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अडानी सीमेंट ने चुकाया ऐतिहासिक डील का लोन, भुगतान में क्यों है जल्दबाजी?
गौतम अडानी ने चार कारणों की वजह से Holcim की सीमेंट कंपनियों यानी Ambuja Cement और ACC के अधिग्रहण को ऐतिहासिक बताया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
अडानी सीमेंट इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कथित तौर पर मध्यस्तर के एक लोन के लिए 1 बिलियन डॉलर्स की रकम चुका दी है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अडानी ग्रुप द्वारा यह लोन ग्लोबल बैंक्स से Holcim लिमिटेड की भारतीय यूनिट्स को खरीदने के लिए लिया गया था. पिछले साल मई में अडानी ने 10.5 बिलियन डॉलर्स में स्विट्जरलैंड स्थित Holcim के भारतीय बिजनेसों के अधिग्रहण की घोषणा की थी.
समय से पहले क्यों किया जा रहा है भुगतान?
मामले से जुड़े लोगों के हवाले से जारी की गयी एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो कंपनी ने हाल ही में 200 मिलियन डॉलर्स का भुगतान किया था जिससे लोन की रकम में कमी आ गयी थी. इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि समय से पहले किये जा रहे इस भुगतान की बदौलत अडानी ग्रुप लोन भरने के लिए थोड़े अतिरिक्त समय की खोज कर रहा है. इस डील को फाइनेंस करने के लिए बैंकों द्वारा अडानी को 4.5 बिलियन डॉलर्स का कर्ज दिया गया था. मध्यस्तर के इस लोन की मैच्योरिटी सितम्बर 2024 में बकाया थी.
ऐतिहासिक थी यह डील
गौतम अडानी द्वारा Holcim की सीमेंट कंपनियों यानी Ambuja Cement और ACC के अधिग्रहण को ऐतिहासिक बताया गया था. गौतम अडानी ने कहा था कि चार कारणों की वजह Holcim का अधिग्रहण ऐतिहासिक है. पहला, अधिग्रहण के बाद वह भारत के दूसरे सबसे बड़े सीमेंट निर्माता बन गए. दूसरा, देश के दो सबसे आइकोनिक ब्रैंड्स उनके पास हैं. तीसरा, यह अधिग्रहण भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और मैटेरियल्स के क्षेत्र में M&A के अंतर्गत किया गया सबसे बड़ा ट्रांजेक्शन है जिसे चार महीनों के रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया और चौथा, यह अधिग्रहण एक ऐसे मौके पर हुआ है जब भारत सबसे अच्छी इकॉनोमिक बढ़त प्राप्त कर रहा है.
हिंडनबर्ग से अब तक
पिछले साल हिंडनबर्ग द्वारा एक रिपोर्ट जारी की गयी थी जिसमें अडानी ग्रुप पर स्टॉक मैनीपुलेशन, फ्रॉड और ओवरप्राइसिंग जैसे आरोप लगाये थे जिसकी बदौलत कंपनी के शेयर्स को बहुत लम्बे समय तक भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इसके बाद से अभी तक अडानी ग्रुप ने लगभग 2 बिलियन डॉलर्स के शेयर-बैक्ड लोन्स और सही समय पर बॉन्ड का भुगतान कर दिया है और साथ ही राजीव जैन की GQG पार्टनर्स कंपनी से 1.9 बिलियन डॉलर्स की इन्वेस्टमेंट भी प्राप्त की है.
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