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बजट 2026-27 में UPI यूजर्स को बड़ी राहत, फ्री रहेंगे डिजिटल ट्रांजेक्शन
बजट 2026-27 ने यूपीआई यूजर्स को बड़ी राहत दी है. सरकार ने साफ कर दिया है कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई ट्रांजेक्शन पर कोई टैक्स या चार्ज नहीं लगाया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
यूपीआई यूजर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है. बजट 2026-27 में सरकार ने साफ कर दिया है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड को सपोर्ट देने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऐलान किया है, जिससे फ्री ट्रांजेक्शन जारी रहेंगे.
बजट में UPI के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
वित्त मंत्री ने बजट में यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड को बढ़ावा देने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऐलान किया है. यह राशि 2025-26 के संशोधित अनुमान 2,196 करोड़ रुपये से थोड़ी कम है, लेकिन सरकार का संदेश बिल्कुल साफ है कि आम लोगों पर किसी तरह का ट्रांजेक्शन चार्ज नहीं डाला जाएगा.
फ्री ट्रांजेक्शन जारी रहेंगे
वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने कहा कि बजट में किए गए इस प्रावधान का सीधा मतलब है कि यूपीआई के जरिए होने वाले डिजिटल ट्रांजेक्शन आगे भी फ्री रहेंगे. सरकार का मानना है कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए यह सब्सिडी बेहद जरूरी है, ताकि बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर पर अतिरिक्त बोझ न पड़े.
साइबर फ्रॉड को लेकर सरकार का भरोसा
साइबर फ्रॉड को लेकर पूछे गए सवाल पर नागराजू ने कहा कि बैंकों की तकनीकी गड़बड़ियों के कारण होने वाली धोखाधड़ी तीन प्रतिशत से भी कम है. उन्होंने जोर दिया कि यूजर्स की सतर्कता से इस समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है.
बैंकों की स्थिति मजबूत
वित्तीय सेवा सचिव ने कहा कि फिलहाल बैंकों की स्थिति पहले से कहीं बेहतर है. एनपीए का स्तर नीचे है और मुनाफा भी अच्छा है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत जैसे बड़े देश के लिए तीन से चार बड़े मजबूत बैंकों की जरूरत है, जो अर्थव्यवस्था को सहारा दे सकें.
सरकारी बैंकों में FDI बढ़ाने पर विचार
सरकार सरकारी बैंकों में एफडीआई की सीमा मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने पर विचार कर रही है. नागराजू के मुताबिक इस मुद्दे पर अलग-अलग मंत्रालयों के बीच बातचीत चल रही है. फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एफडीआई सीमा 20 प्रतिशत और प्राइवेट बैंकों में 74 प्रतिशत है.
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