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9 महीने का सफर और, फिर एयर इंडिया मर्ज होने जा रही है ये एविएशन कंपनियां...
मौजूदा समय में दोनों कंपनियों की साझेदारी में एयर इंडिया के पास 51 प्रतिशत शेयर हैं तो विस्तारा के पास 49 प्रतिशत शेयर हैं. लेकिन मर्जर के बाद एयर इंडिया के पास 75 प्रतिशत से ज्यादा शेयर होंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
एविएशन सेक्टर की दो बड़ी कंपनियों के एक होने का रास्ता साफ हो गया है. इन दो कंपनियों के एक होने को अब एनसीएलटी की चंडीगढ़ बेंच ने हरी झंडी दिखा दी है. इस मर्जर को पहले ही सीसीआई का अप्रूवल मिल चुका है. इस अप्रूवल के बाद एयर इंडिया और विस्तारा के एक होने का रास्ता साफ हो चुका है. इस आखिरी अप्रूवल के बाद अब अगले 9 महीने में ये दोनों कंपनियां एक हो जाएंगी.
चंडीगढ़ ट्राइब्यूनल से मिली सहमति
एयर इंडिया और विस्तारा के मर्जर को चंडीगढ़ ट्राइब्यूनल की ओर से भी हरी झंडी मिल गई है. अब इस मर्जर को सभी तरह की अनुमति मिल चुकी हैं. ट्राइब्यूनल की मंजूरी मिलते ही एयर इंडिया और विस्तारा के नेटवर्क, कर्मचारी और विमानों का विलय आसानी से हो पाएगा. इससे पहले सीसीआई इस मर्जर को पहले ही अनुमति दे चुका है. सीसीआई की ओर से 2023 में इस मर्जर को लेकर अनुमति दी जा चुकी है. क्योंकि विस्तारा सिंगापुर की कंपनी है तो ऐसे में वहां की अदालत से भी इस डील को हरी झंडी मिल चुकी है.
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इन दो कंपनियों को लेकर ये है योजना
एयर इंडिया और विस्तारा का मर्जर अगले 9 महीने में पूरा हो जाएगा. एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कुछ दिन पहले कहा था कि कंपनी इस काम को तेजी से कर रही है. लेकिन अप्रूवल आने के बाद कुछ महीनों में इस काम को पूरा कर लिया है. अब खबर ये भी आ रही है कि अगले 9 महीनों में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा. विस्तारा ने 2015 में अपना कारोबार शुरू किया था. टाटा समूह ने जब से एयर इंडिया का अधिग्रहण किया है तब से वो विस्तारा का इसमें मर्जर करने की योजना बना रहा है.
विस्तारा में टाटा की इतनी है हिस्सेदारी
विस्तारा में टाटा संस की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि शेष 49 फीसदी हिस्सेदारी सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड के पास है. इन दोनों कंपनियों का जब भी विलय होगा उसके बाद टाटा समूह के पास 74.9 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि सिंगापुर एयरलाइंस के पास जबकि सिंगापुर एयरलाइंस के पास इसकी 25.1 फीसदी हिस्सेदारी होगी.
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