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अब सीमेंट सेक्टर पर राज करना चाहते हैं अडानी, बनाया है ये खास प्लान
सीमेंट सेक्टर से जुड़े एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आने वाले दिनों में अडानी समूह कुछ और सीमेंट कंपनियां खरीद सकता है, ताकि पूरे बाजार पर कब्जा किया जा सके.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
बिज़नेसमैन गौतम अडानी सीमेंट सेक्टर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाना चाहते हैं. पहले उन्होंने अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cement), ACC सीमेंट के अधिग्रहण की घोषणा कर सबको चौंकाया और अब अंबुजा सीमेंट के बोर्ड ने कंपनी में 20,000 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी देकर उनके इरादे दर्शा दिए हैं. सीमेंट सेक्टर से जुड़े एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इतने बड़े निवेश को मंजूरी का मतलब है कि आने वाले दिनों में अडानी समूह कुछ और सीमेंट कंपनियां खरीदेगा, ताकि पूरे बाजार पर कब्जा किया जा सके.
Holcim ग्रुप से खरीदी कंपनियां
अडानी ग्रुप ने कुछ वक्त पहले ही अंबुजा सीमेंट और ACC सीमेंट को खरीदा है. इन दोनों कंपनियों का मालिकाना हक इससे पहले स्विटजरलैंड की कंपनी Holcim ग्रुप के पास था. इस डील की रेस में Ultratech Cement और JSW ग्रुप भी शामिल था, लेकिन आखिर में कामयाबी अडानी ग्रुप को मिली. इस डील के बाद अडानी ग्रुप देश में दूसरे नंबर की सीमेंट उत्पादक कंपनी बन गया है. 15 सितंबर को अंबुजा सीमेंट के नए बोर्ड ने तरजीही आधार पर हार्मोनिया ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट (प्रमोटर इकाई) को 419 रुपए की कीमत पर 477.5 मिलियन परिवर्तनीय वारंट आवंटन के माध्यम से कंपनी में 20,000 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी. कंपनी ने कहा कि वारंट को 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयरों में परिवर्तित किया जा सकता है.
अभी नंबर वन पर है ये कंपनी
Pecking Order के लिहाज से देखें तो अल्ट्राटेक 120 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) के साथ नंबर-1 की पोजीशन पर है. जबकि अंबुजा-एसीसी दोनों का मिलाकर 67 MTPA बैठता है. हालांकि, जिस आक्रामक ढंग से अडानी कारोबार कर रहे हैं, उससे देखते हुए ये अंतर ज्यादा दिनों तक बरकरार रहेगा, ऐसा मुश्किल ही नज़र आता है. अडानी से पहले अंबुजा-एसीसी के मालिकाना हक वाली 'होल्सिम' ने अपनी कैपिसिटी बढ़ाने या दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण की दिशा में काम नहीं किया, लेकिन अडानी समूह के दोनों कंपनियों को अपना बनाने के बाद अब बाजार पूरी तरह से बदल जाएगा.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि 20,000 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी का सीधा मतलब है कि अडानी समूह की इस सेक्टर में भी बेहद आक्रामक ढंग से काम करने की योजना है. जाहिर है ऐसे में बाजार पर पकड़ मजबूत करने के लिए समूह छोटी कंपनियों का अधिग्रहण करेगा. इस क्षेत्र पर नज़र रखने वाले विश्लेषकों के मुताबिक, लॉजिस्टिक, पावर और पोर्ट के साथ अब सीमेंट का मतलब है कि ग्रुप के पास एकीकृत सेवाओं की पेशकश का अवसर है और यह लागत प्रभावी तरीके से किया जा सकता है.
इन कंपनियों पर रहेगी नज़र
विशेषज्ञ मानते हैं कि अब अडानी समूह की नज़रें Nuvoco Vistas (क्षमता 25 mtpa), India Cements (क्षमता 15 mtpa) और Sanghi Cement (क्षमता 6 mtpa) जैसी छोटी कंपनियों हो सकती है. इन कंपनियों के आने वाले समय में बाजार में टिके रहना मुश्किल हो सकता है. क्योंकि अल्ट्राटेक और अंबुजा-एसीसी जैसी बड़ी कंपनियों की लागत संरचना को मात देना उनके लिए कठिन होगा.
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