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इस सरकारी नोटिस के बाद अब कंपनियों के लिए आसान नहीं होगा नौकरी से निकालना!
अपने कर्मचारियों पर छंटनी की तलवार चलाने वाली अमेजन को पुणे के लेबर कमिश्नरने नोटिस भेजकर तलब किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
कॉस्ट-कटिंग के नाम पर कर्मचारियों की बलि चढ़ाना कंपनियों के लिए आम बात है. अधिकांश मामलों में नियम-कानून ताक पर रखकर कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाता है. ऐसे मामलों में पीड़ित कर्मचारी अक्सर खामोश रह जाते हैं, जिसके चलते कंपनियों की मनमानी बढ़ती जाती है. हालांकि, दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी Amazon का मामला एक नजीर बन सकता है. ये सभी कंपनियों के लिए एक सबक है कि वे अपनी मनमर्जी के हिसाब से कर्मचारियों को नहीं निकाल सकतीं. उन्हें हर हाल में नियमों का पालन करना ही होगा.
17 जनवरी को किया तलब
दरअसल, कर्मचारियों की छंटनी को लेकर पुणे के लेबर कमिश्नर ने अमेजन को नोटिस भेजा है. कंपनी पर आरोप है कि उसने Voluntary Separation Programme को लागू करते हुए गैरकानूनी तरीके से लोगों की छंटनी की है. इस नोटिस में अमेजन को 17 जनवरी को लेबर कमिश्नर के समक्ष सभी साक्ष्यों के साथ निजी तौर पर या किसी प्रतिनिधि के माध्यम से पेश होने को कहा गया है. गौर करने वाली बात ये है कि छंटनी के मुद्दे पर ही पिछले साल नवंबर में श्रम मंत्रालय ने भी अमेजन को तलब किया था.
NITES ने की है शिकायत
आईटी कर्मचारियों के संगठन नैसेंट इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एम्पलॉयज सीनेट यानी NITES ने अमेजन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उसका कहना है कि इंडस्ट्रियल डिस्प्युट एक्ट के तहत कोई एम्पलॉयर सरकार की अनुमति के बगैर छंटनी नहीं कर सकता. NITES के मुताबिक, कंपनी में एक साल से ज्यादा समय तक लगातार काम करने वालों को एडवांस में तीन महीने का नोटिस दिए बिना और सरकार की मंजूरी के बिना नौकरी से निकाला नहीं जा सकता. जबकि अमेजन ने ऐसा ही किया है. सरकार से मंजूरी न लेना श्रम कानून का उल्लंघन है.
तब मंत्रालय ने भेजा था नोटिस
अमेजन ने हाल ही में ऐलान किया था कि वो अपनी ग्लोबल वर्कफोर्स में से करीब 18,000 कर्मचारियों को कम करने जा रही है. कंपनी के इस फैसले की जद में भारतीय कर्मचारियों के आने की भी संभावना है. गौरतलब है कि पिछले साल Amazon ने Voluntary Separation Programme के तहत भारतीय कर्मचारियों को कुछ मॉनिटरी बेनिफिट्स के बदले कंपनी छोड़ने को कहा था, जिसके बाद श्रम मंत्रालय ने कंपनी को नोटिस भेजकर तलब किया था. अपनी सफाई में अमेजन ने कहा था कि उसने किसी कर्मचारी को बर्खास्त नहीं किया, जितने भी इस्तीफे हुए हैं वो सभी स्वैच्छिक हैं.
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