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Airbus ने इस भारतीय कंपनी से मिलाया हाथ, समझौते के बाद अब भारत में आसानी से हो पाएगा काम
इस समझौते के तहत एयरबस, एचएएल को अपने एयरबसवर्ल्ड तक पहुंच भी प्रदान करेगा, जो एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो तकनीकी डेटा और प्रशिक्षण समाधान प्रदान करता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारत की दो एविएशन कंपनियों को नए विमानों की सप्लाई के लिए बड़ा समझौता करने वाली एयरबस ने HAL (Hindustan Aeronotics Limited) के साथ बड़ा समझौता किया है. ये समझौता भारत में विमान रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) उद्योग को किया गया है. माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद भारत की एचएएल वाणिज्यिक विमानों की सर्विसिंग में कदम रख पाएगी. साथ ही आने वाले समय में इसी मकसद को देखते हुए ये समझौता किया गया है.
एयरबस का इस समझौते के पीछे है ये मकसद
एयरबस का मानना है कि वो भारत में एमआरओ उद्योग के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है, उसका ये भी कहना है कि उसका ये कदम उसी कड़ी में एक कदम है. इस साझेदारी से एयरबस को ये फायदा होगा कि आने वाले समय में वो भारत में एमआरओ उद्योग की जरूरतों को पूरा कर पाएगा. विशेष रूप से ए 320 विमानों की सर्विस जिनकी भारत में एक बड़ी संख्या मौजूद है.
HAL को इस डील से ये होगा फायदा
मौजूदा समय में एचएएल विमानों के निर्माण और उसकी तकनीक को विकसित करने के लिए जाना जाता है. एचएएल के सीईओ (मिग कॉम्पेक्स) साकेत चतुर्वेदी ने कहा कि एचएएल आने वाले समय में एकीकृत एमआरओ हब भी स्थापित करना चाहता है और देश की विमान कंपनियों को सुविधा देना चाहता है. इस समझौते के बाद वो प्रभावी एमआरओ सॉल्यूशन दे पाएगा. एचएएल नासिक का यह कदम नागरिक-सैन्य संगठन और भारत सरकार के मेक इन इंडिया मिशन से भी जुड़ा है.
एयरबस इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रेमी माइलार्ड ने कहा, एयरबस भारत में विमानन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस पारिस्थितिकी तंत्र का एक प्रमुख तत्व एक मजबूत एमआरओ बुनियादी ढांचे का विकास है.
स्वदेशी एमआरओ फैसिलिटी का ये है फायदा
एक स्वदेशी एमआरओ बुनियादी ढांचे से न केवल एयरलाइंस को अपने विमान ऑपरेशन को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलती है, बल्कि भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने के सरकार के लक्ष्य में भी मदद करती है. यही नहीं एचएएल एयरोस्पेस उद्योग में अपने गहरे अनुभव के साथ इस क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए अच्छी स्थिति में है. समझौते के तहत, एयरबस ए320 फैमिली टूल पैकेज प्रदान करेगा और एमआरओ स्थापित करने के लिए एचएएल को विशेष परामर्श सेवाएं प्रदान करेगा. एचएएल के नासिक डिवीजन में सिविल एमआरओ की क्षमताएं हैं, जिसमें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा अनुमोदित तीन हैंगर और उनकी रक्षा गतिविधियों से कुशल जनशक्ति शामिल हैं.
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