विक्रम मिस्री जुलाई 2024 से भारत के 35वें विदेश सचिव के रूप में कार्यरत हैं. उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की हैं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
केंद्र सरकार ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाने का फैसला किया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब वह 14 जुलाई 2027 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, देश के शीर्ष राजनयिक पद पर बने रहेंगे.
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से 1 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी विक्रम मिस्री को उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति तिथि 14 जुलाई 2026 के बाद भी सेवा विस्तार दिया गया है. यह विस्तार मूलभूत सेवा नियमों (Fundamental Rules) के तहत 14 जुलाई 2027 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा.
जुलाई 2024 से हैं भारत के 35वें विदेश सचिव
विक्रम मिस्री जुलाई 2024 से भारत के 35वें विदेश सचिव के रूप में कार्यरत हैं. उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की हैं और विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया है.
राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन में राजदूत का अनुभव
विदेश सचिव बनने से पहले मिस्री जनवरी 2022 से जुलाई 2024 तक उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy National Security Advisor) रहे. इससे पहले वह जनवरी 2019 से दिसंबर 2021 तक चीन में भारत के राजदूत रहे. उनके कार्यकाल के दौरान वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत-चीन के बीच तनाव का दौर भी देखने को मिला.
तीन दशक से अधिक का कूटनीतिक अनुभव
तीन दशक से अधिक लंबे कूटनीतिक करियर में विक्रम मिस्री ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. वह स्पेन और म्यांमार में भारत के राजदूत, श्रीलंका में उप उच्चायुक्त, जर्मनी के म्यूनिख में महावाणिज्य दूत और वॉशिंगटन डी.सी. स्थित भारतीय दूतावास में राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने ब्रुसेल्स, ट्यूनिस और इस्लामाबाद में भी विभिन्न राजनयिक पदों पर सेवाएं दी हैं.
तीन प्रधानमंत्रियों के रहे निजी सचिव
विक्रम मिस्री ने विभिन्न सरकारों के साथ काम करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल, डॉ. मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है. विदेश मंत्रालय में वह विदेश मंत्री के कार्यालय में निदेशक और पाकिस्तान डेस्क के उप सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं.
श्रीनगर से शुरू हुआ शैक्षणिक सफर
7 नवंबर 1964 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में जन्मे विक्रम मिस्री ने अपनी शुरुआती शिक्षा श्रीनगर और उधमपुर के विभिन्न स्कूलों में प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से पढ़ाई की. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास में स्नातक किया और बाद में XLRI, जमशेदपुर से एमबीए की डिग्री हासिल की.
कपिल शर्मा के पास मार्केटिंग, ग्राहक जुड़ाव और एक्सपीरियंशियल प्लेटफॉर्म्स में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
अनुभवात्मक मार्केटिंग एजेंसी थिंक एक्सक्यू (Think XQ) ने मंगलवार को अपने लग्जरी एक्सपीरियंस वर्टिकल बेस्पोक एक्सपीरियंस (Bespoke EXP) को और मजबूत करने की घोषणा की. कंपनी ने उद्योग के अनुभवी पेशेवर कपिल शर्मा को बेस्पोक एक्सपीरियंस का सह-संस्थापक (Co-Founder) नियुक्त किया है.
कपिल शर्मा के पास मार्केटिंग, ग्राहक जुड़ाव और एक्सपीरियंशियल प्लेटफॉर्म्स में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है. बेस्पोक एक्सपीरियंस से जुड़ने से पहले वह एचडीएफसी बैंक में वाइस प्रेसिडेंट - मार्केटिंग के पद पर कार्यरत थे. इस दौरान उन्होंने कई प्रमुख ग्राहक सहभागिता, स्पॉन्सरशिप और एक्सपीरियंशियल मार्केटिंग अभियानों का नेतृत्व किया.
कपिल शर्मा को ईटी मार्केटिंग लीडरशिप अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. इससे पहले वह कोटक महिंद्रा बैंक और द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप में भी नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुके हैं. ब्रांड निर्माण, उपभोक्ता जुड़ाव और बड़े आयोजनों के संचालन में उनका अनुभव कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
2025 में हुई थी बेस्पोक एक्सपीरियंस की शुरुआत
बेस्पोक एक्सपीरियंस की शुरुआत वर्ष 2025 में थिंक एक्सक्यू के लग्जरी एक्सपीरियंस वर्टिकल के रूप में हुई थी. कंपनी वैश्विक ग्राहकों के लिए हाई-एंड सोशल सेलिब्रेशन, लग्जरी इवेंट्स और प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी अनुभव तैयार करने में विशेषज्ञता रखती है.
कंपनी के संचालन केंद्र भारत, थाईलैंड, यूएई और ब्रिटेन में हैं, जबकि इसका परिचालन नेटवर्क 50 से अधिक देशों तक फैला हुआ है. कंपनी का उद्देश्य उन ग्राहकों के लिए विशेष अनुभव तैयार करना है जो उच्च गुणवत्ता और विशिष्टता की अपेक्षा रखते हैं.
अक्षय चावला और कपिल शर्मा मिलकर करेंगे नेतृत्व
बेस्पोक एक्सपीरियंस का नेतृत्व थिंक एक्सक्यू के मैनेजिंग डायरेक्टर अक्षय चावला और कपिल शर्मा संयुक्त रूप से करेंगे. दोनों के पास अनुभवात्मक मार्केटिंग, लग्जरी इवेंट्स और कस्टमाइज्ड ग्राहक अनुभव तैयार करने का लंबा अनुभव है.
शुरुआती प्रोजेक्ट्स से मिली पहचान
कंपनी ने लॉन्च के बाद कम समय में लग्जरी सेक्टर में अपनी पहचान बनाई है. इसके शुरुआती प्रमुख प्रोजेक्ट्स में मीडिया उद्यमी और इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा के परिवार के लिए दिशा शर्मा और एमजे सुदर्शन की शादी समारोह की योजना और सफल आयोजन शामिल है. इस आयोजन ने कंपनी की व्यक्तिगत और उच्च स्तरीय लग्जरी अनुभव तैयार करने की क्षमता को प्रदर्शित किया.
क्या बोले अक्षय चावला
थिंक एक्सक्यू के मैनेजिंग डायरेक्टर और बेस्पोक एक्सपीरियंस के संस्थापक अक्षय चावला ने कहा, "बेस्पोक एक्सपीरियंस में हम हर आयोजन को कुछ असाधारण बनाने का अवसर मानते हैं. कपिल शर्मा का सह-संस्थापक के रूप में जुड़ना हमारी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है. उनका अनुभव, उद्योग से मजबूत जुड़ाव और प्रीमियम उपभोक्ता सहभागिता की समझ हमारे कारोबार के विस्तार और नई सेवाएं विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगी."
कपिल शर्मा ने क्या कहा
कपिल शर्मा ने कहा, "मेरा हमेशा से मानना रहा है कि असली लग्जरी ऐसे अनुभव तैयार करने में है जो व्यक्तिगत हों, भावनात्मक रूप से जुड़ाव पैदा करें और बेहतरीन तरीके से क्रियान्वित किए जाएं. आज लग्जरी की पहचान मौलिकता, बारीकियों पर ध्यान और यादगार पल बनाने की क्षमता से होती है. बेस्पोक एक्सपीरियंस इन्हीं मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है. हम मिलकर रचनात्मकता और नवाचार के जरिए वैश्विक स्तर पर विश्वस्तरीय लग्जरी एक्सपीरियंस ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखते हैं."
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 31 दिसंबर 2026 तक संविदा आधार पर पुनर्नियुक्ति को दी मंजूरी
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल के कार्यकाल को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी संविदा आधार पर पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, रवि अग्रवाल का नया कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा और यह 31 दिसंबर 2026 तक या अगले आदेश जारी होने तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगा.
ACC ने दी पुनर्नियुक्ति की मंजूरी
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने रवि अग्रवाल को CBDT चेयरमैन के पद पर अतिरिक्त छह महीने के लिए नियुक्त करने को मंजूरी दी है. यह नियुक्ति संविदा आधार पर की गई है. सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रत्यक्ष कर संग्रह में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है और कर प्रशासन में कई महत्वपूर्ण सुधारों पर काम चल रहा है.
1988 बैच के IRS अधिकारी हैं रवि अग्रवाल
रवि अग्रवाल भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के 1988 बैच के अधिकारी हैं. उन्होंने 1 जुलाई 2024 को CBDT के चेयरमैन का पदभार संभाला था. कर प्रशासन और प्रत्यक्ष कर व्यवस्था में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए सरकार ने उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है.
CBDT की भूमिका अहम
CBDT देश में प्रत्यक्ष करों के प्रशासन और नीति निर्माण की शीर्ष संस्था है. यह आयकर विभाग के कामकाज की निगरानी करने के साथ-साथ कर सुधारों, अनुपालन बढ़ाने और करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. रवि अग्रवाल के कार्यकाल विस्तार को प्रत्यक्ष कर प्रशासन में निरंतरता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
राजीव कुमार 2017 से 2020 तक वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव रहे. उस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बढ़ते एनपीए, पूंजी की कमी और कमजोर बैलेंस शीट जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे थे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक HDFC बैंक ने नेतृत्व स्तर पर बड़ा फैसला लिया है. बैंक के बोर्ड ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को नया चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. हालांकि उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के बाद प्रभावी होगी. बैंकिंग सुधारों और वित्तीय क्षेत्र में लंबे अनुभव के चलते राजीव कुमार को बैंक के लिए एक अहम रणनीतिक नियुक्ति माना जा रहा है.
RBI की मंजूरी के बाद संभालेंगे जिम्मेदारी
HDFC बैंक के बोर्ड ने राजीव कुमार को चार साल के लिए स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी है. यह नियुक्ति 30 जून 2026 से प्रभावी होगी. बैंक की ओर से जारी नियामकीय सूचना के मुताबिक, RBI की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें तीन साल के लिए बैंक का अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया जाएगा. राजीव कुमार भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके हैं और इससे पहले उन्होंने वित्त मंत्रालय में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं.
अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे
राजीव कुमार पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे, जिन्होंने मार्च 2026 में नैतिक कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद बैंक नए चेयरमैन की तलाश कर रहा था.
बैंकिंग सुधारों में निभाई अहम भूमिका
राजीव कुमार 2017 से 2020 तक वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव रहे. उस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बढ़ते एनपीए, पूंजी की कमी और कमजोर बैलेंस शीट जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे थे.
उनके कार्यकाल में बैंकों में एनपीए की स्पष्ट पहचान, पर्याप्त प्रावधान और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया गया. इससे बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय स्थिति मजबूत करने में मदद मिली.
शेल कंपनियों और पोंजी स्कीमों पर कार्रवाई
DFS में कार्यभार संभालने के कुछ ही समय बाद करीब 3.38 लाख शेल कंपनियों के बैंक खाते फ्रीज किए गए. इसके अलावा 'बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट, 2019' लागू कर पोंजी स्कीमों पर भी कार्रवाई की गई.
राजीव कुमार ने बड़े कर्ज मामलों की निगरानी, धोखाधड़ी रोकने और बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाए.
PSB मर्जर और रिकैपिटलाइजेशन के सूत्रधार
उनके कार्यकाल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डाली गई. इसके साथ ही 27 सरकारी बैंकों का विलय कर 12 बड़े और मजबूत बैंक बनाए गए. रीजनल रूरल बैंकों के पुनर्गठन और बैंकिंग क्षेत्र के कंसोलिडेशन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही.
कई अहम संस्थानों में निभाई जिम्मेदारी
राजीव कुमार रिजर्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड, फाइनेंशियल स्टेबिलिटी एंड डेवलपमेंट काउंसिल, बैंक बोर्ड ब्यूरो, SBI और NABARD के बोर्ड समेत कई महत्वपूर्ण संस्थानों से जुड़े रहे हैं. वे आर्थिक पूंजी ढांचे और नीति आयोग के पुनर्गठन से जुड़ी समितियों का भी हिस्सा रह चुके हैं.
CEO शशिधर जगदीशन के कार्यकाल पर भी नजर
इस बीच HDFC बैंक के एमडी एवं CEO शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला है. माना जा रहा है कि बैंक बोर्ड उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने की सिफारिश कर सकता है. इस संबंध में RBI की मंजूरी का इंतजार रहेगा.
प्रभजीत सिंह सितंबर 2026 से कंपनी की भारतीय इकाई का नेतृत्व संभालेंगे और देश में AI अपनाने, रणनीतिक साझेदारियों और कारोबार विस्तार की जिम्मेदारी निभाएंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही ओपनएआई (OpenAI) ने भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने Uber इंडिया और दक्षिण एशिया के पूर्व प्रमुख प्रभजीत सिंह को भारत का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है. सितंबर 2026 से वह कंपनी की भारतीय इकाई का नेतृत्व संभालेंगे और देश में AI अपनाने, रणनीतिक साझेदारियों और कारोबार विस्तार की जिम्मेदारी निभाएंगे. प्रभजीत सिंह की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते AI बाजारों में शामिल हो रहा है और तकनीकी कंपनियां यहां अपनी मौजूदगी मजबूत करने में जुटी हैं.
सितंबर से संभालेंगे नई जिम्मेदारी
OpenAI ने कहा है कि प्रभजीत सिंह सितंबर 2026 से कंपनी के भारत प्रमुख के रूप में काम करेंगे. वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के मैनेजिंग डायरेक्टर किरण मणि को रिपोर्ट करेंगे और भारत में कंपनी के सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे. कंपनी की रणनीति भारत में AI के उपयोग को बढ़ावा देने, नए उपभोक्ताओं तक तकनीक पहुंचाने और एंटरप्राइज सेक्टर में AI आधारित समाधानों को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगी.
AI इकोसिस्टम को मजबूत करने पर रहेगा फोकस
OpenAI के मुताबिक, प्रभजीत सिंह की भूमिका केवल कारोबारी विस्तार तक सीमित नहीं होगी. वह सरकारी एजेंसियों, निजी संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के साथ साझेदारियां विकसित करने का भी काम करेंगे. कंपनी का उद्देश्य भारत में AI इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लाभों को अधिक से अधिक लोगों और संगठनों तक पहुंचाना है.
Uber में लगभग एक दशक का अनुभव
प्रभजीत सिंह ने आईआईटी कानपुर और आईआईएम अहमदाबाद से शिक्षा प्राप्त की है. वह वर्ष 2015 में Uber से जनरल मैनेजर और हेड ऑफ स्ट्रैटेजी के रूप में जुड़े थे. इसके बाद उन्होंने भारत और दक्षिण एशिया के कारोबार का नेतृत्व किया और वर्ष 2020 में कंपनी के प्रेसिडेंट बने. Uber से पहले वह मैकिन्से एंड कंपनी में एसोसिएट पार्टनर के पद पर कार्य कर चुके हैं.
Uber के विस्तार में निभाई अहम भूमिका
अपने लगभग दस वर्ष के कार्यकाल के दौरान प्रभजीत सिंह ने Uber के भारत में विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके नेतृत्व में कंपनी ने टियर-2 और छोटे शहरों में अपनी पहुंच मजबूत की. इसी दौरान Uber Moto, Uber Auto और इंटरसिटी ट्रैवल जैसी सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ. कंपनी ने सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के साथ भी एकीकरण बढ़ाया और डिजिटल मोबिलिटी समाधान विकसित किए.
भारत को बताया अहम बाजार
Uber ने प्रभजीत सिंह के इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत कंपनी के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है. कंपनी ने उनके नेतृत्व और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मजबूत टीम और व्यवसायिक आधार तैयार करने में अहम भूमिका निभाई. हालांकि Uber ने अभी तक उनके उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा नहीं की है. माना जा रहा है कि आने वाले कुछ सप्ताह में नए नेतृत्व का ऐलान किया जा सकता है.
बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच बदलाव
प्रभजीत सिंह ऐसे समय में Uber से अलग हो रहे हैं, जब भारतीय राइड-हेलिंग बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है. Rapido और अन्य घरेलू प्लेटफॉर्म तेजी से अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहे हैं. इसी बीच Uber ने अपने ऐप में मेट्रो टिकट बुकिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू की हैं. ONDC के जरिए कंपनी के प्लेटफॉर्म पर अब तक एक करोड़ से अधिक मेट्रो टिकट बुक किए जा चुके हैं. हाल ही में Uber ने ONDC में 60 करोड़ रुपये के रणनीतिक निवेश की भी घोषणा की थी.
भारत में AI बाजार को मिल सकती है नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रभजीत सिंह की नियुक्ति OpenAI की भारत रणनीति को नई दिशा दे सकती है. भारत पहले से ही ChatGPT और AI आधारित सेवाओं के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में शामिल है. ऐसे में अनुभवी नेतृत्व के साथ OpenAI देश में अपने कारोबार, साझेदारियों और AI अपनाने की रफ्तार को और तेज करने की तैयारी में है.
CEO के रूप में रत्नम आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS), भारत बिल भुगतान प्रणाली (BBPS) और घरेलू मनी ट्रांसफर सेवाओं सहित डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की रणनीति का नेतृत्व करेंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
डीवारा केजीएफएस डिजिटल सर्विसेज (Dvara KGFS Digital Services) ने रामकुमार रत्नम को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है. कंपनी के अनुभवी लीडर रत्नम अब संगठन की डिजिटल वृद्धि का नेतृत्व करेंगे और ग्रामीण भारत के वंचित समुदायों तक तकनीक आधारित वित्तीय सेवाओं की पहुंच को मजबूत बनाने पर ध्यान देंगे.
12 वर्षों का अनुभव, अब मिली नई जिम्मेदारी
रामकुमार रत्नम पिछले 12 वर्षों से द्वारा समूह से जुड़े हुए हैं. इससे पहले वह द्वारा केजीएफएस में मुख्य व्यवसाय अधिकारी (Chief Business Officer) के पद पर कार्यरत थे. इस दौरान उन्होंने कारोबार विस्तार, ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत करने और परिचालन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कंपनी ने ऐसे समय में उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी है, जब वह ग्रामीण परिवारों और सूक्ष्म उद्यमों के लिए तकनीक आधारित वित्तीय सेवाओं के नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने पर काम कर रही है.
डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार पर रहेगा जोर
CEO के रूप में रत्नम आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS), भारत बिल भुगतान प्रणाली (BBPS) और घरेलू मनी ट्रांसफर सेवाओं सहित डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की रणनीति का नेतृत्व करेंगे. कंपनी का लक्ष्य डिजिटल अवसंरचना नेटवर्क का विस्तार कर ग्रामीण उद्यमियों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करना भी है.
कंपनी ने जताया भरोसा
डीवारा केजीएफएस के CEO एलवीएलएन मूर्ति ने कहा कि समावेशी वित्त, ग्राहकों की जरूरतों और ग्रामीण बाजारों की गहरी समझ रामकुमार रत्नम को कंपनी के अगले विकास चरण का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त बनाती है. उन्होंने कहा कि रत्नम ने लगातार संगठन के कारोबार को मजबूत करने और वित्तीय समावेशन के मिशन को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया है.
डिजिटल नवाचार से बढ़ेगा वित्तीय समावेशन
अपनी नई जिम्मेदारी पर रामकुमार रत्नम ने कहा कि वह डिजिटल नवाचार के जरिए वंचित समुदायों की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी आवश्यक वित्तीय सेवाओं तक पहुंच का विस्तार जारी रखेगी और ग्राहकों, साझेदारों तथा अन्य हितधारकों के लिए अधिक मूल्य सृजित करने पर ध्यान देगी.
ग्रामीण भारत में बढ़ेगी डिजिटल पहुंच
रामकुमार रत्नम के नेतृत्व में द्वारा केजीएफएस डिजिटल सर्विसेज के डिजिटल भुगतान नेटवर्क को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है. कंपनी अपनी सेवाओं के दायरे का विस्तार करने के साथ-साथ तकनीक के माध्यम से देश के अधिक ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर देगी.
समीर सुनेजा के पास उपभोक्ता वस्तु उद्योग में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है. उन्हें बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन, नवाचार, ब्रांड प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार का व्यापक अनुभव हासिल है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
ट्रैवल और लाइफस्टाइल उत्पादों की वैश्विक कंपनी सैमसोनाइट ने समीर सुनेजा को स्वतंत्र गैर-कार्यकारी निदेशक (Independent Non-Executive Director) नियुक्त किया है. कंपनी ने उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र के अनुभवी कारोबारी नेता को अपने बोर्ड में शामिल कर नेतृत्व टीम को और मजबूत किया है. समीर सुनेजा को उपभोक्ता उत्पाद उद्योग में विकास, नवाचार, ब्रांड निर्माण और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन के लिए जाना जाता है. कंपनी का मानना है कि उनका अनुभव सैमसोनाइट के भविष्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
2013 से परफेटी वैन मेल का नेतृत्व कर रहे हैं समीर सुनेजा
समीर सुनेजा वर्तमान में परफेटी वैन मेल समूह के ग्रुप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं. वह वर्ष 2013 से इस पद पर कार्यरत हैं. उनके नेतृत्व में कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपने कारोबार का विस्तार किया है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. उन्होंने कंपनी की विकास रणनीति और वैश्विक संचालन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
तीन दशक से अधिक का उद्योग अनुभव
समीर सुनेजा के पास उपभोक्ता वस्तु उद्योग में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है. उन्हें बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन, नवाचार, ब्रांड प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार का व्यापक अनुभव हासिल है. ग्रुप सीईओ बनने से पहले उन्होंने परफेटी वैन मेल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. इनमें एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (ग्लोबल इनोवेशन एंड बिजनेस डेवलपमेंट) और भारत के प्रबंध निदेशक जैसे पद शामिल हैं.
फ्रीटो-ले और कोलगेट-पामोलिव में भी निभाई अहम भूमिका
परफेटी वैन मेल से जुड़ने से पहले समीर सुनेजा ने फ्रीटो-ले और कोलगेट-पामोलिव जैसी कंपनियों में ब्रांड मैनेजमेंट से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं. इन कंपनियों में काम करने के दौरान उन्होंने उपभोक्ता विपणन, ब्रांड रणनीति और व्यवसाय विकास के क्षेत्र में मजबूत अनुभव हासिल किया.
सैमसोनाइट को मिलेगा वैश्विक नेतृत्व का लाभ
कंपनी का मानना है कि समीर सुनेजा की नियुक्ति से सैमसोनाइट के बोर्ड को उपभोक्ता व्यवहार, ब्रांड रणनीति और वैश्विक बाजारों की गहरी समझ का लाभ मिलेगा. सैमसोनाइट वर्तमान में ट्रैवल और लाइफस्टाइल उत्पादों के बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. ऐसे में समीर सुनेजा का अनुभव कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और विकास योजनाओं को गति देने में सहायक साबित हो सकता है.
मानसा नागराजू, भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व क्षेत्र की डिजिटल रणनीति संभालेंगी.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए प्रौद्योगिकी और समाधान उपलब्ध कराने वाली अग्रणी कंपनी SKF इंडिया (इंडस्ट्रियल) ने मानसा नागराजू को भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व (ISEAM) क्षेत्र के लिए आईटी और डिजिटलीकरण प्रमुख नियुक्त किया है. कंपनी ने सोमवार को इसकी घोषणा की.
नई जिम्मेदारी में मानसा नागराजू भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व क्षेत्र में SKF की आईटी और डिजिटलीकरण रणनीति का नेतृत्व करेंगी. वह एंटरप्राइज स्तर पर डिजिटल परिवर्तन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने, डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करने और डेटा, क्लाउड तथा प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों के जरिए कारोबार वृद्धि को गति देने की जिम्मेदारी संभालेंगी.
डिजिटलीकरण को बताया विकास का इंजन
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए मानसा नागराजू ने कहा कि डिजिटलीकरण केवल परिचालन सुधार का माध्यम नहीं, बल्कि SKF इंडिया (इंडस्ट्रियल) के अगले विकास चरण का रणनीतिक इंजन है. उन्होंने कहा कि वह ऐसी टीम का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं, जो जटिल प्रक्रियाओं को सहज डिजिटल अनुभवों में बदलने की दिशा में काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि उन्नत डेटा सिस्टम, क्लाउड आर्किटेक्चर और आधुनिक डिजिटल टूल्स के जरिए कंपनी औद्योगिक बाजार को अधिक स्मार्ट, तेज और कुशल बनाने की दिशा में काम करेगी.
तकनीक और परिवर्तन प्रबंधन में लंबा अनुभव
मानसा नागराजू एक अनुभवी तकनीकी और परिवर्तन प्रबंधन विशेषज्ञ हैं. उनके पास एविएशन, एयरपोर्ट, सार्वजनिक सुरक्षा, फूड टेक और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर काम करने का व्यापक अनुभव है. उन्होंने डेटा रणनीति, क्लाउड डिलीवरी, डिजिटल एचआर और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स का सफल नेतृत्व किया है.
वैश्विक कार्यक्रमों का कर चुकी हैं नेतृत्व
व्यावसायिक दृष्टिकोण और मजबूत वित्तीय समझ के साथ मानसा ने कई बड़े वैश्विक कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है. उन्होंने लागत अनुकूलन, डिजिटल रणनीतियों के निर्माण और नेतृत्व टीमों के साथ मिलकर कारोबारी बदलावों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
एविएशन सेक्टर से की करियर की शुरुआत
मानसा ने अपने करियर की शुरुआत एविएशन सेक्टर से की थी. उन्होंने डेल्टा, एयर कनाडा, अमेरिकन एयरलाइंस और एसएएस जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए कार्गो ट्रैकिंग और बुकिंग सिस्टम विकसित किए. बाद में उन्होंने बिजनेस एनालिटिक्स और एयरपोर्ट संचालन के क्षेत्र में भी काम किया और डेटा आधारित पहलों के जरिए प्रदर्शन और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने में योगदान दिया.
डिजिटल परिवर्तन में गहरी विशेषज्ञता
अपने करियर के दौरान मानसा ने एयरलाइन कार्गो सिस्टम, एयरपोर्ट एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म और बड़े डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया है. SKF में वह क्लाउड, डेटा, डिजिटल एचआर और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े क्षेत्रों में कंपनी की डिजिटल यात्रा को नई दिशा देने का काम करेंगी.
पूर्व डेलॉइट कंसल्टिंग लीडर GCC क्षेत्र में कंपनी के विस्तार और क्लाइंट संबंधों को देंगे नई दिशा
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
प्रबंधन परामर्श क्षेत्र की भारतीय कंपनी प्राइमस पार्टनर्स (Primus Partners) ने मोहन दोईफोडे को प्राइमस स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट कंसल्टिंग LLC का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है. कंपनी ने मिडिल ईस्ट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने और नेतृत्व टीम के विस्तार के तहत यह नियुक्ति की है.
दुबई और रियाद में आधारित मोहन दोईफोडे GCC क्षेत्र में कंपनी की विकास रणनीति का नेतृत्व करेंगे. साथ ही वे ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत करने और रणनीति, परिवर्तन, सार्वजनिक नीति तथा प्रबंधन परामर्श सेवाओं से जुड़े कंसल्टिंग प्रोजेक्ट्स की निगरानी करेंगे.
दोईफोडे के पास प्रबंधन परामर्श, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और नेतृत्व भूमिकाओं में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने भारत और मिडिल ईस्ट के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया है. इससे पहले वह डेलॉइट इंडिया में निदेशक (कंसल्टिंग) के पद पर कार्यरत थे. बाद में उन्होंने मेराकी ग्लोबल की स्थापना की, जहां उन्होंने GCC बाजार में कई संस्थाओं को परामर्श सेवाएं प्रदान कीं. वह भारतीय सेना में कर्नल भी रह चुके हैं.
आईआईटी बॉम्बे और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के पूर्व छात्र दोईफोडे ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों के साथ विकास, नवाचार और संगठनात्मक परिवर्तन से जुड़ी कई परियोजनाओं पर काम किया है.
इस नियुक्ति की घोषणा करते हुए प्राइमस पार्टनर्स के सह-संस्थापक और ग्रुप सीईओ निलय वर्मा ने कहा कि मिडिल ईस्ट में कंसल्टिंग कारोबार को विकसित और विस्तार देने का दोईफोडे का अनुभव कंपनी को क्षेत्रीय साझेदारियों को मजबूत करने और ग्राहकों के लिए अधिक मूल्य सृजित करने में मदद करेगा.
कंपनी ने कहा कि यह नियुक्ति मिडिल ईस्ट बाजार के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है. प्राइमस पार्टनर्स क्षेत्र में अपने कंसल्टिंग कारोबार का विस्तार करने और संगठनों को जटिल कारोबारी चुनौतियों तथा विकास के अवसरों से निपटने में सहयोग देने पर फोकस कर रही है.
कंपनी में संस्थापक सदस्य और सीएमओ के रूप में प्रियंका अरोड़ा भारत में फैमिली कंटिन्यूटी श्रेणी के निर्माण की दिशा में काम करेंगी.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
फैमिली कंटिन्यूटी श्रेणी में कार्यरत कंपनी द प्लान बियॉन्ड (The Plan Beyond) ने प्रियंका अरोड़ा को अपना संस्थापक मुख्य विपणन अधिकारी (Chief Marketing Officer) नियुक्त किया है. मार्केटिंग, व्यवसाय परिवर्तन और विकास रणनीति के क्षेत्र में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली प्रियंका अब कंपनी के ब्रांड, बाजार विस्तार और रणनीतिक साझेदारियों का नेतृत्व करेंगी.
कंपनी में संस्थापक सदस्य और सीएमओ के रूप में प्रियंका अरोड़ा भारत में फैमिली कंटिन्यूटी श्रेणी के निर्माण की दिशा में काम करेंगी. साथ ही वे संगठन की ब्रांड रणनीति, व्यवसायिक विकास, बाजार विस्तार और एंटरप्राइज स्तर की रणनीतिक पहलों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगी.
वित्तीय सेवाओं से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन तक का व्यापक अनुभव
प्रियंका अरोड़ा को मार्केटिंग और व्यवसाय नेतृत्व के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम माना जाता है. उन्होंने वित्तीय सेवाओं, दूरसंचार, परामर्श और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में लंबा अनुभव अर्जित किया है.
द प्लान बियॉन्ड से जुड़ने से पहले वह एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थीं. इस दौरान उन्होंने बड़े स्तर पर मार्केटिंग ट्रांसफॉर्मेशन, एआई आधारित मार्केटिंग इकोसिस्टम, डिजिटल-फर्स्ट ग्रोथ रणनीतियों, ब्रांड पुनर्स्थापन और रणनीतिक व्यवसाय विस्तार कार्यक्रमों का नेतृत्व किया.
उनके नेतृत्व में ग्राहक जुड़ाव, राजस्व वृद्धि, बाजार हिस्सेदारी में विस्तार और विभिन्न वितरण व साझेदारी चैनलों में ब्रांड विकास को नई गति मिली.
कई प्रमुख कंपनियों में निभा चुकी हैं नेतृत्वकारी भूमिकाएं
अपने करियर के दौरान प्रियंका अरोड़ा ने भारती लाइफ वेंचर्स, फ्यूचर जेनराली इंडिया इंश्योरेंस, आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस, एयरटेल, मैकिन्से एंड कंपनी और मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ इंश्योरेंस जैसी कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं.
इन संस्थानों में कार्य करते हुए उन्होंने ग्राहक विश्लेषण, उपभोक्ता व्यवहार, ब्रांड रणनीति, ग्राहक जीवनकाल मूल्य प्रबंधन, फिनटेक इकोसिस्टम, डिजिटल मार्केटिंग, उत्पाद प्रबंधन, रणनीतिक योजना और व्यवसाय विकास के क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता हासिल की.
कई प्रतिष्ठित सम्मानों से हो चुकी हैं सम्मानित
आधुनिक मार्केटिंग जगत की प्रमुख आवाजों में शामिल प्रियंका अरोड़ा को BW 40 Under 40 और IMPACT 40 Under 40 जैसी प्रतिष्ठित सूचियों में स्थान मिल चुका है. इसके अलावा उन्हें कई ACEF अवॉर्ड्स से भी सम्मानित किया जा चुका है.
वह Effie Awards की जूरी सदस्य रह चुकी हैं, ET Sharks में भाग ले चुकी हैं और उद्योग जगत के विभिन्न मंचों पर नियमित वक्ता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती रही हैं.
नए बाजार वर्ग के निर्माण में निभाएंगी अहम भूमिका
कंपनी का मानना है कि मार्केटिंग उत्कृष्टता, व्यवसाय परिवर्तन, विकास रणनीति और नई श्रेणियों के निर्माण में प्रियंका अरोड़ा की विशेषज्ञता द प्लान बियॉन्ड को एक नए बाजार वर्ग के निर्माण में मदद करेगी. साथ ही उनका अनुभव देशभर के लाखों परिवारों के लिए दीर्घकालिक प्रभाव और मजबूत विरासत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट के लिए भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में चेतन शर्मा की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी गई है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के पद पर वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन शर्मा की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है. सरकारी अधिसूचना के अनुसार, चेतन शर्मा का कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से अगले छह महीने के लिए बढ़ाया गया है. यह नियुक्ति 31 दिसंबर 2026 तक या अगले आदेश जारी होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी.
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ASG) द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट के लिए भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में चेतन शर्मा की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी गई है.
अधिसूचना में कहा गया है, "श्री चेतन शर्मा, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया (दिल्ली हाईकोर्ट) की पुनर्नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से छह महीने की अतिरिक्त अवधि के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, की जाती है."
महत्वपूर्ण मामलों में कर रहे हैं केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व
चेतन शर्मा लंबे समय से दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने संवैधानिक कानून, सार्वजनिक नीति, कराधान, नियामकीय मामलों और प्रशासनिक कानून से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में सरकार की ओर से पैरवी की है. दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार से जुड़े कई अहम मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है और उन्हें कानूनी क्षेत्र में एक अनुभवी अधिवक्ता के रूप में देखा जाता है.
हाल में अन्य विधि अधिकारियों की भी हुई पुनर्नियुक्ति
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के लिए पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की पुनर्नियुक्ति को भी मंजूरी दी है. इसके अलावा सॉलिसिटर जनरल के पद पर तुषार मेहता की पुनर्नियुक्ति की भी घोषणा की गई है. कानूनी मामलों में सरकार की निरंतरता और अनुभव को बनाए रखने के उद्देश्य से इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.