Blive के को-फाउंडर सूरज सिंह Zee Studios से जुड़ने की तैयारी में, स्टूडियो में वरिष्ठ स्तर पर हुए बदलाव

फिल्म और टेलीविजन निर्माण के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले सूरज सिंह का नया कदम, जी स्टूडियोज में वरिष्ठ स्तर पर हुए बदलावों के बीच सामने आया है.

Last Modified:
Friday, 16 October, 2026
BWHindi

बीलाइव प्रोडक्शंस एंड म्यूजिक (Blive) के सह-संस्थापक सूरज सिंह जी स्टूडियोज (Zee Studios) से जुड़ सकते हैं. फिल्म और टेलीविजन निर्माण के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले सिंह ने अपने करियर में रचनात्मक विकास, निर्माण प्रबंधन, बजट निर्धारण और व्यावसायिक विकास जैसे क्षेत्रों में काम किया है.

उन्होंने जनवरी 2017 में बीलाइव प्रोडक्शंस एंड म्यूजिक की सह-स्थापना की थी. यहां उनकी जिम्मेदारियों में पटकथा लेखन, कलाकारों का चयन, निर्माण की योजना बनाना, सेवा प्रदाताओं के साथ बातचीत और शूटिंग से लेकर निर्माण के बाद के कामों तक की समय-सारणी का प्रबंधन शामिल रहा है.

जी स्टूडियोज में वरिष्ठ स्तर पर हुए बदलाव

सूरज सिंह के संभावित जुड़ाव से पहले जी स्टूडियोज में कई वरिष्ठ पदों पर बदलाव हुए हैं. उमेश बंसल ने जी स्टूडियोज छोड़कर बी4यू/आइवी में प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी संभाली है.

वहीं, जून 2024 में जी स्टूडियोज में सभी विभागों के लिए सामग्री प्रमुख नियुक्त की गईं प्रगति देशमुख भी कंपनी छोड़ चुकी हैं. अब वह स्पेलबाउंड लैब्स में निर्माता के तौर पर काम कर रही हैं.

स्टूडियो की हिंदी फिल्म टीम में रैडिटा टंडन भी शामिल हैं. अप्रैल 2026 में उन्हें हिंदी फिल्मों का सह-निर्माता बनाया गया था. इससे पहले वह सितंबर 2025 में रचनात्मक निर्माता के रूप में जी स्टूडियोज से जुड़ी थीं.

टंडन इससे पहले जंगल पिक्चर्स, लव फिल्म्स और अबंडैंशिया एंटरटेनमेंट के साथ काम कर चुकी हैं. उनके अनुभव में रचनात्मक विकास, फिल्मों और धारावाहिकों का निर्माण, विपणन और संचार जैसे क्षेत्र शामिल हैं. निर्माण क्षेत्र में आने से पहले उन्होंने फिल्मफेयर समेत मनोरंजन जगत के कई प्रकाशनों में संपादकीय जिम्मेदारियां निभाईं.

बालाजी टेलीफिल्म्स में भी संभालीं अहम जिम्मेदारियां

सूरज सिंह ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2001 में बालाजी टेलीफिल्म्स से की थी. यहां उन्होंने निर्माण और रचनात्मक क्षेत्र में विभिन्न भूमिकाएं निभाईं और बाद में वरिष्ठ प्रबंधन पदों तक पहुंचे. वह कंपनी में उपाध्यक्ष और टेलीविजन निर्माण एवं संचालन के उपाध्यक्ष के पदों पर रहे.

बालाजी टेलीफिल्म्स में उनकी जिम्मेदारियों में निर्माण कार्यों की निगरानी, प्रसारणकर्ताओं के साथ बजट और रचनात्मक जरूरतों पर काम करना तथा नए कार्यक्रमों से जुड़े अनुबंध हासिल करना शामिल था.

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 'द डर्टी पिक्चर', 'क्या सुपर कूल हैं हम', 'एक थी डायन', 'शूटआउट एट वडाला', 'लुटेरा', 'रागिनी एमएमएस 2' और 'एक विलेन' जैसी फिल्मों से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम किया.

टेलीविजन के क्षेत्र में भी उन्हें अनुभव है. उन्होंने स्फीयर ओरिजिन्स मल्टीविजन में रचनात्मक निर्माता के तौर पर काम किया. यहां उन्होंने कहानी, पटकथा, कलाकारों के चयन और प्रसारणकर्ताओं के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संभाली.

दुबई में भी संभाला कारोबार

सूरज सिंह ने बालाजी टेलीफिल्म्स की दुबई स्थित विदेशी इकाई फ्री जोन एंटरप्राइजेज का नेतृत्व भी किया. इस दौरान उन्होंने वहां कार्यालय और संचालन व्यवस्था स्थापित करने में मदद की. उनकी जिम्मेदारियों में बजट प्रबंधन, कारोबार का विस्तार और कार्यक्रमों से जुड़ी सामग्री का अधिग्रहण शामिल था.

सूरज सिंह, भंसाली प्रोडक्शंस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रह चुकीं प्रेरणा सिंह के भाई हैं. फिल्म और टेलीविजन निर्माण में लंबे अनुभव के साथ सूरज सिंह का संभावित रूप से जी स्टूडियोज से जुड़ना ऐसे समय में सामने आया है, जब स्टूडियो में सामग्री और नेतृत्व के स्तर पर बदलाव जारी हैं. हालांकि, उनकी नई भूमिका और कंपनी में शामिल होने की तारीख को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है.
 


Nutanix ने फैज शाकिर को एशिया पैसिफिक और जापान क्षेत्र की बिक्री का उपाध्यक्ष नियुक्त किया

शाकिर इस क्षेत्र में कंपनी की रणनीति, बाजार विस्तार, पार्टनर नेटवर्क और ग्राहक आधार को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे.

Last Modified:
Friday, 16 October, 2026
BWHindia

हाइब्रिड क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म कंपनी Nutanix ने फैज शाकिर को एशिया पैसिफिक और जापान (APJ) क्षेत्र में बिक्री का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. अपनी नई भूमिका में वह इस क्षेत्र में कंपनी की रणनीति, बाजार विस्तार, पार्टनर नेटवर्क और ग्राहक आधार को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे. उनका प्रमुख फोकस कंपनियों को AI के प्रयोग के शुरुआती चरण से आगे बढ़ाकर इसके व्यावहारिक इस्तेमाल तक पहुंचाने में मदद करना होगा.

भारत में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने में निभाई अहम भूमिका

फैज शाकिर फरवरी 2016 में Nutanix से जुड़े थे. वह भारत में कंपनी के पहले सेल्स प्रतिनिधि थे. पिछले 10 वर्षों में उन्होंने भारतीय बाजार में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है. इस दौरान उन्होंने एंटरप्राइज और कमर्शियल सेल्स के निदेशक, भारत के मैनेजिंग डायरेक्टर और हाल ही में भारत एवं आसियान के उपाध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम किया.

उनके नेतृत्व में भारत Nutanix के प्रमुख और तेजी से विकसित होने वाले बाजारों में शामिल हुआ. एंटरप्राइज, सार्वजनिक क्षेत्र और वित्तीय सेवा जैसे क्षेत्रों में क्लाउड तकनीक को तेजी से अपनाए जाने से कंपनी को इस बाजार में विस्तार करने में मदद मिली.

हाइब्रिड क्लाउड और AI पर रहेगा फोकस

नई भूमिका में शाकिर एशिया पैसिफिक और जापान क्षेत्र में हाइब्रिड क्लाउड के आधुनिकीकरण को गति देने, पार्टनर नेटवर्क का विस्तार करने और कंपनियों के बीच Nutanix के AI प्लेटफॉर्म इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनाने को बढ़ावा देने पर काम करेंगे.

इसके साथ ही, स्थायी क्षेत्रीय प्रमुख की नियुक्ति होने तक वह अंतरिम आधार पर भारत और आसियान में कंपनी के बिक्री संचालन की जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे. इन बाजारों के लिए स्थायी नेतृत्व की तलाश की जा रही है.

नेतृत्व क्षमता और अनुभव पर कंपनी ने जताया भरोसा

Nutanix के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर एंड्रयू ब्रिंडेड ने कहा कि भारत में कंपनी के पहले सेल्स प्रतिनिधि के रूप में शुरुआत करने से लेकर क्षेत्रीय कारोबार का नेतृत्व करने तक शाकिर का सफर एंटरप्राइज ग्राहकों की जरूरतों और बाजार की परिस्थितियों को लेकर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है.

उन्होंने कहा कि मजबूत प्रदर्शन करने वाली टीमों के निर्माण और विस्तार में शाकिर का अनुभव उन्हें एशिया पैसिफिक और जापान क्षेत्र में कंपनी की अगली विकास यात्रा का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त बनाता है. AI के कारण एंटरप्राइज IT क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और ऐसे में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

वहीं, फैज शाकिर ने कहा कि वह Nutanix की इस विस्तारित जिम्मेदारी को संभालने को लेकर उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि भारत और आसपास के क्षेत्रों में कंपनियां अपने क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और AI के लिए तैयार होने के लिहाज से महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही हैं. शाकिर के मुताबिक, वह क्षेत्रीय टीमों, साझेदारों और ग्राहकों के साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि कंपनियों के तकनीकी बदलाव की प्रक्रिया को तेज किया जा सके.
 


शॉपर्स स्टॉप ने अयान सेन को एरिया मार्केटिंग हेड नियुक्त किया

शॉपर्स स्टॉप में शामिल होने से पहले सेन वी-मार्ट रिटेल लिमिटेड में जोनल मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत थे. उन्होंने इस कंपनी में एक साल से भी कम समय तक काम किया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 15 October, 2026
Last Modified:
Thursday, 15 October, 2026
BWHindia

शॉपर्स स्टॉप ने अयान सेन को एरिया मार्केटिंग हेड नियुक्त किया है. यह कंपनी के साथ उनकी दूसरी पारी है. सेन ने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपनी नई नियुक्ति की जानकारी साझा की. इससे पहले वह 2014 से 2020 तक छह साल शॉपर्स स्टॉप के साथ काम कर चुके हैं.

शॉपर्स स्टॉप में शामिल होने से पहले सेन वी-मार्ट रिटेल लिमिटेड में जोनल मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत थे. उन्होंने इस कंपनी में एक साल से भी कम समय तक काम किया. इससे पहले वह बाजार स्टाइल रिटेल लिमिटेड के साथ चार साल तक जुड़े रहे.

मार्केटिंग और डिजिटल कैंपेन का अनुभव

अयान सेन को क्रिएटिव स्ट्रैटेजी, मार्केटिंग बजट प्रबंधन और मार्केट रिसर्च में विशेषज्ञता हासिल है. उन्हें मार्केटिंग कैलेंडर तैयार करने के साथ-साथ एटीएल (ATL), बीटीएल (BTL) और डिजिटल कैंपेन की योजना बनाने और उन्हें लागू करने का अनुभव है.

अपने करियर के दौरान सेन बाजार रिटेल प्राइवेट लिमिटेड, आईनॉक्स लीजर, पैंटालून्स और अवीवा इंडिया जैसी कंपनियों में भी काम कर चुके हैं. शॉपर्स स्टॉप में उनकी वापसी ऐसे समय में हुई है, जब रिटेल क्षेत्र में मार्केटिंग और डिजिटल माध्यमों के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बनाने की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है.

 

TAGS bw-hindi

YAAP Digital में नेतृत्व परिवर्तन, अंजन रॉय बने चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO

राज नायक ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से दिया इस्तीफा, कंपनी ने तत्काल प्रभाव से अंजन रॉय को सौंपी जिम्मेदारी

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 14 October, 2026
Last Modified:
Wednesday, 14 October, 2026
BWHindia

YAAP Digital Limited ने अपने नेतृत्व में बदलाव की घोषणा की है. कंपनी ने 14 अक्टूबर 2026 से अंजन रॉय को चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एल. एस. नायक के इस्तीफे के बाद हुई है. एल. एस. नायक को राज नायक के नाम से भी जाना जाता है. कंपनी के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से बार-बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है.

अंजन रॉय को विज्ञापन, मार्केटिंग और मीडिया उद्योग में तीन दशक से अधिक का अनुभव है. उन्होंने पहले मुद्रा (अब DDB) और यूरो RSCG (अब Havas) जैसी विज्ञापन एजेंसियों में प्रबंधन और नेतृत्व की भूमिकाएं निभाई हैं. इसके अलावा, वह HSBC, HDFC Bank, Sony Entertainment Network, Voltas, Coca-Cola और Hero Group जैसे ब्रांड्स के साथ भी काम कर चुके हैं.

2008 में की थी Brand Planet Consultants की शुरुआत

अंजन रॉय ने 2008 में Brand Planet Consultants की सह-स्थापना की थी. यह कंपनी आगे चलकर भारत की प्रमुख रणनीतिक ब्रांडिंग और डिजाइन फर्मों में शामिल हुई. साल 2016 में Brand Planet Consultants का अधिग्रहण YAAP Digital ने कर लिया था. इसके बाद से रॉय कंपनी के साथ सीनियर पार्टनर के रूप में जुड़े रहे और ब्रांडिंग, डिजाइन तथा रणनीति से जुड़े कारोबार का नेतृत्व करते रहे.

YAAP Digital डिजिटल रणनीति, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, सोशल मीडिया और क्रिएटिव सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है. कंपनी विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख ब्रांड्स को डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांड निर्माण से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराती है.

Gozoop के साथ एकीकरण पर रहेगा फोकस

नियुक्ति पर अंजन रॉय ने कहा कि 2016 में Brand Planet के समूह में शामिल होने के बाद से वह YAAP परिवार का हिस्सा रहे हैं. कंपनी का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने राज नायक के नेतृत्व और मार्गदर्शन के लिए उनका आभार जताया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

रॉय के मुताबिक, आने वाले महीनों में कंपनी की प्राथमिकता Gozoop के साथ पूर्ण एकीकरण करना होगा. इसके तहत दोनों कंपनियों की टीमों को साथ लाकर लागत और कामकाज में दक्षता बढ़ाने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि साझा क्षमताओं और तालमेल का इस्तेमाल करके सेवाओं की डिलीवरी को बेहतर बनाया जा सकता है.

उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी पहलू बनती जा रही है. YAAP का अपना KoL (Key Opinion Leader) मार्केटप्लेस Buzzar और वीडियो ऑप्टिमाइजेशन प्लेटफॉर्म Tags पहले से ही अच्छी संभावनाएं दिखा रहे हैं और इन्हें अपनाने का रुझान बढ़ रहा है. कंपनी आने वाले महीनों में अपना AI Studio भी लॉन्च करने की तैयारी कर रही है.

रॉय के अनुसार, इन पहलों से YAAP की स्थिति एक आधुनिक और एकीकृत कम्युनिकेशन तथा ब्रांड-बिल्डिंग पार्टनर के रूप में मजबूत होगी.

डिजिटल मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी सेवाएं देती है कंपनी

YAAP Digital Limited डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट और टेक्नोलॉजी सेवाएं उपलब्ध कराती है. कंपनी क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग, डेटा आधारित जानकारी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मार्केटिंग तकनीकों के जरिए ब्रांड्स को डिजिटल उपभोक्ताओं से जोड़ने पर काम करती है.

कंपनी की सेवाओं में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, कंटेंट क्रिएशन, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, UI/UX डिजाइन, मीडिया बाइंग और मार्केटिंग एनालिटिक्स शामिल हैं. YAAP ब्रांड के तहत कंपनी भारत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सिंगापुर में काम करती है. अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के साथ इसकी क्षेत्रीय मौजूदगी है.

कंपनी के मुताबिक, उसके पास 100 से अधिक पेशेवरों की टीम है और वह वित्तीय सेवाओं, उपभोक्ता वस्तुओं, पर्यटन, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और सरकारी परियोजनाओं सहित कई क्षेत्रों में मार्केटिंग अभियान चला चुकी है. YAAP Digital मार्च 2026 में NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध हुई थी.


छह राज्यों को मिले नए राज्यपाल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की नियुक्तियां

केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम में राज्यपालों की नियुक्ति, ओम प्रकाश माथुर और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का भी तबादला

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 14 October, 2026
Last Modified:
Wednesday, 14 October, 2026
BWHindia

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्तियों को मंजूरी दी है. इनमें केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम शामिल हैं. राष्ट्रपति भवन की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, इन नियुक्तियों में कुछ मौजूदा राज्यपालों का तबादला भी किया गया है, जबकि चार राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं.

किस राज्य में किसे बनाया गया राज्यपाल?

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सिक्किम के मौजूदा राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. वहीं, केरल के मौजूदा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है.

इसके अलावा, ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. सुधा यादव कर्नाटक की नई राज्यपाल होंगी. धाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि दुष्यंत गौतम सिक्किम के नए राज्यपाल होंगे.

पदभार संभालने के बाद प्रभावी होंगी नियुक्तियां

राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के मुताबिक, सभी नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के अपने-अपने पदों का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी.

इस फेरबदल के तहत ओम प्रकाश माथुर और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को नए राज्यों में जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम में नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है. राष्ट्रपति भवन ने इन नियुक्तियों से संबंधित विज्ञप्ति 12 अक्टूबर को जारी की थी. राज्यवार नियुक्तियों की सूची स्पष्ट करेंदोहराव कम करके कॉपी कसेंअंतिम पैराग्राफ को हटाएं


एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित होंगे देश के 29वें वायु सेना प्रमुख, 31 अक्टूबर को संभालेंगे कमान

लगभग चार दशक के अपने सैन्य करियर के दौरान एयर मार्शल दीक्षित कई महत्वपूर्ण अभियानों और गतिविधियों का हिस्सा रहे हैं. इनमें ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 07 October, 2026
Last Modified:
Wednesday, 07 October, 2026
BWHindia

सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायु सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है. वर्तमान में वायु सेना के वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ के पद पर तैनात दीक्षित 31 अक्टूबर को वायु सेना प्रमुख का पद संभालेंगे. वह मौजूदा एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह लेंगे, जो इसी दिन सेवानिवृत्त होंगे. करीब चार दशक के सैन्य करियर में दीक्षित ने वायु सेना के कई महत्वपूर्ण परिचालन और कमान संबंधी पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं.

दिसंबर 1986 में वायु सेना में शामिल हुए

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित दिसंबर 1986 में भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे. वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पद संभालने से पहले वह हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CISC) और सेंट्रल एयर कमांड में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं.

उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज, बांग्लादेश और नेशनल डिफेंस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है. दीक्षित को विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों को उड़ाने का 3,500 घंटे से अधिक का अनुभव है. इनमें फ्रांस में बने मिराज-2000 और स्वदेशी तेजस शामिल हैं. वह एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं.

कई महत्वपूर्ण अभियानों में निभाई भूमिका

लगभग चार दशक के अपने सैन्य करियर के दौरान एयर मार्शल दीक्षित कई महत्वपूर्ण अभियानों और गतिविधियों का हिस्सा रहे हैं. इनमें ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं.

उन्होंने परिचालन के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. वह पश्चिमी क्षेत्र में एक फ्रंटलाइन फाइटर एयर बेस और दक्षिणी क्षेत्र में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान भी संभाल चुके हैं.

कई सैन्य सम्मानों से सम्मानित

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को उनकी सेवाओं के लिए कई सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है. उन्हें वर्ष 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया. 31 अक्टूबर को पदभार संभालने के बाद एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायु सेना के 29वें चीफ ऑफ एयर स्टाफ होंगे.
 


CII की CBG कमेटी के को-चेयरमैन नियुक्त हुए वरुण कराड

यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब सरकार ₹23,731 करोड़ के गोबरधन (GOBARdhan) ढांचे को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.

Last Modified:
Friday, 02 October, 2026
BWHindia

रिनर्जी डायनेमिक्स (REnergy Dynamics) के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी वरुण कराड को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की 2026-27 की राष्ट्रीय जैव ऊर्जा समिति के तहत संपीड़ित बायोगैस (CBG) समिति का सह-अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब सरकार ₹23,731 करोड़ के गोबरधन (GOBARdhan) ढांचे को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. सीबीजी के उत्पादन और परियोजनाओं की व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए इस महीने विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश जारी किए गए हैं.

गोबरधन ढांचे का उद्देश्य सीबीजी परियोजनाओं के विस्तार से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों को दूर करना है. इनमें मांग की स्पष्टता, कीमतों की स्थिरता, परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता, पाइपलाइन कनेक्टिविटी और पूंजीगत सहायता जैसे मुद्दे शामिल हैं. सरकार को उम्मीद है कि योजना की अवधि के दौरान देश में सीबीजी उत्पादन में करीब 10 गुना वृद्धि हो सकती है.

व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं पर जोर

नीतिगत ढांचे में मांग और राजस्व को लेकर अधिक स्पष्टता आने के साथ सीबीजी क्षेत्र के अगले चरण की वृद्धि इस बात पर निर्भर करेगी कि नीतिगत उपायों को कितनी तेजी से व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं में बदला जाता है. इसके लिए विश्वसनीय कच्चे माल की आपूर्ति, व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य संयंत्र, परियोजनाओं के लिए वित्त और सीबीजी की सुनिश्चित खरीद जैसे पहलुओं पर ध्यान देना होगा.

सीआईआई की राष्ट्रीय जैव ऊर्जा समिति के अध्यक्ष तरुण साव्हनी और संपीड़ित बायोगैस समिति के अध्यक्ष रोशन तामक के नेतृत्व में वरुण कराड सह-अध्यक्ष विवेक तनेजा के साथ काम करेंगे. समिति उद्योग से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने, सीबीजी से जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और नीति निर्माताओं, संबंधित मंत्रालयों तथा अन्य हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाने पर काम करेगी.

‘सीबीजी क्षेत्र महत्वपूर्ण मोड़ पर’

वरुण कराड ने कहा कि भारत का सीबीजी क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है. उनके मुताबिक, नया नीतिगत ढांचा मांग और राजस्व को लेकर अधिक स्पष्टता देता है, लेकिन वास्तविक चुनौती इस स्पष्टता को ऐसी परियोजनाओं में बदलना है जो व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य, वित्तपोषण के योग्य और संचालन के लिहाज से मजबूत हों.

उन्होंने कहा कि अब उद्योग को संयंत्र के आसपास के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर ध्यान देने की जरूरत है. इसमें कच्चे माल का भरोसेमंद संग्रह, दीर्घकालिक खरीद व्यवस्था, बुनियादी ढांचा, वित्तपोषण और परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है. उन्होंने कहा कि वह सीआईआई, उद्योग जगत और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर ऐसे व्यावहारिक उपायों पर काम करने के लिए उत्सुक हैं, जो सीबीजी क्षेत्र के अगले चरण की वृद्धि को गति दे सकें.

नीति और उद्योग के बीच समन्वय पर फोकस

सीआईआई की संपीड़ित बायोगैस समिति नीति संबंधी सुझाव, उद्योग और सरकार के बीच संवाद तथा ऐसे व्यावहारिक उपायों की पहचान पर ध्यान देगी, जिनसे सीबीजी क्षेत्र अलग-अलग परियोजनाओं से आगे बढ़कर एकीकृत और बड़े स्तर के पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित हो सके.

24 सितंबर को समिति की पहली बैठक हुई थी. इसमें उद्योग से जुड़े हितधारकों ने नए गोबरधन ढांचे, प्रमुख नीतिगत प्राथमिकताओं और समिति की कार्ययोजना पर चर्चा की. बैठक में नए नीतिगत ढांचे के क्रियान्वयन के दौरान संबंधित मंत्रालयों और हितधारकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर भी चर्चा हुई.

सीबीजी की खरीद से लेकर पाइपलाइन तक कई उपाय

नए गोबरधन ढांचे में सीबीजी की सुनिश्चित खरीद, प्रशासित मूल्य व्यवस्था, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन बुनियादी ढांचा, ऋण सहायता और एक पारिस्थितिकी तंत्र चुनौती कोष सहित कई उपाय शामिल किए गए हैं.

परिचालन दिशानिर्देशों के तहत पात्र उत्पादक तकनीकी और परिचालन व्यवहार्यता के आधार पर बिक्री के लिए उपलब्ध सीबीजी की 100 प्रतिशत तक मात्रा की सुनिश्चित खरीद का विकल्प चुन सकते हैं. वहीं, प्रशासित मूल्य व्यवस्था के तहत कम से कम 10 साल की अवधि के लिए कीमतों को लेकर अधिक स्पष्टता देने का प्रावधान किया गया है.

इस ढांचे से सीबीजी की पूरी मूल्य श्रृंखला में अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है. हालांकि, क्षेत्र के सतत विस्तार के लिए कच्चे माल के संग्रह, परियोजना वित्तपोषण, बुनियादी ढांचे, कराधान, सह-उत्पादों के व्यावसायीकरण और सीबीजी की विविध मांग विकसित करने जैसे क्षेत्रों पर लगातार ध्यान देने की जरूरत होगी.

भारत के ऊर्जा मिश्रण में सीबीजी की भूमिका बढ़ाने की कोशिशों के बीच सीआईआई की यह समिति परियोजना डेवलपर्स, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और अन्य हितधारकों को सीबीजी क्षेत्र के सतत विस्तार के लिए जरूरी व्यावसायिक, परिचालन और नीतिगत परिस्थितियों पर चर्चा का मंच उपलब्ध कराएगी.


HDFC बैंक को मिला नया नेतृत्व, अनूप बागची 27 अक्टूबर से संभालेंगे MD-CEO की जिम्मेदारी

अब बागची के नेतृत्व में एचडीएफसी बैंक की आगे की रणनीति और कारोबार की दिशा पर बाजार की नजर रहेगी. खासतौर पर बैंक के रिटेल कारोबार, जमा वृद्धि और मार्जिन से जुड़े प्रदर्शन को लेकर नए नेतृत्व की रणनीति महत्वपूर्ण होगी. 

Last Modified:
Friday, 02 October, 2026
BWHindia

एचडीएफसी बैंक (HDFC) के नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के नाम को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनूप बागची की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. बागची 27 अक्टूबर 2026 से बैंक के MD और CEO का पद संभालेंगे और मौजूदा प्रमुख शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे. बैंक ने 1 अक्टूबर को शेयर बाजार को दी सूचना में इस नियुक्ति की जानकारी दी. 

27 अक्टूबर से संभालेंगे पद

अनूप बागची फिलहाल आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के MD और CEO हैं. वह 27 अक्टूबर से एचडीएफसी बैंक की जिम्मेदारी संभालेंगे. शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है. जगदीशन ने अगले कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं की थी.

RBI ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 35B के तहत बागची की नियुक्ति और उनके पारिश्रमिक को मंजूरी दी है. शेयरधारकों की मंजूरी मिलने तक उन्हें 2 अक्टूबर से बैंक के अतिरिक्त निदेशक के रूप में भी नियुक्त किया गया है. 

तीन दशक से ज्यादा का बैंकिंग अनुभव

अनूप बागची के पास बैंकिंग, पूंजी बाजार, वेल्थ मैनेजमेंट और बीमा क्षेत्र में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है. वह 1992 से आईसीआईसीआई समूह से जुड़े रहे हैं. अपने करियर के दौरान उन्होंने ट्रेजरी, रिटेल बैंकिंग, होलसेल बैंकिंग, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और डिजिटल वित्तीय सेवाओं समेत कई क्षेत्रों में काम किया है.

बागची आईसीआईसीआई बैंक के कार्यकारी निदेशक और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के MD और CEO भी रह चुके हैं. 2017 से 2023 के बीच आईसीआईसीआई बैंक में कार्यकारी निदेशक रहते हुए उन्होंने रिटेल, बिजनेस और ग्रामीण बैंकिंग का काम संभाला. जून 2023 से वह आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के MD और CEO हैं.

टॉप पद के लिए दो नाम भेजे गए थे

एचडीएफसी बैंक के MD और CEO पद के लिए बैंक की ओर से RBI को दो नाम प्रस्तावित किए गए थे. इनमें अनूप बागची के अलावा बैंक के डिप्टी MD कायजाद भरूचा का नाम शामिल था. RBI की मंजूरी के बाद अब बागची की नियुक्ति तय हो गई है.

ऐलान से पहले HDFC बैंक के शेयर में तेजी

अनूप बागची की नियुक्ति के ऐलान वाले दिन एचडीएफसी बैंक के शेयर में तेजी देखने को मिली. 1 अक्टूबर को NSE पर बैंक का शेयर 1.76 फीसदी की बढ़त के साथ 721.20 रुपये पर बंद हुआ. इससे पिछले कारोबारी सत्र में यह 708.70 रुपये पर बंद हुआ था. 

अब बागची के नेतृत्व में एचडीएफसी बैंक की आगे की रणनीति और कारोबार की दिशा पर बाजार की नजर रहेगी. खासतौर पर बैंक के रिटेल कारोबार, जमा वृद्धि और मार्जिन से जुड़े प्रदर्शन को लेकर नए नेतृत्व की रणनीति महत्वपूर्ण होगी. 


सहर जमान बनीं सीजे इंटरनेशनल होटल्स के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक

पत्रकारिता, संचार और कला क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव रखने वाली सहर ज़मान 1 अक्टूबर 2026 से कंपनी के बोर्ड में शामिल हुईं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 01 October, 2026
Last Modified:
Thursday, 01 October, 2026
BWHindia

मीडिया और संचार क्षेत्र की पेशेवर सहर ज़मान को सीजे इंटरनेशनल होटल्स लिमिटेड के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है. कंपनी नई दिल्ली स्थित ले मेरिडियन होटल का स्वामित्व और संचालन करती है. उनकी नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई है.

सहर जमान के पास पत्रकारिता, संचार, कला और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है. वह हुनर टीवी की संस्थापक निदेशक हैं. उनके पेशेवर सफर में टेलीविजन पत्रकारिता, समाचार निर्माण, सांस्कृतिक कथाकथन और कला के क्षेत्र में काम शामिल रहा है.

उन्होंने प्रमुख समाचार और मीडिया संस्थानों में संपादकीय और नेतृत्व से जुड़ी भूमिकाएं निभाई हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वह प्राइम-टाइम एंकर और संपादक के तौर पर भी काम कर चुकी हैं. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय कला और संस्कृति से जुड़े विषयों पर प्रदर्शनियों का क्यूरेशन किया और इससे जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए.

सहर जमान ने सांस्कृतिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों पर लेखन भी किया है. उन्होंने ‘तलत महमूद: द डेफिनिटिव बायोग्राफी’ नामक पुस्तक भी लिखी है.

हाल के वर्षों में उन्होंने अपने काम का विस्तार संचार रणनीति और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी किया है. इसके साथ ही वह पत्रकारिता, संस्कृति और जनहित से जुड़े विषयों से जुड़ी रही हैं. उनके पेशेवर अनुभव में कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़ा प्रशिक्षण भी शामिल है. उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के स्वतंत्र निदेशक प्रमाणन कार्यक्रम को पूरा किया है.

सीजे इंटरनेशनल होटल्स के बोर्ड में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब आतिथ्य क्षेत्र में कंपनियां पारंपरिक कारोबारी पहलुओं के साथ ब्रांड पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव, हितधारकों के साथ संबंध और बदलती उपभोक्ता अपेक्षाओं पर भी ध्यान दे रही हैं.

मीडिया और सांस्कृतिक कथाकथन में सहर ज़मान का अनुभव बोर्ड स्तर की चर्चाओं में ब्रांड पहचान और आतिथ्य क्षेत्र के बदलते स्वरूप से जुड़े विषयों पर एक अलग दृष्टिकोण ला सकता है. विशेष रूप से होटल उद्योग और शहरी अनुभव के बीच बदलते संबंधों को लेकर उनका अनुभव उपयोगी हो सकता है.
 


अनय गुप्ता लगातार दूसरी बार AIRIA के अध्यक्ष निर्वाचित, रबर उद्योग की प्रतिस्पर्धा और MSME विकास पर रहेगा फोकस

रबर उद्योग से तीन दशक से अधिक समय से जुड़े अनय गुप्ता 2017 से AIRIA की प्रबंध समिति के सदस्य हैं. इससे पहले वह AIRIA (नेचुरल रबर) के चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 01 October, 2026
Last Modified:
Thursday, 01 October, 2026
BWHindia

ऑल इंडिया रबर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (AIRIA) ने 2026-27 कार्यकाल के लिए अनय गुप्ता को लगातार दूसरी बार अध्यक्ष चुना है. उनका चुनाव एसोसिएशन की वार्षिक आम बैठक के बाद नव निर्वाचित प्रबंध समिति की पहली बैठक में सर्वसम्मति से किया गया.

रबर उद्योग से तीन दशक से अधिक समय से जुड़े अनय गुप्ता 2017 से AIRIA की प्रबंध समिति के सदस्य हैं. इससे पहले वह AIRIA (नेचुरल रबर) के चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.

रबर उद्योग की चुनौतियों पर रहेगा फोकस

दूसरे कार्यकाल में गुप्ता भारतीय रबर उद्योग से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर हितधारकों के साथ काम जारी रखेंगे. इनमें कच्चे माल की उपलब्धता, उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता और बदलते व्यापारिक हालात प्रमुख हैं.

एसोसिएशन का फोकस MSME क्षेत्र के विकास के साथ-साथ टायर और गैर-टायर दोनों क्षेत्रों से जुड़ी चुनौतियों पर भी रहेगा. वैश्विक बाजार में हो रहे बदलावों के बीच घरेलू रबर उद्योग की आपूर्ति क्षमता मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की बदलती परिस्थितियों के अनुरूप उद्योग को तैयार करना भी प्रमुख मुद्दों में शामिल होगा.

30 साल से ज्यादा का अनुभव

अनय गुप्ता को रबर उद्योग में 30 वर्ष से अधिक का अनुभव है. वह कई वर्षों से AIRIA की उद्योग और नीतिगत पहलों से जुड़े रहे हैं. 2017 से प्रबंध समिति के सदस्य के रूप में वह उद्योग से जुड़े मुद्दों पर नीति-निर्माताओं और अन्य हितधारकों के साथ संवाद में सक्रिय रहे हैं.

उनका दूसरा कार्यकाल भी उद्योग के लिए नीति वकालत और विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद पर केंद्रित रहेगा.

के गणेश बने वरिष्ठ उपाध्यक्ष

अनय गुप्ता के दोबारा अध्यक्ष चुने जाने के साथ के गणेश को AIRIA का वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया है. वहीं विनोद बंसल उपाध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे. इन नियुक्तियों का फैसला वार्षिक आम बैठक के बाद नव निर्वाचित प्रबंध समिति की पहली बैठक में किया गया. नई नेतृत्व टीम 2026-27 के दौरान उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर AIRIA की गतिविधियों और हितधारकों के साथ संवाद का नेतृत्व करेगी.

प्रतिस्पर्धा और नवाचार को मजबूत करने पर जोर

दूसरे कार्यकाल के लिए दोबारा भरोसा जताए जाने पर अनय गुप्ता ने AIRIA के सदस्यों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि भारतीय रबर उद्योग बदलती बाजार परिस्थितियों, वैश्विक व्यापार में बदलाव और विकास के नए अवसरों के दौर से गुजर रहा है.

गुप्ता ने कहा कि AIRIA हितधारकों के साथ मिलकर उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और टायर तथा गैर-टायर दोनों क्षेत्रों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए काम करेगी.

2026-27 कार्यकाल में कच्चे माल की उपलब्धता, व्यापार से जुड़े बदलाव, उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता और MSME क्षेत्र को समर्थन एसोसिएशन के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे.
 


AAAI के नए अध्यक्ष बने डॉ. संदीप गोयल, AI और डेटा टेक्नोलॉजी से जुड़ी चुनौतियों पर रहेगा फोकस

विज्ञापन और मीडिया उद्योग में चार दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. गोयल के कार्यकाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा टेक्नोलॉजी, एजेंसी रेवेन्यू और उद्योग से जुड़े नियामकीय मुद्दे प्रमुख विषय रहने की उम्मीद है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 30 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 30 September, 2026
BWHindia

एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAAI) ने रेडिफ्यूजन (Rediffusion) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) डॉ. संदीप गोयल को 2026-27 के लिए अपना अध्यक्ष चुना है. AAAI के मुताबिक, डॉ. गोयल का चयन सर्वसम्मति से हुआ है. विज्ञापन और मीडिया उद्योग में चार दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. गोयल के कार्यकाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा टेक्नोलॉजी, एजेंसी रेवेन्यू और उद्योग से जुड़े नियामकीय मुद्दे प्रमुख विषय रहने की उम्मीद है.

AAAI देश की प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और मीडिया बाइंग हाउस का शीर्ष उद्योग संगठन है. संगठन ने इस साल अपनी स्थापना के 80 वर्ष पूरे किए हैं. AAAI का BARC, INS, IBDF, ISA, ASCI, MRUCI, ACIL समेत कई अन्य उद्योग संगठनों के साथ कामकाजी संबंध है.

1984 से विज्ञापन और मीडिया उद्योग में सक्रिय

डॉ. संदीप गोयल ने 1984 में विज्ञापन और मीडिया क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया. शुरुआती दौर में उन्होंने एचटीए, जिसे अब वीएमएल के नाम से जाना जाता है, त्रिकाया ग्रे और मुद्रा जैसी विज्ञापन एजेंसियों के साथ काम किया. वह 1997 में रेडिफ्यूजन के अध्यक्ष बने और 2001 में जी के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी संभाली.

इसके बाद 2003 से 2011 के बीच उन्होंने डेंट्सु इंडिया एंड मिडिल ईस्ट में भारत के संयुक्त उद्यम साझेदार और अध्यक्ष के तौर पर काम किया. वह स्नैपचैट इंडिया के सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने पंजाब सरकार में तीन साल तक प्रमुख सचिव के रूप में भी सेवाएं दीं. 2021 में डॉ. गोयल ने रेडिफ्यूजन और एवरेस्ट दोनों का अधिग्रहण किया.

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संकाय से एमबीए और पीएचडी

डॉ. गोयल ने 1984 में दिल्ली के प्रबंधन अध्ययन संकाय से एमबीए किया. इसके बाद 2017 में उन्होंने इसी संस्थान से पीएचडी की. 2023 में लखनऊ विश्वविद्यालय ने उन्हें साहित्य विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि से सम्मानित किया.

डॉ. गोयल दस किताबों के लेखक भी हैं. इनमें द डम डम बुलेट और कोंजो – द फाइटिंग स्पिरिट शामिल हैं. वह नियमित रूप से द इकोनॉमिक टाइम्स, बिजनेस स्टैंडर्ड समेत कई प्रमुख मीडिया मंचों के लिए कॉलम भी लिखते हैं.

कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थाओं से जुड़े रहे

डॉ. गोयल न्यूयॉर्क स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ टेलीविजन आर्ट्स एंड साइंसेज के बोर्ड सदस्य रह चुके हैं. यह संस्था वैश्विक एमी पुरस्कार प्रदान करती है. वह लंदन स्थित एमआईपी के वैश्विक बोर्ड का भी हिस्सा रहे हैं. एमआईपी को दुनिया के सबसे बड़े टेलीविजन मीडिया और कंटेंट बाजारों में से एक माना जाता है.

इसके अलावा वह भारतीय विज्ञापन मानक परिषद की गवर्निंग काउंसिल, इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन, जिसे अब इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन कहा जाता है, के उपाध्यक्ष और आईबीएफ-आईएनएस की संयुक्त समिति के समन्वयक समेत विभिन्न उद्योग संगठनों में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा चुके हैं.

वह एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया की कार्यकारी समिति और मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल के उपाध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं. दो साल पहले डॉ. गोयल को एसोचैम की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.

AI को लेकर डर कम करना प्राथमिकता

AAAI के अध्यक्ष के तौर पर अपनी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए डॉ. गोयल ने AI को लेकर उद्योग में बनी आशंकाओं को दूर करने और मौजूदा कर्मचारियों को नई तकनीकों के लिए प्रशिक्षित करने पर जोर दिया.

उन्होंने कहा, "AI का डर दूर करना आज उद्योग की सबसे बड़ी जरूरत है. मौजूदा कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना इसका सबसे प्रभावी समाधान है, ताकि नौकरियों की सुरक्षा की जा सके. मैं खास तौर पर AAAI के उन सदस्यों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा, जिनके पास बड़े स्तर के संसाधन नहीं हैं."

डॉ. गोयल के मुताबिक, AAAI के सामने इस समय कई चुनौतियां हैं. उन्होंने कहा कि CCI की जांच का असर कई सदस्य एजेंसियों पर पड़ा है, जबकि कई एजेंसियां AI और डेटा टेक्नोलॉजी को अपने काम में किस तरह इस्तेमाल किया जाए, इसे लेकर संघर्ष कर रही हैं. एजेंसियों की आय पर भी दबाव है.

गोवा फेस्ट को नए रूप में पेश करने पर जोर

नए AAAI अध्यक्ष ने संगठन के प्रमुख आयोजन GoaFest को भी नए सिरे से तैयार करने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि गोवा फेस्ट AAAI की प्रमुख पहचान है और इसमें लंबे समय से जरूरी बदलाव किया जाना बाकी है.

डॉ. गोयल के अनुसार, "AAAI के सामने कई चुनौतियां हैं. CCI की जांच का असर कई सदस्य एजेंसियों पर पड़ा है. अधिकांश एजेंसियां AI और डेटा टेक्नोलॉजी को अपनाने के तरीके को लेकर संघर्ष कर रही हैं. एजेंसी रेवेन्यू पर दबाव है. इसलिए कई मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है." उन्होंने कहा कि गोवा फेस्ट में भी नए सिरे से बदलाव और पुनर्गठन की जरूरत है और आने वाला साल काफी व्यस्त रहने वाला है.