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अमेरिका में बैंकिग संकट की आहट, क्या फिर 2008 वाले दिन देखेगी दुनिया?
वित्तीय संकट से गुजर रहे अमेरिका के सिलिकॉन वैली बैंक को बंद करने के आदेश दिए गए हैं. यह बैंक यूएस के सबसे बड़े बैंकों में शामिल है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
क्या अमेरिका एक बार फिर से बैंकिंग संकट के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है? यह सवाल इस वक्त पूरी दुनिया की जुबां पर है. अमेरिकी रेगुलेटर्स ने देश के सबसे बड़े बैंकों में शुमार सिलिकॉन वैली बैंक (Silicon Valley Bank) को बंद करने का आदेश दिया है. दरअसल, बैंक गंभीर वित्तीय संकट में घिर गया है और फिलहाल उसके इस संकट से बाहर आने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है. इसी के मद्देनजर बैंक बंद करने का आदेश दिया गया है.
दुनिया भर में दिखा असर
अमेरिका से आई इस खबर का असर पूरी दुनिया पर देखा जा रहा है. इससे बैंकिंग सेक्टर के बेंचमार्क स्टॉक इंडेक्स KBW Bank Index में 8.1% गिरावट आई. यह जून 2020 के बाद इस इंडेक्स में एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट है. भारत का शेयर बाजार भी शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुआ. अमेरिका में होने वाली हर उथल-पुथल का असर पूरी दुनिया में देखने को मिलता है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि भारत सहित दुनिया भर के बाजार अगले कुछ दिन नेगेटिव सेंटिमेंट का सामना कर सकते हैं.
210 अरब डॉलर की एसेट्स
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैलिफोर्निया के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल प्रोटेक्शन और इनोवेशन ने सिलिकॉन वैली बैंक को बंद करने का आदेश दिया है. साथ ही उसने फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (FDIC) को बैंक का रिसीवर नियुक्त किया है. बैंक में जमा ग्राहकों के पैसों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी FDIC को दी गई है. सिलिकॉन वैली बैंक (SVB), अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक है. इसके पास करीब 210 अरब डॉलर की एसेट्स है. बैंक की कैलिफोर्निया और मैसाचुसेट्स में 17 शाखाएं हैं. बैंक के बंद होने की खबर से हर कोई हैरान है.
ब्याज बढ़ने से बिगड़े हालात
SVB नए जमाने की टेक कंपनियों और वेंचर कैपिटल के निवेश वाली कंपनियों को वित्तीय सपोर्ट देने वाला यूएस का प्रमुख बैंक हैं. बैंक का करीब 44 फीसदी बिजनेस यूएस वेंचर के निवेश वाली टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर कंपनियों के साथ है. पिछले 18 महीनों में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में की जा रही बढ़ोत्तरी से इन सेक्टर्स पर बुरा असर पड़ा है और कंपनियों के सामने कैश का संकट खड़ा हो गया है. वहीं, अधिक जोखिम के कारण निवेशकों की दिलचस्पी भी ऐसे टेक कंपनियों में घटी है. इससे बैंक का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सिलिकॉन वैली बैंक ने टेक इंडस्ट्री को काफी कर्ज दिया है, जिसकी वापसी को लेकर भी अब तमाम तरह की आशंकाएं हैं. सीधे शब्दों में कहें तो बैंक गंभीर वित्तीय संकट में घिर चुका है.
इसलिए बढ़ गई है चिंता
वैसे कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस मामले का अमेरिका के बैंकिंग सेक्टर पर असर पड़ने की संभावना सीमित है, क्योंकि देश के लगभग सभी प्रमुख बैंक ऐसी किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अपने पास पर्याप्त कैश बैलेंस बचाकर चल रहे हैं. हालांकि, कुछ समय पहले तक SVB के बारे में भी यही कहा जाता था, लेकिन एक ही झटके में सबकुछ बदल गया. यही बात चिंता बढ़ाए जा रही है. बता दें कि करीब ढाई साल में दूसरी बार है जब कोई FDIC इंश्योर्ड बैंक बंद हुआ है. इससे पहले अक्टूबर 2020 में अलमेना स्टेट बैंक पर भी ताला लगा था.
याद आया लेहमन ब्रदर्स
सिलिकॉन वैली बैंक (Silicon Valley Bank) से जुड़ी इस खबर ने बैंकिंग फर्म लेहमन ब्रदर्स की याद ताजा कर दी है. इस फर्म के चलते ही अमेरिका को 2008 में बैंकिंग सेक्टर का सबसे बड़ा संकट झेलना पड़ा था और पूरी दुनिया मंदी की चपेट में आ गई थी. ये वो दौर था जब तमाम बैंकों ने दिल खोलकर लोन बांटे थे, यह सुनिश्चित किए बिना कि उधार दिया पैसा वापस मिलेगा भी या नहीं. लेहमन ब्रदर्स और बाकी वित्तीय बैंकों ने अमेरिकी रियल एस्टेट बाजार में चल रही तेजी का 2001 से 2006 तक जमकर फायदा उठाया था. लेकिन जब रियल एस्टेट बुलबुला फूटा, तो सब बर्बाद हो गए. बड़ी संख्या में उधार लेने वालों ने, जिन्होंने अपनी हैसियत से ज्यादा लोन ले लिए था, EMI देना बंद कर दिया. ईएमआई डिफॉल्ट करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी. इससे वो वित्तीय बैंक जिन्होंने इन होम लोन पर बने बांड्स खरीदे थे, मुसीबत में पड़ गए. इसमें लेहमन ब्रदर्स भी शामिल था. लेहमन ब्रदर्स ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया और अमेरिका में बड़े बैंकिंग संकट की शुरुआत हो गई. जिसका असर पूरी दुनिया पर मंदी के रूप में पड़ा.
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