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ब्रैंड नहीं रखता मायने, इन कारणों से भारतीय नहीं खरीद रहे हैं हेल्‍थ इंश्‍योरेंस

एक पॉलिसी कारोबार से जुड़ी संस्‍था के हालिया सर्वे में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. ये सर्वे बताता है कि भारतीय 2 प्रमुख कारणों से स्‍वास्‍थ्‍य बीमा से दूर रहते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

ऐसे समय में जब स्‍वास्‍थ्‍य का इलाज करना हर दिन महंगा होता जा रहा है तो बीमा कराना बेहद जरूरी है. इसे कराने की सलाह सिर्फ स्‍वास्‍थ्‍य को जानने वाले ही नहीं देते बल्कि हर कोई कहता है. लेकिन इतनी जरूरत की चीज होने के बावजूद आखिर भारतीय इस स्‍वास्‍थ्‍य बीमा से क्‍यों दूर रहते हैं. इसकी क्‍या वजह है? पॉलिसी कारोबार से जुड़ी एक संस्‍था के हालिया सर्वे में ये बात निकलकर सामने आई है कि लोग इसलिए सर्वे नहीं कराते हैं क्‍योंकि उन्‍हें बीमा के प्रीमियन की राशि बहुत ज्‍यादा लगती है और दूसरी वजह ये है कि उन्‍हें उस राशि में पर्याप्‍त कवर नहीं मिल पाता है. जबकि पॉलिसी किस कंपनी की है ये ज्‍यादा लोगों के लिए मायने नहीं रखता है. आखिर लोगों को ऐसा क्‍यों लगता है. सर्वे ये भी कहता है कि वर्ष 2021 में, भारत में चिकित्‍सा बीमा के क्षेत्र में सबसे ज्‍यादा 14 प्रतिशत महंगाई बढ़ी है. 

आखिर क्‍यों महंगी हुई स्‍वास्‍थ्‍य पॉलिसी 
दरअसल स्‍वास्‍थ्‍य पॉलिसी के महंगा होने के पीछे की वजह मौजूदा समय नहीं है बल्कि ये कोविड के समय से ही महंगी हो रही है. इसके पीछे घरेलू कारण ज्‍यादा हैं. इनमें मेडिकल टेस्‍ट, डॉक्टर परामर्श शुल्क और लगभग हर चीज के शुल्क बढ़ गए हैं. सिर्फ यही नहीं अप्रैल के बाद से दवाओं की कीमत में भी इजाफा हुआ है. क्‍योंकि पिछले एक साल से महंगाई एक वर्ष से अधिक समय से ऊंची बनी हुई है, इसलिए उसका भी इस पर असर पड़ा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेन्द्र पंत ने कहा, चिकित्सा कीमतों में अभी भी बढ़ोतरी का रुझान दिख रहा है, जिसके एक साल से पहले कम होने की संभावना नहीं है.

किस कारण से नहीं खरीद रहे हैं लोग पॉलिसी 
पॉलिसी न खरीदने के इस सर्वे में कई कारण निकलकर सामने आए हैं. इनमें 43 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि प्रीमियम ज्‍यादा है, 33 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि उन्‍हें कोई जल्‍दबाजी नहीं है, 32 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि उनके पास इसके लिए पर्याप्‍त फंड नहीं है. इस सर्वे में कुछ दिलचस्‍प कारण भी सामने आए हैं. इनमें कुछ लोगों ने कहा है कि बाजार में स्‍वास्‍थ्‍य पॉलिसी के कई विकल्‍प हैं, जिसके कारण वो दुविधा में आ गए हैं. जबकि 53 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्‍होंने कहा है कि उन्‍हें पॉलिसी समझ में नहीं आती है या उसका प्रोसेस कठिन है और हेल्‍थ इंश्‍योरेंस काम कैसे करता है. 

पॉलिसी को रिन्‍यू क्‍यों नहीं करा रहे हैं लोग 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पॉलिसी बाजार के द्वारा किया गया ये सर्वे बताता है कि इस सर्वे पर 27 शहरों में 3327 लोगों से राय ली गई है. पॉलिसी को रिन्‍यू न कराने के कारणों में एक बार फिर 47 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि उनके पास पैसा नहीं है.जबकि 30 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि उन्‍हें अब इसकी जरूरत नहीं है. कुछ लोगों ने इसके पीछे कारण दिया है कि पॉलिसी उनकी सभी बीमारियों को कवर नहीं करती है. जबकि 30 प्रतिशत लोग अपनी पॉलिसी को रिन्‍यू करना ही भूल जाते हैं. जबकि 23 प्रतिशत लोग कहते हैं कि उनके पास स्‍वास्‍थ्‍स इलाज के लिए पर्याप्‍त फंड है उन्‍हें इसकी जरूरत नहीं है. 

क्‍यों पॉलिसी खरीदते हैं लोग 
अब सवाल ये भी है कि जो लोग पॉलिसी खरीदते हैं वो किन कारणों से खरीदते हैं. सर्वे में उसे लेकर भी सवाल पूछा गया था. इस पर जवाब देते हुए लोगों ने कहा कि उनके लिए खरीदने का सबसे बड़ा कारण कम से कम प्रीमियम है. इसलिए लोग ऐसी पॉलिसी को खरीदना पसंद कर रहे हैं जो ज्‍यादा कवर देती हो. सबसे दिलचस्‍प बात जो इस सर्वे में निकलकर आई वो ये कि ब्रैंड सिर्फ 35 लोगों के लिए ही महत्‍वपूर्ण है, जबकि 32 प्रतिशत लोगों के लिए उनकी पॉलिसी में आने वाले अस्‍पतालों का नेटवर्क एक बड़ा कारण है. अगर उनकी पॉलिसी में नजदीक के हॉस्पिटल हैं तो 30 प्रतिशत लोगों ने उसे खरीदने में दिलचस्‍पी दिखाई है.
 


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