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SBI और PNB को इस राज्य सरकार ने दिया बड़ा झटका, सभी ट्रांजैक्शंस पर लगाई रोक
कई बार चेतावनियां दिए जाने के बाद भी SBI और PNB ने अपनी ओर से कोई कदम नहीं उठाया, जिसकी वजह से ये फैसला किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
कर्नाटक सरकार ने देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से लेनदेन पर रोक लगा दी है. राज्य सरकार ने सभी विभागों को निर्देश जारी किया कि दोनों बैंकों से कामकाज नहीं करें और इन बैंकों में अपने जितने भी अकाउंट हैं उनको तुरंत बंद करें. सरकार का आरोप है कि SBI और PNB ने सरकारी धन का गलत इस्तेमाल किया है.
सरकार को क्यों लेना पड़ा फैसला?
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, इन दोनों बैंकों में कोई जमाराशि या निवेश नहीं किया जाना चाहिए. राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सरकार में वित्त विभाग के सचिव डॉ पीसी जाफर द्वारा जारी यह निर्देश इन दोनों बैंकों में जमा सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों के बीच आया है. सरकार की ओर से कड़े शब्दों में कहा गया है कि कथित दुरुपयोग के बारे में कई बार चेतावनियां दिए जाने के बाद भी SBI और PNB ने अपनी ओर से कोई कदम नहीं उठाया, जिसकी वजह से ये फैसला किया गया है.
सभी विभाग तुरंत बंद करें बैंक खाते
राज्य के वित्त विभाग के सचिव जाफर द्वारा SBI-PNB को लेकर दिए गए निर्देशों पर गौर करें राज्य सरकार के सभी विभागों, सार्वजनिक उद्यमों, सभी निगमों व स्थानीय निकायों, यूनिवर्सिटी समेत अन्य संस्थानों को उनके द्वारा संचालित किए जा रहे भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक खातों को बंद करके जमाराशि को निकालना होगा. कर्नाटक में सरकारी विभागों के ज्यादातर खाते इन्हीं दोनों बैंकों में संचालित किए जा रहे हैं. अब सरकार की ओर से एसबीआई और पीएनबी में जमा धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाते हुए ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं कि दोनों ही बैंकों में राज्य के सरकारी विभाग अपना पैसा ने डालें और किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन न करें.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल राज्य सरकार के कर्नाटक महर्षि वाल्मिकी अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड से जुड़े मनी ट्रांसफर घोटाले को लेकर कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार और विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक खींचतान चल रही है. वित्त विभाग के ताजा आदेश को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है निगम में घोटाले का खुलासा तब हुआ जब निगम के अकाउंट सुपरिनटैंडैंट चन्द्रशेखर पी ने 26 मई को खुदकुशी कर ली. उन्होंने एक नोट छोड़ा, नोट में दावा किया गया है कि निगम के 187 करोड़ रुपए बिना अथॉरिटी के ट्रांसफर किए गए. इनमें से 88.62 करोड़ रुपए आईटी कंपनियों और हैदराबाद स्थित एक सहकारी बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए.
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