किशेन रामास्वामी बने BIAL में ब्रांड एक्सपीरियंस एवं मार्केटिंग के जनरल मैनेजर - हेड

किशेन रामास्वामी इससे पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस में नेतृत्वकारी भूमिका निभा चुके हैं. वहां वे हेड ऑफ ब्रांड एंड मार्केटिंग के पद पर कार्यरत थे.

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Thursday, 14 May, 2026
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बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (BIAL) ने किशेन रामास्वामी को जनरल मैनेजर - हेड, ब्रांड एक्सपीरियंस एवं मार्केटिंग नियुक्त किया है. इस नई भूमिका में किशेन कंपनी की ब्रांड रणनीति, इंटीग्रेटेड मार्केटिंग, यात्री अनुभव से जुड़ी स्टोरीटेलिंग और एंगेजमेंट पहलों का नेतृत्व करेंगे.

एयर इंडिया एक्सप्रेस में निभाई अहम भूमिका

किशेन रामास्वामी इससे पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस में नेतृत्वकारी भूमिका निभा चुके हैं. वहां वे हेड ऑफ ब्रांड एंड मार्केटिंग के पद पर कार्यरत थे और टाटा समूह के नेतृत्व में एयरएशिया इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के विलय के बाद ब्रांड इंटीग्रेशन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने एयरलाइन के चर्चित ब्रांड प्लेटफॉर्म “Xplore More, Xpress More” की अवधारणा और लॉन्च में भी अहम योगदान दिया.

14 वर्षों का विविध अनुभव

14 वर्षों से अधिक के अपने करियर में किशेन ने एविएशन, टेक्नोलॉजी, हॉस्पिटैलिटी और लग्जरी सेक्टर में व्यापक अनुभव हासिल किया है. इसके अलावा उन्होंने Boeing, Collins Aerospace, TCS सहित कई वैश्विक साझेदारों और भारत के प्रमुख डिजाइनर्स एवं क्रिएटर्स के साथ भी काम किया है.

ब्रांड और ग्राहक अनुभव को मिलेगा बल

BIAL में उनकी नियुक्ति को कंपनी की ब्रांड पहचान और ग्राहक अनुभव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
 


सरकार ने सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल एक वर्ष आगे बढ़ाया

यह विस्तार 24 मई 2026 के बाद से प्रभावी होगा, जिसके तहत प्रवीण सूद अब एक और वर्ष तक CBI निदेशक के पद पर बने रहेंगे.

डॉ. दीपक अरोड़ा by
Published - Thursday, 14 May, 2026
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Thursday, 14 May, 2026
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केंद्र सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के निदेशक प्रवीण सूद के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से देश की शीर्ष जांच एजेंसी के नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी.

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर यह निर्णय लिया है. यह विस्तार 24 मई 2026 के बाद से प्रभावी होगा, जिसके तहत प्रवीण सूद अब एक और वर्ष तक CBI निदेशक के पद पर बने रहेंगे.

13 मई 2026 को जारी की गई अधिसूचना में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने इस निर्णय को औपचारिक रूप दिया. सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब एजेंसी कई उच्च-प्रोफाइल मामलों की जांच में सक्रिय भूमिका निभा रही है.

1986 बैच के IPS अधिकारी हैं प्रवीण सूद

प्रवीण सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं. उनके नेतृत्व में CBI में जांच प्रक्रियाओं और प्रशासनिक स्थिरता को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

सरकार की निरंतरता नीति का हिस्सा

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय महत्वपूर्ण संस्थागत पदों पर निरंतरता बनाए रखने की नीति का हिस्सा है, विशेषकर उन एजेंसियों में जो भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध और विशेष मामलों की जांच करती हैं. सीबीआई देश की प्रमुख भ्रष्टाचार-रोधी और जांच एजेंसी है, जो गंभीर अपराधों, आर्थिक घोटालों और संवेदनशील मामलों की जांच के लिए जिम्मेदार होती है. नेतृत्व में स्थिरता को अक्सर इसकी कार्यकुशलता और जांच की निरंतरता के लिए आवश्यक माना जाता है.
 


टाटा मोटर्स में बड़ा नेतृत्व बदलाव, डीपी नाम्बियार बने CHRO, रंजन कुमार को मिली CS की जिम्मेदारी

कंपनी ने बताया कि सभी बदलावों की जानकारी SEBI नियमों के तहत स्टॉक एक्सचेंज को दी गई है और आवश्यक सभी दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं.

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Thursday, 14 May, 2026
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टाटा मोटर्स ने अपने शीर्ष प्रबंधन में बड़े बदलाव किए हैं. कंपनी ने 13 मई 2026 को हुई बोर्ड बैठक में कई की मैनेजेरियल पर्सनल (KMP) और सीनियर मैनेजमेंट पोजीशंस पर नए नियुक्तियों और इस्तीफों को मंजूरी दी. कंपनी सचिव, कंप्लायंस ऑफिसर और केएमपी सुदीप्तो कुमार दास ने 1 जून 2026 से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में अब उनकी जगह 1 जून 2026 से ही रंजन कुमार नए कंपनी सेक्रेटरी (CS) के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे.

CHRO पद पर नई नियुक्ति

वहीं, सिटाराम कंडी ने चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (CHRO) पद से इस्तीफा दिया है, जो 28 मई 2026 के कारोबारी घंटों के बाद प्रभावी होगा. उनकी जगह 29 मई 2026 से डीपी नाम्बियार नए CHRO होंगे.

टाटा ग्रुप के भीतर ट्रांजिशन

कंपनी के अनुसार, दोनों आउटगोइंग अधिकारी टाटा ग्रुप की अन्य कंपनियों में नई भूमिकाएं संभालेंगे. यह बदलाव बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं.

नए अधिकारियों का अनुभव

रंजन कुमार के पास 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें कानूनी, कंप्लायंस और कॉर्पोरेट मामलों की विशेषज्ञता शामिल है. वे इससे पहले SKF India में वरिष्ठ पद पर कार्यरत थे. डीपी नाम्बियार लगभग 30 वर्षों तक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में HR नेतृत्व भूमिकाओं में रहे हैं, जहां उन्होंने ग्लोबल टैलेंट मैनेजमेंट, भर्ती और वर्कफोर्स इंटीग्रेशन जैसे कार्यों का नेतृत्व किया.

कंपनी ने बताया कि सभी बदलावों की जानकारी SEBI नियमों के तहत स्टॉक एक्सचेंज को दी गई है और आवश्यक सभी दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं.
 


तमिलनाडु सरकार में नई नियुक्ति, मुख्यमंत्री के ज्योतिष राधन पंडित बने OSD

राधन पंडित वेट्रिवेल को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय से चर्चा रही है. उन्होंने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की जीत की भविष्यवाणी भी की थी.

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Tuesday, 12 May, 2026
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तमिलनाडु सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय में अहम प्रशासनिक नियुक्ति करते हुए थिरु रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री (राजनीतिक) के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के पद पर नियुक्त किया है. लोक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह नियुक्ति 12 मई 2026 को की गई और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगी. माना जा रहा है कि इस फैसले से मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यप्रणाली और राजनीतिक समन्वय व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.

लोक विभाग ने जारी किया आधिकारिक आदेश

चेन्नई स्थित तमिलनाडु सचिवालय के लोक विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय की सिफारिश के आधार पर यह नियुक्ति की गई है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल मुख्यमंत्री के OSD के रूप में कार्य करेंगे. उनकी नियुक्ति से जुड़े नियम और शर्तें अलग से जारी की जाएंगी. 

सरकारी आदेश की प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय, लोक विभाग, वेतन एवं लेखा अधिकारी और चेन्नई स्थित महालेखाकार कार्यालय सहित सभी संबंधित विभागों को भेज दी गई है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया को औपचारिक रूप से लागू किया जा सके.

 

मुख्यमंत्री कार्यालय में निभाएंगे अहम जिम्मेदारी

OSD का पद मुख्यमंत्री कार्यालय में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यह अधिकारी सरकार और मुख्यमंत्री के बीच नीतिगत और प्रशासनिक समन्वय की भूमिका निभाता है. साथ ही राजनीतिक मामलों की निगरानी और रणनीतिक संवाद में भी इसकी अहम भूमिका होती है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नियुक्ति मुख्यमंत्री कार्यालय के कामकाज को अधिक केंद्रीकृत और प्रभावी बना सकती है.

राधन पंडित वेट्रिवेल और राजनीतिक चर्चाएं

राधन पंडित वेट्रिवेल को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय से चर्चा रही है. दरअसल, वह एक आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिषी हैं, जिन्होंने पहले तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की जीत की भविष्यवाणी की थी. चुनावी परिणामों के बाद अब उन्हें राज्य सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, जिससे उनके प्रभाव और राजनीतिक जुड़ाव को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं.

शपथ समारोह से जुड़े निर्णयों में भी भूमिका का दावा

सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण कार्यक्रम के समय को लेकर भी राधन पंडित की सलाह की चर्चा रही है. पहले निर्धारित समय को बदलकर सुबह 10 बजे किए जाने के फैसले में उनकी सलाह को अहम माना जाता है. कहा जाता है कि वे लंबे समय से मुख्यमंत्री विजय के राजनीतिक सफर में सलाहकार की भूमिका निभाते रहे हैं.

आध्यात्मिक और राजनीतिक सलाहकार के रूप में पहचान

तमिलनाडु में राधन पंडित वेट्रिवेल को एक प्रभावशाली ज्योतिषी माना जाता है, जिनसे कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां सलाह लेती रही हैं. पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के फैसलों से जुड़ी चर्चाओं में भी उनके नाम का उल्लेख होता रहा है. सोशल मीडिया के जरिए भी वे लोगों को ज्योतिषीय और जीवन संबंधी सलाह देते हैं.

इस नियुक्ति के साथ राधन पंडित वेट्रिवेल की प्रशासनिक भूमिका औपचारिक रूप से मजबूत हो गई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम मुख्यमंत्री कार्यालय में रणनीतिक और प्रशासनिक संतुलन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
 


संडे होटल्स ने फिरोज खान को बिजनेस डेवलपमेंट का डायरेक्टर और चैनल हेड नियुक्त किया

कंपनी के अनुसार इस फिरोज खान की नियुक्ति से भारत में रणनीतिक विस्तार और साझेदारी आधारित विकास को नई गति मिलेगी.

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Saturday, 09 May, 2026
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हॉस्पिटैलिटी ब्रांड Sunday Hotels ने अपने नेतृत्व ढांचे को मजबूत करते हुए फिरोज खान को डायरेक्टर और चैनल हेड – बिजनेस डेवलपमेंट, इंडिया नियुक्त किया है. कंपनी का उद्देश्य भारतभर में रणनीतिक विस्तार और साझेदारी आधारित विकास को तेज करना है.

नई भूमिका में जिम्मेदारियाँ

नई भूमिका में फिरोज़ खान बिजनेस डेवलपमेंट और चैनल रणनीति का नेतृत्व करेंगे. उनका मुख्य फोकस उच्च संभावनाओं वाले बाज़ारों की पहचान, साझेदारियों को मजबूत करना और ब्रांड के विस्तारित पोर्टफोलियो के लिए एक स्केलेबल ग्रोथ फ्रेमवर्क तैयार करना होगा.

16 वर्षों का अनुभव और विशेषज्ञता

फिरोज खान के पास बिजनेस डेवलपमेंट, मार्केट एक्सपेंशन और रियल एस्टेट रणनीति के क्षेत्र में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वह PPZ से संडे होटल्स से जुड़े हैं, जहाँ वे वाइस प्रेसिडेंट और हेड – नॉर्थ इंडिया बिजनेस के पद पर कार्यरत थे. इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय विकास, डेवलपर साझेदारियों और एसेट अधिग्रहण रणनीतियों का नेतृत्व किया.

प्रमुख कंपनियों में कार्य अनुभव

अपने करियर में खान ने Colliers International, Cushman & Wakefield, CBRE और JLL जैसी प्रमुख कंपनियों में वरिष्ठ भूमिकाएँ निभाई हैं. इस दौरान उन्होंने टियर-I, टियर-II और टियर-III शहरों में डेवलपर्स, रिटेलर्स और संस्थागत हितधारकों के साथ करीबी तौर पर काम किया. उनकी विशेषज्ञता मार्केट एंट्री रणनीति, ब्रांड पोजिशनिंग, लीजिंग, ऑपरेशंस और दीर्घकालिक व्यवसायिक स्थिरता में रही है.

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए फिरोज खान ने कहा, “मेरे लिए बिजनेस डेवलपमेंट हमेशा बाज़ारों के बदलते स्वरूप को समझने और उद्देश्यपूर्ण साझेदारियाँ बनाने का माध्यम रहा है. संडे होटल्स की विकास दृष्टि की स्पष्टता और संरचित एवं टिकाऊ तरीके से आगे बढ़ने की सोच ने मुझे सबसे अधिक प्रभावित किया.”

उन्होंने आगे कहा, “भारत में चैनल रिलेशनशिप को और मजबूत करने तथा विस्तार की प्रक्रिया को अधिक रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएँ हैं. आने वाले वर्षों में मैं टीम के साथ मिलकर इस यात्रा को नई दिशा देने के लिए उत्साहित हूँ.”

कंपनी की रणनीतिक दृष्टि

कंपनी का मानना है कि यह नियुक्ति संडे होटल्स की बिजनेस डेवलपमेंट क्षमताओं को और मजबूत करेगी तथा भारत में एक सुदृढ़ और स्केलेबल हॉस्पिटैलिटी प्लेटफॉर्म के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
 


ग्लोबल सप्लाई चेन विशेषज्ञ फ्राइडा हे Vertiv की नई प्रोक्योरमेंट चीफ नियुक्त

फ्राइडा हे के पास लगभग दो दशक का प्रोक्योरमेंट और सप्लाई चेन नेतृत्व का अनुभव है, जो ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिफिकेशन सेक्टर से जुड़ा है.

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Thursday, 07 May, 2026
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ग्लोबल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी वर्टिव (Vertiv) ने फ्राइडा हे को अपना नया चीफ प्रोक्योरमेंट ऑफिसर (CPO) नियुक्त किया है. यह कदम कंपनी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित समाधानों की बढ़ती मांग को देखते हुए वैश्विक संचालन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है.

वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने की जिम्मेदारी

नई भूमिका में फ्राइडा हे वर्टिव के वैश्विक प्रोक्योरमेंट संगठन का नेतृत्व करेंगी. उनका मुख्य फोकस सप्लाई चेन को अधिक मजबूत बनाना, लागत को अनुकूलित करना, सप्लायर क्वालिटी में सुधार करना और डेटा सेंटर, कम्युनिकेशन नेटवर्क और इंडस्ट्रियल एप्लिकेशंस के लिए पावर और थर्मल मैनेजमेंट पोर्टफोलियो में विकास को समर्थन देना होगा.

कंपनी नेतृत्व ने जताया भरोसा

वर्टिव के सीईओ जियो अल्बर्टाजी ने फ्राइडा हे को एक अनुभवी वैश्विक नेता बताया, जिनके पास मजबूत और स्केलेबल सप्लाई चेन बनाने का गहरा अनुभव है. उन्होंने कहा कि जटिल अंतरराष्ट्रीय प्रोक्योरमेंट सिस्टम को संभालने और संचालन अनुशासन को मजबूत करने का उनका अनुभव कंपनी के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा.

ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिफिकेशन में लंबा अनुभव

फ्राइडा हे के पास लगभग दो दशक का प्रोक्योरमेंट और सप्लाई चेन नेतृत्व का अनुभव है, जो ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिफिकेशन सेक्टर से जुड़ा है.

इससे पहले वे इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता पोलस्टार में चीफ प्रोक्योरमेंट ऑफिसर रह चुकी हैं, जहां उन्होंने सालाना 3 अरब डॉलर से अधिक के वैश्विक खर्च का प्रबंधन किया और बड़े स्तर पर ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया.

इसके पहले उन्होंने वोल्वो कार्स में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया, जहां वे ग्लोबल प्रोपल्शन और सस्टेनेबिलिटी प्रोक्योरमेंट की वाइस प्रेसिडेंट रहीं. इस दौरान उन्होंने 9 अरब डॉलर से अधिक के वार्षिक खर्च वाले प्रोक्योरमेंट सिस्टम को संभाला और इलेक्ट्रिफिकेशन ट्रांजिशन में अहम भूमिका निभाई.

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़ा अवसर

अपनी नियुक्ति पर फ्राइडा हे ने कहा कि वह ऐसे समय में वर्टिव से जुड़ रही हैं जब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योग बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर इकोसिस्टम में वर्टिव की महत्वपूर्ण भूमिका रणनीतिक साझेदारी, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और मजबूत सप्लाई चेन के जरिए बड़ा मूल्य सृजन करने का अवसर देती है.

शिक्षा पृष्ठभूमि

फ्राइडा हे के पास चीन की नॉर्थईस्ट नॉर्मल यूनिवर्सिटी से जनरल स्टडीज और बिजनेस एंड कॉमर्स में बैचलर डिग्री है. साथ ही उनके पास यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड से एक्जीक्यूटिव एमबीए भी है.
 


शशि शेखर वेम्पति बने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के नए अध्यक्ष

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वेम्पति ने हाल ही में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के बोर्ड से इस्तीफा दिया है. वे 2024 से इस संस्था में प्रोफेशनल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे.

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Wednesday, 06 May, 2026
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प्रसार भारती के पूर्ण सीईओ और पद्म श्री से सम्मानित शशि शेखर वेम्पति को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति देश की शीर्ष फिल्म प्रमाणन संस्था में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन मानी जा रही है.

वेम्पति ने यह जिम्मेदारी प्रसून जोशी से संभाली है, जिन्हें हाल ही में प्रसार भारती का चेयरमैन नियुक्त किया गया था.

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वेम्पति ने हाल ही में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के बोर्ड से इस्तीफा दिया है. वे 2024 से इस संस्था में प्रोफेशनल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे. अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए वेम्पति ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया.

विशेषज्ञों का मानना है कि CBFC में वेम्पति की नियुक्ति से प्रमाणन प्रक्रिया में नीति, तकनीक और मीडिया का अनुभव जुड़ जाएगा. यह उस समय खास अहमियत रखता है जब फिल्म और डिजिटल कंटेंट के तेजी से बढ़ते दायरे के बीच कंटेंट मानकों को लेकर नई चुनौतियां सामने आ रही हैं.

मीडिया इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार, BARC से CBFC तक वेम्पति का यह बदलाव दर्शक मापन से कंटेंट नियमन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है. जहां BARC टीवी दर्शकों के आंकड़ों के जरिए विज्ञापन और प्रोग्रामिंग रणनीतियों को प्रभावित करता है, वहीं CBFC भारत में फिल्मों को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणित करने वाली प्रमुख वैधानिक संस्था है.

वेम्पति का पेशेवर सफर दो दशकों से अधिक का रहा है, जिसमें तकनीक, प्रशासन और मीडिया के क्षेत्र शामिल हैं. वे IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने इंफोसिस में 16 वर्षों से अधिक समय तक प्रोडक्ट रणनीति और डिजिटल इनोवेशन पर काम किया. इसके बाद 2013 में उन्होंने नीति-आधारित मीडिया प्लेटफॉर्म NitiCentral के CEO के रूप में कार्यभार संभाला. बाद में वे प्रसार भारती के CEO बने, जहां उन्होंने दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो जैसे पारंपरिक प्लेटफॉर्म्स के आधुनिकीकरण और डिजिटल विस्तार पर काम किया.

वेम्पति नीति और शैक्षणिक क्षेत्रों में भी सक्रिय रहे हैं. वे DeepTech for Bharat Foundation के सह-संस्थापक हैं और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) की सोसाइटी के सदस्य होने के साथ-साथ साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन एपेक्स एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन भी हैं.

उनका नियामकीय अनुभव 2020 के टीवी रेटिंग विवाद के दौरान भी सामने आया, जब उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति का नेतृत्व किया था. इस समिति का उद्देश्य TRP में हेरफेर के आरोपों के बाद पारदर्शिता बढ़ाना और विश्वसनीयता बहाल करना था.

BARC से उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब यह संस्था टीवी इंडस्ट्री में विज्ञापन निवेश से जुड़े अहम डेटा प्रदान करती है. हालांकि उनका कार्यकाल छोटा रहा, लेकिन यह सुधार और समीक्षा के दौर के साथ जुड़ा रहा.

CBFC में वेम्पति को अब अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना होगा. यह संस्था अक्सर रचनात्मक स्वतंत्रता, प्रमाणन मानकों और नियमन बनाम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों के केंद्र में रहती है. OTT प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव और बदलती दर्शक पसंद के चलते CBFC की भूमिका पर और अधिक ध्यान दिया जा रहा है.

फिल्म और मीडिया उद्योग के सभी हितधारक इस बात पर नजर रखेंगे कि वेम्पति प्रमाणन मानकों को कैसे लागू करते हैं, खासकर ऐसे समय में जब नए कंटेंट फॉर्मेट, वितरण माध्यम और वैश्विक प्रभाव तेजी से बढ़ रहे हैं.

उनकी नियुक्ति यह भी दर्शाती है कि सरकार प्रमुख मीडिया संस्थानों में बहु-क्षेत्रीय अनुभव रखने वाले तकनीकी-प्रशासनिक विशेषज्ञों को प्राथमिकता दे रही है, क्योंकि भारत का कंटेंट इकोसिस्टम लगातार विस्तार और जटिलता की ओर बढ़ रहा है.
 


मलेशिया और भारत में नए सीईओ की नियुक्ति के साथ Lockton ने एशिया में नेतृत्व को किया मजबूत

यह नियुक्तियां लॉकटन की एशिया में बढ़ती उपस्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं को और मजबूती प्रदान करेंगी.

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Tuesday, 05 May, 2026
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वैश्विक बीमा ब्रोकिंग और जोखिम प्रबंधन कंपनी लॉकटन (Lockton) ने एशिया में अपने नेतृत्व को और सुदृढ़ करने के लिए मलेशिया और भारत में नए मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) की नियुक्ति की घोषणा की है. इस कदम को कंपनी के क्षेत्रीय विस्तार और विकास रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है.

निकोलस ली (निक) को मलेशिया में लॉकटन साइम का सीईओ डिजिग्नेट नियुक्त किया गया है, जबकि जयदीप शर्मा को भारत का सीईओ बनाया गया है.

निकोलस ली दो दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव लेकर आए हैं, जिसमें बीमा ब्रोकिंग, जोखिम प्रबंधन, एनालिटिक्स, कैटास्ट्रॉफ मॉडलिंग, बैंकएश्योरेंस और रणनीतिक परामर्श शामिल हैं. उन्होंने मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देशों में काम किया है, जिससे उन्हें क्षेत्रीय बाजार की गहरी समझ और व्यवसाय को आगे बढ़ाने का मजबूत अनुभव मिला है.

लॉकटन में वापसी कर रहे ली ने APAC क्षेत्र में रणनीतिक बिक्री, क्लाइंट सलाहकार सेवाओं और बिज़नेस ग्रोथ में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. हाल ही में वे Moody’s Analytics में डायरेक्टर और हेड ऑफ क्लाइंट कवरेज (इंश्योरेंस सॉल्यूशंस, APAC) के रूप में कार्यरत थे, जहां उन्होंने बीमा कंपनियों और ब्रोकर्स को जोखिम मॉडलिंग, रीइंश्योरेंस ऑप्टिमाइजेशन, पोर्टफोलियो एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में मार्गदर्शन दिया.

कॉर्पोरेट भूमिकाओं के अलावा, उन्होंने अपनी कंसल्टेंसी भी स्थापित की, जो उभरते जोखिम, रणनीतिक विकास और बीमा क्षेत्र के परिवर्तन पर केंद्रित थी. वे पहले लॉकटन सिंगापुर से भी जुड़े रहे हैं और उन्होंने बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम किया है.

इस बदलाव के तहत मोहम्मद याह्या इब्राहिम को लॉकटन साइम में स्पेशल एडवाइज़र की भूमिका दी गई है. वे मलेशिया में कंपनी की तकाफुल क्षमताओं के विकास पर ध्यान देंगे. कंपनी ने पिछले 12 वर्षों में उनके नेतृत्व की सराहना की है.

भारत में, संदीप दादिया सीईओ पद से हटकर नॉन-एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की भूमिका में चले गए हैं. उन्होंने 2024 में लॉकटन इंडिया की स्थापना की थी और इसे देश के सबसे तेजी से बढ़ते ब्रोकर्स में शामिल किया. अब वे नए उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

जयदीप (जे) शर्मा को भारत का नया सीईओ नियुक्त किया गया है, जो नियामकीय मंजूरी के अधीन है. वे लॉकटन एशिया में रीजनल हेड ऑफ स्पेशल्टीज़ की अपनी भूमिका भी जारी रखेंगे और मुंबई में स्थित रहेंगे.

जयदीप शर्मा के पास वैश्विक स्तर पर जटिल बहुराष्ट्रीय संचालन का व्यापक अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मार्श एविएशन से की और बाद में मार्श साउदी अरब के सीईओ बने, जहां उन्होंने कंपनी को देश का नंबर 1 ब्रोकर्स बनाया. Aon में उन्होंने कनेक्टिकट के मार्केट लीडर के रूप में 250 कर्मचारियों की टीम का नेतृत्व किया और 2018 में “ऑफिस ऑफ द ईयर” का खिताब हासिल किया.

लॉकटन एशिया के सीईओ टोनी हार्डी ने कहा, “निक और जय हमारे उद्योग के बेहतरीन नेताओं में से हैं. उनके पास गहरा अनुभव, वैश्विक दृष्टिकोण और ग्राहकों को प्राथमिकता देने की मजबूत प्रतिबद्धता है.” यह नियुक्तियां लॉकटन की एशिया में बढ़ती उपस्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं को और मजबूती प्रदान करेंगी.


नीति आयोग में शामिल हुईं अरुणाचल प्रदेश की प्रमुख शिक्षाविद् जोरम अनिया

जोरम अनिया न्यीशी समुदाय की पहली महिला हैं जिन्होंने पीएचडी की डिग्री हासिल की. साथ ही वह अरुणाचल प्रदेश की पहली विद्वान हैं जिन्होंने हिंदी विषय में डॉक्टरेट प्राप्त किया.

Last Modified:
Monday, 04 May, 2026
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देश के शीर्ष नीति संस्थान नीति आयोग में एक ऐतिहासिक नियुक्ति के तहत अरुणाचल प्रदेश की शिक्षाविद् जोरम अनिया को पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया है. यह कदम राष्ट्रीय नीति निर्माण में आदिवासी और पूर्वोत्तर भारत के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

आदिवासी समुदाय से राष्ट्रीय मंच तक का सफर

जोरम अनिया अरुणाचल प्रदेश से आने वाली एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् हैं और डेरा नटुंग गवर्नमेंट कॉलेज में हिंदी विभाग की प्रमुख हैं. उनकी नियुक्ति न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि देश के नीति तंत्र में क्षेत्रीय और सांस्कृतिक विविधता को शामिल करने की दिशा में बड़ा संकेत भी है.

पहली न्यीशी महिला PhD और हिंदी की विदुषी

जोरम अनिया न्यीशी समुदाय की पहली महिला हैं जिन्होंने पीएचडी की डिग्री हासिल की. साथ ही वह अरुणाचल प्रदेश की पहली विद्वान हैं जिन्होंने हिंदी विषय में डॉक्टरेट प्राप्त किया. उनका अकादमिक कार्य साहित्य, संस्कृति और विशेष रूप से आदिवासी ज्ञान पर आधारित रहा है.

शोध, लेखन और नीति से जुड़ा लंबा अनुभव

18 वर्षों से अधिक के अपने करियर में अनिया ने शिक्षण, शोध और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई है. वह अरुणाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशनल रेगुलेटरी कमीशन की सदस्य भी हैं. उन्होंने न्यीशी साहित्य और संस्कृति पर कई किताबें लिखी और संपादित की हैं, साथ ही अनेक शोध पत्र भी प्रकाशित किए हैं.

नीति आयोग में बड़ा पुनर्गठन

यह नियुक्ति उस व्यापक बदलाव का हिस्सा है, जिसकी घोषणा 24 अप्रैल को की गई थी. 2015 में प्लानिंग कमीशन की जगह बने नीति आयोग में यह पहला बड़ा पुनर्गठन माना जा रहा है. इस दौरान अशोक लाहिरी को उपाध्यक्ष बनाया गया, जिन्होंने सुमन बेरी की जगह ली. इसके अलावा अभय करमदिकर और एम श्रीनिवास को भी पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया.

रणनीतिक समय पर अहम नियुक्ति

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब चाइना लगातार अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने की कोशिश करता रहा है. भारत ने इन दावों को सख्ती से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न हिस्सा है. ऐसे में अनिया की नियुक्ति को राष्ट्रीय स्तर पर पूर्वोत्तर की मजबूत भागीदारी के रूप में भी देखा जा रहा है.

प्रधानमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोरम अनिया को बधाई देते हुए कहा कि उनका अनुभव और समझ नीति निर्माण को नई दिशा देगा. उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों के योगदान से विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और विकास को बढ़ावा मिलेगा.

राष्ट्रीय नीति में बढ़ेगा पूर्वोत्तर और आदिवासी प्रतिनिधित्व

जोरम अनिया की नियुक्ति को न केवल उनके अकादमिक और सांस्कृतिक योगदान की पहचान माना जा रहा है, बल्कि इसे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और आदिवासी समुदायों की आवाज को राष्ट्रीय नीति निर्माण में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है.

जोरम अनिया का नीति आयोग में शामिल होना देश के नीति ढांचे को और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा संकेत है. इससे जमीनी और सांस्कृतिक दृष्टिकोण को राष्ट्रीय रणनीतियों में शामिल करने की उम्मीद बढ़ी है.
 


नीति आयोग में नई नियुक्ति: जमीनी विकास अनुभव के साथ जुड़े आर बालासुब्रमण्यम

पेशे से एक प्रशिक्षित डॉक्टर रहे बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में विकास और नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है.

Last Modified:
Monday, 04 May, 2026
BWHindia

सरकार के प्रमुख नीति थिंक टैंक नीति आयोग में एक अहम बदलाव के तहत प्रख्यात पब्लिक पॉलिसी विशेषज्ञ, लेखक और विकास कार्यकर्ता आर बालासुब्रमण्यम को पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति नीति आयोग की कार्यप्रणाली को जमीनी अनुभव से और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

जमीनी विकास और नीति निर्माण का मजबूत अनुभव

पेशे से एक प्रशिक्षित डॉक्टर रहे बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में विकास और नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है. उन्होंने स्वामी विवेकानंद यूथ मूवमेंट और ग्रासरूट रिसर्च एंड एडवोकेसी मूवमेंट जैसे संगठनों की स्थापना की, जिन्होंने जमीनी स्तर पर विकास और सार्वजनिक नीति के बीच सेतु का काम किया है. उनका अनुभव उन्हें नीति निर्माण और वास्तविक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने में सक्षम बनाता है.

वैश्विक शिक्षा और प्रशासनिक समझ

बालासुब्रमण्यम ने हावर्ड कैनेडी स्कूल से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की है. इससे उन्हें शासन और प्रशासन की गहरी समझ मिली है, जो उनके जमीनी अनुभव के साथ मिलकर उन्हें एक प्रभावशाली नीति विशेषज्ञ बनाती है.

नीति आयोग में बड़ा बदलाव

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब 2015 में प्लानिंग कमीशन की जगह बने नीति आयोग में पहली बड़ी पुनर्रचना की गई है. 24 अप्रैल को सरकार ने नए उपाध्यक्ष और कई पूर्णकालिक सदस्यों की नियुक्ति की. प्रख्यात अर्थशास्त्री अशोक लहीरी को उपाध्यक्ष बनाया गया है, जिन्होंने सुमन बेरी का स्थान लिया. इसके अलावा अभय करनदिकर और एम श्रीनिवासको भी सदस्य नियुक्त किया गया है.

प्रधानमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर बालासुब्रमण्यम को बधाई देते हुए कहा कि उनका अनुभव और विभिन्न मुद्दों की समझ नीति निर्माण को मजबूत करेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि उनका योगदान अलग-अलग क्षेत्रों में नवाचार और विकास को गति देगा.

जमीनी अनुभव से राष्ट्रीय नीति तक का सफर

डॉक्टर से विकास कार्यकर्ता और फिर नीति विशेषज्ञ बनने तक का बालासुब्रमण्यम का सफर अब देश के सर्वोच्च नीति संस्थान में औपचारिक भूमिका तक पहुंच गया है. माना जा रहा है कि उनका फील्ड-आधारित अनुभव राष्ट्रीय स्तर की नीतियों को और व्यावहारिक और प्रभावी बनाने में मदद करेगा.

आर बालासुब्रमण्यम की नियुक्ति से NITI Aayog को जमीनी हकीकतों से जुड़ी नई दृष्टि मिलने की उम्मीद है. इससे सरकार की नीतियों में व्यावहारिकता और प्रभावशीलता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
 


SPNI में बड़ी नियुक्ति, हर्ष दीप छाबड़ा बने स्ट्रैटेजी एंड न्यू बिजनेस हेड

कंपनी के अनुसार, हर्ष दीप छाबड़ा SPNI की एंटरप्राइज प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, नए बिजनेस अवसर तलाशने और तेजी से बदलते मीडिया बाजार में ग्रोथ रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी संभालेंगे.

Last Modified:
Saturday, 02 May, 2026
BWHindia

सोनी पिक्चर नेटवर्क (SPNI) ने हर्ष दीप छाबड़ा को स्ट्रैटेजी एंड न्यू बिजनेस हेड नियुक्त किया है. कंपनी ने शनिवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की. इस भूमिका में वह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ गौरव बनर्जी को रिपोर्ट करेंगे और नेतृत्व टीम के साथ मिलकर कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति तैयार करेंगे.

ग्रोथ और नए अवसरों पर रहेगा फोकस

कंपनी के अनुसार, हर्ष दीप छाबड़ा SPNI की एंटरप्राइज प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, नए बिजनेस अवसर तलाशने और तेजी से बदलते मीडिया बाजार में ग्रोथ रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी संभालेंगे. साथ ही वह विभिन्न बिजनेस यूनिट्स के साथ मिलकर राजस्व बढ़ाने और लागत दक्षता सुधारने पर भी काम करेंगे.

इससे पहले गोदरेज कन्ज्यूमर प्रोडक्ट्स में रहे 

हर्ष दीप छाबड़ा इससे पहले गोदरेज कन्ज्यूमर प्रोडक्ट्स में ग्लोबल मीडिया हेड के पद पर कार्यरत थे. वहां उन्होंने इंटीग्रेटेड मीडिया रणनीतियों और बड़े स्तर पर ब्रांड कम्युनिकेशन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई.

मीडिया और विज्ञापन क्षेत्र में दो दशक का अनुभव

हर्ष दीप के पास मीडिया, विज्ञापन और डिजिटल इकोसिस्टम में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने Mindshare, GroupM, Zee Entertainment, Turner International और Radio City जैसी कंपनियों में भी काम किया है. उनकी विशेषज्ञता मीडिया प्लानिंग, विज्ञापन बिक्री, मार्केटिंग, एनालिटिक्स, अकाउंट मैनेजमेंट और डिजिटल बिजनेस इनिशिएटिव्स में मानी जाती है.

गौरव बनर्जी ने कहा कि हर्ष दीप छाबड़ा रणनीतिक सोच और इंडस्ट्री अनुभव का मजबूत मिश्रण लेकर आए हैं. उनका नेतृत्व कंपनी के लिए नए अवसर पैदा करेगा और प्रतिस्पर्धी बढ़त मजबूत करेगा.

हर्ष दीप छाबड़ा ने कहा कि वह ऐसे समय SPNI से जुड़कर उत्साहित हैं जब मीडिया सेक्टर तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है. उन्होंने कहा कि कंपनी के नेतृत्व के साथ मिलकर वह भविष्य की क्षमताएं विकसित करने और नए ग्रोथ अवसरों पर काम करेंगे.