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नोएडा में आगजनी और हिंसा के बाद बड़ा फैसला, यूपी सरकार ने 21 प्रतिशत तक बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी

यह फैसला उस घटना के बाद आया है जब यूपी के औद्योगिक इलाकों में मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो गया था. फेज-2 और सेक्टर-60 जैसे क्षेत्रों में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं सामने आईं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर हुए उग्र प्रदर्शनों और हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है. सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दरों में संशोधन करते हुए नई वेतन संरचना लागू कर दी है, जिससे नोएडा और गाजियाबाद समेत कई क्षेत्रों के श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा.

नई मजदूरी दरें लागू, श्रेणियों में बढ़ोतरी

सरकार द्वारा घोषित नई दरों के अनुसार अब श्रमिकों की मजदूरी को कौशल स्तर के आधार पर संशोधित किया गया है. नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र की नई दरें:

- अकुशल श्रमिक. ₹13,690 प्रति माह
- अर्धकुशल श्रमिक. ₹15,059 प्रति माह
- कुशल श्रमिक. ₹16,868 प्रति माह

अन्य नगर निगम क्षेत्रों में भी बढ़ी मजदूरी

राज्य के अन्य नगर निगम क्षेत्रों में भी वेतन संशोधन लागू किया गया है.

- अकुशल श्रमिक. ₹13,006 प्रति माह
- अर्धकुशल श्रमिक. ₹14,306 प्रति माह
- कुशल श्रमिक. ₹16,025 प्रति माह

बाकी जिलों के लिए अलग वेतन संरचना

गैर-नगर निगम क्षेत्रों में मजदूरी दरें इस प्रकार तय की गई हैं.

- अकुशल श्रमिक. ₹12,356 प्रति माह
- अर्धकुशल श्रमिक. ₹13,591 प्रति माह
- कुशल श्रमिक. ₹15,224 प्रति माह

हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रशासन सख्त

यह फैसला उस घटना के बाद आया है जब उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इलाकों में मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो गया था. फेज-2 और सेक्टर-60 जैसे क्षेत्रों में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं सामने आईं. सेक्टर 63 और आसपास के इलाकों में वाहनों को आग के हवाले करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया.

ऐसे बिगड़े हालात

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों मजदूर बेहतर वेतन, तय काम के घंटे, ओवरटाइम भुगतान और सुरक्षा सुविधाओं की मांग कर रहे थे. शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में स्थिति बेकाबू हो गई. कई स्थानों पर वाहनों में आगजनी और पथराव की घटनाएं हुईं, जिससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुईं. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर भारी बल तैनात किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े. देर शाम तक हालात पर नियंत्रण पा लिया गया.

ट्रैफिक और औद्योगिक गतिविधियों पर असर

प्रदर्शन के दौरान नोएडा–दिल्ली बॉर्डर पर लंबा जाम लग गया, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. कई फैक्ट्रियों को एहतियातन बंद भी करना पड़ा. पुलिस के अनुसार शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में कुछ बाहरी तत्वों के शामिल होने से हिंसा भड़क उठी. प्रशासन अब हालात की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय कर रहा है.


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