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भारत के सामने आई एक चिंताजनक खबर, अब कैसे निपटेगी सरकार?
सरकार की ओर जारी हुए आंकड़ों के अनुसार पिछले साल 2021 के मुकाबले अगस्त में भारत के एक्सपोर्ट में कमी दर्ज हुई है. 2021 में ये आंकड़ा 33.38 बिलियन डॉलर था जो इस अगस्त में 33 बिलियन डॉलर हो गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
अगस्त के महीने में एक्सपोर्ट सेक्टर में भारत के लिए बुरी खबर सामने आई है. पिछले साल 2021 के मुकाबले इस वर्ष अगस्त में भारत के एक्सपोर्ट निर्यात में मामूली कमी दर्ज हुई है. जिससे वित्तीय घाटा भी बढ़ा है. कॉमर्स मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी हुए आंकड़ों के अनुसार पिछले साल वर्ष 2021 के आंकड़ों के मुकाबले अगस्त में भारत के एक्सपोर्ट में कमी दर्ज हुई है. 2021 में ये आंकड़ा 33.38 बिलियन डॉलर था जबकि इस साल अगस्त में ये 33 बिलियन डॉलर हो पाया है. जिससे वित्तीय घाटे में जबर्दस्त लगभग दोगुने से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय घाटा जहां वर्ष 2021 में 11.71 बिलियन डॉलर था वो इस बार अगस्त 2022 में 28.68 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है.
आयात में इजाफा जबकि निर्यात में हुई कमी
कॉमर्स मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों की बात करें तो भारत में निर्यात यानी एक्सपोर्ट 2021 में 33.38 बिलियन डॉलर था जो इस साल 2022 में 33 बिलियन डॉलर रिकार्ड हुआ है. जबकि आयात यानि इम्पोर्ट की बात करें तो 2021 में ये 45.09 बिलियन डॉलर था जबकि इस साल अगस्त में ये 61.68 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. आयात में बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर वित्तीय घाटे पर देखने को मिल रहा है. इससे वित्तीय घाटा 21 के 11.71 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 2022 में 28.68 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है.
कौन से सेक्टर ने किया कैसा परफॉरमेंस
भारत में एक्सपोर्ट के स्थिर रहने के आंकड़ों के बीच अगर देखें कि किस सेक्टर ने कैसा परफॉरमेंस किया तो उसमें नॉन पेट्रोलियम नॉन जेम्स एंड ज्वेलरी, और सर्विस सेक्टर शामिल हैं. उनमें इलेक्ट्रॅानिक गुडस जिसका 50.68 प्रतिशत, राइस 42.32 प्रतिशत, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक कैमिकल जिसका 13.35 प्रतिशत के क्षेत्रों में इतना निर्यान यानी एक्सपोर्ट किया है. इनके अतिरिक्त ड्रग और फार्मा, कॉटन, प्लास्टिक और लिनोलियम जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
साल के अंत तक इसके 750 बिलियन डालर पहुंचने की संभावना
कॉमर्स सचिव टीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि अगर साल के अंत की बात करें तो वित्त वर्ष में कुल निर्यात 750 बिलियन डॉलर तक जाने की संभावना है. जिसमें प्रोडक्ट एक्सपोर्ट में 450 बिलियन डॉलर, सेवा निर्यात में 300 अरब डॉलर तक जाने की संभावना है. इस तरह चालू वित्त वर्ष में ये 750 बिलियन डॉलर को पार करने की संभावना है. जो पिछले वर्ष 676 बिलियन डॉलर था.
अप्रैल से अगस्त तक के निर्यात में हुआ है इजाफा
वहीं अगस्त के आंकड़ों के विपरीत अगर सिर्फ अप्रैल से अगस्त तक आंकड़ों की बात करें तो उसमें 17.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है. पिछले साल अप्रैल से लेकर अगस्त तक निर्यात 164.44 बिलियन डॉलर था जबकि इस साल अप्रैल से अगस्त तक ये निर्यात 192.59 बिलियन डॉलर रिकॉर्ड हुआ है. साल के अंत तक इसमें और इजाफे की संभावना है.
क्या रही इसकी वजह
इसकी वजह बताते हुए कामर्स सचिव ने कहा कि क्योंकि हमने कई चीजों पर निर्यात को बैन किया हुआ है। जिसमें गेहूं इस्पात और लौह अयस्क शामिल हैं। जबकि हमने कुछ चीजों पर निर्यात शुल्क को भी बढ़ाया है। इससे निर्यात में कमी आई है। उन्होंने बताया कि नई विदेश व्यापार नीति 30 सितंबर को जारी होगी।
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