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आखिर Luxshare ने Bharat को लेकर क्यों बदला अपना मन, किस बात का था डर?

Luxshare ने पिछले 3 साल में भारत में अपना कामकाज बढ़ाने के काफी प्रयास किए हैं. लक्सशेयर एयरपॉड की सप्लाई करने वाली Apple की मुख्य कंपनी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

पड़ोसी चीन (China) की आर्थिक सेहत ठीक नहीं चल रही है. Apple जैसी ग्लोबल कंपनियां उससे दूरी बनाने में लगी हैं. अमेरिकी कंपनी Apple पिछले कुछ समय में भारत के ज्यादा करीब आ गई है. इसी तरह, ताइवान की दिग्गज कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) भी भारत में बड़े निवेश की तैयारी में है. चीनी सरकार इन कंपनियों की भारत से नजदीकी पचा नहीं पा रही है, और इसलिए उनकी राह में कांटे बिछाने पर तुली है. कुछ वक्त पहले कम्युनिस्ट सरकार ने अपने अधिकारियों को iPhone इस्तेमाल न करने का अघोषित फरमान सुनाया था. इसके बाद फॉक्सकॉन के खिलाफ जांच शुरू की है. स्थानीय टैक्स विभाग ने फॉक्सकॉन की सहयोगी कंपनियों का ऑडिट किया. जबकि नेचुरल रिसोर्सेज मिनिस्ट्री ने हेनान और हुबेई प्रांतों में कंपनी के लैंड यूज की जांच के भी आदेश दिए.  

Luxshare ने पीछे खींचे कदम
चीनी सरकार की बदले की इस कार्रवाई के चलते उन कंपनियों में भय व्याप्त हो गया है, जो Apple और Foxconn की तरह भारत में संभावनाएं तलाशना चाहती हैं. शायद यही वजह है कि लक्सशेयर (Luxshare) ने भारत का रुख करने के बजाए वियतनाम में 330 मिलियन डॉलर का निवेश कर दिया है. इस चीनी कंपनी ने पहले भारत में निवेश का फैसला किया था, लेकिन अचानक योजना में बदलाव करते हुए उसने वियतनाम में निवेश कर डाला. बता दें कि Luxshare भी Foxconn की तरह Apple के लिए कंपोनेंट बनाती है. Foxconn जहां कॉन्ट्रैक्ट पर इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है. वहीं, Luxshare बड़ी कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शुमार है.  

कंपनी ने तनाव को बताया वजह 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने कहा है कि भारत और चीन के बीच राजनीतिक तनाव की वजह से उसने इंडिया में निवेश न बढ़ाने का फैसला लिया है. हालांकि, जानकार मानते हैं कि Luxshare को कहीं न कहीं डर होगा कि अगर उसने भारत का रुख किया, तो घर में विरोध और कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. Luxshare ने पिछले 3 साल में भारत में अपना कामकाज बढ़ाने के काफी प्रयास किए हैं. लक्सशेयर एयरपॉड की सप्लाई करने वाली Apple की मुख्य कंपनी है. इतना ही नहीं, आने वाले समय में कंपनी आईफोन (iPhone) भी बनाने जा रही है. कंपनी ने वियतनाम के बैक गियांग नाम के उत्तरी राज्य में 330 मिलियन डॉलर का निवेश करने की ऐलान किया है. इसके साथ ही लक्सशेयर का वियतनाम में निवेश अब बढ़कर 504 मिलियन डॉलर पहुंच जाएगा.

क्या थी कंपनी की योजना?
यूएस से टकराव सहित तमाम कारणों के चलते Apple ने अपनी सप्लाई चेन के डायवर्सिफिकेशन प्लान के तहत चीन में कामकाज कर रहीं कंपनियों को बाहर शिफ्ट करने की योजना बनाई है. इसी के मद्देनजर Luxshare को भारत में स्मार्ट डिवाइस केवल, कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, टच पेन और स्मार्ट वॉच और पोजिशनिंग टैग आदि बनाने थे. लेकिन अब कंपनी ने इस योजना को वियतनाम शिफ्ट कर दिया है. इससे पहले, Apple के iPhone की सबसे बड़ी सप्लायर फॉक्सकॉन ने भी वियतनाम में दो नए प्रोजेक्ट में 250 मिलियन डॉलर का निवेश किया था. 


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