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फ्रांस के बाद इस देश में शुरू हुई UPI सेवा, क्या घूमने जा रहे हैं आप
इस सेवा को चलाने वाली एनपीसीआई दुनिया के कई देशों के साथ इसे लेकर एमओयू कर चुकी है. उम्मीद है कि जल्द ही भारत का यूपीआई वहां भी शुरू हो जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारत का UPI दुनिया के कई देशों में लगातार अपना विस्तार कर रहा है. सबसे पहले फ्रांस के एफेल टॉवर पर शुरू हुआ तो उसके बाद अब दो और देशों में इसकी शुरुआत हो गई है. अब भारत की ये अनोखी पेमेंट सर्विस उसके पड़ोसी देश श्री लंका और मॉरिशियस में भी शुरू हो चुकी है. इसका मतलब ये है कि अगर आप श्रीलंका और मॉरिशियस घूमने जाते हैं तो आप वहां भी हमारे पेमेंट सिस्टम की तरह पेमेंट कर सकते हैं. भारत के यूपीआई को लेकर दुनिया के कई देशों में और भी प्रयोग चल रहा है.
300 मिलियन भारतीय कर रहे हैं इस्तेमाल
इस मामले को लेकर जानकार कहते हैं कि आज यूपीआई देश के बहुसंख्यक लोगों का पेमेंट सिस्टम बन गया है. आज इससे सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि एनआरआई भी फायदा उठा रहे हैं. यूपीआई उन्हें सिर्फ भारत में ही पेमेंट की सुविधा नहीं दे रहा है बल्कि विदेशों में भी सुविधा मुहैया करा रहा है. भारत का ये पेमेंट सिस्टम पूरी दुनिया में यूनिक पेमेंट सिस्टम बनकर उभर रहा है. एक दूसरे जानकार भी कहते हैं कि एनआरआई भी इस पेमेंट तरीके से सिर्फ भारत में पैसा नहीं भेज सकते हैं बल्कि जहां वो रह रहे हैं वहां भी वो पेमेंट कर सकते हैं.
अब तक इन देशों में हो चुका है यूपीआई शुरू
भारत का यूपीआई अब तक दुनिया के कई देशों में शुरू हो चुका है जबकि कई और देशों में इसे लेकर वहां की सरकार से बात चल रही है. यूपीआई अभी तक जहां फ्रांस, श्री लंका और मॉरिशियस में शुरू हो चुका है वहीं दूसरी ओर इस पेमेंट सिस्टम को चलाने वाला एनपीसीआई आस्ट्रेलिया, यूएई, सउदी अरेबिया, सिंगापुर, अमेरिका, कतर, हांगकांग, यूके, कनाडा और ओमान जैसे देशों से बात कर रहा है. विदेशों में रहने वाले लोग अब अपने इंटरनेशनल मोबाइल नंबर को NRE/NRO अकाउंट के साथ लिंक करके यूपीआई पेमेंट कर सकते हैं. इससे उनके लिए भारतीय नंबर को एक्टिव रखने की बाध्यता भी खत्म हो जाएगी.
पीएम मोदी ने रुपे कार्ड की शुरुआत की
मंगलवार को पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के साथ मिलकर रुपे कार्ड की शुरुआत की. भारत के यूपीआई से लैस रुपे कार्ड वहां के राष्ट्रपति के नाम पर जारी किया गया था. इस मौके पर दोनों देशों के बीच भारत के रुपे और यूएई के एएनआई को जोड़ने का एक समझौता भी किया गया है. इस समझौते के बाद दोनों देशों के लोगों के लिए पेमेंट को लेकर कहीं भी कोई समस्या नहीं होगी.
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