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50% US टैरिफ ने बढ़ाई चुनौती, वस्त्र निर्यातक चाहते हैं विशेष बाजार स्कीम

अमेरिका में बढ़ते 50% टैरिफ के बावजूद भारतीय वस्त्र उद्योग ने निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है, लेकिन प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए नीति समर्थन की आवश्यकता बढ़ गई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

अमेरिका में बढ़ते टैरिफ के बीच भारतीय वस्त्र निर्यातकों ने सरकार से राहतपूर्ण नीतियों की मांग की है. अमेरिकी बाजार में 50 प्रतिशत टैरिफ ने भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति पर असर डाला है, खासकर बांग्लादेश और वियतनाम के मुकाबले. इसी के मद्देनजर इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री ने अमेरिका को निर्यात के लिए एक केंद्रित मार्केट स्कीम की मांग की है, जिसमें 20 प्रतिशत FOB-लिंक्ड ट्रांसफरेबल ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स शामिल हैं.

AEPC अध्यक्ष ने उठाए समर्थन उपायों के मुद्दे

इंडिया इंटरनेशनल गारमेंट फेयर के 74वें संस्करण को संबोधित करते हुए AEPC (Apparel Export Promotion Council) के अध्यक्ष ए. साक्थिवेल ने सरकार से अपील की कि एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन की इंटरेस्ट इक्वलाइजेशन स्कीम के तहत प्रति निर्यातक 50 लाख रुपये की वार्षिक सीमा को हटाया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि ब्याज सबवेंशन दर को 5 प्रतिशत तक बढ़ाया जाना चाहिए.

साक्थिवेल का मानना है कि ऐसे समर्थन उपाय निर्यातकों, विशेषकर MSMEs, को मौजूदा चुनौतीपूर्ण माहौल में आवश्यक समर्थन देंगे. उन्होंने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय वस्त्र उद्योग ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है.

निर्यात में बढ़त, लेकिन चुनौतियाँ बनीं

विशेष रूप से, अप्रैल–दिसंबर 2025–26 के दौरान तैयार पोशाक (RMG) निर्यात का कुल आंकड़ा 12 बिलियन डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. साक्थिवेल ने कहा कि यह प्रदर्शन उद्योग की क्षमता को दर्शाता है कि वह कठिन समय में भी अनुकूलन, नवाचार और प्रगति कर सकता है.

भविष्य में अवसर, GSP हटने से बढ़ सकता है भारत का लाभ

आगे देखते हुए साक्थिवेल ने कहा कि जल्द ही संभावित भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और प्रतिस्पर्धी देशों के लिए GSP जैसी प्राथमिकता बाजार पहुँच के धीरे-धीरे हटने से भारत के पक्ष में संतुलन निर्णायक रूप से बदल सकता है.

उन्होंने कहा कि ये विकास वृद्धि के नए मार्ग खोलेंगे और प्रमुख वैश्विक बाजारों में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करेंगे. साथ ही, उद्योग और सरकार के समन्वित प्रयासों से भारत 2030 तक 40 बिलियन डॉलर के वस्त्र निर्यात लक्ष्य को हासिल करने के प्रति आश्वस्त है.

 


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