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RBI के बाद PayTm को शेयर बाजार से लगा झटका, 20 प्रतिशत गिरे कंपनी के शेयर
PayTm ने कहा है कि आरबीआई के कदम से उनके बचत खातों, वॉलेट, फास्टैग और एनसीएमसी खातों में उपयोगकर्ता जमा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जहां वे मौजूदा शेष राशि का उपयोग करना जारी रख सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
RBI की सख्ती का असर गुरुवार को PayTm के शेयरों पर भी देखने को मिला. PayTm के शेयर बाजार खुलते ही 20 प्रतिशत तक गिर गए. इसके बाद कंपनी के शेयरों को लोअर लिमिट के सर्किट पर बंद कर दिया ग्या. PayTm को लेकर कई जानकारों ने आज यही आशंका जताई थी, जो सच भी साबित हुई. कंपनी का शेयर 20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 605 रुपये पर बंद हुआ.
PayTm ने दी है ये जानकारी
PayTm की ओर से ये जानकारी दी गई है कि आरबीआई के कदम से उनके बचत खातों, वॉलेट, फास्टैग और एनसीएमसी खातों में उपयोगकर्ता जमा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जहां वे मौजूदा शेष राशि का उपयोग करना जारी रख सकते हैं। उसने कहा कि वो कई और बैंकों के साथ बात करेगा. पेटीएम ने सुझाव दिया कि पेटीएम के ऑफलाइन मर्चेंट भुगतान नेटवर्क की पेशकश जैसे कि पेटीएम क्यूआर, पेटीएम साउंडबॉक्स, पेटीएम कार्ड मशीन हमेशा की तरह जारी रहेगी, जहां यह नए ऑफलाइन व्यापारियों को भी शामिल कर सकता है.
कल पे टीएम पर लगा दी थी रोक
आरबीआई ने बुधवार को पेटीएम पेमेंट बैंक पर नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक लगा दी थी. RBI की ओर से ये कार्रवाई इसलिए की गई थी क्योंकि उसने कई तरह के नियमों का पालन नहीं किया था. 29 फरवरी के बाद आरबीआई ने उसे इस सेवा को बंद करने का भी निर्देश दिया है. इसी का असर आज उसके शेयरों में देखने को मिला है.
29 फरवरी 2024 के बाद नहीं हो पाएगा टॉप अप
आरबीआई ने अपने आदेश में कहा है कि 29 फरवरी, 2024 के बाद PayTm Payment Bank किसी भी ग्राहक खाते, प्रीपेड उपकरण, वॉलेट, फास्टैग, एनसीएमसी कार्ड आदि में किसी भी ब्याज, कैशबैक या रिफंड के अलावा किसी भी जमा या क्रेडिट लेनदेन या टॉप अप की अनुमति नहीं दी जाएगी. आरबीआई ने ये भी कहा है कि ग्राहकों द्वारा बचत बैंक खाते, चालू खाते, प्रीपेड उपकरण, फास्टैग, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड आदि सहित अपने खातों से शेष राशि की निकासी या उपयोग की अनुमति उनके उपलब्ध शेष राशि तक बिना किसी प्रतिबंध के दी जानी है. 29 फरवरी, 2024 के बाद बैंकिंग सेवाएं, जैसे फंड ट्रांसफर (एईपीएस, आईएमपीएस इत्यादि जैसी सेवाओं के नाम और प्रकृति के बावजूद), बीबीपीओयू और यूपीआई सुविधा बैंक द्वारा प्रदान नहीं की जानी चाहिए.
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