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BSE और UPICON ने MSMEs के लिस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए किया मिलाया हाथ, ये होगा फायदा

BSE और UPICON की इस डील के तहत, UPICON BSE को उत्तर प्रदेश में स्थित SMEs के बीच BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद करेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

UP इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (UPICON) ने माइक्रो, उत्तर प्रदेश की स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) के विकास को बढ़ावा देने के लिए बंबई स्टॉक एक्सचेंज SME (BSE-SME) प्लेटफॉर्म के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. दरअसल, उत्तर प्रदेश की माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) नीति MSMEs को बढ़ने और विस्तारित करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिसमें स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग के अवसरों की खोज भी शामिल है. यह साझेदारी उत्तर प्रदेश के MSMEs को इक्विटी बाजारों तक पहुंच प्राप्त करने और उनके व्यापार के दायरे को विस्तारित करने का अवसर प्रदान करेगी. बता दें, UPICON, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना (CM YUVA) की एक पहल है. यह योजना न केवल युवाओं को उनके व्यवसायिक सपनों को साकार करने में मदद कर रहा है, बल्कि राज्य के छोटे व्यवसायों और उद्यमशीलता को भी बढ़ावा दे रहा है

उद्यमियों को मिल रही वित्तीय मदद और मार्गदर्शन

UPICON प्रमुख बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है. इसके तहत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में रिटायर्ड बैंकर्स की तैनाती की जा रही है, जो वित्तीय सहायता के लिए लाभार्थी और बैंक के बीच समन्यवय स्थापित कर नए उद्यमियों की सहायता करेंगे. अभी तक 50 जिलों में बैंकर्स की तैनाती कर दी गई है. छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए यह योजना एक मजबूत आधारशिला की तरह काम कर रही है. युवा उद्यमियों को उनकी परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता के साथ-साथ व्यवहारिक और तकनीकी मदद भी दी जा रही है. इसके लिए इन बैंकर्स के पास 300 से अधिक प्रोजेक्ट की प्रोफाइल तैयार है, आगे इसे बढ़ाकर 1000 प्रोजेक्ट प्रोफाइल तैयार करना है.

इक्विटी पूंजी जुटाने के मिलेंगे अवसर

UPICON के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह ने कहा है कि यह सहयोग उत्तर प्रदेश में MSME इकोसिस्टम को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी. इस MoU के माध्यम से, हमारा उद्देश्य MSMEs को BSE-SME प्लेटफॉर्म पर अपने व्यवसायों को लिस्ट करने के लिए आवश्यक उपकरणों और समर्थन से लैस करना है, जिससे उन्हें इक्विटी पूंजी तक पहुंच प्राप्त होगी और बाजार में उनकी दृश्यता में सुधार होगा. एक समर्पित सहायता केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो लिस्टिंग प्रक्रिया के सभी पहलुओं में MSMEs की मदद करेगा. वहीं, BSE के MD और CEO सुंदरारमन राममूर्ति ने कहा है कि UPICON के साथ इस साझेदारी के माध्यम से, BSE एक्सचेंज पर लिस्टिंग के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाने और ज्ञान को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है, क्योंकि यह उत्तर प्रदेश के विभिन्न SMEs को इक्विटी पूंजी जुटाने, दृश्यता और इनोवेशन बढ़ावे का अवसर प्रदान करेगा. BSE का SME प्लेटफॉर्म SME इकोसिस्टम में जीवंत और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए एक वन-स्टॉप समाधान प्रदान करता है.

90 लाख एसएमई को होगा फायदा

BSE अपनी ओर से UPICON और इसके अधिकारियों को प्रशिक्षण और ज्ञान समर्थन प्रदान करेगा. BSE उत्तर प्रदेश में SMEs को पंजीकरण/लिस्टिंग से संबंधित सभी समस्याओं के समाधान के लिए एक नोडल व्यक्ति नियुक्त करेगा, जो एक सिंगल प्वाइंट संपर्क होगा. यह MoU उत्तर प्रदेश सरकार के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें राज्य को MSME नवाचार और विकास का हब बनाने का लक्ष्य है. राज्य के GDP में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले 90 लाख से अधिक MSMEs के साथ, यह पहल इन उद्यमों को विस्तार करने, रोजगार सृजन करने और उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में योगदान देने में सक्षम बनाएगी. बता दें. राज्य में 90 लाख एमएसएमई आधार, भारत के कुल एमएसएमई की संख्या 6.33 करोड़ में लगभग 14 प्रतिशत का योगदान देता है. यूपी में कुल 90 लाख एमएसएमई में से, सूक्ष्म उद्योग 89.64 लाख इकाइयाँ हैं, जबकि छोटी इकाइयाँ 0.36 लाख इकाइयाँ हैं. 


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