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कारोबार बढ़ा रहे Adani इस कंपनी में क्यों बेच रहे हैं पूरी हिस्सेदारी?
गौतम अडानी की कंपनी अडानी विल्मर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. अडानी इस कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
अडानी समूह (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) जहां एक तरफ कारोबार का विस्तार कर रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ वह 'अडानी विल्मर लिमिटेड' (Adani Wilmar Limited) में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स एक अनुसार, अडानी समूह की कई मल्टीनेशनल कंज्यूमर गुड्स कंपनियों से डील को लेकर बातचीत चल रही है और एक महीने में सौदा हो जाएगा. अडानी को उम्मीद है कि इस हिस्सेदारी को बेचकर उनकी झोली में 24 हजार करोड़ रुपए आ सकते हैं.
किसकी, कितनी हिस्सेदारी
अडानी समूह और सिंगापुर के विल्मर ग्रुप की पार्टनरशिप में अडानी विल्मर (Adani Wilmar) अस्तित्व में आई थी. कंपनी फॉर्च्यून ब्रैंड (Fortune Brand) नाम से खाद्य तेल और पैकेज्ड ग्रोसरी बेचती है. Adani Wilmar में हिस्सेदारी की बात करें, तो अडानी ग्रुप की 43.97% और विल्मर इंटरनेशनल की इसमें 43.97 प्रतिशत हिस्सेदारी है. जबकि कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 12.06 प्रतिशत है. अडानी समूह अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचना चाहता है. यानी वो इस जॉइंट वेंचर से अलग होने का मन बना चुका है.
इसलिए बेच रहे हैं हिस्सेदारी
अडानी समूह (Adani Group) की तरफ से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. माना जा रहा है कि समूह इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बढ़ाना चाहता है. इसके अलावा, विल्मर का घाटा भी समूह को इसका साथ छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है. कंपनी को जून तिमाही में 79 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था. खाने के तेल की कीमत में आई कमी और हाई-कॉस्ट इंवेंट्री के कारण उसे नुकसान का सामना करना पड़ा. इसके अलावा, हाल ही में जारी वित्त वर्ष 2023-24 के दूसरे क्वार्टर (Q2FY24) के नतीजे भी अच्छे नहीं रहे. जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी को 131 करोड़ रुपए का लॉस हुआ. जबकि पिछले वित्त वर्ष के इसी अवधि के दौरान कंपनी ने 48.76 करोड़ का मुनाफा कमाया था. इसी तरह, Q2FY24 में विल्मर का रिवेन्यु 13% गिरकर 12,267 करोड़ रहा है.
क्या-क्या बेचती है कंपनी?
अडानी विल्मर की मार्केट वैल्यू करीब 41.16 हजार करोड़ रुपए है. कंपनी ने पिछले साल IPO के जरिए 3600 करोड़ रुपए जुटाए थे. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Adani Wilmar पर फोकस करने के बजाए अडानी अपने कोर बिजनेस पर ध्यान देना चाहते हैं, जहां ग्रोथ की संभावना काफी ज्यादा है. लिहाजा, इस जॉइंट वेंचर से अलग होने से अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को अपने कोर बिजनस के लिए पैसा मिल जाएगा. विल्मर सिंगापुर की कंपनी है, जिसकी स्थापना Martua Sitorus और Kuok Khoon Hong ने सन 1991 में की थी. जबकि अडानी एंटरप्राइजेज और विल्मर के बीच साझेदारी 1999 में हुई थी और इससे Adani Wilmar अस्तित्व में आई थी. Adani Wilmar खाने के तेल से लेकर आटा, चावल, दाल-चीनी तक बेचती है. भारत में इसका मुकाबला ITC और हिंदुस्तान यूनिलीवर से है.
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