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Bharat के बढ़ते प्रभाव से China का बदला मिजाज, परेशानी बढ़ाने वाला अब तारीफ में पढ़ रहा कसीदे
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में भारत सरकार की नीतियों की तारीफ की गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारत (India) के बढ़ते प्रभाव से चीन (China) से सुर बदल गए हैं. हमारी मुश्किलें बढ़ाने को बेताब रहने वाला चीन भी अब हमारी तारीफों के पुल बांध रहा है. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि भारत वैश्विक कारोबार, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और राजनीति के मामले में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. दुनिया में भारत का कद बढ़ा है. फुदान यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर साउथ एशियन स्टडी के डायरेक्टर झांग जियादोंग (Zhang Jiadong) ने अपने लेख में कई मोर्चों पर भारत की तारीफ की है.
भारत का आत्मविश्वास बढ़ा
अपने लेख में Zhang Jiadong उन्होंने लिखा है कि तेज आर्थिक और सामाजिक विकास से भारत का आत्मविश्वास बढ़ा है और वह अपने 'भारत नैरेटिव' के विकास के लिए ज्यादा सक्रियता से काम कर रहा है. भारत ने आर्थिक विकास और सामाजिक शासन में उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं. भारत की महान शक्ति और रणनीति सपने से वास्तविकता की ओर बढ़ रही है. हालांकि, कुछ संभावित जोखिम और संकट भी सामने आने लगे हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध पर उन्होंने लिखा है - रूस-यूक्रेन जंग के संबंध में भारत ने खुद को पश्चिम से दूर किया और विकासशील देशों के साथ अधिक निकटता बढ़ाई. साथ ही, पश्चिम की नीतियों को खुद पर थोपने के बजाय उनसे बराबरी के संबंध बनाए रखे.
लेख में दिल्ली का भी जिक्र
उन्होंने आगे कहा है कि भारत ने आर्थिक विकास और सामाजिक शासन में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. उसकी अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ ली है और वो सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह पर है. Zhang Jiadong ने अपने लेख में दिल्ली का भी जिक्र किया है. उन्होंने लिखा है - नई दिल्ली ने शहरी प्रशासन में उल्लेखनीय प्रगति की है. हालांकि शहर में धुंध अभी भी गंभीर मुद्दा है, लेकिन चार साल पहले विमान से उतरते ही जो आपको महसूस होता था, वह अब आमतौर पर नहीं है. इससे पता चलता है कि दिल्ली में सार्वजनिक माहौल बेहतर हुआ है.
विदेश नीति में आया है बदलाव
कारोबार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान मैंने पाया कि चीनी विद्वानों के प्रति उनका रवैया अड़ियल होने के बजाय अधिक सहज और संयम से भरा है. उदाहरण के लिए, पहले चीन और भारत के बीच व्यापार असंतुलन पर चर्चा करते समय, भारतीय विद्वान मुख्य रूप से चीन के उपायों पर ध्यान केंद्रित करते थे, लेकिन अब वे भारत की निर्यात क्षमता बढ़ाने पर अधिक जोर दे रहे हैं. भारत से चीनी आयात बढ़ाकर व्यापार घाटे को कम करने की कोशिश कर रहे हैं. जियाडोंग ने यह भी कहा कि कूटनीतिक क्षेत्र में, भारत तेजी से एक महान शक्ति की ओर बढ़ रहा है. विदेश नीति में भारत की रणनीतिक सोच में एक और बदलाव देखने को मिलता है, जो स्पष्ट रूप से एक महान शक्ति होना दर्शाता है.
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