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BW Marketing Whitebook: शॉर्ट टर्म Vs लॉन्ग टर्म मार्केटिंग, क्या है बेहतर?

हम किसी ब्रैंड की रिब्रैंडिंग कर रहे हैं तो उसके लिए अलग तरह की मार्केटिंग रणनीति चाहिए होगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

देश और दुनिया में काफी तेजी से कई बड़े और महत्त्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. देश और दुनिया में हुए इन बदलावों से मार्केटिंग की दुनिया कितनी बदली और इन बदलावों का उस पर क्या प्रभाव हुआ ये जानने के लिए BW बिजनेसवर्ल्ड द्वारा आज दिल्ली में BW मार्केटिंग वाइटबुक (BW Marketing Whitebook) के 8वें एडिशन का आयोजन किया गया और इस दौरान शॉर्ट टर्म बनाम लॉन्ग टर्म मार्केटिंग के मुद्दे पर भी विशेष बातचीत की गई.

क्या है शॉर्ट-टर्म मार्केटिंग
तेजी से बदलती हुई दुनिया में शॉर्ट टर्म मार्केटिंग का इस्तेमाल करें या फिर लॉन्ग-टर्म मार्केटिंग का और असल में इन दोनों के मायने क्या हैं. इन्हीं कुछ महत्त्वपूर्ण सवालों पर एक्सपर्ट्स के विचार जानने के लिए BW मार्केटिंग वाइटबुक के 8वें एडिशन के दौरान इस मुद्दे पर खास बातचीत की गई. सबसे पहले तो ये समझ लेते हैं कि लॉन्ग-टर्म या फिर शॉर्ट-टर्म मार्केटिंग क्या होती है? इस विषय पर अपने विचार प्रकट करते हुए ल्युमिनस पावर टेक्नोलॉजी की चीफ स्ट्रेटेजी एंड ट्रांसफॉर्मेशन ऑफिसर कहती हैं कि मार्केटिंग का मतलब ही ब्रैंड बनाने और बिजनेस बनाने से है. इसके साथ ही शॉर्ट-टर्म मार्केटिंग के बारे में बताते हुए नीलिमा कहती हैं कि शॉर्ट-टर्म मार्केटिंग का सीधा मतलब ही है सेल्स में वृद्धि करना. 

उद्देश्य है अत्यंत महत्त्वपूर्ण
इस विषय पर बात करते हुए आगे नीलिमा कहती हैं कि मार्केटिंग का संबंध क्योंकी ब्रैंड बनाने से भी है तो इसलिए यह जानना भी बेहद जरूरी होता है कि एक ब्रैंड के निर्माण में हम किस स्तर पर हैं. उदाहरण देते हुए नीलिमा कहती हैं कि अगर हम किसी ब्रैंड की रिब्रैंडिंग कर रहे हैं तो उसके लिए अलग तरह की मार्केटिंग रणनीति चाहिए होगी जबकि किसी ब्रैंड को नए सिरे से बनाने के लिए अलग तरह की रणनीति की जरूरत होती है. इसके साथ ही नीलिमा कहती हैं कि उनके लिए शॉर्ट-टर्म या मीडियम टर्म या फिर लॉन्ग-टर्म मार्केटिंग इस बात पर ज्यादा निर्भर करता है कि आपका उद्देश्य क्या है?

कैसे मापें रणनीति की सफलता?
अब अगर मार्केटिंग की लॉन्ग-टर्म रणनीति को लागू किया जाता है तो एक सवाल ये भी है कि लॉन्ग-टर्म रणनीति को लागू करने के बाद आब वार्षिक आधार पर अपनी रणनीति की कामयाबी कैसे माप सकते हैं. इस विषय पर बात करते हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर सिद्धार्थ बुटालिया कहते हैं कि मेरे अनुसार आप किसी भी प्रकार का इन्वेस्टमेंट कर रहे हों तो उससे आपकी CAC (कस्टमर एक्वीजीशन कॉस्ट) कितनी कम हो रही है, इसी से पता चलता है कि आपकी रणनीति कितनी सटीक थी. दूसरी तरफ नीलिमा का मानना है कि किसी भी मार्केटिंग रणनीति की कामयाबी मापने के लिए रेवेन्यु और प्रॉफिटेबलिटी सबसे अच्छे कारक हैं.
 

यह भी पढ़ें: COP 28: दुबई में आज से शुरू होगा सम्मलेन, प्रधानमंत्री मोदी समेत ये भी करेंगे शिरकत!

 


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