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आंध्र प्रदेश की एक फर्मा कंपनी में रिएक्टर विस्फोट से 18 लोगों की मौत, जानते हैं कहां तक फैला है इसका करोबार?
आंध्र प्रदेश के अच्युतापुरम स्पेशल इकोनॉमिक जोन में स्थित Escientia Pharma कंपनी की फैक्ट्री में आग लगने से 18 लोगों की मौत और 36 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आंध्र प्रदेश के अच्युतापुरम स्पेशल इकोनॉमिक जोन में स्थित एसेंशिया फार्मा (Escientia Pharma) कंपनी में हुए एक बड़े हादसे के दौरान कई लोगों के मरने की खबर सामने आई है. दरअसल बुधवार को कंपनी में रिएक्टर के पास आग लग गई. आग लगने के बाद तेज धमाका हुआ, जिससे इमारत की पहली मंजिल की स्लैब ढह गई. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई है. जबकि हादसे में 36 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, वह लोग भी 60 प्रतिशत जल चुके हैं. ऐसे में हर तरह इस फर्मा कंपनी में हुए इस भयावहन हादसे की चर्चा हो रही है. तो चलिए हम आपको आज इस कंपनी के अमेरिका तक फैले कारोबार की जानकारी देते हैं?
200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ शुरू की थी फैक्ट्री
एसेंशिया फार्मा (Escientia Pharma) की वेबसाइट और लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार इस कंपनी की शुरुआत साल 2007 में डॉ. यादगिरी पेंदरी ने की थी, जो आज की तारीख में कंपनी के सीईओ भी हैं. जबकि जिस फैक्ट्री में ये हादसा हुआ है, ये अप्रैल 2019 में शुरू हुई थी. कंपनी का दावा है कि आंध्र प्रदेश की ये फार्मा फैक्ट्री दुनिया की सबसे मॉर्डन फार्मास्युटिकल्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में से एक है. इस फैक्ट्री में 381 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. इंटरमीडिएट कैमिकल्स और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) बनाने वाली एसिएंटिया एडवांस्ड साइंसेज ने 200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ इसे शुरू किया था.
अमेरिका में रजिस्टर्ड है कंपनी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी का ग्लोबल हेडक्वार्टर संयुक्त राष्ट्र (US) स्थित कनेक्टिकट (Connecticut) के साउथ विंडसर (South Windsor) में है और यहीं पर इसका रिसर्च सेंटर भी है. ये अमेरिका में रजिस्टर्ड कंपनी है, लेकिन इसका लगभग सारा कामकाज भारत में होता है. इसके पास तेलंगाना के हैदराबाद में एक डेवलपमेंट हब है. ऐसे में एसेंशिया फार्मा की फैक्ट्री में दुर्घटना होना कई सवाल खड़े करने वाला है. कंपनी की साइट पर कहा गया है कि उसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में अमेरिकी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है.
इतने एम्प्लॉइज करते हैं काम
कंपनी दुनियाभर के फार्मास्युटिकल्स और बायोटेक्नोलॉजिस्ट के साथ काम करती है और उन्हें रिसर्च एंड डेवलपमेंट में सहयोग करने के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग में भी उनसे साझेदारी करती है. इतना ही नहीं कंपनी के पास फार्मा सेक्टर से जुड़ी कटिंग-एज टेक्नोलॉजी है. इसमें ग्रीन केमिस्ट्री, बायोट्रांसफॉर्मेशन और ऑटोमेशन शामिल है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के एम्प्लॉइज की कुल संख्या 1000 से 1500 तक है.
ऐसे काम करती हैं कंपनी
हर साल कई युवा अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद सीधे कंपनी के एम्प्लॉई के तौर पर जॉइन करते हैं. उसके बाद कंपनी कई कॉम्प्लेक्स ड्रग्स पर उनके साथ रिसर्च करती है. कंपनी ऐसे ड्रग इनोवेटर्स के साथ उनके शोध, डेवलपमेंट और उनके कमर्शियलाइजेशन की पूरी प्रोसेसे से जुड़ी रहती है और आखिर में ये उन्हें बेस्ट फार्मा कंपनी और सरकारों की सप्लाई चेन का हिस्सा बनने में मदद करते हैं.
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हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया दुख
हालांकि आंध्र प्रदेश में घटी इस दुर्घटना पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दुख जताया है और मृतकों एवं घायलों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. इस दुर्घटना में अब तक 36 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी है.
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