लापरवाही के लिए भुगतान करेगा SBI, जानिए क्‍या है पूरा मामला? 

स्टेट कंज्यूमर फोरम ने SBI बैंक को शिकायतकर्ता को एटीएम का CCTV फुटेज प्रदान करने में विफल रहने और समय पर उसका ATM कार्ड ब्लॉक न करने के कारण लापरवाह माना है.

Last Modified:
Friday, 03 March, 2023
SBI

ऐसा कम ही सुनने को मिलता है जब किसी बड़े बैंक को उसकी लापरवाही के लिए अपने उपभोक्‍ता को भुगतान करना पड़ता हो. लेकिन दिल्‍ली के जिला कंज्‍यूमर फोरम के सुनाए एक ऐसे ही फैसले को स्‍टेट कंज्‍यूमर फोरम ने बरकरार रखा है. दिल्‍ली स्‍टेट कंज्‍यूमर फोरम की जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल की अध्यक्षता वाली और पिंकी की सदस्यता वाली बेंच ने जिला फोरम के उस आदेश को बरकरार रखा है. जिला कंज्‍यूमर फोरम ने अपने आदेश में एसबीआई बैंक को लापरवाही के लिए मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था. क्योंकि यह शिकायतकर्ता को एटीएम की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने में विफल रहा और  उसका एटीएम कार्ड भी समय पर ब्लॉक करने में विफल रहा. 


जानिए क्‍या था पूरा मामला 
इस मामले के तहत हुआ कुछ ऐसा कि एक शिकायतकर्ता ने पैसे निकालने के लिए एसबीआई एटीएम गई  लेकिन उसके कार्ड से ट्रांजिक्‍शन नहीं हो पाई. लेकिन तभी उसी समय कोई अज्ञात व्यक्ति एटीएम में घुस गया और कहा कि वह शिकायतकर्ता के लिए पैसे निकाल लेगा. वह जबरदस्ती उसका कार्ड ऑपरेट करने लगा. शिकायतकर्ता द्वारा पासवर्ड का बटन पहले ही दबाया जा चुका था लेकिन  एटीएम से पैसे नहीं आए थे. इसके बाद शिकायतकर्ता एक्सिस बैंक के एटीएम में गया और मशीन में एटीएम डाला, लेकिन स्क्रीन पर गिरजेश गुप्ता नाम दिखाई दिया. शिकायतकर्ता तुरंत घटना की शिकायत करने बैंक गई लेकिन उसकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. उन्हें अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए लंबी लाइन में खड़े होने को कहा गया. नतीजतन, जब तक शिकायतकर्ता का एटीएम कार्ड ब्लॉक होता तब तक उसके खाते से 40 हजार रुपये निकाले जा चुके थे.


सीसीटीवी फुटेज नहीं दे सका बैंक 
शिकायतकर्ता की शिकायत पर बाद में एक प्राथमिकी दर्ज की गई क्योंकि उस व्यक्ति ने फिर से कई बार कार्ड का इस्तेमाल किया था. लेकिन शिकायतकर्ता केअनुरोध पर भी बैंक ने घटना का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराया और कहा कि कुछ तकनीकी त्रुटि थी जिसके कारण वो फुटेज नहीं दे सकते हैं. बाद में शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत लोकपाल से भी की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ. इसके बाद शिकायतकर्ता ने मुआवजे के साथ 40,000 रुपये की वापसी के लिए जिला फोरम का दरवाजा खटखटाया. इसके बाद मामले की सुनवाई हुई और जिला मंच ने बैंक को 6% प्रति वर्ष के ब्याज पर 40,000 रुपये की राशि वापस करने का निर्देश दिया. 8.05.2012 से वसूली की तारीख तक और आगे बैंक को मानसिक उत्पीड़न और मुकदमेबाजी शुल्क के लिए 10,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया.

परिणामस्वरूप बैंक ने जिला फोरम के आदेश को रद्द करने के लिए राज्य फोरम का दरवाजा खटखटाया. बैंक ने कहा कि शिकायतकर्ता ने स्वयं अपना एटीएम कार्ड एक अज्ञात व्यक्ति को सौंप दिया था और जब तक वह घटना की शिकायत करने के लिए बैंक पहुंची, तब तक 40,000 की राशि काट ली जा चुकी थी. जबकि शिकायतकर्ता ने कहा कि उसने अपना कार्ड किसी अज्ञात व्यक्ति को नहीं दिया था, यह उससे जबरन लिया गया था. उसने आगे कहा कि अगर बैंक ने उसका कार्ड समय पर ब्लॉक कर दिया होता तो उसके पैसे नहीं काटे जाते. उसने आगे कहा कि बैंक उसे एटीएम में घटना का सीसीटीवी फुटेज देने में भी विफल रहा, जिससे उसका कार्ड जबरन लेने वाले व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो गया.

अदालत ने बैंक पर लगाया जुर्माना 
स्टेट फोरम ने पाया कि क्या बैंक वास्तव में कार्ड को समय पर ब्लॉक न करके और सीसीटीवी फुटेज को बनाए नहीं रखकर शिकायतकर्ता प्रतिवादी को अपनी सेवाएं प्रदान करने में विफल रहा है. पीठ ने कहा कि यहां प्रतिवादी ने घटना के बारे में पुलिस शिकायत की और बैंकिंग लोकपाल के समक्ष भी शिकायत की, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ. वर्तमान मामले में जहां एक निर्दोष नागरिक अपने बुढ़ापे के कारण धोखाधड़ी के लिए अतिसंवेदनशील है, वह बदमाशों के दुष्कर्मों का शिकार हो गया था.  स्टेट फोरम ने पाया कि एटीएम में सीसीटीवी का प्राथमिक उद्देश्य धोखाधड़ी की ऐसी घटनाओं को रोकना है. स्‍टेट फोरम ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला देते हुए जिला फोरम के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें बैंक को 6% प्रति वर्ष के ब्याज पर 40,000 रुपये की राशि वापस करने का निर्देश दिया गया था. 8.05.2012 से वसूली की तारीख तक और बैंक को मानसिक उत्पीड़न और मुकदमेबाजी शुल्क के लिए 10,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया.


'सामान्य' यात्रियों के पेट का भी ख्याल रखेगा Railway, महज 20 रुपए में मिटेगी भूख!

रेलवे सामान्य डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों को 'इकोनॉमी मील' उपलब्ध करा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 24 April, 2024
Last Modified:
Wednesday, 24 April, 2024
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ट्रेन के सफर में जनरल कोच के यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ट्रेन के दूसरे कम्पार्टमेंट्स में तो वेंडर खाने-पीने का सामान लेकर घूमते रहते हैं, लेकिन इन डिब्बों का रुख करने वालों की संख्या बेहद कम होती है. इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने एक नई शुरुआत की है. इसके तहत जनरल डिब्बो में यात्रा करने वालों को किफायती दर पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा.

20 से 50 रुपए है कीमत 
रेलवे की इस योजना को 'इकोनॉमी मील' नाम दिया गया है. इसकी कीमत 20 और 50 रुपए रखी गई है. रेलवे की कोशिश अनारक्षित डिब्बों के यात्रियों तक सस्ते में खाना पहुंचाना है. ट्रेन के AC और स्लीपर क्लास के यात्रियों को इस तरह की कोई परेशानी नहीं खाने-पीने का सामान उन तक चलती ट्रेन में भी उपलब्ध हो जाता है. वहीं, जनरल कोच के यात्री अमूमन इससे महरूम रह जाते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने जनरल बोगी में सस्ते दर पर भोजन पहुंचाने की शुरुआत की है. 

पिछले साल शुरू हुआ था पायलट प्रोजेक्ट
सामान्य श्रेणी यात्री किफायती दर पर भोजन स्पेशल काउंटर्स से खरीद सकते हैं. ये काउंटर प्लेटफॉर्म पर सामान्य श्रेणी के डिब्बों के निकट स्थित होंगे, ताकि यात्रियों को इन तक पहुंचने के लिए ज्यादा परेशानी न उठानी पड़े. इस योजना की शुरुआत पिछले साल 15 स्टेशन पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी, जिसका अब विस्तार किया जा रहा है. फिलहाल देशभर 100 रेलवे स्टेशनों पर लगभग 150 इकोनॉमी मील काउंटरों से यात्री खाना खरीद सकेंगे. यात्री जिसमें 20 रुपए में इकोनॉमी मील और 50 रुपए में स्नैक्स मील खरीद सकते हैं. 

क्या मिलेगा इकोनॉमी मील में?
मध्य रेलवे की बात करें, तो 15 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर जहां लंबी दूरी की ट्रेनें रुकती हैं, वहां इकोनॉमी मील उपलब्ध कराई जा रही है. इसमें पुणे के साथ-साथ इगतपुरी, कर्जत, खंडवा, बडनेरा, मनमाड, शेगांव, मिराज, दौंड, साईंनगर शिरडी, नागपुर, वर्धा, सोलापुर आदि शामिल हैं. 20 रुपए में मिलने वाली इकोनॉमी मील में सात पूरियां और आलू भाजी होगी. जबकि 50 रुपए की स्नैक्स मील में चावल के व्यंजन होंगे.


इस शहर में स्कूल बस का किराया होगा 30 प्रतिशत महंगा, जानते हैं क्यों?

महाराष्ट्र सरकार ने अब दो शिफ्ट में स्कूल चलाने का फैसला लिया है. इस फैसले का असर स्कूल बस के किराए पर पड़ा है. 

Last Modified:
Tuesday, 23 April, 2024
Mumbai School Bus

इस साल भीषण गर्मी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों की टाइमिंग में एक बड़ा बदलाव किया है. महाराष्ट्र सरकार के अनुसार अब स्कूलों को दो शिफ्ट में चलाना जाएगा. इस फैसले के बाद स्कूल बस एसोसिएशन ने बसों का किराया बढ़ाने का फैसला लिया है. 

स्कूल टाइमिंग में बदलाव, बस का किराया महंगा 

महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को स्कूल को 1 शिफ्ट के बजाए 2 शिफ्ट में चलाने का फैसला किया गया है. जानकारी के अनुसार क्लास प्री प्राइमरी से कक्षा 4 तक के बच्चे सुबह 9 बजे से स्कूल आएंगे. वहीं, 5वीं कक्षा से लेकर सेकेंडरी स्कूल के बच्चे सुबह 7 बजे से स्कूल अटेंड करेंगे. आपको बता दें कि मुंबई में बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल स्कूल बस का किया जाता है, सरकार के इस फैसले के बाद पेरेंट्स की जेब पर इसका सीधा असर दिखेगा.

इतना बढ़ सकता है स्कूल बस का किराया
स्कूल बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अनिल गर्ग का कहना है कि नए एकेडमिक ईयर की शुरुआत से स्कूल बस के किराए में बढ़ोतरी की जाएगी. स्कूल बस के किराए में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी की जाएगी, क्योंकि ऑपरेशनल कॉस्ट में कई चीजें आती है, जिनमें बस फ्लीट में बढ़ोतरी, अटेंडेंट दीदी की हायरिंग, ट्रैफिक के दौरान फ्यूल कंजप्शन में बढ़ोतरी शामिल हैं.

पैरेंट्स की जेब होगी ढीली
सोसिएशन का कहना है 9 बजे की स्कूल शिफ्ट की बात की गई है, उस समय मुंबई की सड़कों पर गाड़ियों की लाइन लगी रहती है, अगर बच्चे स्कूल पहुंचने में लेट होते हैं, तो बस एसोसिएशन इसकी जिम्मेदारी नहीं लेगी. वहीं, पेरेंट्स का कहना है कि कोविड के बाद बस किराए में हर साल 10 से 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होती है, ऐसे में इस तरह से बस के किराए में बढ़ोतरी उनके घर का बजट बिगाड़ देगी. 
 

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महिलाओं के लिए ये है गजब की स्कीम, 2 साल में बना देगी अमीर

यह सरकारी योजना शानदार ब्‍याज ऑफर करती है. खास बात ये है कि इस योजना के तहत कम से कम इन्‍वेस्‍टमेंट करके महिलाएं अच्‍छा रिटर्न बना सकती हैं.

Last Modified:
Monday, 22 April, 2024
MSSC

सरकारी योजनाएं बिना रिस्क लोगों को तगड़ा मुनाफा देती हैं. ऐसी ही एक स्कीम महिलाओं से जुड़ी हुई है, जो कम समय में अमीर बना सकती है. इसमें ज्यादा पैसे भी लगाने की भी जरूरत नहीं है. सरकार इस योजना के तहत तगड़ा ब्याज दे रही है. पोस्ट ऑफिस (Post Office) के जरिए आप इस योजना में अकाउंट खुलवा सकते हैं. आइए जानते हैं कौन सही है ये योजना और आप इसमें कैसे निवेश कर सकते हैं?

योजना पर मिलता है शानदार ब्याज ऑफर

सरकार ने महिलाओं को लाभ देते हुए स्माल सेविंग स्कीम के तहत एक योजना की शुरुआत की थी, जिसे महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट (Mahila Samman Saving Certificate Scheme) के नाम से जाना जाता है. यह योजना शानदार ब्याज ऑफर करती है. खास बात ये है कि इस योजना के तहत कम से कम इन्वेस्टमेंट करके महिलाएं अच्छा रिटर्न बना सकती हैं.

टैक्स बेनिफिट का भी मिलता है लाभ

केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की थी. ना केवल महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट स्कीम में निवेश पर 7.5 फीसदी का जोरदार ब्याज दिया जा रहा है, बल्कि इसमें TDS कटौती से भी छूट मिलती है. सीबीडीटी के मुताबिक, सीनियर सिटीजन के मामले में टीडीएस इस योजना पर तभी लागू होगा, जब एक फाइनेंशियल ईयर के दौरान ब्याज से कमाई 40 से 50 हजार रुपये होती है. इस स्कीम की एक और खास बात ये है कि इसमें 10 साल या फिर इससे कम उम्र की लड़कियों का खाता भी खुलवाया जा सकता है.

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कितने के डिपॉजिट पर कितने का फायदा?

महिला सम्मान बचत पत्र योजना कैलकुलेटर के हिसाब से देखें तो इस स्‍कीम में अगर महिलाएं 50,000 रुपए निवेश करती हैं तो इस पर दो साल में 8011 रुपए ब्‍याज के तौर पर मिलेंगे और इस तरह मैच्‍योरिटी पर कुल 58,011 रुपए मिलेंगे. अगर 1,00,000 रुपए का निवेश करेंगी तो 7.5 फीसदी ब्‍याज दर के हिसाब से मैच्‍योरिटी के समय 1,16,022 रुपए मिलेंगे. अगर वो 1,50,000 रुपए डिपॉजिट करती हैं तो आपको दो साल बाद 1,74,033 रुपए मिलेंगे यानी 24,033 रुपए आपको सिर्फ ब्‍याज के मिलेंगे और अगर 2,00,000 रुपए इस स्‍कीम में निवेश किए तो तो 7.5 फीसदी ब्‍याज के हिसाब से दो साल बाद निवेशित रकम पर 32,044 रुपए ब्‍याज के तौर पर मिलेंगे. इस तरह मैच्‍योरिटी पर कुल 2,32,044 रुपए मिलेंगे.

एक साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा

ये स्‍कीम दो साल में मैच्‍योर होती है. दो साल बाद आपको ब्‍याज समेत अपनी जमा रकम वापस मिल जाती है. लेकिन अगर आपको बीच में ही पैसों की जरूरत पड़ जाए तो 1 साल पूरा होने के बाद आप जमा किए गए पैसों का 40 फीसदी तक निकाल सकती हैं. यानी अगर आपने 2 लाख रुपए जमा किए हैं तो एक साल बाद आप 80 हजार रुपए की निकासी कर सकती हैं.

कैसे कर सकते हैं अप्लाई?

महिला सम्मान बचतपत्र योजना स्कीम में मिलने वाले ब्याज का कैलकुलेशन देखें तो इस योजना के तहत दो साल के निवेश पर 7.5 फीसदी का ब्याज मिल रहा है और इसमें अगर कोई महिला निवेशक 2 लाख रुपये का निवेश करती है तो दो साल की अवधि में कुल रिटर्न 31,125 रुपये होगा. इस योजना को पोस्ट ऑफिस या बैंकों के माध्यम से खुलवाया जा सकता है. खाता खुलवाने के लिए आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, केवाईसी और एक चेक देना होगा. 
 


RBI के रुख से Credit Cards देने वाली कंपनियों में खौफ, आप पर ऐसे पड़ेगा असर

यदि आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो फिर ये खबर आपके बेहद काम की है.

Last Modified:
Monday, 22 April, 2024
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क्रेडिट कार्ड (Credit Cards) का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. खासकर पिछले कुछ समय में उसमें अच्छी-खासी तेजी आई है. फरवरी महीने में ही क्रेडिट कार्ड से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए के पेमेंट किए गए. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्रेडिट कार्ड को कितना ज्यादा पसंद किया जा रहा है. एक रिपोर्ट बताती है कि क्रेडिट कार्ड से पेमेंट में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. हालांकि, अब Credit Cards से कुछ तरह के पेमेंट पर रोक लग सकती है. 

RBI को है ये आपत्ति
क्रेडिट कार्ड से पेमेंट में तुरंत जेब से पैसा नहीं जाता, इसलिए लोग इसे कई तरह के पेमेंट के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं. जैसे कि रेंट पेमेंट, ट्यूशन फीस, वेंडर पेमेंट या फिर सोसाइटी की मेंटेनेंस का भुगतान. सामान्य क्रेडिट कार्ड यूजर और उसे जारी करने वाले कंपनियों को भले ही इसमें कोई परेशानी नजर न आती हो, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को इस पर आपत्ति है. RBI का मानना है कि क्रेडिट कार्ड मर्चेंट को भुगतान करने के लिए बनाया गया है. इससे व्यक्तिगत माध्यम से लेनदेन यानी कि पर्सन-टू-पर्सन पेमेंट नहीं किया जा सकता. इसलिए माना जा रहा है कि RBI सख्त कदम उठाते हुए क्रेडिट कार्ड से किराये, सोसायटी शुल्क, ट्यूशन फीस और वेंडर शुल्क के भुगतान पर रोक लगा सकता है.

नियमों का पालन है जरूरी 
आरबीआई ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल पर्सन टू मर्चेंडाइज भुगतान के लिए हो सकता है, लेकिन अगर ग्राहक और कारोबारी से इतर इससे लेनदेन किया जाता है, तो पैसे प्राप्त करने वाले को मर्चेंट अकाउंट खोलना पड़ेगा. दोनों के नियम एवं मानकों में काफी अंतर है, लिहाजा इसका पालन करना बेहद जरूरी है. RBI के इस रुख के बाद फिनटेक कंपनियों और बैंकों ने इस तरह के भुगतान को रोकने की कोशिशें भी शुरू कर दी हैं. कई बैंक अब रेंट भुगतान पर रिवॉर्ड प्‍वाइंट नहीं दे रहे हैं. वहीं, कुछ ने वार्षिक फीस माफ करने के लिए खर्च की लिमिट से रेंट या ट्यूशन फीस भुगतान वाले विकल्‍प को सूची से हटा दिया है. 

इसलिए खौफ में हैं कंपनियां
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर RBI की कड़ी कार्रवाई से फिनटेक कंपनियां काफी डरी हुई हैं. उन्हें समझ आ गया है कि नियमों के उल्लंघन पर उनकी गर्दन भी RBI के हाथों में आ सकती है. इसलिए वह खुद भी क्रेडिट कार्ड के पर्सन टू मर्चेंडाइज भुगतान के इतर इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा सकती हैं. RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर तमाम तरह के प्रतिबंध लगाए थे, जिससे कंपनी को बड़े पैमाने पर नुकसान उठाना पड़ा है. गौरतलब है कि मौजूदा वक्त में कई ऐसी फिनटेक कंपनियां हैं, जो क्रेडिट कार्ड के जरिए किराए का भुगतान करने की सुविधा देती हैं. इसके लिए क्रेडिट कार्ड धारक का स्पेशल एस्‍क्रो अकाउंट खोला जाता है. कार्ड से इस अकाउंट में राशि डाली जाती है और फिर उसे संबंधित मकान मालिक के खाते में भेज दी जाती है.  


EPFO ने ऐसा कौनसा नियम बदल दिया कि हर तरफ हो रही है उसकी चर्चा, आपको है खबर? 

यदि आप भी PF अकाउंट होल्डर हैं, तो फिर ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

Last Modified:
Friday, 19 April, 2024
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पीएम खाताधारकों (PF Account Holders) के लिए एक राहत भरी खबर आई है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने PF Account को लेकर एक बड़े नियम में बदलाव किया है, जिसका फायदा EPFO से जुड़े 27 करोड़ से ज्यादा खाताधारकों को होगा. दरअसल, EPFO ने ऑटो क्लेम सेटलमेंट की लिमिट को बढ़ाकर डबल कर दिया है. इसका मतलब है कि इलाज के लिए अकाउंट होल्डर अब 50,000 के बजाए 1 लाख रुपए रुपए निकाल पाएंगे. इलाज के लिए पैसों की निकासी के संबंध में किया गया यह बदलाव 16 अप्रैल 2024 से लागू कर दिया है. 

इसलिए मिलती है ये सुविधा
नियम में हुए इस बदलाव के बाद अब खाताधारक या फिर उसके आश्रित सदस्य के गंभीर बीमारी से पीड़ित होने पर अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में अग्रिम स्वास्थ्य दावे के तहत एक लाख रुपए की निकासी की जा सकती है. ईपीएफओ ने पैराग्राफ 68J के तहत ऑटो क्लेम सेटलमेंट की लिमिट को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर दिया है. पैराग्राफ 68J के तहत ईपीएफ खाताधारकों को गंभीर बीमारी या विपरीत स्वास्थ्य परिस्थितियों में इलाज के लिए पीएफ अकाउंट से पैसे निकालने की सुविधा मिलती है.   

क्लेम हुआ और आसान
लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने, बड़ी सर्जरी और TB, लेप्रोसी, पैरालैसिस, कैंसर, मानसिक बीमारी या दिल की बीमारियों जैसी गंभीर स्थिति में काफी ज्यादा खर्चा हो जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए EPFO ने निकासी की लिमिट ओ दोगुना कर दिया है. इस बात का ध्यान रखें कि नियम में हुए संशोधन का लाभ उठाने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जैसे मेडिकल प्रमाणपत्र की ज़रूरत नहीं है. इससे अकाउंट होल्डर्स के लिए क्लेम का प्रोसेस आसान हो गया है. गौरतलब है कि चिकित्सा खर्चों के अलावा, ईपीएफ खाताधारक शादी, घर खरीदने, लोन चुकाने या घर के रिनोवेशन के लिए भी अपने अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं. 

इस तरह निकालें पैसा
यदि आप अपने PF खाते से पैसा निकालना चाहते हैं, तो सबसे पहले EPFO की वेबसाइट www.epfindia.gov.in पर जाकर लॉग इन करें. फिर Online Services ऑप्शन पर क्लिक करके संबंधित क्लेम फॉर्म भरें. आपको PF Account के अंतिम 4 नंबर डालकर इसे सत्यापित करना होगा. इसके बाद Proceed For Online Claim पर क्लिक करके फॉर्म 31 को भरें. फिर आपको अपने खाते की डिटेल भरकर चेक या बैंक पासबुक की कॉपी अपलोड करनी होगी. आखिरी में 'Get Adhaar OTP' पर क्लिक करके उसे फॉर्म में दर्ज करके फॉर्म सबमिट कर दें.   


काम की खबर: टैक्स बचाना है, तो ये चेकलिस्ट तैयार रखिए, बचेंगे हजारों रुपये

यदि आप भी इनकम टैक्स में छूट पाने की चाहत रखते हैं, तो ये खबर आपके बहुत काम आएगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 17 April, 2024
Last Modified:
Wednesday, 17 April, 2024
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कमाई पर टैक्स देना शायद ही किसी को अच्छा लगता हो. इसलिए टैक्स के बोझ को कम करने के लिए लोग लाखों जतन करते हैं. कई ऐसी योजनाएं हैं जिनमें किया गया निवेश आपको टैक्स में कुछ राहत दिला सकता है. अब चूंकि नया वित्त वर्ष शुरू हो गया है, इसलिए आप केवल उन निवेश के लिए ही राहत के पात्र होंगे जो आपने 31 मार्च 2024 से पहले किया है. हालांकि, अगले वित्त वर्ष की तैयारी के तहत आप संबंधित योजनाओं में अभी निवेश जरूर कर सकते हैं. चलिए नजर डालते हैं ऐसे कुछ विकल्पों पर जो आपको टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत दिलवाते हैं.

नेशनल पेंशन सिस्टम
राष्ट्रीय पेंशन योजना यानी NPS में किए गए निवेश पर आपको 50,000 रुपए की छूट मिल सकती है. यह एक वालंटियर स्कीम है और इसके अंतर्गत आप इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80CCD (1B) के तहत 50,000 रुपए तक की टैक्स छूट पा सकते हैं. लिहाजा, यदि आपने पहले ही इसमें निवेश कर रखा है, तो इसका प्रूफ तैयार रखिए. और यदि ऐसा करना भूल गए हैं, तो अगले वित्त वर्ष में छूट के लिए अभी से निवेश शुरू कर सकते हैं. इससे न केवल आप प्रति वर्ष किए गए निवेश पर इनकम टैक्स बचा सकेंगे, बल्कि रिटायरमेंट के बाद आपको पेंशन भी मिलेगी.

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी 
जीवन बीमा पॉलिसी पर भी कर इनकम टैक्स में छूट मिलती है. इसमें आप 1.5 लाख रुपए तक के लिए टैक्स डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं. वहीं,  यदि आप 60 वर्ष से कम आयु के हैं और अपने लिए, लाइफ पार्टनर के लिए या आश्रित बच्चों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम चुका रहे हैं, तो आप 25,000 रुपए तक की छूट के पात्र भी होंगे. इसी तरह यदि आपके माता-पिता की आयु 60 वर्ष से अधिक है और आप उनके लिए भी प्रीमियम चुका रहे हैं, तो 50,000 रुपए तक की अतिरिक्त छूट पा सकते हैं. 

FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट 
हमारे देश में बचत के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट को आज भी अच्छा ऑप्शन माना जाता है. यह ऑप्शन आपके टैक्स डिडक्शन का विकल्प भी बन सकता है. 5 साल की अवधि वाले वाली FD में आप आयकर अधिनियम के 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक टैक्स बेनिफिट के पात्र हैं. अमूमन एफडी पर 7 से 8 फीसदी तक का ब्याज मिलता है. वैसे, FD पर मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स लगता है, लेकिन आप टैक्स डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं. तो यदि आपने पहले ही FD करवाई हुई हैं, तो उनका प्रूफ जरूर साथ रख लें.

पब्लिक प्रोविंडेंट फंड
पब्लिक प्रोविंडेंट फंड (PPF) अच्छा टैक्स सेविंग ऑप्शन माना जाता है. PPF पर अभी 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. PPF के निवेशकों को भी कर आयकर में छूट मिलती है. आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत आप पीपीएफ में सालाना 1.5 लाख रुपए के निवेश पर टैक्स छूट के हकदार बन जाते हैं. पब्‍लिक प्रॉविडेंड फंड (PPF) का लॉक इन पीरियड 15 साल का होता है. यानी टैक्स बचाने के लिए आप इस स्कीम में भी निवेश कर सकते हैं. 

इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) एक प्रकार का इक्विटी फंड होता है. इस योजना के तहत सालाना 1 लाख रुपए तक के रिटर्न/लाभ पर टैक्स नहीं लगता. ELSS में 3 साल का सबसे छोटी लॉक-इन पीरियड होता है. इसके अलावा, आप यूनिट लिंक्‍ड इंश्‍योरेंस प्‍लान (ULIP) खरीदकर भी इनकम टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं. वहीं, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) भी टैक्स सेविंग विकल्पों में शामिल है. इस पर 6.8 फीसदी का ब्याज मिलता है और आप 1 वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपए का टैक्स डिडक्शन कर सकते हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
यह योजना सरकार द्वारा खासतौर पर बेटियों के लिए संचालित की जाती है. यह टैक्स फ्री स्कीम है, यानी कि इसके ब्याज पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता. आप अपनी 10 साल से कम उम्र की बच्ची के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाकर टैक्स बचा सकते हैं. इस स्‍कीम में अधिकतम 1.5 लाख रुपए सालाना जमा करके इनकम टैक्‍स में छूट हासिल की जा सकती है. इसी तरह, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के जरिए भी टैक्स बचाया जा सकता है. इसमें आपको 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का टैक्स बेनिफिट मिल सकता है.

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (Senior Citizen Saving Scheme) में पैसा लगाने वालों को भी टैक्स में छूट मिलती है. इसमें आप सालाना अधिकतम 1.5 लाख का निवेश कर सकते हैं. आपको बता दें कि होम लोन पर भी टैक्स छूट मिलती है. इसके अलावा, यदि आप किराये के घर में रहते हैं, तो मकान किराए की रसीद देकर इनकम टैक्स में छूट पा सकते हैं. 


करना चाहते हैं बिजनेस, तो सरकार देगी 10 लाख, जानिए कैसे?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी का चुनावी घोषणा पत्र लॉन्च करते हुए मुद्रा योजना को लेकर भी बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इसके तहत मिलने वाली लोन की लिमिट को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया जाएगा.

Last Modified:
Tuesday, 16 April, 2024
PMMY

अगर आपके मन में भी बिजनेस करने का विचार है. लेकिन आपके पास उतने पैसे नहीं. तो ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है. आपके बिजनेस के लिए सरकार आपकी मदद करेगी. सरकार की इस योजना से आप अपने बिजनेस के लिए 10 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं. वह भी कम ब्याज दर में. चलिए जानते हैं कैसे मुद्रा लोन योजना के लिए आप कर सकते हैं आवेदन.

क्या है पीएम मुद्रा लोन योजना?

रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने पीएम मुद्रा लोन की शुरुआत की थी. मकसद ये था कि इसके जरिए उन युवाओं को आर्थिक मदद दी जा सके, जो पैसों की कमी के चलते अपना बिजनेस शुरू नहीं कर पाते हैं. प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के तहत बिजनेस शुरू करने वाले लोगों को बैंक से अभी तक 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है वो भी काफी कम ब्याज दर पर. अच्छी बात ये है कि मुद्रा लोन लेने के लिए किसी गारंटी की ज़रूरत नहीं होती है. साल 2015 से ही इस स्कीम के तहत गैर-कॉरपोरेट, नॉन-फार्म स्मॉल/माइक्रो एंटरप्राइजेज़ को लोन दिया जा रहा है. ये लोन कॉमर्शियल बैंक, RRBs, स्मॉल फाइनेंस बैंक, MFIs, NBFCs देती हैं.

जरूरत के हिसाब से मिलता है लोन

प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के तहत अभी 3 तरह के लोन मिलते हैं- शिशु लोन, किशोर लोन और तरुण लोन. शिशु लोन में आपको 50,000 रुपये तक का लोन मिलता है, जबकि किशोर लोन में आपको 50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का लोन मिलता है. अगर आपको इससे भी ज्यादा का लोन चाहिए तो आपको तरुण लोन लेना होगा, जिसमें आपको 5 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक लोन मिलता है. लोन का ब्याज दर, अलग-अलग बैंक द्वारा निर्धारित किया जाता है.

किन कार्यों के लिए मिलता है लोन?

यह लोन छोटे उद्योगों के लिए दिया जाता है. यह किसी भी तरह के उद्योग हो सकते हैं. इसके अलावा कृषि से संबंधित काम, जैसे मक्खी पालन, मछली पालन, मुर्गी पालन जैसे कामों के लिए भी मुद्रा लोन लिए जाते हैं. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों, सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक और लोन देने वाली बाकी संस्थाओं से लोन प्राप्त किया जा सकता है. मुद्रा योजना के तहत लोन प्राप्त करने के लिए पीएमएमवाई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

कैसे कर सकते हैं अप्लाई?

मुद्रा एक रीफाइनेंसिंग संस्था है, ये सीधे लोन नहीं देती है, बल्कि इसके जरिए बैंक लोन देते हैं. इसका फायदा लेने के लिए आपको किसी भी बैंक, NBFC, MFIs (माइक्रोफाइनेंस संस्थानों) के करीबी ब्रांच पर जाना होगा और फॉर्म भरना होगा. आप ऑनलाइन ऐप्लीकेशन भी डाल सकते हैं, जिसके लिए आपको Udyamimitra portal (www.udyamimitra.in) पर जाना होगा. आवेदन करने के लिए आपके पास पासपोर्ट साइज फोटो, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज होने चाहिए.
 


अब ऑटो से भी सस्ता हवाई जहाज का किराया

अगर आप भी आने वाले दिनों में हवाई सफर करने जा रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है. दरअसल देश के कई ऐसे रूट हैं जहां आप मात्र 150 रुपये में हवाई सफर कर सकते हैं.

Last Modified:
Tuesday, 16 April, 2024
UDAN Scheme

महंगी फ्लाइट की टिकट के चलते प्लेन में बैठना आज भी कई लोगों के लिए एक सपने जैसा है, लेकिन अब यह सपना पूरा हो सकता है. क्योंकि केंद्र सरकार की उड़ान स्कीम के तहत अब देश का आम आदमी भी उड़ान भर सकता है. यात्रियों द्वारा असम के लिए सिर्फ 150 रुपय में हवाई सफर किया जा रहा है और यह देश की सबसे सस्ती फ्लाइट है. उड़ान स्कीम के तहत विमानन कंपनी एलायंस एयर (Alliance Air) यह खास सुविधा दे रही है. यह फ्लाइट तेजपुर से लेकर लखीमपुर जिले के लीलाबरी एयरपोर्ट तक उड़ती है. कंपनी की इस रूट पर रोजाना दो उड़ाने जाती है जो पिछले 2 महीने से फुल चल रही है. 

क्या है ये ऑफर?

केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही उड़ान स्कीम के तहत आपको इन सस्ती फ्लाइट्स के सफर का मजा मिल रहा है. इसमें सिर्फ 150 रुपये का भुगतान करके आप असम में लीलाबाड़ी से तेजपुर तक 50 मिनट का हवाई सफर कर सकते हैं. सिर्फ इसी मार्ग पर नहीं, ऐसी कई उड़ानें हैं जहां टिकट का मूल किराया 1,000 रुपये से भी कम है. ट्रैवल पोर्टल 'ixigo' के मुताबिक, कम से कम 22 ऐसे डेस्टिनेशन हैं, जहां मूल हवाई किराया 1,000 रुपये प्रति व्यक्ति से कम है. 

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अन्य राज्यों के लिए भी मिल रहा है ऑफर

देश के कई मार्गों पर क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) के तहत परिचालित उड़ानों की अवधि लगभग 50 मिनट है. अधिकतर मार्ग जहां मूल हवाई किराया 150 रुपये से 199 रुपये प्रति व्यक्ति के बीच है, ये पूर्वोत्तर और दक्षिण क्षेत्र में हैं. दक्षिण में बेंगलुरु-सलेम, कोचीन-सलेम जैसे मार्ग भी हैं जहां मूल टिकट की कीमतें इस सीमा में हैं. गुवाहाटी और शिलॉन्ग से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए मूल किराया 400 रुपये है. इम्फाल-आइजोल, दीमापुर-शिलॉन्ग और शिलॉन्ग-लीलाबाड़ी उड़ानों के लिए, हवाई किराया 500 रुपये है. बेंगलुरु-सलेम उड़ान में मूल टिकट किराया 525 रुपये है. वहीं गुवाहाटी-पासीघाट उड़ान के लिए मूल हवाई किराया 999 रुपये है और लीलाबाड़ी-गुवाहाटी मार्ग के लिए यह 954 रुपये है.

इतनी सस्ती कैसे?

ये उन मार्गों में से हैं जहां मांग कम है और अन्य परिवहन माध्यमों से इन जगहों पर 5 घंटे से अधिक समय में पहुंचा जा सकता है. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अनुसार, 31 मार्च, 2024 तक क्षेत्रीय संपर्क योजना यानी UDAN के तहत 559 मार्गों को चिन्हित किया गया है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि इस रूट पर किराए को किफायती बनाने के लिए उड़ान योजना के तहत एयरलाइंस को वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) दी जा रही है. इससे कंपनी को मूल किराए में हुए नुकसान की भरपाई हो जाती है. इसके अलावा इन उड़ानों के लिए कोई लैंडिंग या पार्किंग शुल्क नहीं है.

UDAN Scheme का उद्देश्य 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार शुरुआत से देश में हवाई संपर्क बढ़ाने पर जोर दे रही है. इसके लिए पीएम मोदी ने 2017 में ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (UDAN) योजना शुरू की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उड़ान योजना का उद्देश्य कम सेवा वाले या बिना सेवा वाले हवाई अड्डे पर नियमित उड़ान की संख्या बढ़ाना है. उड़े देश का आम नागरिक या उड़ान योजना का मकसद देश में क्षेत्रीय स्तर पर हवाई संपर्क को बढ़ाना है. केंद्र सरकार उड़ान योजना के तहत देश में छोटे-छोटे हवाई अड्डे विकसित करना चाहती है. UDAN योजना के तहत, टियर 2 और टियर 3 शहरों में लोग केवल 2500/– प्रति घंटे की दर से उड़ान योजना के तहत हवाई यात्रा कर सकते हैं.
 


अब ज्‍यादा लोगों को PF दायरे में लाने की तैयारी कर रही है सरकार, जल्‍द हो सकता है फैसला 

केन्‍द्र सरकार अगर आय सीमा में बदलाव करती है तो ऐसे में इसका फायदा 75 लाख कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से मिलने लगेगा. अभी देश में 6 करोड़ से ज्‍यादा लोग इसका फायदा ले रहे हैं. 

Last Modified:
Thursday, 11 April, 2024
PF

केन्‍द्र सरकार सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है. केन्‍द्र सरकार जल्‍द ही पीएफ के लिए योग्‍य आय में इजाफा करने की तैयारी कर रही है. दरअसल कई राज्‍यों में न्‍यूनतम वेतन की सीमा में इजाफा होने के कारण मौजूदा समय में कई लोग इसके दायरे में नहीं आ पा रहे हैं जिसके कारण सरकार को ये कदम उठाना पड़ रहा है. 

आखिर क्‍या है ये पूरा मामला 
केन्‍द्र सरकार के श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला विभाग आने वाले दिनों में ये तैयारी कर रहा है जिसमें न्‍यूनतम आय के दायरे को बढ़ाने पर तेजी से काम हो रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा समय में परेशानी ये हो रही है कि कई राज्‍यों ने न्‍यूनतम वेतन का दायरा 180000 रुपये से लेकर 21000 रुपये तक तक कर दिया है. जबकि केन्‍द्र सरकार का नियम कहता है कि 15000 रुपये तक की न्‍यूनतम सैलरी वाले लोग इसमें प्रवेश कर सकते हैं. ऐसे में अब सरकार इसको 21 हजार तक करने की तैयारी कर रही है, जिससे ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को इसमें शामिल किया जा सके. 

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ESI कवरेज का दायरा भी है ज्‍यादा 
केन्‍द्र सरकार की ओर से चलाई जाने वाली सेंट्रल हेल्‍थ सर्विस ESI में पहले ही इस सीमा को 21 हजार किया गया है. ऐसे में ज्‍यादा से ज्‍यादा कर्मचारी इसका फायदा उठाते हैं. अब सरकार EPF (Employee Provident Fund) को भी लाने की तैयारी कर रही है, जिससे स्‍वास्‍थ्‍य के साथ साथ सामाजिक सुरक्षा को भी जोड़ा जा सके. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में सरकार बनने के बाद ये फैसला हो सकता है. सरकार इसे लेकर काम कर रही है. 

देश में मौजूदा समय में हैं इतने पीएफ कर्मचारी 
मौजूदा समय में देश में ईपीएफ का फायदा 6.80 करोड़ लोगों को मिल रहा है. EPF के तहत कर्मचारियों को पेंशन, प्रोविडेंट फंड और इंश्‍योरेंस का फायदा दिया जाता है. EPF की स्‍थापना 1952 में की गई थी. उसके बाद से लेकर अब तक इसमें नौ बार बढ़ोतरी हो चुकी है. सबसे खास बात ये है कि सरकार ने 2014 में इसमें आखिरी बड़ी बढ़ोतरी की थी जब इसे 15000 कर दिया था. 
 


रेलवे यात्री कृपया ध्यान दें, इस दिन, इतने घंटे तक नहीं बुक होगी ट्रेन की टिकट

भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए ये अपडेट जारी किया है कि 12-13 अप्रैल के बीच कुछ घंटो के लिए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्‍टम (PRS) सेवाएं बंद रहेंगी.

Last Modified:
Thursday, 11 April, 2024
Railway ticket Boking

अगर आप ट्रेन से कहीं सफर करने का प्लान बना रहे हैं तो ध्‍यान दें, भारतीय रेलवे ने अपनी यात्री सेवा को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है. रेलवे ने बताया है कि 12-13 अप्रैल के बीच कुछ घंटे के लिए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्‍टम (PRS) सेवाएं उपलब्‍ध नहीं होंगी, ऐसे में यात्रियों के लिए बुकिंग और कैंसिलेशन सहित कई तरह की सेवाएं बंद रहेंगी. तो चलिए बताते हैं आपको किस समय और कौन सी सेवाएं नहीं मिलेंगी?

इतने घंटे तक ये सेवाएं रहेंगी बंद
पीआरसी सेवाएं बंद होने के दौरान यात्रियों को रेलवे से जुड़ी किसी भी तरह की सुविधा उपलब्‍ध नहीं होगी. इनमें रिजर्वेशन, कैंसिलेशन, चार्टिंग, पीआरएस इंक्‍वायरी (काउंटर के साथ 139 पर भी), इंटरनेट बुकिंग और ईडीआर सर्विसेज शामिल हैं. इसकी वजह स्‍टैटिक और डायनेमिक डेटाबेस ऐक्टिविटी हैं. रेलवे की ये सेवाएं लगभग 4.30 घंटे तक बंद रहेंगी. 12 अप्रैल को रात 11.45 बजे से 13 अप्रैल को सुबह 4.15 बजे तक इनमें से कोई सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी. रेलवे ने यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए यह जानकारी दी है. रेलवे के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि 12 से 13 अप्रैल के बीच करीब साढ़े चार घंटे अस्‍थायी रूप से दिल्ली पीआरएस सेवा उपलब्‍ध नहीं रहेगी. इसके चलते पैसेंजरों को कई तरह की सर्विसेज नहीं मिल पाएंगी.

क्‍या है रेलवे पीआरएस सर्विस ?
पीआरएस का मतलब पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्‍टम है. यह ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा है, जो भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को घर बैठे टिकट बुकिंग करने की सुविधा देने के लिए प्रदान करना है. पीआरएस का इस्‍तेमाल करके पैसेंजर ट्रेनों में रिजर्व और अनरिजर्व टिकट बुक करते हैं. इसमें यात्रियों को घर बैठे टिकट बुक करने की सुविधा मिलती है. यात्रियों के समय की भी बचत होती है. पीआरएस सर्विस का इस्‍तेमाल करने के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) की वेबसाइट या IRCTC रेल कनेक्ट ऐप पर जाना पड़ता है. इस वेबसाइट या ऐप पर पैसेंजर को अपना अकाउंट बनाना पड़ता है. इसके बाद वे टिकट बुक कर सकते हैं. टिकट बुक कराने की यह बहुत ही आसान प्रक्रिया है. आप जब चाहें, जहां से चाहें टिकट बुक करा सकते हैं. 

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