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केन्द्र सरकार ने घटाई गेहूं स्टॉक की सीमा, अब सिर्फ इतना कर सकेंगे स्टोर
सरकार ने गेहूं के थोक और बड़ी श्रृंखला के दुकानदारों के लिए स्टॉक लिमिट को कम दी है. पहले ये 3000 टन हुआ करती थी अब उसे 2000 टन कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
गेहूं की कीमतों पर स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार ऐसे प्रयास कर रही है जिससे उसकी उपलब्धता बनी रहे. पहले सरकार ने उसके निर्यात पर प्रतिबंध लगाया तो अब सरकार ने देश के अंदर उसके स्टॉक की सीमा को कम कर दिया है. केन्द्र सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण सचिव संजीव चोपड़ा ने बताया कि सरकार ने व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और बड़ी श्रृंखला के खुदरा व्यापारियों को अपने स्टॉक को कम करने बदली गई स्टॉक लिमिट को पाने के लिए 12 अक्टूबर तक का समय मिलेगा.
13 जून को लगाई गई थी स्टॉक लिमिट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केन्द्र सरकार ने मई में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद जून में स्टॉक लिमिट को लागू कर दिया था. सरकार की ओर से कहा गया था कि व्यापारी अब सरकार की ओर से बनाई गई सीमा से ज्यादा गेहूं होल्ड नहीं कर पाएंगे. सरकार ने गेहूं के थोक विक्रेताओं पर 3000 टन गेहूं को स्टॉक करने की लिमिट लगा दी थी. लेकिन अब सरकार ने इस लिमिट को भी कम कर दिया है. अब सरकार ने इसे 3000 टन से 2000 टन तक कर दिया है. सरकार ने अपने पहले निर्णय में गेहूं प्रोसेस करने वाली यूनिट पर वो सीमा पहले से 75 प्रतिशत कर दी थी. सरकार ने जून में 15 साल में पहली बार गेहूं की स्टॉक लिमिट जारी की है.
गेहूं का देश में पर्याप्त स्टॉक
इससे पहले खाद्य एवं सार्वजनिक सचिव संजीव चोपड़ा ने 15 जून को पहली बार लिमिट लगाते हुए कहा था कि देश में गेहूं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. ऐसे में गेहूं के आयात को लेकर नीति बदले जाने का कोई सवाल पैदा नहीं होता है. उन्होंने साफ कहा कि गेहूं के निर्यात पर रोक लगातार जारी रहेगी. उन्होंने जून में पहली बार लिमिट लगाते हुए कहा था कि सरकार का चीनी के निर्यात की अनुमति देने का कोई विचार नहीं है. सबसे दिलचस्प बात ये है कि गेहूं की रिटेल कीमतों में 8 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है. सरकार कीमतों को कम करने के लिए खुले बाजार में अब तक गेहूं भी बेच चुकी है.
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