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अडानी की कंपनी को संकट की इस घड़ी में मिला इस बैंक का ऑफर
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से अडानी समूह की कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट का दौर जारी है. कंपनी हिंडनबर्ग के आरोपों का जवाब भी दे चुकी है .
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
यूएस-आधारित शॉर्ट सेलिंग हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा अडानी समूह की कंपनियों पर स्टॉक हेरफेर और टैक्स हेवन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए अपनी तीखी रिपोर्ट जारी करने के बाद से कंपनी के लिए पिछले कुछ समय से संकट घिरा हुआ है. एक ओर जहां कंपनी के शेयरों में गिरावट हुई है वहीं कंपनी ने अपना एफपीओ भी कैंसिल कर दिया है. लेकिन इस बीच अब बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा कि वो अडानी समूह को कर्ज देने को तैयार है बशर्ते वो बैंक की सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हों.
बैंक ऑफ बड़ौदा ने दिया कर्ज का ऑफर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा है कि वो अडाणी समूह को ऋण देने के लिए तैयार है, बशर्ते संकटग्रस्त समूह बैंक के सभी मानदंडों को पूरा करता हो. अमेरिका स्थित शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपतटीय टैक्स हैवन के अनुचित उपयोग और समूह द्वारा स्टॉक हेरफेर के आरोप के बाद से अडानी समूह को लोन देने वाले विभिन्न बैंकों के जोखिम को लेकर निवेशक चिंतित हैं. भारतीय स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक, और पंजाब नेशनल बैंक सभी ने समूह के लिए अपने जोखिम के संबंध में चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा है कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली स्थिर बनी हुई है.
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद से मचा है कोहराम
न्यूयॉर्क स्थित शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने बीते 24 जनवरी को अडानी समूह की कंपनियों पर अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इस रिपोर्ट में हिंडनबर्ग ने समूह पर दशकों से स्टॉक में हेरफेर और एकाउंट्स में धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया गया था. अडानी समूह ने इसके बाद हिंडनबर्ग समूह को जवाब दिया और कहा कि रिपोर्ट कुछ सीमित गलत सूचना, निराधार और बदनाम आरोपों का एक दुर्भावनापूर्ण संयोजन है. पोर्ट-टू-एनर्जी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज शेयरों में पिछले लंबे समय से गिरावट बरकरार है. रिपोर्ट के आने के बावजूद कंपनी एफपीओ लॉन्च किया और 31 जनवरी को पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया. लेकिन एक दिन के भीतर, कंपनी ने घोषणा की कि उसने अपने एफपीओ को रद्द कर दिया है. कंपनी ने ये भी कहा कि वो अपने निवेशकों के पैसे वापस कर देगी.
कंपनी को कितना हुआ नुकसान
24 जनवरी से 3 फरवरी तक, सात कारोबारी सत्रों में अडानी समूह की कंपनियों को लगभग 9 लाख करोड़ रुपये एम-कैप का नुकसान हुआ. अडानी समूह का कुल बाजार पूंजीकरण 24 जनवरी के 19.2 लाख करोड़ रुपये से 3 फरवरी को घटकर 10 लाख करोड़ रुपये रह गया था.
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