कंपनी ने अनुभवी बीमा क्षेत्र की विशेषज्ञ अल्पना सिंह को पूर्णकालिक निदेशक (मार्केटिंग) नियुक्त किया है. वह कंपनी की विकास रणनीति, ब्रांड सशक्तिकरण और ग्राहक जुड़ाव को नई दिशा देंगी.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी (IFFCO Tokio GIC) ने अल्पना सिंह को पूर्णकालिक निदेशक (मार्केटिंग) नियुक्त किया है. नई भूमिका में वह कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी का नेतृत्व करेंगी, बाजार में कंपनी की स्थिति को और मजबूत बनाएंगी तथा ग्राहकों से जुड़ाव बढ़ाने की दिशा में अहम पहल करेंगी. कंपनी को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में ब्रांड की पहचान मजबूत होगी और ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिलेगा. अल्पना सिंह कंपनी के गुरुग्राम मुख्यालय से अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगी. उनकी नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है.
बजाज जनरल इंश्योरेंस में संभाल चुकी हैं कई अहम जिम्मेदारियां
इफको टोकियो से जुड़ने से पहले अल्पना सिंह बजाज जनरल इंश्योरेंस (पूर्व में बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस) में कई वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर कार्य कर चुकी हैं. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बड़े पैमाने पर कारोबार विस्तार, रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने, बैंकएश्योरेंस (Bancassurance) कारोबार के विस्तार और कंपनी की ब्रांड पहचान को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
कंपनी के अगले विकास चरण में निभाएंगी अहम भूमिका
इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) सुब्रत मंडल ने कहा कि कंपनी अब विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मार्केटिंग विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी. उन्होंने कहा, "वैश्विक मार्केटिंग रुझानों पर अल्पना सिंह की गहरी समझ कंपनी की बाजार में नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करेगी. वह हमारी विकास यात्रा का अहम हिस्सा होंगी."
सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों का अनुभव
अल्पना सिंह बोर्ड स्तर की अनुभवी प्रोफेशनल हैं और उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) तथा निजी बीमा कंपनियों, दोनों में काम किया है. उन्हें सेल्स, नेगोशिएशन, बैंकएश्योरेंस, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (CRM) और मार्केटिंग के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है.
जिम्मेदारी को बताया सम्मान
अपनी नियुक्ति पर अल्पना सिंह ने कहा, "इफको टोकियो में मार्केटिंग विभाग का नेतृत्व करना मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है. यह ऐसी कंपनी है, जिसकी पहुंच देशभर में है और जिसका उद्देश्य केवल शहरी भारत ही नहीं, बल्कि खेतों में मेहनत करने वाले किसानों तक भी बीमा सुरक्षा पहुंचाना है. मैं इस मिशन में अपना योगदान देने के लिए उत्साहित हूं."
तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
भारत की एकीकृत ऊर्जा कंपनी गेल (इंडिया) में नेतृत्व स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है. एस.के. सिन्हा ने कंपनी के निदेशक (वित्त) का पदभार संभाल लिया है. इससे पहले वह कंपनी में कार्यकारी निदेशक (वित्त एवं लेखा) के रूप में कार्यरत थे और गेल की वित्तीय संरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास रणनीति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.
तीन दशक से अधिक का वित्तीय अनुभव
कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट के रूप में योग्य एस.के. सिन्हा के पास तेल एवं गैस क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है. उन्होंने कॉरपोरेट फाइनेंस, वित्तीय रिपोर्टिंग, प्रबंधन लेखांकन, निवेशक संबंध, कराधान, ट्रेजरी एवं बैंकिंग संचालन, बजट प्रबंधन, परियोजना मूल्यांकन, कॉस्टिंग तथा विलय एवं अधिग्रहण (M&A) जैसे क्षेत्रों में व्यापक विशेषज्ञता हासिल की है.
1994 में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में की थी शुरुआत
एस.के. सिन्हा ने वर्ष 1994 में गेल में मैनेजमेंट ट्रेनी (वित्त एवं लेखा) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने कंपनी के वित्त विभाग में कई वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं.
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कॉरपोरेट गवर्नेंस, नियामकीय अनुपालन, लागत अनुकूलन, निवेश मूल्यांकन और ट्रेजरी प्रबंधन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का नेतृत्व किया. इन प्रयासों से कंपनी में वित्तीय अनुशासन मजबूत हुआ और शेयरधारकों के लिए बेहतर मूल्य सृजन सुनिश्चित करने में मदद मिली.
डिजिटल फाइनेंस सिस्टम को भी दी नई दिशा
एस.के. सिन्हा ने गेल की वित्तीय प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण में भी अहम भूमिका निभाई. उनके नेतृत्व में कंपनी ने SAP लागू किया, ऑटोमेशन को बढ़ावा दिया और वित्तीय प्रक्रियाओं का केंद्रीकरण किया. इससे कंपनी का वित्तीय प्रबंधन ढांचा अधिक आधुनिक और प्रभावी बना.
अंतरराष्ट्रीय बोर्डों में भी निभाई जिम्मेदारी
गेल में अपनी जिम्मेदारियों के अलावा एस.के. सिन्हा GAIL Global Singapore Pte. Limited और GAIL Mangalore Petrochemicals Limited के निदेशक मंडल में भी रहे हैं. वहां उन्होंने रणनीतिक और परिचालन संबंधी निर्णयों में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
उद्योग जगत में मिला सम्मान
वित्तीय क्षेत्र में उनके योगदान को कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिले हैं. Extel Asia Survey 2026 में उन्हें IR Professional श्रेणी में एशिया में दूसरा स्थान मिला. इसके अलावा उन्हें इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एंड प्रोफेशनल अकाउंटेंट्स (ICPA) द्वारा लागत प्रबंधन और वित्तीय नेतृत्व में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया जा चुका है.
कंपनी ने जताया भरोसा
गेल ने कहा कि एस.के. सिन्हा का व्यापक वित्तीय अनुभव और रणनीतिक दृष्टिकोण कंपनी की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करेगा तथा एकीकृत ऊर्जा कंपनी के रूप में उसके अगले विकास चरण को गति देगा. कंपनी के अनुसार, वित्त विभाग में उनके नेतृत्व के दौरान गेल ने वित्तीय रिपोर्टिंग, निवेशक संबंध, कॉरपोरेट गवर्नेंस और शेयरधारकों के लिए सतत मूल्य सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, जिसने भविष्य की विकास योजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार किया है.
मानक गुप्ता करीब 15 वर्षों से न्यूज24 का हिस्सा हैं. उन्होंने अप्रैल 2010 में चैनल जॉइन किया था और इस दौरान संपादकीय, डिजिटल और न्यूज़रूम प्रबंधन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
वरिष्ठ पत्रकार मानक गुप्ता को न्यूज24 के हिंदी न्यूज चैनल का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, उन्हें चैनल की संपादकीय जिम्मेदारियों और रणनीतिक दिशा का नेतृत्व सौंपा गया है. हालांकि, इस नियुक्ति को लेकर न्यूज24 की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
संपादकीय संचालन की संभालेंगे जिम्मेदारी
नई भूमिका में मानक गुप्ता न्यूज24 हिंदी चैनल के संपादकीय संचालन के साथ-साथ उसकी रणनीतिक दिशा तय करने का काम करेंगे. उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब मीडिया संस्थान अपने डिजिटल और संपादकीय ढांचे को और मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं.
फिलहाल हैं एग्जीक्यूटिव एडिटर और सोशल मीडिया हेड
मानक गुप्ता वर्तमान में न्यूज24 में एग्जीक्यूटिव एडिटर (सोशल मीडिया हेड) के पद पर कार्यरत हैं. इसके अलावा वह चैनल के लोकप्रिय डिबेट शो 'राष्ट्र की बात' के एंकर भी हैं, जिसे दर्शकों के बीच अच्छी पहचान मिली है.
डेढ़ दशक से जुड़े हैं न्यूज24 के साथ
मानक गुप्ता करीब 15 वर्षों से न्यूज24 का हिस्सा हैं. उन्होंने अप्रैल 2010 में चैनल जॉइन किया था और इस दौरान संपादकीय, डिजिटल और न्यूज़रूम प्रबंधन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.
जी न्यूज में भी दे चुके हैं सेवाएं
न्यूज24 से पहले मानक गुप्ता जी न्यूज के साथ जुड़े रहे. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव और संपादकीय नेतृत्व उन्हें हिंदी समाचार जगत के प्रमुख चेहरों में शामिल करता है. मानक गुप्ता की यह पदोन्नति न्यूज24 के नेतृत्व ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है. अब उनकी अगुवाई में चैनल अपनी संपादकीय रणनीति और डिजिटल विस्तार को नई दिशा देने की तैयारी में है.
इस नियुक्ति के जरिए कंपनी अपने कंटेंट, कॉमर्स और विज्ञापन इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
अमेजन ऐड्स ने मीडिया और विज्ञापन क्षेत्र की अनुभवी प्रोफेशनल श्रुति अनेजा को अपनी कंटेंट ऐड मॉनेटाइजेशन टीम में नियुक्त किया है. इस नियुक्ति के जरिए कंपनी अपने कंटेंट, कॉमर्स और विज्ञापन इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
कंटेंट, टेक्नोलॉजी और कॉमर्स के संगम पर करेंगी काम
श्रुति अनेजा ने लिंक्डइन पर अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा करते हुए इसे अपने करियर का नया अध्याय बताया. उन्होंने कहा कि वह कंटेंट, टेक्नोलॉजी और कॉमर्स के संगम पर सार्थक साझेदारियां विकसित करने पर काम करेंगी.
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव
अमेजन ऐड्स से जुड़ने से पहले श्रुति अनेजा ने 12 वर्षों से अधिक समय तक सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं. हाल ही में वह लीड – एजेंसी पार्टनरशिप्स के पद पर कार्यरत थीं.
इससे पहले उन्होंने एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट और ग्रुप हेड के रूप में हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट, फ्री-टू-एयर और इंग्लिश एंटरटेनमेंट पोर्टफोलियो की सेल्स टीमों का नेतृत्व किया. अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर के रूप में भी काम किया और पश्चिमी भारत में सोनी BBC अर्थ के लॉन्च और व्यावसायिक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
मीडिया सेल्स और ब्रांड पार्टनरशिप में मजबूत विशेषज्ञता
श्रुति अनेजा के पास टेलीविजन, रेडियो और डिजिटल मीडिया में व्यापक अनुभव है. उन्होंने कंटेंट मॉनेटाइजेशन, मीडिया सेल्स, रणनीतिक साझेदारियों और व्यावसायिक विकास के क्षेत्र में मजबूत विशेषज्ञता हासिल की है. अपने करियर के दौरान उन्होंने 'कौन बनेगा करोड़पति', 'इंडियन आइडल', 'द कपिल शर्मा शो', 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' और फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जैसे कई लोकप्रिय मनोरंजन कार्यक्रमों के साथ काम किया है. उन्होंने कंटेंट आधारित मार्केटिंग और विज्ञापन समाधानों के जरिए ब्रांड्स और दर्शकों को जोड़ने के लिए नई मॉनेटाइजेशन रणनीतियां विकसित कीं.
अमेजन में कंटेंट और कॉमर्स को जोड़ने पर रहेगा फोकस
नई भूमिका में श्रुति अनेजा कंटेंट, स्ट्रीमिंग, विज्ञापन और कॉमर्स के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर काम करेंगी. उनका उद्देश्य रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से ब्रांड्स के लिए नए मॉनेटाइजेशन अवसर तैयार करना होगा.
अपनी नियुक्ति पर उन्होंने अमेज़न के "It's always Day 1" दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि निरंतर सीखना, जिज्ञासा और नवाचार ही सफलता की कुंजी हैं.
डिजिटल विज्ञापन बाजार में बढ़ रहा कंटेंट-कॉमर्स का महत्व
श्रुति अनेजा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब डिजिटल विज्ञापन उद्योग तेजी से कंटेंट और कॉमर्स आधारित एकीकृत समाधानों की ओर बढ़ रहा है. विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं, जो ब्रांड्स, कंटेंट क्रिएटर्स और उपभोक्ताओं के बीच बेहतर जुड़ाव स्थापित करने में मदद करें.
विनय मल्होत्रा के पास विमानन, ट्रैवल टेक्नोलॉजी और वीजा सेवाओं के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
वैश्विक वीजा और ट्रैवल सर्विसेज प्रदाता VFS ग्लोबल ने अपनी नेतृत्व टीम को और मजबूत करते हुए विनय मल्होत्रा को हेड ऑफ स्ट्रैटेजिक ग्लोबल पार्टनरशिप्स नियुक्त किया है. इस नियुक्ति के साथ कंपनी ने अपने वैश्विक गठबंधनों और रणनीतिक साझेदारियों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
CEO के साथ करेंगे रणनीतिक साझेदारियों पर काम
नई भूमिका में विनय मल्होत्रा, VFS ग्लोबल के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जुबिन करकारिया के साथ मिलकर काम करेंगे. उनका मुख्य दायित्व रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देना, वैश्विक साझेदारियों का विस्तार करना और कंपनी की प्रमुख कारोबारी पहलों को आगे बढ़ाना होगा.
VFS ग्लोबल में हुई वापसी
यह नियुक्ति VFS ग्लोबल में मल्होत्रा की वापसी भी है. इससे पहले वह कंपनी में कई वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर कार्य कर चुके हैं. पिछले चार वर्षों से अधिक समय तक वह इंडिगो के साथ जुड़े रहे, जहां उन्होंने हाल ही में हेड ऑफ ग्लोबल सेल्स के रूप में कार्य किया. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने एयरलाइन की अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक रणनीतियों का नेतृत्व करने और वैश्विक बाजार में विस्तार की योजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
30 वर्षों से अधिक का अनुभव
विनय मल्होत्रा के पास विमानन, ट्रैवल टेक्नोलॉजी और वीज़ा सेवाओं के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है. अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कमर्शियल रणनीति, एयरलाइन संचालन, वितरण प्रणाली, बिजनेस डेवलपमेंट और रणनीतिक साझेदारियों के क्षेत्र में व्यापक विशेषज्ञता हासिल की है.
इंडिगो से पहले वह एमिरेट्स, स्विसएयर और गैलीलियो जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में भी नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुके हैं. यहां उन्होंने वैश्विक ट्रैवल और एविएशन इंडस्ट्री का व्यापक अनुभव अर्जित किया.
वैश्विक साझेदारी नेटवर्क के विस्तार पर रहेगा फोकस
VFS ग्लोबल में अपनी नई जिम्मेदारी के तहत मल्होत्रा कंपनी के अंतरराष्ट्रीय साझेदारी नेटवर्क का विस्तार करने, रणनीतिक गठबंधनों को मजबूत बनाने और कंपनी की दीर्घकालिक विकास योजनाओं को गति देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे.
कंपनी का मानना है कि यह नियुक्ति उसके नेतृत्व ढांचे को और मजबूत करेगी तथा वैश्विक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय वीज़ा और ट्रैवल सर्विसेज़ उद्योग में उसकी स्थिति को और सुदृढ़ बनाएगी.
केंद्र सरकार ने प्रो. उमेश वी. वाघमारे की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. उमेश वी. वाघमारे को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science & Technology - DST) का नया सचिव नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दे दी है. वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से कार्यभार संभालेंगे.
1 जुलाई 2026 को जारी नियुक्ति आदेश के अनुसार, प्रो. वाघमारे वर्तमान में जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR), बेंगलुरु में प्रेसिडेंट एवं प्रोफेसर, थ्योरिटिकल साइंसेज यूनिट के रूप में कार्यरत हैं.
आदेश के मुताबिक, उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी,. वे इस पद पर 60 वर्ष की आयु पूरी होने तक अथवा अगले आदेश तक कार्य करेंगे. यह नियुक्ति कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी की गई है.
प्रो. उमेश वी. वाघमारे देश के प्रतिष्ठित सैद्धांतिक वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं. उन्हें सामग्री विज्ञान (Materials Science), कम्प्यूटेशनल फिजिक्स और थ्योरिटिकल साइंस के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए जाना जाता है. अब उनके नेतृत्व में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से अनुसंधान, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
14 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ जुड़े मुदित कालिया अब भारत में MSM CampusOS के विस्तार, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, छात्र भर्ती, AI आधारित मूल्यांकन प्रणाली और उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ रणनीतिक साझेदारियों का नेतृत्व करेंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
MSM Unify ने मुदित कालिया को भारत में अपने MSM CampusOS बिजनेस का एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (Associate VP) नियुक्त किया है. इस नई भूमिका में वह भारत में MSM CampusOS के विस्तार और विकास का नेतृत्व करेंगे. साथ ही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के साथ छात्र भर्ती, संस्थागत ब्रांडिंग, शैक्षणिक सहयोग, पाठ्यक्रम डिजाइन, AI-सक्षम मूल्यांकन प्रणाली, परिचालन दक्षता, रणनीतिक साझेदारियों और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहलों पर काम करेंगे.
कंपनी के अनुसार, मुदित कालिया के पास उच्च शिक्षा, बिजनेस डेवलपमेंट, रणनीतिक साझेदारियों और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने बिजनेस डेवलपमेंट, प्रॉफिट एंड लॉस (P&L) मैनेजमेंट, टीम लीडरशिप और ग्रोथ स्ट्रेटेजी से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है.
मुदित कालिया की प्रतिक्रिया
अपनी नियुक्ति पर मुदित कालिया ने कहा, "भारत का उच्च शिक्षा क्षेत्र ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां केवल विस्तार पर्याप्त नहीं होगा. संस्थानों को मजबूत सिस्टम, बेहतर क्रियान्वयन, छात्रों के बेहतर परिणाम और ऐसा बुनियादी ढांचा चाहिए, जो उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाए. यही वजह है कि MSM CampusOS मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यह शिक्षा, तकनीक और संस्थागत बदलाव के संगम पर काम करता है और मैं उन संस्थानों के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हूं जो भारतीय उच्च शिक्षा के अगले चरण के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं."
क्या है MSM CampusOS
कंपनी के मुताबिक, MSM CampusOS उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए विकसित एक समग्र प्लेटफॉर्म है, जो परफॉर्मेंस मार्केटिंग, ब्रांड निर्माण, छात्र भर्ती, एडमिशन मैनेजमेंट, शैक्षणिक सहायता, पाठ्यक्रम डिजाइन, छात्र सहभागिता, संचार, डेटा एनालिटिक्स और AI आधारित मूल्यांकन प्रणाली जैसी सुविधाओं को एक साथ उपलब्ध कराता है. इसका उद्देश्य संस्थानों को बेहतर परिचालन प्रबंधन और डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद करना है.
MSM Unify में इंडिया कैंपस बिजनेस के फाउंडिंग मेंबर और प्रेसिडेंट रोहित कुमार ने कहा, "उच्च शिक्षा क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है और संस्थान अब अलग-अलग समाधानों के बजाय ऐसे एकीकृत इकोसिस्टम की तलाश कर रहे हैं, जो उनके दीर्घकालिक विकास में सहयोग कर सके. संस्थानों की जरूरतों की गहरी समझ, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और रणनीतिक साझेदारियों में अनुभव के कारण मुदित कालिया भारत में MSM CampusOS के अगले चरण का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त हैं. हमें खुशी है कि वह हमारी टीम का हिस्सा बने हैं."
MSM Unify के संस्थापक संजय लाउल ने कहा, "शिक्षा क्षेत्र में विस्तार केवल मार्केटिंग का विषय नहीं है, बल्कि यह मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का भी सवाल है. संस्थानों को ऐसे साझेदारों की जरूरत है, जो विकास, भरोसे, सिस्टम और छात्रों के बेहतर परिणामों को एक साथ समझते हों. मुदित कालिया अपने साथ संचालन का अनुभव, रणनीतिक सोच और उच्च शिक्षा क्षेत्र की गहरी समझ लेकर आए हैं. उनका नेतृत्व भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए MSM CampusOS को एक व्यापक संस्थागत समाधान के रूप में और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा."
विक्रम मिस्री जुलाई 2024 से भारत के 35वें विदेश सचिव के रूप में कार्यरत हैं. उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की हैं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
केंद्र सरकार ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाने का फैसला किया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब वह 14 जुलाई 2027 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, देश के शीर्ष राजनयिक पद पर बने रहेंगे.
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से 1 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी विक्रम मिस्री को उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति तिथि 14 जुलाई 2026 के बाद भी सेवा विस्तार दिया गया है. यह विस्तार मूलभूत सेवा नियमों (Fundamental Rules) के तहत 14 जुलाई 2027 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा.
जुलाई 2024 से हैं भारत के 35वें विदेश सचिव
विक्रम मिस्री जुलाई 2024 से भारत के 35वें विदेश सचिव के रूप में कार्यरत हैं. उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की हैं और विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया है.
राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन में राजदूत का अनुभव
विदेश सचिव बनने से पहले मिस्री जनवरी 2022 से जुलाई 2024 तक उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy National Security Advisor) रहे. इससे पहले वह जनवरी 2019 से दिसंबर 2021 तक चीन में भारत के राजदूत रहे. उनके कार्यकाल के दौरान वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत-चीन के बीच तनाव का दौर भी देखने को मिला.
तीन दशक से अधिक का कूटनीतिक अनुभव
तीन दशक से अधिक लंबे कूटनीतिक करियर में विक्रम मिस्री ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. वह स्पेन और म्यांमार में भारत के राजदूत, श्रीलंका में उप उच्चायुक्त, जर्मनी के म्यूनिख में महावाणिज्य दूत और वॉशिंगटन डी.सी. स्थित भारतीय दूतावास में राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने ब्रुसेल्स, ट्यूनिस और इस्लामाबाद में भी विभिन्न राजनयिक पदों पर सेवाएं दी हैं.
तीन प्रधानमंत्रियों के रहे निजी सचिव
विक्रम मिस्री ने विभिन्न सरकारों के साथ काम करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल, डॉ. मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है. विदेश मंत्रालय में वह विदेश मंत्री के कार्यालय में निदेशक और पाकिस्तान डेस्क के उप सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं.
श्रीनगर से शुरू हुआ शैक्षणिक सफर
7 नवंबर 1964 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में जन्मे विक्रम मिस्री ने अपनी शुरुआती शिक्षा श्रीनगर और उधमपुर के विभिन्न स्कूलों में प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से पढ़ाई की. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास में स्नातक किया और बाद में XLRI, जमशेदपुर से एमबीए की डिग्री हासिल की.
कपिल शर्मा के पास मार्केटिंग, ग्राहक जुड़ाव और एक्सपीरियंशियल प्लेटफॉर्म्स में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
अनुभवात्मक मार्केटिंग एजेंसी थिंक एक्सक्यू (Think XQ) ने मंगलवार को अपने लग्जरी एक्सपीरियंस वर्टिकल बेस्पोक एक्सपीरियंस (Bespoke EXP) को और मजबूत करने की घोषणा की. कंपनी ने उद्योग के अनुभवी पेशेवर कपिल शर्मा को बेस्पोक एक्सपीरियंस का सह-संस्थापक (Co-Founder) नियुक्त किया है.
कपिल शर्मा के पास मार्केटिंग, ग्राहक जुड़ाव और एक्सपीरियंशियल प्लेटफॉर्म्स में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है. बेस्पोक एक्सपीरियंस से जुड़ने से पहले वह एचडीएफसी बैंक में वाइस प्रेसिडेंट - मार्केटिंग के पद पर कार्यरत थे. इस दौरान उन्होंने कई प्रमुख ग्राहक सहभागिता, स्पॉन्सरशिप और एक्सपीरियंशियल मार्केटिंग अभियानों का नेतृत्व किया.
कपिल शर्मा को ईटी मार्केटिंग लीडरशिप अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. इससे पहले वह कोटक महिंद्रा बैंक और द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप में भी नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुके हैं. ब्रांड निर्माण, उपभोक्ता जुड़ाव और बड़े आयोजनों के संचालन में उनका अनुभव कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
2025 में हुई थी बेस्पोक एक्सपीरियंस की शुरुआत
बेस्पोक एक्सपीरियंस की शुरुआत वर्ष 2025 में थिंक एक्सक्यू के लग्जरी एक्सपीरियंस वर्टिकल के रूप में हुई थी. कंपनी वैश्विक ग्राहकों के लिए हाई-एंड सोशल सेलिब्रेशन, लग्जरी इवेंट्स और प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी अनुभव तैयार करने में विशेषज्ञता रखती है.
कंपनी के संचालन केंद्र भारत, थाईलैंड, यूएई और ब्रिटेन में हैं, जबकि इसका परिचालन नेटवर्क 50 से अधिक देशों तक फैला हुआ है. कंपनी का उद्देश्य उन ग्राहकों के लिए विशेष अनुभव तैयार करना है जो उच्च गुणवत्ता और विशिष्टता की अपेक्षा रखते हैं.
अक्षय चावला और कपिल शर्मा मिलकर करेंगे नेतृत्व
बेस्पोक एक्सपीरियंस का नेतृत्व थिंक एक्सक्यू के मैनेजिंग डायरेक्टर अक्षय चावला और कपिल शर्मा संयुक्त रूप से करेंगे. दोनों के पास अनुभवात्मक मार्केटिंग, लग्जरी इवेंट्स और कस्टमाइज्ड ग्राहक अनुभव तैयार करने का लंबा अनुभव है.
शुरुआती प्रोजेक्ट्स से मिली पहचान
कंपनी ने लॉन्च के बाद कम समय में लग्जरी सेक्टर में अपनी पहचान बनाई है. इसके शुरुआती प्रमुख प्रोजेक्ट्स में मीडिया उद्यमी और इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा के परिवार के लिए दिशा शर्मा और एमजे सुदर्शन की शादी समारोह की योजना और सफल आयोजन शामिल है. इस आयोजन ने कंपनी की व्यक्तिगत और उच्च स्तरीय लग्जरी अनुभव तैयार करने की क्षमता को प्रदर्शित किया.
क्या बोले अक्षय चावला
थिंक एक्सक्यू के मैनेजिंग डायरेक्टर और बेस्पोक एक्सपीरियंस के संस्थापक अक्षय चावला ने कहा, "बेस्पोक एक्सपीरियंस में हम हर आयोजन को कुछ असाधारण बनाने का अवसर मानते हैं. कपिल शर्मा का सह-संस्थापक के रूप में जुड़ना हमारी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है. उनका अनुभव, उद्योग से मजबूत जुड़ाव और प्रीमियम उपभोक्ता सहभागिता की समझ हमारे कारोबार के विस्तार और नई सेवाएं विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगी."
कपिल शर्मा ने क्या कहा
कपिल शर्मा ने कहा, "मेरा हमेशा से मानना रहा है कि असली लग्जरी ऐसे अनुभव तैयार करने में है जो व्यक्तिगत हों, भावनात्मक रूप से जुड़ाव पैदा करें और बेहतरीन तरीके से क्रियान्वित किए जाएं. आज लग्जरी की पहचान मौलिकता, बारीकियों पर ध्यान और यादगार पल बनाने की क्षमता से होती है. बेस्पोक एक्सपीरियंस इन्हीं मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है. हम मिलकर रचनात्मकता और नवाचार के जरिए वैश्विक स्तर पर विश्वस्तरीय लग्जरी एक्सपीरियंस ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखते हैं."
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 31 दिसंबर 2026 तक संविदा आधार पर पुनर्नियुक्ति को दी मंजूरी
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल के कार्यकाल को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी संविदा आधार पर पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, रवि अग्रवाल का नया कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा और यह 31 दिसंबर 2026 तक या अगले आदेश जारी होने तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगा.
ACC ने दी पुनर्नियुक्ति की मंजूरी
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने रवि अग्रवाल को CBDT चेयरमैन के पद पर अतिरिक्त छह महीने के लिए नियुक्त करने को मंजूरी दी है. यह नियुक्ति संविदा आधार पर की गई है. सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रत्यक्ष कर संग्रह में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है और कर प्रशासन में कई महत्वपूर्ण सुधारों पर काम चल रहा है.
1988 बैच के IRS अधिकारी हैं रवि अग्रवाल
रवि अग्रवाल भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के 1988 बैच के अधिकारी हैं. उन्होंने 1 जुलाई 2024 को CBDT के चेयरमैन का पदभार संभाला था. कर प्रशासन और प्रत्यक्ष कर व्यवस्था में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए सरकार ने उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है.
CBDT की भूमिका अहम
CBDT देश में प्रत्यक्ष करों के प्रशासन और नीति निर्माण की शीर्ष संस्था है. यह आयकर विभाग के कामकाज की निगरानी करने के साथ-साथ कर सुधारों, अनुपालन बढ़ाने और करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. रवि अग्रवाल के कार्यकाल विस्तार को प्रत्यक्ष कर प्रशासन में निरंतरता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
राजीव कुमार 2017 से 2020 तक वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव रहे. उस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बढ़ते एनपीए, पूंजी की कमी और कमजोर बैलेंस शीट जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे थे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक HDFC बैंक ने नेतृत्व स्तर पर बड़ा फैसला लिया है. बैंक के बोर्ड ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को नया चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. हालांकि उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के बाद प्रभावी होगी. बैंकिंग सुधारों और वित्तीय क्षेत्र में लंबे अनुभव के चलते राजीव कुमार को बैंक के लिए एक अहम रणनीतिक नियुक्ति माना जा रहा है.
RBI की मंजूरी के बाद संभालेंगे जिम्मेदारी
HDFC बैंक के बोर्ड ने राजीव कुमार को चार साल के लिए स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी है. यह नियुक्ति 30 जून 2026 से प्रभावी होगी. बैंक की ओर से जारी नियामकीय सूचना के मुताबिक, RBI की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें तीन साल के लिए बैंक का अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया जाएगा. राजीव कुमार भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके हैं और इससे पहले उन्होंने वित्त मंत्रालय में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं.
अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे
राजीव कुमार पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे, जिन्होंने मार्च 2026 में नैतिक कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद बैंक नए चेयरमैन की तलाश कर रहा था.
बैंकिंग सुधारों में निभाई अहम भूमिका
राजीव कुमार 2017 से 2020 तक वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव रहे. उस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बढ़ते एनपीए, पूंजी की कमी और कमजोर बैलेंस शीट जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे थे.
उनके कार्यकाल में बैंकों में एनपीए की स्पष्ट पहचान, पर्याप्त प्रावधान और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया गया. इससे बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय स्थिति मजबूत करने में मदद मिली.
शेल कंपनियों और पोंजी स्कीमों पर कार्रवाई
DFS में कार्यभार संभालने के कुछ ही समय बाद करीब 3.38 लाख शेल कंपनियों के बैंक खाते फ्रीज किए गए. इसके अलावा 'बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट, 2019' लागू कर पोंजी स्कीमों पर भी कार्रवाई की गई.
राजीव कुमार ने बड़े कर्ज मामलों की निगरानी, धोखाधड़ी रोकने और बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाए.
PSB मर्जर और रिकैपिटलाइजेशन के सूत्रधार
उनके कार्यकाल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डाली गई. इसके साथ ही 27 सरकारी बैंकों का विलय कर 12 बड़े और मजबूत बैंक बनाए गए. रीजनल रूरल बैंकों के पुनर्गठन और बैंकिंग क्षेत्र के कंसोलिडेशन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही.
कई अहम संस्थानों में निभाई जिम्मेदारी
राजीव कुमार रिजर्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड, फाइनेंशियल स्टेबिलिटी एंड डेवलपमेंट काउंसिल, बैंक बोर्ड ब्यूरो, SBI और NABARD के बोर्ड समेत कई महत्वपूर्ण संस्थानों से जुड़े रहे हैं. वे आर्थिक पूंजी ढांचे और नीति आयोग के पुनर्गठन से जुड़ी समितियों का भी हिस्सा रह चुके हैं.
CEO शशिधर जगदीशन के कार्यकाल पर भी नजर
इस बीच HDFC बैंक के एमडी एवं CEO शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला है. माना जा रहा है कि बैंक बोर्ड उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने की सिफारिश कर सकता है. इस संबंध में RBI की मंजूरी का इंतजार रहेगा.