IIC Elections: जानें अब किसके हाथों में आई संस्थान की कमान

IIC सेमिनार, सम्मेलन, प्रदर्शनियों, परफॉरमेंस और स्क्रीनिंग जैसी विविध प्रकार की गतिविधियों के लिए एक मंच प्रदान करता है.

Last Modified:
Monday, 27 March, 2023
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इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज और एग्जीक्यूटिव कमेटी के चुनाव शनिवार को कराए गए, जिसके परिणाम अगले दिन यानी रविवार को घोषित हुए. नवनिर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2023 से मार्च 2025 तक रहेगा.

किसे मिले कितने वोट
IIC राष्ट्रीय राजधानी में बौद्धिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का एक केंद्र है. रविवार को घोषित चुनाव परिणामों के अनुसार, सुहास बोरकर बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के विजेता रहे हैं. उन्हें कुल 266 वोट मिले, जबकि नेसार अहमद, अनीता सिंह, मीरा भाटिया और आरके भार्गव को क्रमश: 159, 138, 133 और 71 वोट मिले. बोरकर ने संस्था की बेहतरी की दिशा में काम करने का वादा किया है. सुहास बोरक मीडिया पर्सन और डाक्यूमेंट्री फिल्ममेकर हैं. 

इन्होंने भी मारी बाजी
एग्जीक्यूटिव कमेटी के चुनाव में पीके त्रिपाठी और संजीव चोपड़ा विजयी घोषित हुए हैं. त्रिपाठी को 339 वोट मिले, जबकि चोपड़ा के खाते में 285 आए. अनु जिंदल, गौरव जोशी, प्रदीप गुप्ता, सुरेंद्र कुमार, पंकज मित्तल, सुनील डांग और सुमन खेतान ने भी चुनाव लड़ा था. बता दें कि संजीव चोपड़ा पूर्व IAS अधिकारी (1985 बैच) हैं और मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के डायरेक्टर रहे हैं. त्रिपाठी भी पूर्व IAS (1977 बैच) हैं और चीफ सेक्रेटरी ऑफ दिल्ली रहे हैं.

समिति की सराहना
बोर्ड के मौजूदा सदस्यों और कार्यकारी समिति ने नवनिर्वाचित सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान, निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव समिति की सराहना की गई. IIC सेमिनार, सम्मेलन, प्रदर्शनियों, परफॉरमेंस और स्क्रीनिंग जैसी विविध प्रकार की गतिविधियों के लिए एक मंच प्रदान करता है. यह 1950 में अपनी स्थापना के बाद से देश का एक प्रमुख संस्थान रहा है, और आईआईसी देश में बौद्धिक एवं सांस्कृतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है.


उदयपुर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए कारोही, इन मुद्दों पर रहेगा फोकस 

उदयपुर होटल एसोसिएशन की नई टीम जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ट्रेन और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने का भी प्रयास करेगी. 

Last Modified:
Friday, 14 June, 2024
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उदयपुर होटल एसोसिएशन के 2024-26 के लिए हुए चुनाव में सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. एसोसिएशन की कमान एक बार फिर से सुदर्शन देव कारोही के हाथों में आई है. इस मौके पर कारोही ने कहा कि एसोसिएशन पर्यटन के क्षेत्र में उदयपुर को और आगे ले जाने का प्रयास करेगी. साथ ही होटल व्यवसायियों की परेशानियों को भी जल्द से जल्द दूर करने की कोशिश की जाएगी. एसोसिएशन की प्राथमिकता पर बात करते हुए नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि सरकार द्वारा विभिन्न लाइसेंस में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए, ताकि होटल व्यवसायियों को राहत मिल सके. 

खुलेगा नाइट फ़ूड मार्केट  
नवनिर्वाचित एसोसिएशन उदयपुर में नाइट फूड मार्केट स्थापित करने पर भी काम करेगी. राजस्थान का यह शहर पर्यटन के लिहाज से काफी समृद्ध है. यहां हर साल बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं. लेकिन देर रात तक मार्केट न खुले होने के चलते उन्हें खाने-पीने के लिए परेशान होना पड़ता है. होटल एसोसिएशन टूरिस्ट की इस परेशानी को दूर करना चाहती है. प्रेसिडेंट सुदर्शन देव कारोही ने कहा कि हम जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उदयपुर के लिए ट्रेन और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने का भी प्रयास करेंगे. 

एसोसिएशन की नई टीम
होटल एसोसिएशन की नई टीम में अध्यक्ष सुदर्शन देव कारोही के अलावा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष यशवर्धन राणावत, कार्यकारणी सदस्य - मनदीप सिंह चौहान, मुकेश माधवनी, उषा शर्मा, विकास पोरवाल, तेजिंदर रोबिन सिंह, गौरव कोठारी, निखिल दोषी, आकांशा गोयल, नरेश भादविया, जॉय सुवालका, पृथ्वीराज चौहान और सौनक वर्डिया शामिल हैं. चुनाव से पहले एसोसिएशन की वार्षिक बैठक भी आयोजित की गई थी. इसमें निवर्तमान अध्यक्ष धीरज दोषी ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की.         


मार लिया मैदान, कपिल सिब्बल अब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष 

करीब दो दशक बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव लड़ने वाले कपिल सिब्बल को जीत हासिल हुई है.

Last Modified:
Friday, 17 May, 2024
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सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष चुने गए हैं. कल यानी 16 मई को हुए चुनाव में सिब्बल को सबसे ज्यादा वोट मिले. सिब्बल की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह करीब 2 दशक बाद इस चुनाव का हिस्सा बने. सिब्बल इससे पहले 1995, 1997 और 2001 में SCBA अध्यक्ष रहे हैं. वहीं, कपिल सिब्बल के बार एसोसिएशन का अध्यक्ष चुने जाने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने खुशी व्यक्त की है. 

अब तक कायम है जलवा
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद की दौड़ में कपिल सिब्बल के साथ-साथ वरिष्ठ वकील प्रदीप राय, आदिश सी. अग्रवाल, प्रिया हिंगोरानी, त्रिपुरारी राय और नीरज श्रीवास्तव शामिल थे. सिब्बल को सबसे ज्यादा 1066 वोट मिले. दूसरे नंबर पर प्रदीप राय रहे, जिन्हें 689 वोट मिले. जबकि अग्रवाल के खाते में केवल 296 वोट आए. 2 दशक के लंबे अंतराल के बाद मैदान में सिब्बल को मिले वोट बताते हैं कि उनका जलवा अब भी कायम है. 

सिब्बल ने गिनाए काम
चुनाव परिणाम से पहले एक इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने कहा था कि वकील कानून के शासन को बनाए रखने के लिए हैं. वकील का उद्देश्य संविधान की रक्षा करना है. लिहाजा यदि आप बार को राजनीतिक झुकाव के आधार पर बांटते हैं, तो आप वकील के रूप में अपना कर्तव्य पूरा नहीं कर रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया था कि बार में पीने के पानी की सुविधा नहीं थी, मैंने वह व्यवस्था कराई. मैंने यहां टिकट बुक करने के लिए एक रेलवे रिजर्वेशन काउन्टर की व्यवस्था की थी. यहां की कैंटीन और लाइब्रेरी भी मेरी तरफ से स्थापित की गई थी.  

जयराम ने किया Tweet
वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर सिब्बल को बधाई दी है. उन्होंने लिखा है- कपिल सिब्बल भारी बहुमत से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए. यह उदारवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतों के लिए एक बड़ी जीत है. निवर्तमान प्रधानमंत्री के शब्दों में, यह राष्ट्रीय स्तर पर बहुत जल्द होने वाले बदलावों का एक ट्रेलर भी है.
 


Reckitt में कनिका कालरा को मिली ये अहम जिम्‍मेदारी, अब हेल्‍थ पर रखेंगी नजर 

कनिका कालरा मैकिन्से से पहले कनिका स्नैपडील, पर्सनल केयर में यूनिलीवर और पेप्सिको के साथ-साथ जीएसके कंज्यूमर के साथ काम कर चुकी हैं.

Last Modified:
Thursday, 16 May, 2024
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दुनिया की अग्रणी उपभोक्ता स्वास्थ्य और स्वच्छता कंपनी, रेकिट ने, रेकिट - दक्षिण एशिया में रिजनल मार्केटिंग डॉयरेक्‍टर, स्वास्थ्य और पोषण के रूप में कनिका कालरा की नियुक्ति कर दी है. इस भूमिका में, कनिका भारत और अन्य दक्षिण एशियाई बाजारों में रेकिट के स्वास्थ्य और पोषण ब्रैंड के पोर्टफोलियो के लिए मार्केटिंग रणनीति तैयार करने का काम करेंगी. 

इन क्षेत्रों में महारत रखती हैं कनिका
कनिका कालरा के पास व्यक्तिगत देखभाल(Personal Care), सौंदर्य (Beauty), भोजन और पेय, फैशन और ई-कॉमर्स सहित कई क्षेत्रों में उपभोक्ता, उपभोक्ता प्रौद्योगिकी और विपणन प्रथाओं को चलाने का 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है. रेकिट इंडिया में शामिल होने से पहले, कनिका मैकिन्से एंड कंपनी के साथ पार्टनर के रूप में जुड़ी हुई थीं और उन्होंने फर्म के कंज्‍यूमर, कंज्‍यूमर तकनीक और मार्केटिंग सिस्‍टम पर बड़े पैमाने पर काम किया है. कनिका 2020-2023 तक मैकिन्से के मुंबई कार्यालय की प्रबंध भागीदार भी थीं, जहां उन्होंने फर्म के नए मुंबई ऑफिस को खड़ा करने का काम किया. कनिका ने मैकिन्से इंडिया के लिए डायवर्सिटी और इंटीग्रिटी का नेतृत्व भी किया.

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क्‍या बोले कंपनी वाइस प्रेसीडेंट? 
कनिका की नियुक्ति पर अपनी बात कहते हुए रेकिट के  कार्यकारी उपाध्यक्ष दक्षिण एशिया गौरव जैन ने कहा कि, ‘रेकिट में, हम एक स्वस्थ दुनिया के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं और हम इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए कनिका के साथ उनकी नई भूमिका में काम करने के लिए उत्सुक हैं. जैसे-जैसे भारतीय उपभोक्ता लगातार विकसित हो रहा है, कनिका की सिद्ध क्षमता और विशेषज्ञता हमें अपने रणनीतिक विपणन को उस दिशा में ले जाने में मदद करेगी जो सभी बाजारों में हमारे उपभोक्ता आधार के साथ सार्थक रूप से जुड़ती है और प्रतिध्वनित होती है. 

इस मौके पर क्‍या बोलीं कनिका कालरा? 
रेकिट में रीजनल मार्केटिंग डॉयरेक्‍टर, स्वास्थ्य और पोषण, दक्षिण एशिया के पद पर नियुक्‍त हुई कनिका कालरा ने कहा कि ‘एक अग्रणी स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण कंपनी के रूप में रेकिट की प्रभावशाली वृद्धि प्रेरणादायक है. मैं प्रतिष्ठित ब्रैंड के हमारे पोर्टफोलियो के साथ काम करने और नए अनुभव बनाने को लेकर उत्साहित हैं. हमारे उपभोक्ताओं की गहरी जरूरतों को पूरा करें, ऐसे समय में जब हम सभी अपने स्वास्थ्य और अपने परिवार और समुदाय के बारे में सोचने के तरीके को रीसेट कर रहे हैं.

कनिका कालरा मैकिन्से से पहले कनिका स्नैपडील, पर्सनल केयर में यूनिलीवर और पेप्सिको के साथ-साथ जीएसके कंज्यूमर के साथ काम कर चुकी हैं. कनिका के पास लेडी श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, नई दिल्ली से गणित में कला स्नातक की डिग्री और भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ से मार्केटिंग में पीजीडीएम है.
 


RBI के नए कार्यकारी निदेशक बने Lakshmi Kanth Rao, संभालेंगे ये जिम्मेदारियां

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में कार्यकारी निदेशक (Executive director) के पद पर आर लक्ष्मी कांत राव (R Lakshmi Kanth Rao) को नियुक्त किया गया है.

Last Modified:
Saturday, 11 May, 2024
BWHindia

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आर लक्ष्मी कांत राव (R Lakshmi Kanth Rao) को तत्काल प्रभाव से कार्यकारी निदेशक (Executive director) नियुक्त किया है. लक्ष्मी कांत राव कार्यकारी निदेशक के तौर पर प्रमोट होने से पहले आरबीआई के डिपार्टमेंट ऑफ रेगुलेशन में चीफ जनरल मैनेजर-इन-चार्ज के तौर पर काम कर रहे थे. वह आरबीआई में पिछले तीन सालों से कई पदों पर काम कर चुके हैं.

संभालेंगे ये जिम्मेदारी
राव बतौर कार्यकारी निदेशक के रूप में जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (Deposite Insurance And Credit Guarantee Corporation), सूचना का अधिकार अधिनियम (Right To Information), संचार विभाग (Department Of Communication) को देखेंगे. आपको बता दें, राव के पास कॉमर्स में स्नातक की डिग्री है. उन्होंने वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, तिरूपति से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (वित्त) में मास्टर्स और TRRM (IIBF) में डिप्लोमा किया है. वह भारतीय बैंकिंग और वित्त संस्थान (IIBF) के प्रमाणित एसोसिएट भी हैं.

पिछले 3 दशक से आरबीआई के साथ 
लक्ष्मी कांत राव के पास आरबीआई में तीन दशक से काम कर रहे हैं. उन्होंने बैंक व NBFC रेगुलेशन, सुपरविजन ऑफ बैंक्स और कंज्यूमर प्रोटेक्शन जैसे क्षेत्रों में काम किया है. राव आरबीआई चेन्नई में बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) और लखनऊ में उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक के रूप में भी काम कर चुके हैं. वह कई कमेटी और वर्किंग ग्रुप के मेंबर के रूप में भी काम कर चुके हैं. राव आरबीआई की नीति निर्माण में योगदान देते रहे हैं. 

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Musashi के सीईओ की कुर्सी पर बैठेंगे Naoya Nishimura, इन देशों की संभालेंगे कमान  

मुसाशी ऑटो पार्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Musashi) ने नाओया निशिमुरा (Naoya Nishimura) को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्ति करने की घोषणा की है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 10 April, 2024
Last Modified:
Wednesday, 10 April, 2024
Naoya Nishimura

मुसाशी ऑटो पार्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Musashi), जापान मुसाशी सेमित्सु इंडस्ट्रीज की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी और भारत में टू व्हीलर और फोर व्हीलर ट्रांसमिशन कम्पोनेंट्स की लीडींग मैन्यूफैक्चर कंपनी ने नाओया निशिमुरा (Naoya Nishimura) को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्ति करने की घोषणा की है. नाओया निशिमुरा कंपनी के साथ काफी सालों से जुड़े हुए हैं और कई बड़े पदों पर काम कर चुके हैं. इन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी काम किया है. 

दो दशकों से कर रहे कंपनी के साथ काम
कंपनी का कहना है कि निशिमुरा की सीईओ के रूप में नियुक्ति का यह कदम उनकी नेतृत्व टीम को मजबूत करने और भारतीय बाजार में ध्यान केंद्रित करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है. निशिमुरा दो दशकों से अधिक समय से मुसाशी के साथ जुड़े हुए हैं और उन्होंने जापान और उत्तरी अमेरिका जैसे कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में काम किया है. उन्होंने मुसाशी में संचालन (operations), नए ग्राहक अधिग्रहण (new customer acquisition), अनुसंधान एवं विकास (research and development) और व्यवसाय योजना (business planning)  सहित विभिन्न क्षमताओं के साथ भी काम किया है. 

ईवी प्रोडक्ट की पैठ बढ़ाने के लिए करेंगे काम
कंपनी के अनुसार निशिमुरा रिसर्च एवं डेवलपमेंट, इलेक्ट्रिफिकेशन एवं बिजनेस एक्सपैंशन में अपने लीडरशीप और एक्सटेंसिव बैग्राउंड के साथ सर्वोच्च गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट्स  के साथ ऑटो उद्योग में क्रांति लाने के लिए एक नया विजन लेकर आए हैं. अपनी नई भूमिका में निशिमुरा भारत और अफ्रीका के बाजार में मुसाशी के ईवी उत्पादों की पैठ बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे. इससे पहले नाओया निशिमुरा मुसाशी में ग्लोबल चीफ आर एंड डी ऑफिसर (global Chief R&D Officer) के पद पर रह चुके हैं. उनकी नियुक्ति की घोषणा करते हुए मुसाशी के प्रेजिडेंट और सीईओ हिरोशी ओत्सुका (Hiroshi Otsuka) ने कहा है कि ग्लोबल एक्सपीरियंस और परिप्रेक्ष्य (perspective) के साथ नए सीईओ की नियुक्ति से वह गौरवान्वित हैं. निशिमुरा ग्लोबल एक्सपीरियंस, विजन और डाइवर्सिटी की गतिशीलता के साथ समकालीन नेतृत्व (contemporary leadership) का उभरते चेहरा हैं. उनकी विशेषज्ञता मुसाशी इंडिया को तेज गति से विकास और पूंजीगत खर्च मामले में ओईएमएस (OEMS) के सामने आने वाली नई चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी.

Naoya Nishimura ने कही ये बात

नाओया निशिमुरा ने कहा कि वह भारत के सस्टेनेबल मोबिलिटी (Sustainable Mobility) भविष्य को आकार देने में मुसाशी के साथ शामिल होने के लिए उत्साहित हैं. हमारा समर्पण आविष्कारशील समाधान प्रदान करने में निहित है जो ऑटोमोटिव क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन को प्रेरित करता है. वह अपनी टीम के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं. अपने अंतिम उपभोक्ताओं के लिए नवीन और अत्याधुनिक समाधानों (innovative and cutting-edge solutions) को आगे बढ़ाते हुए मुसाशी इंडिया का लक्ष्य उच्च प्रदर्शन वाली ईवी ड्राइव इकाइयों की आपूर्ति करके और देश के स्वच्छ परिवहन में परिवर्तन का समर्थन करके भारत के इलेक्ट्रिक वाहन परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है.


Merck India की लाइफ साइंस यूनिट के MD बने ये शख्स, इनके पास अनुभव का भंडार

Merck India ने Dhananjay Singh सिंह को भारत में Head of Science and Lab Solutions (Commercial) का प्रमुख बनाने की घोषणा की है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 10 April, 2024
Last Modified:
Wednesday, 10 April, 2024
Dhananjay Singh

मर्क इंडिया (Merck India) ने भारत में मर्क लाइफ साइंस (Life Science) के प्रबंध निदेशक (MD) के रूप में धनंजय सिंह की नियुक्ति की घोषणा की है. उनकी नियुक्ति 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी हो गई है. धनंजय सिंह ने श्रीनाथ एनएस की जगह ली है, जो 36 वर्षों तक मर्क इंडिया की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त हो गए हैं.

कंपनी की रणनीति को बढ़ाएंगे आगे
कंपनी के अनुसार धनंजय सिंह प्रबंध निदेशक के रूप में भारत में मर्क लाइफ साइंस की रणनीति को आगे बढ़ाएंगे, देश में अन्य मर्क बिजनेस लीडर्स के साथ शासन, अनुपालन और सहयोग  (governance, compliance and collaboration) सुनिश्चित करेंगे. सिग्मा-एल्ड्रिच (Sigma-Aldrich) और मर्क इंडिया जैसे वाणिज्यिक संगठनों में विभिन्न बड़े पदों पर रहने के बाद धनंजय सिंह अपनी नई भूमिका में अनुभव का खजाना लेकर आए हैं. मर्क इंडिया की कंट्री स्पीकर प्रतिमा रेड्डी ने बाजार की गतिशीलता और संबंध प्रबंधन में अपनी विशेषज्ञता के साथ भारतीय बाजार में मर्क लाइफ साइंस की स्थिति को मजबूत करने की सिंह की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया. 

टीम की क्षमता पर भरोसा

अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने पर सिंह ने कहा है कि वह ‘भारत के लिए भारत और विश्व के लिए 
भारत’ पर रणनीतिक फोकस के साथ ग्राहकों की मांगों को पूरा करने के लिए मर्क लाइफ साइंस की प्रतिबद्धता पर जोर देंगे. उन्हें अपने ग्राहकों के साथ मजबूत साझेदारी और समर्पित टीम वर्क के माध्यम से अद्वितीय सफलता हासिल करने की टीम की क्षमता पर विश्वास है. उन्होंने कहा है कि भारत में लाइफ साइंस उद्योग के जटिल परिदृश्य को समझने, विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ जैसी सरकारी पहल का समर्थन करने के लिए कंपनी पूरी तरह समर्पित है. 
 


इस फाइनेंस कंपनी से जुड़े सिद्धार्थ भामरे, कई बड़े संस्थानों में कर चुके हैं काम

Asit C Mehta Investment Interrmediates Ltd ने सिद्दार्थ भामरे को अपना रिसर्च हेड नियुक्त करने की घोषणा की है. 1984 में स्थापित असित सी. मेहता का भारत के फाइनेंस सर्विस सेक्टर में एक बड़ा नाम है. 

Last Modified:
Thursday, 04 April, 2024
Siddharth Bhamre

पैंटोमैथ फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप (Pantomath Financial Services Group) ने धन प्रबंधन (Wealth Management), फिनटेक(Fintech), स्टॉक ब्रोकिंग (Stock Brocking) और वितरण (Distribution) में व्यापार करते हुए विस्तार और विविधीकरण (Ecpension and Diversificaion) की अपनी यात्रा जारी रखी है. कंपनी लगातार अपनी टीम को मजबूत बनाने का काम कर रही है. इसी क्रम में ग्रुप की एक महत्वपूर्ण इकाई असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स लिमिटेड (Asit C Mehta Investment Interrmediates Ltd) ने एक डायनेमिक पर्सनैलिटी सिद्दार्थ भामरे को अपना रिसर्च हेड नियुक्त करने की घोषणा की है. 1984 में स्थापित असित सी. मेहता भारत में फाइनेंस सर्विस सेक्टर में एक बड़ा नाम है. 

इन संस्थानों में अपनी सेवा दे चुके हैं सिद्धार्थ 
सिद्धार्थ भामरे इनक्रेड कैपिटल(InCred Capital) , ईटी नाउ(ET Now), एंजेल ब्रोकिंग(Angle Broking), आनंद राठी सिक्योरिटीज और रेलिगेयर ब्रोकिंग (Anand Rathi Securities and Religare Broking) में प्रमुख पदों पर रहकर अपनी सेवा दे चुके हैं, उनके पास फाइनेंशियल सर्विस इंडस्ट्री में 17 वर्षों से अधिक अनुभव है. अपने इस अनुभव के साथ ही वह इस कंपनी को ऊंचाईयों पर ले जाने का काम करेंगे. 

भामरे के पास इन क्षेत्रों में है विशेषज्ञता 
भामरे एक अनुभवी विश्लेषक हैं, जिनके पास बाजार डेटा, अर्थव्यवस्था और निवेश विचारों, उद्योग के रुझान और रणनीति पर अंतर्दृष्टि का विश्लेषण करने में विशेषज्ञता (expertise) है. फाइनेंस में एमबीए के साथ, सिद्दार्थ के पास ऐसे बिंदुओं की संरचना करने की एक अद्वितीय क्षमता है, जो उद्योग के तर्क (Industry logic) के साथ  रणनीतिक अर्थ (strategic sense) रखते हैं. विभिन्न संगठनों में उनका दूरदर्शी दृष्टिकोण उनकी समग्र उपलब्धियों को स्पष्ट करता है और समूह के भीतर प्रभावशाली अनुसंधान पहलों का नेतृत्व करने और चलाने की उनकी क्षमता को रेखांकित करता है.

फाइनेंस सर्विस सेक्टर में होगा इनोवेशन

असित सी मेहता की मैनेजिंग डायरेक्टर दीना मेहता और पैंटोमैथ ग्रुप की को-फाउंडर और असित सी मेहता फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की निदेशक मधु लुनावत ने कहा है कि हम बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहे हैं. हमारे व्यवसाय की संस्थागत शाखा में मजबूत पकड़ रखने वाले सिद्दार्थ की नियुक्ति हमारे ग्राहकों को अद्वितीय मूल्य प्रदान करेगी. हमारे व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उनका समृद्ध अनुभव और रणनीतिक दृष्टि संस्थागत व्यवसाय में एक लीडर के रूप में हमारी स्थिति को मजबूत करने का काम करेगा. वह संस्थान से जुड़कर फाइनेंस सर्विस सेक्टर में अपनी इनोवेटिव सोच का परिचय देंगे.  

इनोवेशन और ग्रोथ से लिखेंगे एक नया अध्याय
असित सी मेहता लिमिटेड के रिसर्च हेड सिद्दार्थ भामरे ने कहा है कि वह इस नए अध्याय को शुरू करने के लिए रोमांचित हैं. जैसा कि हम गतिशील बाजार परिदृश्यों से गुजर रहे हैं, उन्हें विश्वास है कि उनके सामूहिक प्रयास से कंपनी आगे बढ़ेगी. उनके ग्राहकों और निवेशकों के लिए इनोवेशन और ग्रोथ के अवसरों का पोषण कर वह एक नया अध्याय तैयार करेंगे और विकास के अवसरों को अनलॉक करेंगे.


 


Microsoft विंडोज की कमान संभालने वाले Pavan Davuluri के बारे में कितना जानते हैं आप?

पवन दावुलुरी पिछले 23 सालों से माइक्रोसॉफ्ट के साथ हैं. इस दौरान उन्होंने विभिन्न पदों पर काम किया है.

Last Modified:
Tuesday, 26 March, 2024
Photo Credit: Pavan Davuluri

भारतीय मूल के पवन दावुलुरी (Pavan Davuluri) को माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में बड़ी जिम्मेदारी मिली है. IIT Madras से पढ़ाई करने वाले पवन को माइक्रोसॉफ्ट ने Windows और Surface डिवाइस टीम का नया बॉस बनाया है. पवन से पहले यह जिम्मेदारी Panos Panay संभाल रहे थे. उन्होंने बीते साल माइक्रोसॉफ्ट छोड़कर अमेजन (Amazon) का दामन थाम लिया था. इस वजह से यह पद रिक्त चल रहा था. अब कंपनी ने पवन दावुलुरी को यह दायित्व सौंपा गया है.  

Bharat से है खास कनेक्शन
पवन दावुलुरी इससे पहले Surface Silicone का काम देखा करते थे. पवन का भारत से काफी खास कनेक्शन है. वे देश के प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट IIT Madras से पढ़ाई कर चुके हैं. पवन 2001 में माइक्रोसॉफ्ट में शामिल हुए थे और लगभग तीन वर्षों से वह कॉर्पोरेट उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं. उनके प्रमोशन की घोषणा माइक्रोसॉफ्ट द्वारा डीपमाइंड के पूर्व सह-संस्थापक मुस्तफा सुलेमान को माइक्रोसॉफ्ट AI के प्रमुख के रूप में नियुक्त करने के ऐलान के एक हफ्ते बाद हुई है. इसी के अस्त पवन दावुलुरी अब लीडरशिप के उस ग्रुप का हिस्सा बन गए हैं, जिसमें सुंदर पिचाई और सत्य नडेला जैसे भारतीय अमेरिकी शामिल हैं.

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23 सालों का है साथ
पवन दावुलुरी और माइक्रोसॉफ्ट के साथ करीब 23 सालों का है. यूनिवर्सिटी और मैरीलैंड से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद इसका हिस्सा बन गए थे. शुरुआत में पवन यहां Reliability Component Manager की भूमिका में थे. विंडोज माइक्रोसॉफ्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है. कंपनी के ग्राहक अपने आईटी प्रोजेक्टों के लिए किस क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करना है, यह निर्णय लेते समय विंडोज पर अपनी निर्भरता पर विचार करते हैं. लिहाजा, पवन को इसकी जिम्मेदारी सौंपना दर्शाता है कि कंपनी को उन पर कितना विश्वास है. 

इन पदों पर किया है काम
पवन ने माइक्रोसॉफ्ट में कई पदों पर काम किया है. इस प्रमोशन से पहले वह कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत थे और विंडोज सिलिकॉन एवं सिस्टम इंटीग्रेशन देखते थे. अपनी नई स्थिति में, दावुलुरी सिलिकॉन सिस्टम विकसित करने पर केंद्रित एक टीम का नेतृत्व करेंगे. पवन ने अपने Linkedin प्रोफाइल में बताया है कि 2001 - 2005 उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में बतौर Reliability Component Manager काम किया. इसके बाद 2005 - जनवरी 2010 तक उन्होंने Design Verification Manager का पद संभाला. फरवरी 2019 से सितंबर 2022 तक वह कंपनी में Distinguished Engineer के रूप में कार्यरत रहे. अगस्त 2009 को उन्हें Platforms Development Manager की जिम्मेदारी सौंपी गई. जुलाई 2015 को मिले प्रमोशन में उन्हें General Manager, Surface बनाया गया. अगस्त 2021 में उन्हें Corporate Vice President, Windows Silicon & Systems Integration नियुक्त किया गया. 
 


UP के इस रिटायर्ड अधिकारी को मिली प्रसार भारती की जिम्‍मेदारी, जानिए कौन हैं ये?

1988 बैच उत्तर प्रदेश कॉडर के सेवानिवृत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल को प्रसार भारती का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. इनका कार्यकाल 3 वर्ष का होगा.

Last Modified:
Saturday, 16 March, 2024
prasar bharti

1988 बैच उत्तर प्रदेश कॉडर के सेवानिवृत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल को प्रसार भारती का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. नवनीत सहगल  ए. सूर्य प्रकाश की जगह आए हैं, जिनका कार्यकाल फरवरी 2020 में समाप्त हो गया था. प्रसाद भारती में चेयरमैन का यह पद पिछले चार साल से खाली था.  सहगल आज अपना पदभार संभालेंगे और उनका यह कार्यकाल 3 वर्ष का होगा.

35 वर्ष सेवा देने के बाद हुए थे रिटायर

नवनीत सहगल बसपा, सपा और भाजपा सरकार में अहम भूमिका में रहे और  पिछले साल 35 वर्ष की लंबी सेवा के बाद रिटायर हुए थे. प्रसार भारती के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सूचना के क्षेत्र में नवनीत सहगल के व्यापक व विशाल अनुभवों का लाभ निश्चित रूप से प्रसार भारती को मिलेगा.

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के भी सचिव रहे

1988 बैच के आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल बसपा सरकार में मुख्यमंत्री मायावती के सचिव रहे. तब पंचम तल पर वे सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में से एक माने जाते थे. हालांकि, वर्ष 2012 में सपा सरकार बनने पर उन्हें हटाकर प्रतीक्षा में डाल दिया गया, लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें दोबारा तैनाती दे दी गई. 

अखिलेष यादव के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक

नवनीत सहगल तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से वह एक रहे. उनके पास सूचना विभाग के अलावा यूपीडा की भी जिम्मेदारी रही. यूपीडा के सीईओ रहते उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण की जिम्मेदारी संभाली.

योगी सरकार में इस विभाग की संभाली कमान

नवनीत सहगल को योगी सरकार के पहले कार्यकाल में सूचना जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन सरकार के दूसरे कार्यकाल के गठन के कुछ समय बाद ही उनके समीकरण बिगड़ने लगे. इसके बाद उन्हें 31 अगस्त 2022 को खेल विभाग में भेज दिया गया. हालांकि, उन्होंने खेल विभाग में भी कई महत्वपूर्ण काम किए.

सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने आदेश में क्या कहा?

 

सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा 15 मार्च को जारी एक आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रपति  को  चयन समिति की सिफारिश पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के सेवानिवृत्त अधिकारी नवनीत कुमार सहगल को प्रसार भारती बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करते हुए प्रसन्नता है. उनकी नियुक्ति उनके पद का कार्यभार संभालने की तारीख से तीन साल की अवधि या उनके 70 वर्ष का होने तक प्रभावी होगी.

 

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Zee में हुए कई अहम बदलाव, इस शख्‍स ने दिया इस्‍तीफा 

कंपनी की परफारमेंस को सुधारने के लिए पुनीत गोयनका ने ये भी तय किया है कि एक ओर जहां वैल्‍यू एडिशन किया जाएगा वहीं दूसरी ओर कंपनी की कॉस्‍ट घटाने, को लेकर काम करेगा.

Last Modified:
Sunday, 10 March, 2024
Zee

जी सोनी डील टूटन के बाद पुनीत गोयनका ने देर रात कई अहम बदलावों की घोषणा की है. कंपनी के एडवरटाइजमेंट के चीफ ग्रोथ ऑफिसर आशीष सेहगल अब सीधे सीईओ और एमडी पुनीत गोयनका को रिपोर्ट करेंगे. वहीं कंपनी ने राहुल जौहरी के इस्‍तीफे को स्‍वीकार कर लिया है, जो अभी तक कंपनी के सभी रेवेन्‍यू और मॉनेटाइजेशन की जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे. इन बदलावों को उसी कड़ी में देखा जा रहा है जिसमें पुनीत गोयनका ने कुछ दिन पहले कहा था कि आने वाले समय में वो कई बदलाव करेंगे. 

क्‍या बोले पुनीत गोयनका? 
ZEE के एमडी और सीईओ पुनित गोयनका ने कहा, अपनी समृद्ध विशेषज्ञता और अनुभव के साथ, राहुल ने कंपनी में बड़ा वैल्‍यू एडिशन किया है. मैं उनके भविष्य में सफलता की कामना करता हूं. मुझे पूरा यकीन है कि खेल और मीडिया बिजनेस को लेकर जो उनका जुनून है वो आगे भी जारी रहेगा और वो उसमें अपना योगदान देते रहेंगे.  मैं आगे आने वाले दिनों में आशीष और उनकी टीम के साथ मिलकर काम करने के लिए भी उत्सुक हूं. 

राहुल जौहरी ने कही ये बात 
राहुल ने अपने इस्‍तीफे पर कहा कि पुनीत और उनकी टीम के साथ काम करना बेहद अच्‍छा रहा. ZEE एक 'अकादमी ऑफ टैलेंट' है और मुझे इस बात पर हमेशा गर्व रहेगा मैं इससे जुड़ा. राहुल ने ये भी कहा कि वो आने वाले दिनों में भी खेल और मीडिया बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए काम करना जारी रखेंगे.  मैं पुनित और टीम ZEE को शुभकामनाएं देता हूं. 

एमडी ने लिए ये अहम फैसले 

पुनीत गोयनका के द्वारा जारी किए गए बदलावों के तहत अब आशीष सहगल एमडी के साथ जुड़ते हुए एडवरटाइजमेंट बढ़ाने को लेकर काम करेंगे. पुनीत गोयनका ने ये भी निर्णय लिया है कि वो रेवेन्‍यू ऑफिस के साथ सीधे संपर्क में रहेंगें और अब तक जो राहुल जौहरी को रिपोर्ट कर रहे थे वो उन्‍हें रिपोर्ट करेंगे. साथ एमडी का ऑफिस कंपनी की परफारमेंस को सुधारने और शेयर होल्‍डरों के हित के लिए और बेहतर प्रयास करता रहेगा. एमडी ऑफिस ने ये भी तय किया है कि एक ओर जहां वैल्‍यू एडिशन किया जाएगा वहीं दूसरी ओर कंपनी की कॉस्‍ट घटाने, संसाधनों का ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्‍तेमाल करने को लेकर भी काम करेगा.