्रम बाजार में रोजगार की मांग में बदलाव देखने को मिल रहा है.

1 day ago

मध्य प्रदेश के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में ₹6,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव, 18 हजार से ज्यादा रोजगार की उम्मीद

मध्य प्रदेश में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) देश में दूरसंचार उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है.

1 day ago


बड़ी खबरें

रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI की नई रणनीति, डॉलर से लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग तक बदले नियम

भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए कई नियामकीय बदलाव किए हैं. इनका उद्देश्य डॉलर की मांग को व्यवस्थित करना, करेंसी डेरिवेटिव कारोबार में जोखिम सीमित करना और बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

1 day ago

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन, दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिरासत और पाबंदियां

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.

1 day ago

सेबी के नए सेटलमेंट नियम नोटिफाई, ₹10 लाख तक के मामलों का होगा फास्ट-ट्रैक निपटारा

नए नियमों के तहत कंपनी के खातों में गड़बड़ी या फंड के दुरुपयोग जैसे मामलों में भी सेटलमेंट का विकल्प उपलब्ध रहेगा.

1 day ago

भारत में 3D प्रिंटिंग को बढ़ावा देने की तैयारी, NSAM 2.0 से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार

नई रणनीति में स्वदेशी तकनीकों को व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल के योग्य बनाने, बौद्धिक संपदा विकसित करने, डिजिटल तकनीकों को एकीकृत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्पाद तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा.

1 day ago

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी रोजगार की मांग, सितंबर में 25.2% का उछाल; 1.56 करोड़ परिवारों ने मांगा काम

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मानसून के बाद कृषि गतिविधियों और रबी फसल की बुवाई के बीच ग्रामीण श्रम बाजार में रोजगार की मांग में बदलाव देखने को मिल रहा है.

1 day ago