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आखिर क्या होता है Economic Survey? इसे पेश करने का क्या है मकसद?
इकोनॉमिक सर्वे के जरिए ये देखने को मिलता है कि सरकार ने 1 फरवरी को जो प्लानिंग की थी उसमें से हम कितना अचीव करने में कामयाब रहे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण 1 फरवरी को देश का बजट पेश करने जा रही हैं. लेकिन उससे पहले कल यानी 31 जनवरी को वो इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगीं. सवाल ये है कि बीते कई दशकों से पेश हो रहे इस इकोनॉमिक सर्वे को संसद में पेश करने का मकसद क्या है. सरकार इसे क्यों पेश करती है. इससे आखिर क्या हासिल होता है. आज हम आपको कुछ ऐसे ही सवालों का जवाब देने जा रहे हैं कि इसे पेश करने का मकसद क्या है.
आखिर क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे
इकोनॉमिक सर्वे को आर्थिक सर्वेक्षण भी कहा जाता है. ये आर्थिक सर्वेक्षण बताता है कि देश में पिछले एक साल में देश की आर्थिक परिस्थिति किस तरह की रही है. देश को किन मोर्चों पर सकारात्मक ग्रोथ देखने को मिली और किन मोर्चों पर सरकार या कहें देश को नकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं. इसी इकोनॉमिक सर्वे के आधार पर तय होता है कि आने वाले साल में देश की अर्थवयवस्था कैसी रहने वाली है. यही नहीं इकोनॉमिक सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार को सुझाव दिए जाते हैं. लेकिन उन्हें लागू करना है या नहीं उस पर सरकार ही निर्णय लेती है.
आखिर एक साल में क्या रही उपलब्धि
PHD Chamber of Commerce के सीनियर अर्थशास्त्री एसपी शर्मा बताते हैं कि इकोनॉमिक सर्वे एक तरह से पूरे देश का लेखा जोखा होता है. पिछले एक वित्त वर्ष में हमारी इकोनॉमी की क्या उपलब्धियां रही हैं. हमारी इकोनॉमी के जो ग्रोथ सेक्टर हैं उन्होंने क्या क्या पाया है. महंगाई कैसी रही, वित्तिय घाटा कैसा रहा, इंफ्रा में कितना निवेश आया, रेलवे, डिफेंस, एग्रीकल्चर, हेल्थ, और फूड इकोनॉमी में देश ने कैसा किया तो ये एक तरह से सभी सेक्टरों का लेखा जोखा होता है. एक्सटर्नल, इंपोर्ट और एक्सपोर्ट कैसा रहा, हमारे पास न्यू एवेन्यूस क्या आए सोशल सेक्टर ने कैसा किया. इसको पेश करने के मकसद के बारे में बताते हुए एस पी शर्मा कहते हैं कि हमने पिछले साल बजट घोषित करते हुए जो घोषणाएं की थी वो कैसी रही.
आखिर कब से पेश हो रहा है इकोनॉमिक सर्वे
देश का पहला इकोनॉमिक सर्वे 1950-51 के बीच पेश किया गया था. पहले इस इकोनॉमिक सर्वे को बजट के साथ ही पेश किया जाता था लेकिन 1964 के बाद से इसे एक दिन पहले पेश किया जाना लगा. इस इकोनॉमिक सर्वे से आने वाले बजट के भी संकेत मिल जाते हैं कि इस बार बजट कैसा रहने वाला है.
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