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दिल्ली एयरपोर्ट पर बनेगी अत्याधुनिक 'कार्गो सिटी', GMR को मिला ₹415.74 करोड़ का प्रोजेक्ट
SEBI और कंपनी अधिनियम के सभी नियमों का पालन करते हुए इस प्रोजेक्ट को एक पारदर्शी और रणनीतिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य में भारत के एयर कार्गो सेक्टर को मजबूती देगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने GMR एयरपोर्ट्स लिमिटेड को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर एक आधुनिक कार्गो सिटी विकसित करने, संचालित करने और उसके रखरखाव के लिए आशय पत्र (Letter of Intent - LOI) जारी किया है. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹415.74 करोड़ है, जो शुरुआत में 2036 तक के लिए होगी और इसे आगे 30 वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा.
50.5 एकड़ भूमि पर बनेगी लॉजिस्टिक्स हब
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह प्रोजेक्ट कुल 50.5 एकड़ क्षेत्र में तैयार होगा, जिसमें से 10 एकड़ वैकल्पिक भूमि भी शामिल है. इस कार्गो सिटी में उन्नत लॉजिस्टिक्स सुविधाएं, अत्याधुनिक वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, और हाई-कैपेसिटी कार्गो हैंडलिंग सिस्टम शामिल होंगे, जिससे दिल्ली एयरपोर्ट पर माल ढुलाई और भंडारण सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार आने की उम्मीद है.
राजस्व साझेदारी के मॉडल पर होगा संचालन
GMR एयरपोर्ट्स लिमिटेड इस कार्गो सिटी के संचालन से उत्पन्न होने वाले वार्षिक राजस्व के आधार पर DIAL को राजस्व में हिस्सा (Revenue Share) देगी. इस मॉडल में न्यूनतम मासिक गारंटी (Minimum Monthly Guarantee) की भी व्यवस्था होगी, जिससे DIAL को नियमित आय सुनिश्चित हो सकेगी.
रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के तहत हुआ समझौता
यह करार एक रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के अंतर्गत आता है, क्योंकि GMR ग्रुप की कंपनियों की DIAL में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है. यह समझौता पूरी तरह से SEBI लिस्टिंग रेगुलेशंस और कंपनी अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक मंजूरियों के बाद किया गया है.
देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता को मिलेगा बढ़ावा
इस प्रोजेक्ट से न केवल दिल्ली एयरपोर्ट की कार्गो हैंडलिंग क्षमता में इजाफा होगा, बल्कि इससे देश की लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलेगी. वैश्विक व्यापार और ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, यह परियोजना रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम मानी जा रही है.
GMR की लॉन्ग टर्म विज़न का हिस्सा
GMR एयरपोर्ट्स लिमिटेड की यह पहल उसके लॉन्ग टर्म विज़न का हिस्सा है, जिसमें एयरपोर्ट्स को केवल ट्रांसपोर्ट हब नहीं बल्कि मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सेंटर्स के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है. कार्गो सिटी जैसी परियोजनाएं भविष्य में हवाई माल ढुलाई के क्षेत्र में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेंगी.
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