होम / बिजनेस / क्या गेहूं और चावल के बाद अब चीनी को लेकर आने वाली है खबर? आखिर क्या है पूरा माजरा?
क्या गेहूं और चावल के बाद अब चीनी को लेकर आने वाली है खबर? आखिर क्या है पूरा माजरा?
भारत में महाराष्ट्र और कर्नाटक दो ऐसे राज्य हैं जहां सबसे ज्यादा चीनी का उत्पादन होता है लेकिन दोनों ही राज्यों में इस बार बारिश कम हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
देश में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केन्द्र सरकार अभी तक गेहूं और चावल के निर्यात पर पूरी तरह से पाबंदी लगा चुकी है. लेकिन अब खबर आ रही है कि सरकार अक्टूबर में शुरू होने वाले नए सीजन में चीनी के निर्यात पर पाबंदी लगा सकती है. सबसे दिलचस्प बात ये भी सामने आ रही है कि सरकार इथेनॉल बनाने के लिए चीनी का कोटा बढ़ा सकती है. आने वाले समय में चीनी पर निर्यात लगाया जा सकता है.
इन दो राज्यों में कम हुई है बारिश
भारत में महाराष्ट्र और कर्नाटक दो ऐसे राज्य हैं जहां चीनी का सबसे ज्यादा उत्पादन होता है. देश में पैदा होने वाली चीनी का 50 प्रतिशत इन दो राज्यों में होता है. लेकिन दोनों ही राज्यों में आधे से कम बारिश हुई है, जिसके कारण उत्पादन में कमी होने की संभावना है. हालांकि बारिश की कमी का जो आंकड़ा अगस्त में 10 प्रतिशत था वो सितंबर में हुई बारिश के कारण पांच प्रतिशत तक आ गया है. बावजूद उसके चुनावी साल में सरकार कीमतों को बढ़ने से रोकने के लिए चीनी के निर्यात पर रोक लगा सकती है.
2022-23 में 45 प्रतिशत गन्ने से बना इथेनॉल
वर्ष 2022-23 में अगर देखें तो सरकार 45 एलएमटी गन्ने को इथेनॉल बनाने में डॉयवर्ट कर चुकी है. सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक इसे बढ़ाकर 65 एलएमटी कर दिया जाए. भारत चीनी उत्पादन का दूसरा सबसे बड़ा देश है. लेकिन भारत इथेनॉल बनाने में ज्यादा चीनी को डॉयवर्ट कर रहा है. क्योंकि सरकार देश में आने वाले समय में इथेनॉल के जरिए पेट्रोल डीजल के आयात को कम करना चाहती है. क्योंकि तेल के आयात पर देश मौजूदा समय में सबसे ज्यादा खर्च कर रहा है. सरकार इसे इथेनॉल से रिप्लेस करना चाहती है.
महंगाई कर रही है परेशान
इस साल सरकार अभी तक गेहूं और नॉन बासमती चावल के निर्यात पर पूरी तरह से रोक लगा चुकी है. खुदरा महंगाई दर पर नजर डालें तो ये जुलाई में 7.44 प्रतिशत पर थी लेकिन अगले कुछ महीनों में इसके ऊंचा रहने की उम्मीद है. मीडिया रिपोर्ट ये भी कह रही है कि सितंबर में चीनी की कीमतों में 2.5 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिल रहा है. इस तथ्य ने भी सरकार की चिंताओं को बढ़ाया है.
टैग्स