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एक्सिस बैंक का मिड-कॉरपोरेट लोन पर बड़ा दांव, 1 लाख करोड़ रुपये का बुक बनाने का लक्ष्य
मौजूदा 80,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर अगले 3-4 तिमाहियों में 1 लाख करोड़ रुपये करने की तैयारी, Tier-2 और Tier-3 शहरों पर फोकस
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 hours ago
एक्सिस बैंक (Axis Bank) अपने मिड-कॉरपोरेट कारोबार को तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. निजी क्षेत्र का यह बैंक अगले 3-4 तिमाहियों में अपने मिड-कॉरपोरेट फंडेड लोन बुक को मौजूदा करीब 80,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये करना चाहता है. बैंक का लक्ष्य इस सेगमेंट में सालाना 25-30 फीसदी की दर से ग्रोथ हासिल करना है. एक्सिस बैंक के मिड-कॉरपोरेट एंड मीडियम एंटरप्राइजेज ग्रुप के ग्रुप हेड प्रशांत टीएस के मुताबिक, यह कारोबार बैंक के लिए ग्रोथ का एक प्रमुख इंजन बना हुआ है.
80,000 करोड़ रुपये का फंडेड एक्सपोजर
बैंक के मिड-कॉरपोरेट कारोबार में फिलहाल करीब 80,000 करोड़ रुपये का फंड-बेस्ड लोन एक्सपोजर है. इसके अलावा लगभग 18,000 करोड़ रुपये का नॉन-फंड-बेस्ड एक्सपोजर है. इस पोर्टफोलियो का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) करीब 2 फीसदी है, जबकि क्रेडिट कॉस्ट बेहद कम है. इससे बैंक को इस कारोबार के विस्तार के लिए पर्याप्त गुंजाइश मिल रही है.
Tier-2 और Tier-3 शहरों पर बढ़ा फोकस
एक्सिस बैंक अब बड़े शहरों से आगे बढ़कर Tier-2 और Tier-3 शहरों में अपनी मिड-कॉरपोरेट पहुंच मजबूत कर रहा है. बैंक के मुताबिक, उसके इस कारोबार का करीब 30-35 फीसदी हिस्सा गैर-Tier-1 शहरों से आता है. बैंक को इन बाजारों में आगे भी कारोबार बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं नजर आ रही हैं. इसके साथ ही कंपनियों की वर्किंग कैपिटल की जरूरत भी बढ़ रही है. वर्किंग कैपिटल लिमिट का औसत इस्तेमाल बढ़कर 60-65 फीसदी हो गया है, जो पहले 50-55 फीसदी था. बैंक के अनुसार, इनपुट लागत बढ़ने के बीच कारोबारों को ज्यादा लिक्विडिटी की जरूरत पड़ रही है. हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दबाव के बावजूद कंपनियों की बिक्री broadly स्थिर बनी हुई है.
ECLGS 5.0 के तहत 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का वितरण
एक्सिस बैंक ने मिड-कॉरपोरेट और मीडियम एंटरप्राइज ग्राहकों को ECLGS 5.0 के तहत 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज वितरित किया है. बैंक का कहना है कि इन सुविधाओं का इस्तेमाल चुनिंदा तौर पर उन कारोबारों को किया गया है, जिन्हें वास्तव में लिक्विडिटी की जरूरत थी. कर्ज देने से पहले ग्राहकों की क्रेडिट क्षमता का आकलन भी किया गया.
लोन ग्रोथ में AI और क्रॉस-सेलिंग की भूमिका
बैंक कंपनी की प्रोफाइल तैयार करने, निगरानी और क्रेडिट असेसमेंट के लिए AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है. इसके साथ ही क्रेडिट प्रस्तावों की प्रोसेसिंग को तेज करने के लिए नई तकनीक विकसित की जा रही है, हालांकि बैंक ने रिस्क कंट्रोल को प्राथमिकता देने की बात कही है.
एक्सिस बैंक की रणनीति केवल लोन देने तक सीमित नहीं है. बैंक मिड-कॉरपोरेट ग्राहकों को ट्रांजैक्शन बैंकिंग, कॉरपोरेट सैलरी सॉल्यूशंस, वेल्थ मैनेजमेंट और अपनी सहायक कंपनियों के जरिए अन्य सेवाएं भी दे रहा है. इसका उद्देश्य मिड-साइज कंपनियों के बड़े कारोबार में बदलने के साथ बैंक के साथ उनके संबंधों को और मजबूत करना है.
Q1FY27 में कॉरपोरेट लोन बुक 38 फीसदी बढ़ा
एक्सिस बैंक की कुल कॉरपोरेट लोन बुक में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में बैंक की कॉरपोरेट लोन बुक सालाना आधार पर 38 फीसदी बढ़ी. वहीं, मिड-कॉरपोरेट पोर्टफोलियो में 27 फीसदी की वृद्धि हुई.
इससे बैंक के कुल क्रेडिट ग्रोथ में मिड-कॉरपोरेट सेगमेंट का योगदान लगातार बढ़ने का संकेत मिलता है. बैंक के मुताबिक, फिलहाल मिड-कॉरपोरेट कारोबार में ऑर्गेनिक ग्रोथ की पर्याप्त संभावनाएं हैं. इसलिए इस सेगमेंट के विस्तार के लिए फिलहाल किसी इनऑर्गेनिक ग्रोथ या अधिग्रहण को रणनीतिक प्राथमिकता नहीं दी जा रही है.
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