परेशानियों से घिरी Byju’s में Jiny That के हाथ आई CTO की कमान!

Byju’s अपने बिजनेस को रि-स्ट्रक्चर कर रही है और अब कंपनी की तकनीकी पहलों के लिए Jiny Thattil जिम्मेदार होंगे.

Last Modified:
Monday, 27 November, 2023
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परेशानियों से घिरी एडटेक कंपनी Byju’s को लेकर इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. माना जा रहा है कि पूर्व CTO (चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर) अनिल गोयल के जाने के बाद अब कंपनी ने इस पद के लिए Jiny Thattil को चुना है. आपको बता दें कि इससे पहले Jiny Thattil, Byju‘s की  इंजीनियरिंग शाखा के वाईस प्रेसिडेंट रह चुके हैं. 

कंपनी में जारी हैं बदलाव
फिलहाल Byju’s अपने बिजनेस को रि-स्ट्रक्चर कर रही है और अब कंपनी की तकनीकी पहलों के लिए Jiny Thattil जिम्मेदार होंगे. आपको बता दें कि Jiny इससे पहले Happay, अमेजन (Amazon), और इनमोबी (InMobi) जैसी विभिन्न कंपनियों में भी काम कर चुके हैं. अपने नए CTO की नियुक्ति के मौके पर कंपनी ने एक बयान में कहा है कि Jiny अपने साथ इंजीनियरिंग टीमों को बनाने और उन्हें मजबूत करने का व्यापक अनुभव, कारोबार और कस्टमर को अच्छे रिजल्ट्स के साथ-साथ विभिन्न प्रोडक्ट्स के लाइनअप और प्लेटफॉर्म्स में इनोवेशन को बढ़ावा देने के अनुभव को अभी अपने साथ लेकर आ रहे हैं. 

अनिल गोयल को प्रकट किया आभार
Byju’s भारत (Byju’s India) के CEO अर्जुन मोहन ने इस मौके पर कहा है कि हम Jiny Thattil को CTO के रूप में प्रमोट करके काफी खुश हैं और उनके व्यापक अनुभव और लीडरशिप स्किल्स की बदौलत इस महत्त्वपूर्ण भूमिका के लिए वह सबसे अच्छे कैंडिडेट थे. हम पूर्व CTO अनिल गोयल को भी उनके द्वारा किये गए शानदार काम और पूरी लगन से अपनी भूमिका निभाने के लिए आभार प्रकट करते हैं. कंपनी का कहना है कि फिलहाल कंपनी अर्जुन मोहन की अध्यक्षता में अपने कारोबार को रि-स्ट्रक्चर कर रही है और Jiny की नियुक्ति भी इसी बदलाव के तहत हुई है. 

कई बड़े नामों ने दिए इस्तीफे
आपको बता दें कि Byju’s में चल रही रि-स्ट्रक्चरिंग की वजह से ही पिछले कुछ समय के दौरान हमें कंपनी में कई महत्त्वपूर्ण लोगों के इस्तीफे देखने को मिले हैं. आपको बता दें कि कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर प्रत्युष अग्रवाल, वाइटहैट जूनियर की CEO अनन्या त्रिपाठी और अंतर्राष्ट्रीय बिजनेस प्रमुख Cherian Thomas ऐसे कुछ प्रमुख नाम हैं जिन्होंने कंपनी में जारी इस बदलाव के बीच अपने पद से इस्तीफा दिया है. हाल ही में कंपनी के CFO (Chief Financial Officer) अजय गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद फाइनेंस के प्रमुख नितिन गोलानी को कंपनी के CFO की भूमिका निभानी पड़ी थी.
 

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संजय कुमार ने संभाली IRCTC की ड्राइविंग सीट, क्या शेयरों की बढ़ेगी रफ्तार? 

RTS के 1990 बैच के अधिकारी संजय कुमार जैन को आईआरसीटीसी का सीएमडी बनाया गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 15 February, 2024
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Thursday, 15 February, 2024
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इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के टॉप मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव हुआ है. संजय कुमार जैन (Sanjay Kumar Jain) को आईआरसीटीसी का सीएमडी नियुक्त किया गया है. भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के 1990 बैच के अधिकारी संजय कुमार जैन चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं. उनके पास महत्वपूर्ण विभागों को संभालने का करीब 3 दशक का अनुभव है. संजय उत्‍तर रेलवे में प्रमुख मुख्‍य वाणिज्यिक प्रबंधक भी रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने IRCTC के समूह महाप्रबंधक (उत्‍तर क्षेत्र) की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ मध्‍य रेलवे में मंडल रेलवे प्रबंधक, लोक उद्यम विभाग में संयुक्‍त सचिव, राष्‍ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम में अंशकालिक अध्‍यक्ष एवं सीईओ की भूमिका भी निभाई है.

निभाया अहम किरदार
संजय कुमार जैन ने रेल सफर को ज्यादा आरामदायक बनाने में अहम किरदार निभाया है. IRCTC के समूह महाप्रबंधक (उत्‍तर क्षेत्र) के रूप में उन्होंने लग्‍जरी ट्रेन 'महाराजा एक्‍सप्रेस' को नया आयाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी. इसके अलावा, नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन पर एयरपोर्ट लाउंज की तर्ज पर तैयार भारत के पहला एग्‍जीक्‍यूटिव लाउंज की शुरुआत में भी उनका योगदान रहा है. संजय जैन के नेतृत्‍व में IRCTC उत्‍तरी क्षेत्र ने काफी तरक्की की है. खासतौर पर पर्यटन कारोबार 5 साल में लगभग 35 गुना तक बढ़ा है.

रेल मंत्री अवॉर्ड से सम्मानित
मुंबई के मंडल रेल प्रबंधक यानी DRM के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान संजय कुमार ने कई उल्लेखनीय कार्य किए. उन्होंने स्‍वच्‍छता मिशन पर फोकस करते हुए कई कदम उठाए, जिसके चलते छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस को जल शक्ति मंत्रालय की ओर से सर्वश्रेष्‍ठ प्रतिष्ठित स्‍वच्‍छता स्‍थल पुरस्‍कार प्रदान किया गया. जैन की उत्‍कृष्‍ट सेवाओं के लिए उन्हें भारतीय रेलवे के सर्वोच्‍च सम्‍मान 'रेल मंत्री पुरस्‍कार' से दो बार सम्‍मानित किया जा चुका है. अब यह देखने वाली बात होगी कि वह IRCTC को किस तरह आगे लेकर जाते हैं. 

ऐसा रहा है स्टॉक्स का प्रदर्शन
IRCTC के शेयरों की बात करें, तो स्टॉक स्प्लिट के बाद से इस शेयर की रफ्तार पहले जितनी नहीं रही है. बुधवार को IRCTC के शेयरों में 2.57% की तेजी देखने को मिली और यह 933.85 रुपए के भाव पर बंद हुआ. जबकि पिछले 5 कारोबारी सत्रों में ये शेयर 2.23% लुढ़का है और एक महीने में इसमें 3.47% की गिरावट आई है. हालांकि, पिछले छह महीनों के आंकड़े पर नजर डालें तो इसने अपने निवेशकों को 45.61% का रिटर्न दिया है. इस साल अब तक यानी जनवरी से लेकर बुधवार तक यह महज 4.71% की ऊपर चढ़ पाया है. अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या संजय कुमार की नियुक्ति से IRCTC के शेयरों की रफ्तार बढ़ेगी.
 


Red Bull India की कमान सुनील धर के हाथ, कंपनी के CEO नियुक्त   

रेड बुल इंडिया के टॉप मैनेजमेंट में बदलाव हुआ है. भास्कर शर्मा के जाने के बाद सुनील धर को कंपनी का सीईओ बनाया गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 24 January, 2024
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Wednesday, 24 January, 2024
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रेड बुल इंडिया (Red Bull India) ने सुनील धर (Sunil Dhar) को अपना नया सीईओ नियुक्त किया है. इसकी पुष्टि खुद धर ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में की है. इससे पहले भास्कर शर्मा (Bhaskar Sharma) कंपनी के CEO की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. उनकी विदाई के बाद रेड बुल इंडिया ने सुनील धर को सीईओ नियुक्त किया है. धर 14 वर्षों से अधिक समय से कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं. वह 2009 में नेशनल ऑफ प्रिमाइस हेड के रूप में रेड बुल इंडिया का हिस्सा बने थे. 2021 में उन्हें वाइस प्रेसिडेंट - कमर्शियल, रेड बुल इंडिया और ऑफिसर स्पेशल प्रोजेक्ट्स - MEWAP के पद पर प्रमोट किया गया था.

26 साल से अधिक का अनुभव
सेल्स स्पेशलिस्ट और बिजनेस डेवलपमेंट एक्सपर्ट सुनील धर के पास 26 साल से अधिक का अनुभव है. कार्यकारी नेतृत्व कौशल, रणनीतिक योजना, विपणन विश्लेषण, उत्पाद श्रेणी प्रबंधन, ब्रैंड प्रबंधन, चैनल और वितरण प्रबंधन उनकी कुछ प्रमुख ताकतें हैं. धर ने नई जिम्मेदारी मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा है कि वह रेड बुल इंडिया के नए CEO के रूप में अपनी भूमिका को लेकर उत्साहित हैं. 


Pepsico India ने लिया बड़ा फैसला, कंपनी के CEO के लिए चुना ये नाम!

Jagrut Kotecha इस वक्त अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और दक्षिणी एशिया में कंपनी के चीफ कमर्शियल ऑफिसर का पदभार संभाल रहे हैं.

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Friday, 19 January, 2024
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पेप्सिको इंडिया (Pepsico India) की तरफ से इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. फूड एवं बेवरेज निर्माता कंपनी पेप्सिको इंडिया ने हाल ही में घोषणा की है कि कंपनी के नए CEO का कार्यभार संभालने के लिए उन्होंने जागृत कोटेचा (Jagrut Kotecha) का चयन किया है. जागृत कोटेचा अब अहमद अल शेख (Ahmed El Sheikh) की जगह संभालेंगे और अहमद अल शेख को अब कंपनी के मिडिल ईस्ट बिजनेस को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है. 

Pepsico के लिए जरूरी है भारत
आपको बता दें कि अहमद अल शेख पिछले 7 सालों से भारत में कंपनी के अध्यक्ष का पद संभाले हुए थे. जागृत कोटेचा (Jagrut Kotecha) इस वक्त अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और दक्षिणी एशिया में कंपनी के चीफ कमर्शियल ऑफिसर का पदभार संभाल रहे हैं. खाद्य एवं पेय निर्माता कंपनी ने एक बयान देते हुए कहा कि बहुत ज्यादा सोचने, समझने और प्लान करने के बाद कंपनी द्वारा यह फैसला लिया गया है. इसके साथ ही कंपनी ने यह भी बताया कि इस बदलाव के बारे में कंपनी के भारतीय कर्मचारियों को पहले ही बता दिया गया था. PepsiCo के अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और दक्षिणी एशिया क्षेत्र के CEO Eugene Willesmen ने इस मौके पर कहा कि पेप्सिको के लिए भारत एक प्रमुख मार्केट रहा है और कंपनी की ग्लोबल रणनीति में देश का योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण है.

पूरे उत्साह के साथ जागृत का स्वागत
इसके साथ ही Eugene Willesmen ने यह भी कहा है कि पिछले 6 सालों में अहमद अल शेख ने कंपनी का बिजनेस ट्रांसफोर्म करने, इनोवेशन करने और मुश्किल हालातों में अपनी टीम की अध्यक्षता करने में काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अहमद की अध्यक्षता में बहुत से प्रमुख उत्पाद लॉन्च हुए और कंपनी ने विभिन्न कम्युनिटियों पर आधारित इनिशिएटिव भी लिए हैं और मैं आगे भी अहमद के साथ उनकी नई भूमिका में काम करने के लिए उत्साहित हूं. इसके साथ ही मैं पूरे उत्साह के साथ भारतीय एग्जीक्यूटिव टीम में जागृत का स्वागत करना चाहता हूं. 

Jagrut Kotecha ने क्या कहा?
पेप्सिको इंडिया (Pepsico India) के CEO के रूप में चुने जाने के मौके पर जागृत कोटेचा ने कहा कि मैं पिछले 30 सालों से पेप्सिको परिवार का हिस्सा हूं और मैंने पेप्सिको इंडिया की कमिटमेंट और इनोवेशन एवं एक्सीलेंस को भी देखा है. इस कमिटमेंट से न सिर्फ भारतीय मार्केट में हमारी वृद्धि हुई है बल्कि इंडस्ट्री में एक अध्यक्ष के रूप में हमारी स्थिति भी मजबूत हुई है. इस नई जिम्मेदारी के साथ हमारे मिशन को आगे ले जाने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं और मैं विश्वास दिलाता हूं कि भारतीय मार्केट में हमारी कामयाबी और वृद्धि ऐसी ही बनी रहेगी. 
 

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SAP ने बढ़ाई कुलमीत बावा की जिम्मेदारी, बनाया ग्लोबल चीफ रेवेन्यु ऑफिसर!

अब कुलमीत बावा SAP BTP ग्लोबल को अपनाकर उसकी वृद्धि करने के लिए अध्यक्ष के रूप में प्रमुख भूमिका निभायेंगे.

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Friday, 12 January, 2024
Kulmeet singh

SAP की तरफ से इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. कंपनी ने हाल ही में घोषणा करते हुए बताया है कि भारतीय प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में नियुक्त कुलमीत बावा की पदोन्नति करते हुए उन्हें अब SAP बिजनेस टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म (SAP BTP) के चीफ रेवेन्यु अफसर (CRO) की भुमिका सौंप दी है. 

SAP के लिए भारत हुआ जरूरी
कुलमीत बावा के पास टेक्नोलॉजी क्षेत्र में काम करने का 10 सालों का जबरदस्त अनुभव मौजूद है और उनका ट्रैक रिकॉर्ड भी काफी शानदार है. साथ ही अब कुलमीत बावा SAP BTP ग्लोबल को अपनाकर उसकी वृद्धि करने के लिए अध्यक्ष के रूप में प्रमुख भूमिका निभायेंगे. कुलमीत बावा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एवं एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और इंटीग्रेशन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अहम भूमिका निभायेंगे. बावा की अध्यक्षता में वर्ष 2020 से ही भारतीय क्षेत्र में कंपनी ने प्रमुख रूप से वृद्धि की है और भारत अब कंपनी की सबसे तेजी से विकसित होती ग्लोबल मार्केटों में से एक बन गया है. 

SAP में जारी हैं कई परिवर्तन
SAP इंडिया (SAP India) ने भारत में मौजूद प्रमुख परिवर्तनकारी संस्थाओं पर ध्यान दिया है और फिलहाल लगभग 50 भारतीय यूनिकॉर्न कंपनियां ऐसी हैं जो SAP द्वारा प्रदान किये जाने वाले सोल्यूशंस पर आधारित हैं. कंपनी ने एक रिलीज जारी कर कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान बावा ने बिजनेस के परिदृश्य को लेकर अपनी गहरी समझ को दिखाया, लोगों के साथ मबजूत रिश्ते बनाये, लोगों को केंद्र में रखकर चलने वाली संस्थागत संस्कृति का निर्माण किया. SAP में इस वक्त काफी सारे परिवर्तन जारी हैं और इसी बीच कंपनी द्वारा कुलमीत बावा को लेकर यह घोषणा की गई है. बावा की नियुक्ति से यह साफ हो जाता है कि ग्लोबल स्तर पर अपने वादों को पूरा करने के लिए कंपनी उनके पास मौजूद अनुभव और विशेषताओं का इस्तेमाल करना चाहती है. 

कुलमीत बावा का शानदार अनुभव
फिलहाल कुलमीत बावा अपने पद पर फरवरी तक कार्यरत रहेंगे और इस दौरान SAP इंडिया अपने अध्यक्ष के पद के लिए उत्तराधिकारी की तलाश भी करेगी. इस मौके पर बयान देते हुए SAP के चीफ बिजनेस ऑफिसर क्लौडियो मुरुजाबल ने कहा कि कुलमीत के पास क्लाउड ट्रांस्फोर्मेशन, डेटा ऑप्टिमाइज करने और बिजनेस AI के साथ इनोवेशन करने के द्वारा कारोबारों को नए मौके बनाने में मदद करने का शानदार अनुभव मौजूद है.
 

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HDFC Bank ने NABARD के पूर्व चेयरमैन Bhanwala को सौंपी ये जिम्मेदारी

प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज बैंक HDFC बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग में दो नई नियुक्तियों के बारे में जानकारी दी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 27 November, 2023
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Monday, 27 November, 2023
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देश के दिग्गज बैंकों में शुमार HDFC बैंक से बड़ी खबर सामने आई है. इस प्राइवेट बैंक ने NABARD के पूर्व चेयरमैन हर्ष कुमार भनवाला (Harsh Kumar Bhanwala) को एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है. बैंक की तरफ से बताया गया है कि उसके बोर्ड ने इस नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. HDFC बैंक ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में हर्ष कुमार भनवाला के साथ ही एक दूसरी नियुक्ति की भी जानकारी दी है. 

रंगन बने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
बैंक ने बताया है कि HDFC Bank के बोर्ड ने अपनी बैठक में मर्जर से पहले के हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर वी. श्रीनिवास रंगन को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया है. यह नियुक्ति 23 नवंबर 2023 से 3 साल की अवधि के लिए की गई है. HDFC Bank ने यह भी कहा है कि दोनों नियुक्तियां शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन हैं. हर्ष कुमार भनवाला को 25 जनवरी, 2024 से 24 जनवरी, 2027 तक यानी 3 सालों की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है. 

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भनवाला ने यहां दी हैं सेवाएं
हर्ष कुमार भनवाला वर्तमान में MCX के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं. इसके साथ ही वह IIM रोहतक और बेयर क्रॉप साइंस लिमिटेड के बोर्ड में डायरेक्टर के रूप में भी कार्यरत हैं. उन्होंने नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट यानी NABARD में भी सेवाएं दी हैं. यहां उन्होंने चेयरमैन की जिम्मेदारी निभाई थी. नाबार्ड से जुड़ने से पहले भनवाला इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी (IIFCL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे. वहीं, वी. श्रीनिवास रंगन के पास हाउसिंग फाइनेंस और रियल एस्टेट सेक्टर का लंबा अनुभव है. HDFC बैंक के शेयर की बात करें, तो बीते शुक्रवार को यह करीब एक फीसदी की बढ़त के साथ 1,531.40 रुपए पर बंद हुआ था. पिछले एक महीने में इस शेयर ने 3.12% का रिटर्न दिया है.


अब Titan से आई बड़ी खुशखबरी, इतने हजार इंजीनियरों को देने जा रही है मौका  

कंपनी भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपने कार्यबल में इजाफा करने की योजना बना रही है. विदेशों में कंपनी 10 प्रतिशत तक का इजाफा करने की तैयारी कर रही है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Tuesday, 21 November, 2023
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Tuesday, 21 November, 2023
Titan

नामी वॉच कंपनी टाइटन आने वाले 3 सालों में 3000 से ज्‍यादा लोगों को हायर करने की तैयारी कर रही है. कंपनी अगले पांच सालों में डेटा एनालिटिक्‍स, साइबर सुरक्षा, प्रोडक्‍ट मैनेजमेंट, डिजिटल मार्केटिंग और कई अन्‍य नई तकनीक से जुड़ी नौकरियों को ऑफर करने जा रही है. कंपनी इन 3000 लोगों को अगले 2 से 3 वर्षों में हायर करने की तैयारी कर रही है. कंपनी की योजना ये है कि वो इन हायरिंग के जरिए आने वाले समय की बदलती तकनीक के साथ चलने के मकसद से इन्‍हें कर रही है. 

इन सभी ब्रैंड में करती रहेगी विस्‍तार 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टाइटन देश और विदेश में अपने सभी ब्रैंड के विस्‍तार की योजना बना रही है. इनमें तनष्कि, मिया, फास्‍ट्रैक, सोनाटा, आईप्‍लस, तनीरा, स्किल और कैटरलेन शामिल हैं. यही नहीं कंपनी अपने लक्‍जरी सैगमेंट में भी विस्‍तार की योजना बना रही है.  कंपनी की ओर से सभी प्रोफाइलों में हायरिंग की योजना बनाई गई है, जो कंपनी के अलग-अलग डोमेन में विशेषज्ञता को लेकर आएगी. 

इन क्षेत्रों की प्रतिभाओं पर रहेगा कंपनी का फोकस 
कंपनी इन भर्तियों को एक रणनीति के साथ कर रही है. कंपनी का लक्ष्‍य डिजिटल, ई-कॉमर्स,  बिक्री, ऑप्‍टोमेट्री, डिजाइन और इंजीनियरिंग सहित विभिन्‍न प्रतिभाओं पर कंपनी की नजर है. कंपनी इनोवेशन और तकनीक से जुड़ी प्रतिभाओं को 50 प्रतिशत तक हायर करना चाह रही है. कंपनी देश में ही नहीं बल्कि नार्थ अमेरिका और मध्‍य पूर्व में भी अपने कार्यबल का विस्‍तार करने की योजना बना रही है. कंपनी इन क्षेत्रों में भी अपने कार्यबल में 10 प्रतिशत का इजाफा करने की तैयारी कर रही है. 

क्‍या बोले कंपनी के ये बड़े अधिकारी? 
टाइटन की कार्पोरेट और खदरा व्‍यवसायों के मानव संसाधन प्रमुख प्रिया मथिलाकथ ने इस मौके पर कहा कि हम अपने कारोबार को 1 लाख करोड़ तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. हमारी ये भर्ती इसी रणनीति का एक प्रमुख हिस्‍सा है. उन्‍होंने कहा कि हम मानते है इन युवा और अनुभवी लोगों की भर्ती विभिन्‍न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को लाने में लाने में भी मदद करेगी. मौजूदा समय में हमारा 60 प्रतिशत वर्कफोर्स शहरों में और 40 प्रतिशत टियर 2 और टियर 3 में काम कर रहा है. हम अपना फोकस उभरते बाजारों की ओर कर रहे हैं.  
 


Sam Altman के बाद OPEN AI की कमान संभालेंगी Mira Murati, जानते हैं कौन है ये दिग्‍गज?

कंपनी के बोर्ड ने सैम ऑल्‍टमैन को हटाने के बाद ये निर्णय लिया है. कंपनी ने कहा है कि जब तक वो नया सीईओ ढूंढ़ रही है तब तक मीरा मुराती नए सीईओ की जिम्‍मेदारी निभाएंगी. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Saturday, 18 November, 2023
Last Modified:
Saturday, 18 November, 2023
Meera Murati

मौजूदा दौर में एआई को लेकर तेजी से अपना विस्‍तार करने वाली करने वाली कंपनी OPEN AI से सीईओ सैम ऑल्‍टमैन को हटाने के बाद अब कंपनी की कमान एक महिला के हाथों में आ गई है. OPEN AI ने जिस महिला को अपना अंतरिम सीईओ बनाया है बनाया है उनका नाम मीरा मुराती है. चैटजीपीटी बनाने वाली इस कंपनी के बोर्ड ने पूर्व सीईओ और को-फाउंडर सैम ऑल्‍टमैन को फायर करने के बाद ये निर्णय लिया है. कंपनी की ओर से कहा गया है कि तब तक मीरा मुराती कंपनी की बतौर सीईओ के तौर पर काम करती रहेंगी, जब तक वो आधिकारिक तौर पर नया सीईओ नहीं ढूंढ लेती है. 

ऑल्‍टमैन की क्षमता पर नहीं है भरोसा 
कंपनी के बोर्ड की ने कहा है कि उन्‍हें अब सैम ऑल्‍टमैन की क्षमता पर भरोसा नहीं है. कंपनी की ओर से ये भी कहा गया है कि जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं हमें एक नए नेतृत्‍व की आवश्‍यकता होती है. कंपनी के बोर्ड ने अपने बयान में मीरा मुराती पर भरोसा जताते हुए ये भी कहा कि वो हमारे रिसर्च प्रोग्राम से लेकर दूसरे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में पूरी तरह से सक्षम हैं. कंपनी के बोर्ड ने सैम ऑल्‍टमैन का स्‍थापना से लेकर दूसरे कई कार्यक्रमों के लिए आभार भी जताया है. 

आखिर कौन हैं मीरा मुराती? 
ओपन एआई की नई सीईओ मीरा मुराती अल्‍बानिया मूल की हैं, और उनके माता-पिता भी अल्‍बानिया से ही हैं. मीरा की शिक्षा कनाडा से हुई और वो पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं. मीरा जब कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी उस दौरान वो एक हाईब्रिड रेस कार भी बना चुकी हैं. मीरा ने ओपन एआई से अपने करियर की शुरुआत 2018 से की.उससे पहले वो गोल्‍डमैन सैक्‍स में इंटर्नशिप कर चुकी हैं. मीरा दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्‍क की कंपनी टेस्‍ला में भी काम कर चुकी हैं. उन्‍होंने वहां कंपनी की मॉडल एक्‍स कार को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई थी. मीरा ने टेस्‍ला में तीन साल तक काम किया. 

क्‍या बोलीं मीरा मुराती? 
मीरा मुराती ने अंतरिम सीईओ के पद पर कार्यभार संभालने के बाद कंपनी के कर्मचारियों को लिखे मेल में कई अहम बातें कही हैं. उन्‍होंने कहा कि नेतृत्‍व की भूमिका मिलने के बाद वो सम्‍मानित और विनम्र महसूस कर रही हैं. मुराती आगे लिखती हैं कि अब हम उस दौर में हैं जहां हमारे उपकरणों को व्‍यापक रूप से अपनाया जा रहा है. सभी डेवलपर्स हमारे प्‍लेटफॉर्म का तेजी से निर्माण कर रहे हैं. वहीं कंपनी के लिए नीति निर्माता भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि ये स्‍वागत योग्‍य है, जहां एआई का निर्माण अच्‍छे के लिए किया जा रहा हो. 


TCS में हुआ बड़ा बदलाव, इस महिला अधिकारी को मिली नई जिम्‍मदारी

TCS में जब से नए सीईओ आए हैं तब से कई बदलाव हो चुके हैं. इन बदलावों में सीईओ कृतिवासन ने अब कंपनी में 34 सालों से काम कर रही महिला अधिकारी को नई जिम्‍मेदारी दी है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 06 November, 2023
Last Modified:
Monday, 06 November, 2023
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आईटी सेक्‍टर की नामी कंपनी टाटा कंसेलटेंसी सर्विसेज में टॉप लेवल पर एक बड़ा बदलाव हुआ है. कंपनी ने एलिजाबेथ मैथ्‍यू को डॉयवर्सिटी यूनिट का चीफ बनाया है. वो इससे पहले कंपनी में एक्जिक्‍यूटिव के तौर पर काम कर रही थी. उनकी नियुक्ति को लेकर कंपनी के कर्मचारियों को लिखे मेल में सीएचआरओ मिलिंद लक्‍कड़ ने कहा है कि मुझे इसकी सूचना देते हुए बड़ी खुशी हो रही है.

क्‍या लिखा है कंपनी के इस मेल में? 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीएचआरओ के द्वारा लिखे गए इस मेल में बताया है कि एलिजाबेथ ने अनंत हेडले से पदभार ले लिया है. अनंत हेडले को कंपनी ने मैन्‍युफैक्‍चरिंग विभाग में भेज दिया है. एलिजाबेथ 1989 से कंपनी से जुड़ी हुई हैं. उनकी नियुक्ति कंपनी नए सीईओ कृतिवासन के टॉप मैनेजमेंट में हुए बदलाव के बाद हुई है. कृतिवासन ने 2023 में नए सीईओ का पदभार संभाला है. उनसे पहले सीईओ की जिम्‍मेदारी राजेश गोपीनाथन देख रहे थे. मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि अभी तक कंपनी की ओर से इसे लेकर पूछे गए सवाल का जवाब नहीं दिया गया है. 

अब तक कंपनी में हो चुके हैं कई बदलाव 
नए सीईओ के आने के बाद से अब तक कंपनी कई तरह के बदलाव कर चुकी है. कंपनी के चीफ टेक्‍नोलॉजी ऑफिसर के अनंत कृष्‍णन 31 जुलाई 2023 को रिटायर हो चुके हैं. अब तक नए सीईओ के आने के बाद से कई बदलाव हो चुके हैं. इनमें शंकर नारायण, हैरिक विन, शिव गणेशन, वी राजन्‍ना, अशोक पई और रेगुरामम अय्यास्‍वामी जैसे अहम नाम शामिल हैं. कंपनी ने इन सभी बदलावों की जानकारी एक्‍सचेंज फाइल में दी है. 

आखिर क्‍या करती है टीसीएस? 
टीसीएस दुनिया की एक नामी टेक सॉल्‍यूशन प्रोवाइडर कंपनी है. दुनिया के कई देशों में काम करने वाली इस कंपनी के पास कर्मचारियों की एक बड़ी संख्‍या है, जो इसे सबसे अलग बनाता है. पिछले साल जनवरी में आई एक रिपोर्ट में ये साफ कहा गया था कि टीसीएस दुनिया का सबसे कीमती ब्रैंड है. इस सूची में भारत की पांच अन्‍य कंपनियों ने शीर्ष 25 कंपनियों में अपनी जगह बना ली है. TCS 46 देशों में 150 स्‍थानों से ऑपरेट करती है. कंपनी को लेकर 2022 में ये जानकारी भी सामने आई थी कि कंपनी के दुनियाभर में 600000 कर्मचारी हैं. 
  
 


NID के पूर्व निदेशक बने इस वैश्विक संस्‍थान के प्रेसीडेंट, भारत को ये हो सकता है फायदा

WDO वो संस्‍थान है जिसे दुनियाभर के डिजाइन संस्‍थानों में अहम संस्‍थान कहा जाता है. भारत के जिस शख्‍स को इसका प्रेसीडेंट बनाया गया है वो 2025 से 2027 तक इसके प्रेसीडेंट बने रहेंगे. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 01 November, 2023
Last Modified:
Wednesday, 01 November, 2023
pradyuman Vyas

राष्ट्रीय डिजाइन संस्‍थान, अहमदाबाद  (NID India) के पूर्व निदेशक प्रद्युम्न व्यास को WDO (वर्ल्ड डिजाइन ऑर्गनाइजेशन का PRESIDENT चुन लिया गया है. दो दिन पहले टोकियो में WDO की जनरल असेम्ब्ली में प्रद्युम्न व्यास को 2023-2025 के निर्वाचित अध्यक्ष के तौर पर चुना गया, वो 2025-2027 तक WDO के अध्यक्ष के तौर पर काम करते रहेंगे. प्रद्युम्न व्यास पहले भारतीय प्रतिनिधि हैं जो WDO की अध्यक्षता करेंगे. वो पिछले चार सालों से इस संस्था के बोर्ड मेंबर के तौर पर कार्यरत हैं.

अभी यहां कर रहे थे काम 
प्रद्युम्न व्यास 2019 में NID के निदेशक पद से रिटायर होने के बाद से CII के वरिष्ठ एडवाइजर के तौर पर काम कर रहे थे. 1989 से वो NID के साथ जुड़े और 2009 स्व 2019 तक वो प्रद्युम्न व्यास NID के डायरेक्टर रहे, उन्हीं के कार्यकाल में NID को इंस्टिट्यूट ऑफ नैशनल इम्पोर्टेंस का स्टेटस भी मिला था. साथ ही उस समय वो 10 साल तक इंडिया डिजाइन काउंसिल के मेंबर सेक्रेट्री के तौर पर भी कार्यरत रहे. उन्हीं  के कार्यकाल में देश में चार नए NID भी शुरू किये गए.

यहां से हुई है प्रद्युम्न व्यास की शिक्षा 
प्रद्युम्न व्यास की प्रारंभिक शिक्षा मध्यप्रदेश के झाबुआ और धार जिलों के ट्राइबल स्कूलों से हुई. इसके बाद प्रद्युम्न व्यास IIT मुंबई तक पहुंचे और मास्टर्स इन डिजाइन की डिग्री ली. साल 2019 में उन्हें जापान के इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिजाइन प्रमोशन की तरफ से  से GOOD DESIGNE FELLOW OF JAPAN  के अवार्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है.

उनकी नियुक्ति से देश को क्‍या होगा फायदा
व्यास का WDO के PRESIDENT जे तौर पर चुनाव जीतने से भारत में डिजाइन रिसर्च एन्ड डेवलपमेंट के क्षेत्र में नए आयाम खुलेंगे और भारतीय डिजाइनर्स के लिए नयी वैश्विक मानचित्र पर संभावनायें भी पैदा होंगी.


JSW को इस बड़े अधिकारी ने कहा अलविदा, ये रही इसकी वजह?

प्रशांत जैन JSW Energy के साथ अगले साल 31 जनवरी तक रहेंगे. कंपनी ने एक्‍सचेंज को बताया है कि उसने नए सीईओ की तलाश शुरू कर दी है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Tuesday, 31 October, 2023
Last Modified:
Tuesday, 31 October, 2023
JSW

 मौजूदा समय में JSW Energy के ज्‍वाइंट मैनेजिंग डॉयरेक्‍टर और सीईओ प्रशांत जैन ने कंपनी को अलविदा कह दिया है. वो फिलहाल 31 जनवरी 2024 तक अपने पद पर बने रहेंगे. उसके बाद वो कंपनी को अलविदा कह देंगें. एक्‍सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, उन्‍होंने व्‍यक्तिगत कारणों से इस पद को छोड़ने का फैसला किया है. कंपनी ने बताया है कि उसने अगले सीईओ के लिए तलाश शुरू कर दी है. 

जैन ने क्‍या दी है इसकी वजह? 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत जैन ने  JSW Energy से दिए अपने इस्‍तीफे में कहा है कि वो अपनी प्रोफेशनल लाइफ से जल्‍दी रिटायरमेंट ले रहे हैं. इसके पीछे उनके व्‍यक्तिगत कारण और जिंदगी को लेकर उनका पैसन एक बड़ी वजह है. जैन ने JSW Energy के साथ 28 साल का सफर तय किया है और वो पिछले 6 सालों तक कंपनी के सीईओ भी रह चुके हैं.

उन्‍होंने JSW Energy में असिस्‍टेंट मैनेजर के पद से शुरुआत की थी. उन्‍होंने सबसे पहले कंपनी के तारापुर में स्थित प्‍लांट से 31 दिसंबर 1995 से अपने सफर की शुरुआत की थी. प्रशांत जैन ने जिंदल को लिखे पत्र में आभार जताते हुए कहा है कि वो मानते हैं पिछले कई साल के इस सफर में जो संबंध स्‍थापित हुआ है मैं उसका बहुत सम्‍मान करता हूं. 

JSW में इन पदों पर काम कर चुके हैं प्रशांत जैन 
प्रशांत जैन JSW Energy में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं. वो यहां कॉरपोरेट डेवलपमेंट के प्रमुख के तौर पर काम करते हुए माइनिंग और मेटल इंडस्‍ट्री को देख चुके हैं. प्रशांत जैन एक बेहतरीन स्किल्‍ड प्रोफेशनल हैं जो कॉरपोरेट फाइनेंस से लेकर खरीद प्रोजेक्‍ट मैनेजमेंट और बिजनेस डेवलपमेंट को लेकर काम कर चुके हैं. 

यहां से हुई है उनकी शिक्षा 
प्रशांत जैन की प्रारंभिक शिक्षा महाराष्‍ट्र के नेरुल स्थित डीएवी कॉलेज से हुई है. उन्‍होंने दयालबाग एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूट से 1988 से लेकर 1992 तक B.E की डिग्री प्राप्‍त की हैं.