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'मूनलाइटिंग' पर आया मोदी सरकार के मंत्री का बयान, कही ये बड़ी बात
IT कंपनी विप्रो ने मूनलाइटिंग को लेकर 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. विप्रो ने कर्मचारियों के मूनलाइटिंग के इस्तेमाल को कंपनी के साथ धोखा बताया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
छंटनी खबरों के बीच देश में 'मूनलाइटिंग' को लेकर बहस छिड़ी हुई है. एक तरफ जहां IT कंपनियां 'मूनलाइटिंग' के सख्त खिलाफ हैं और ऐसा करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही हैं. वहीं, अब इस मामले में सरकार का बयान भी आ गया है. केंद्र सरकार के मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कर्मचारियों के पक्ष में बयान दिया है. IT मंत्रालय के राज्य मंत्री चंद्रशेखर का कहना है कि कर्मचारियों पर इस तरह शिकंजा कसना गलत है. बता दें कि यह पहला मौका है जब मूनलाइटिंग पर किसी केंद्रीय मंत्री ने कुछ कहा है.
वर्कफ़ोर्स में बदलाव का दिया हवाला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (PAFI) के 9वें सत्र में राजीव चंद्रशेखर ने मूनलाइटिंग पर बात की. उन्होंने कहा कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों पर शिकंजा नहीं कसना चाहिए. उन्हें अपने कर्मचारियों के सपनों पर रोक नहीं लगानी चाहिए. उन्होंने कहा कि आज वर्क कल्चर में बदलाव आया है और इसे पहचानने वाली कंपनियां सफल होंगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'वर्तमान कार्यबल के मनोविज्ञान रूप से बड़ा बदलाव आया है और कंपनियों को चाहिए कि इसका लाभ उठाएं, न कि इसे नज़रअंदाज करें'.
केंद्रीय मंत्री ने बताया व्यावहारिक
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई प्रतिस्पर्धी फर्मों की मदद नहीं करने के लिए गोपनीयता के नियमों का पालन करने के लिए बाध्य है, तो जाहिर है, उसे नियमों का पालन करना चाहिए. लेकिन अपनी खुद की कंपनी शुरू करने के किसी के सपने पर प्रतिबंध लगाना, व्यावहारिक नहीं होगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर कोई पैसे चाहता है और अधिक कमाई चाहता है.
इसलिए महत्वपूर्ण है बयान
केंद्र सरकार के मंत्री का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में IT कंपनी विप्रो ने मूनलाइटिंग को लेकर 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. विप्रो ने कर्मचारियों के मूनलाइटिंग के इस्तेमाल को कंपनी के साथ धोखा बताया है. इसके अलावा, खबर है कि इंफोसिस ने भी इंटरनल मेल के जरिए कर्मचारियों को इस संबंध में चेतावनी दी है. वहीं, TCS और IBM जैसी आईटी कंपनियां भी मूनलाइटिंग का विरोध कर रही हैं/
आखिर क्या है मूनलाइटिंग?
मूनलाइटिंग का मतलब होता है नियमित नौकरी के साथ-साथ किसी तरह की अन्य नौकरी करना. उदाहरण के तौर पर आप एक कंपनी में काम करते हैं, उसके टाइमिंग के बाद आप एक्स्ट्रा कमाई के लिए कोई पार्ट-टाइम जॉब ढूंढ लेते हैं, तो उसे मूनलाइटिंग कहा जाएगा. अक्सर लोग नाइट और वीकएंड पर इस तरह की जॉब करते हैं. पश्चिमी देशों में तो लंबे समय से मूनलाइटिंग का कल्चर है. लेकिन, भारत में कोविड-19 महामारी के बाद से इसमें तेजी आई है. हालांकि, आईटी कंपनियों का मानना है कि इससे कर्मचारियों की परफॉर्मेंस और कामकाज पर असर पड़ रहा है.
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