Youtube पर आने वाला है ये नया फीचर, अब वीडियो के साथ मिलेगा गेम खेलने का मजा

Youtube ने गेम खेलने वालों के लिए नया फीचर ऐड कर दिया है. इसकी मदद से आपके लिए गेम खेलना आसान हो जाता है.

Last Modified:
Friday, 31 May, 2024
BWHindi

यूट्यूब (Youtube) अपने यूजर्स के मनोरंजन के लिए समय समय पर नए-नए फीचर्स ऐड करता रहता है. वहीं, अब यूट्यूब ने एक बार फिर यूजर्स के लिए एक जबरदस्त फीचर जोड़ दिया है, ये नया फीचर गेम लवर्वको बहुत पसंद आने वाला है. यूट्यूब का ये फीचर्स सिर्फ मोबाइल ही नहीं, बल्कि कंप्यूटर यूजर्स को भी दिया जा रहा है. पिछले साल इसकी टेस्टिंग की शुरुआत की गई थी और अब ये फीचर सबके लिए आ गया है. तो चलिए आपको इस फीचर से जुड़ी पूरी जानकारी देते हैं.

ये है नया फीचर
यूट्यूब ऐप में आपको प्लेयेबल (Playable) नाम का फीचर सीधे दिखाई देने वाला है. खास बात है कि यूजर्स को गेम प्ले करने के लिए कोई भुगतान नहीं करना होगा. ये पूरी तरह फ्री होने वाला है. कंपनी ने फीचर को रोल आउट करने के बाद कहा कि इसकी मदद से आपका यूट्यूब एक्सपीरियंस काफी अलग होने वाला है. ऐसे में यूजर्स को काफी आनंद आने वाला है.

कितने गेम्स मिलेंगे?
 यूट्यूब की ओर से यूजर्स को इस फीचर में 75 गेम्स ऑफर की जा रही हैं. इसमें 'Angry Bird' 'Cut The Rope' और 'Trivia Crack' जैसी शानदार गेम्स शामिल हैं. खास बात है कि इस फीचर के बाद आपको कुछ भी अलग से डाउनलोड करने की भी जरूरत नहीं होगा. आप सिंपल जाकर गेम प्ले भी कर सकते हैं. 

स्टोरेज की होगी बचत
इस नए फीचर के आने से आपका मोबाइल स्टोरेज भी काफी फ्री रहने वाला है आपको अलग से गेम्स डाउनलोड नहीं करनी पड़ेगी, सीधे यूट्यूब ओपन करें और प्लेयेबल पर क्लिक करके अपनी पसंद की गेम खेलना शुरू करें. 
 

इसे भी पढ़ें-कल होगा BW Security World के Inaugural Edition का लॉन्च


WhatsApp पर आया ये नया फीचर, सिर्फ एक स्कैन से ट्रांसफर हो जाएगी चैट हिस्ट्री

व्हाट्सऐप (WhatsApp) यूजर्स अब केवल QR कोड स्कैन करके चैट हिस्ट्री ट्रांसफर कर पाएंगे. अब उन्हें इसके लिए Google Drive की जरूरत भी नहीं होगी.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
BWHindia

मेटा (Meta) के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप (WhatsApp) ने अपने ऐप में एक नया फीचर शामिल करने की घोषणा की है. ये फीचर यूजर्स को गूगल ड्राइव (Google Drive) का उपयोग किए बिना क्यू आर (QR Code) के माध्यम से अपनी चैट हिस्ट्री को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में ट्रांसफर करने का विकल्प देगा. यह विकल्प फिलहाल Android बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध है और जल्द ही सभी यूजर्स के लिए स्टेबल वर्जन में रोल आउट होने की उम्मीद है. तो चलिए जानते हैं ये फीचर कैसे काम करेगा?

इन यूजर्स को मिलेगा फीचर का फायदा

यह नया विकल्प उन यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा, जो गूगल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं या फिर जिनके पास गूगल ड्राइव अकाउंट नहीं है. यह उन यूजर्स के लिए भी काम का साबित होगा जिनके पास धीमा इंटरनेट कनेक्शन है, क्योंकि यह उन्हें गूगल ड्राइव की मदद से अपने चैट हिस्ट्री का बैकअप रीस्टोर करने की तुलना में तेजी से चैट ट्रांसफर का विकल्प देगा.

पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा चैट ट्रांसफर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार क्यू आर कोड का इस्तेमाल करके चैट हिस्ट्री ट्रांसफर करना गूगल ड्राइव का इस्तेमाल करने की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि यह डेटा को एन्क्रिप्ट रखता है. इसके अलावा अब गूगल ड्राइव पर निर्भरता भी खत्म की जा रही है, जिसकी मांग कई यूजर्स बार-बार कर रहे थे. फोन बदलना भी अब पहले की तुलना में आसान हो गया है.

ऐसे ट्रांसफर करें WhatsApp चैट

1. अपने पुराने डिवाइस पर WhatsApp खोलें और Chats> Chat Backup पर जाएं.

2. Move to iOS or Android विकल्प चुनें.

3. नए डिवाइस पर WhatsApp खोलें और Chats > Chat History > Import पर जाएं.

4. अपने पुराने डिवाइस पर दिखाई देने वाले QR Code को स्कैन करें.

5. चैट हिस्ट्री ट्रांसफर होने का इंतजार करें.

इसे भी पढ़ें-UGRO Capital ने सीसीडी, वारंट के जरिए 1,265 करोड़ रुपये किए सिक्योर

व्हाट्सऐप कॉलिंग के लिए मिलेगा ये मजेदार फीचर
 

व्हाट्सऐप कॉलिंग के भी जल्द यूजर्स को एक नया फीचर मिलने जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस अपकमिंग फीचर का नाम AR (Augmented Reality) call effects and filters है. कॉलिंग को मजेदार बनाने के लिए इसमें डाइनैमिक फेशियल फिल्टर जैसे स्मूद स्किन अपियरेंस के लिए टच-अप टूल, हल्की रोशनी वाले माहौल के लिए लो-लाइट मोड शामिल हैं. साथ ही व्हाट्सऐप इसमें एक ऐसा टूल भी देने वाला है, जिससे वीडियो कॉल के दौरान यूजर अपने बैकग्राउंड को भी एडिट कर सकेंगे. इसमें रियल टाइम वीडियो फीड की बजाय अवतार को यूज करने वाला ऑप्शन भी मिलेगा. खास बात ये है कि कंपनी इस फीचर को आने वाले समय में डेस्कटॉप ऐप्स के लिए भी रोलआउट करेगी.

 


Google की इन 3 प्राइवेसी सेटिंग से ऑनलाइन डेटा चोरी का खतरा होगा कम, जनिए कैसे?

आप गूगल (Google) पर केवल 3 सेटिंग्स के जरिये अपने फोन के डेटा को चोरी होने और बेवजह के विज्ञापन से भी छुटकारा पा सकते हैं.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
BWHindia

अगर आप भी अपने फोन का डेटा चोरी होने से बचाना चाहते हैं, तो ये जानकारी आपके काम की हो सकती है. आप अपने फोन से गूगल (Google) पर केवल 3 प्राइवेसी सेटिंग करके डेटा को चोरी होने से बचा सकते हैं. इन सेटिंग्स के जरिए आपका डेटा चोरी होने का खतरा काफी कम हो सकता है. तो चलिए आपको इन सेटिंग्स की पूरी जानकारी देते हैं. 

गूगल पर सबसे पहले करें ये सेटिंग

सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में गूगल क्रोम पर जाएं. इसके बाद यहां शो हो रहे सेटिंग के ऑप्शन पर क्लिक करें. ये करने के बाद प्राइवेसी सिक्योरिटी का ऑप्शन शो होगा. प्राइवेसी सिक्योरिटी के ऑप्शन पर क्लिक करें. अब यहां पर नीचे स्क्रॉल करें और सेफ ब्राउजिंग के ऑप्शन पर जांए. अब एन्हांस प्रोटेक्शन के ऑप्शन पर जाएं और उसे सलेक्ट करलें. इससे आप किसी भी ऐसी वेबसाइट पर जाने से बचेंगे जो डेटा के लिए खतरनाक हो. इस सेटिंग से आप ऐसी किसी वेबसाइट पर रिडायरेक्ट नहीं किए जाएंगे जो डेटा के लिए सेफ नहीं होगी.

क्रोम पर जाकर यूज सिक्योर DNS पर क्लिक करें

तीन सेटिंग में दूसरी सेटिंग के लिए भी आपको क्रोम पर जाना होगा. इसके बाद सेटिंग पर क्लिक करें. यहीं पर नीचे आपको USE SECURE DNS का ऑप्शन शो होगा, इस ऑप्शन पर जाएं. इसमें आप कस्टमाइज्ड के ऑप्शन पर क्लिक करें. कई सारे ऑप्शन शो होंगे उसमें से गूगल या क्लाउड कुछ भी सलेक्ट कर सकते हैं. गूगल और क्लाउड दोनों यूजर्स के लिए सेफ माने जाते हैं.

बेवजह के विज्ञापन पर लगाएं रोक
इसके अलावा आप बेवजह बार-बार आने वाले विज्ञापन (Advertisement) पर भी रोक लगा सकते हैं. इसके लिए आपको सेटिंग के ऑप्शन एड्स प्राइवेसी के ऑप्शन पर जाना होगा. इसके बाद साइट सजेस्टेड एड्स को इनेबल करना होगा. इसके बाद आप जो भी गूगल पर सर्च करते हैं, उससे रिलेटेड एड्स बार-बार शो नहीं होंगे.

इसे भी पढ़ें-किसानों की होगी कमाई! सरकार उड़द और तूर दाल की MSP में कर सकती है इजाफा


दूरसंचार विभाग ने 392 मोबाइल हैंडसेट को ब्लाक करने का दिया निर्देश, इस फ्रॉड में हो रहे थे इस्तेमाल

भारतीय दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को 392 मोबाईल हैंडसेट को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है. इन मोबाइल का इस्तेमाल साइबर क्राइम और फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए हो रहा था. 

Last Modified:
Tuesday, 18 June, 2024
BWHindia

देश में हो रहे इलेक्ट्रिसिटी केवाईसी अपडेट स्कैम को लेकर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, दूरसंचार विभाग (Department of telecommunication) ने देशभर में इस्तेमाल हो रहे IMEI बेस्ड 392 मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है. ये सभी मोबाइल कुल 31740 मोबाइल नंबर से लिंक थे. इन सभी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल इलेक्ट्रिसिटी केवाईसी अपडेट स्कैम (Electricity KYC Update Scam) के लिए हो रहा था. 

लोगों को फ्रॉड से बचाने के लिए उठाया कदम
टेलीकॉम डिपोर्टमेंट (Department of Telecommunications) का कहना है कि सरकार द्वारा यह कदम नागरिकों को फ्रॉड एक्टिविटी से बचाने के लिए उठाया जा रहा है. ये सभी मोबाइल नंबर इलेक्ट्रिसिटी केवाईसी अपडेट स्कैम को लेकर फ्रॉड एक्टिविटी से जुड़े पाए गए हैं. इतना ही नहीं, इन मोबाइल नंबर को लेकर भारतीय नागरिकों ने खुद पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई है.

वॉट्सऐप और एसएमएस के जरिए कॉन्टैक्ट कर रहे थे स्कैमर्स
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार को मिलने वाली इन शिकायतों में पाया गया कि इलेक्ट्रिसिटी केवाईसी अपडेट को लेकर स्कैमर्स ने लोगों को वॉट्सऐप और एसएसएस के जरिए कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की थी. स्कैमर मालवेयर वाली APK फाइल के जरिए विक्टिम के डिवाइस पर कंट्रोल पाने की फिराक में थे.

चक्षु पोर्टल के जरिए मिली इस फ्रॉड की जानकारी 
जानकारी के अनुसार सरकार को चक्षु पोर्टल के जरिए इस फ्रॉड से जुड़े 5 नंबरों की जानकारी मिली. पोर्टल के एआई-ड्रिवन एनालिसिस से सामने आया कि 392 मोबाइल 31,740 मोबाइल नंबर से लिंक थे. इसके बाद टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को IMEI बेस्ड 392 मोबाइल को ब्लॉक करने का निर्देश दिया. 

इसे भी पढ़ें-रॉकेट की तरह उड़े इस कंपनी के शेयर, चंद्रयान 3 में निभाई थी अहम भूमिका
 


रॉकेट की तरह उड़े इस कंपनी के शेयर, चंद्रयान 3 में निभाई थी अहम भूमिका

पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी के शेयर में 20 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली है. कंपनी ने चंद्रयान 3 के लिए नैविगेशन सिस्टम सप्लाई किया था.

Last Modified:
Tuesday, 18 June, 2024
BWHindia

चंद्रयान 3 की सफलता भारत की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है. इस सफलता के पीछे सरकार और इसरो के अलावा कई बड़ी और छोटी कंपनियों की भी भूमिका रही. खासकर उन कंपनियों की भूमिका, जो स्पेस और डिफेंस से जुड़े सामान बना रही हैं. ऐसी ही एक कंपनी है पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी (Paras Defence and Space Technologies Ltd), जिसके शेयर मंगलवार को रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए हैं. आपको बता दें, कंपनी के शेयर पिछले 6 महीने से लगातार अपने निवेशकों अच्छा रिटर्न दे रहे हैं. तो चलिए आपको बताते हैं इस कंपनी के शेयर में उछाल आने के क्या कारण हैं?

इसलिए शेयर में आई तेजी
पारस डिफेंस कंपनी के शेयर में मंगलवार को 20 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पारस डिफेंस के 1.8 प्रतिशत शेयरों की डील हुई है. इस ट्रांजेक्शन के बाद कंपनी के शेयरों में इजाफा देखने को मिला है. वहीं, दूसरी ओर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एनुअल डिफेंस एक्सपोर्ट में 50,000 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने का ऐलान किया है. उसके बाद से डिफेंस शेयरों में तेजी का माहौल बना हुआ है. इस कारण भी कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है.

6 महीने में निवेशकों को मिला 81 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न
मंगलवार को कारोबारी सत्र के दौरान पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी के शेयर में 20 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली और कंपनी का शेयर रिकॉर्ड 1,388.25 रुपये पर पहुंचकर बंद हुआ. आपको बता दें, बीते 1 साल की बात करें तो कंपनी के शेयर में 120 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला है. जबकि मौजूदा साल में कंपनी ने 79 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर निवेशकों को 81 प्रतिशत से ज्यादा कमाई करा चुका है.

चंद्रयान 3 में निभाई ये भूमिका
पिछले साल देश के लिए जी20 से पहले चंद्रयान 3 एक अहम इवेंट था. चंदयान की लॉचिंग से लेकर लैंडिंग तक स्पेस और डिफेंस कंपनियां फोकस में रही थी. चंद्रयान प्रोजेक्ट में पारस डिफेंस ने नैविगेशन सिस्टम सप्लाई किया था. 


 


भारत में लॉन्च हुआ Google Gemini App, हिंदी समेत 9 भारतीय भाषाओं में मिलेगा AI स्पोर्ट

गूगल ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंस Google Gemini App को लॉन्च कर दिया है. इसमें हिंदी सहित 9 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट मिलेगा.

Last Modified:
Tuesday, 18 June, 2024
BWHindia

गूगल (Google) ने एआई चैटबॉट जेमिनी के ऐप (Google Gemini) को भारत में लॉन्च कर दिया है. लोगों को इस ऐप का लंबे समय से इंतजार था. भारत में इस ऐप को अंग्रेजी के अलावा हिंदी समेत 9 भारतीय भाषाओं में लॉन्च किया गया है. तो चलिए आपको इस ऐप और इसके फीचर्स से जुड़ी पूरी जानकारी देते हैं. 

एआई फीचर्स का मिलेगा फायदा

अब भारत की बड़ी आबादी अपने स्मार्टफोन पर एआई फीचर्स का फायदा उठा सकेगी. जानकारी के अनुसार इस ऐप में जेमिनी ऐप और जेमिनी एडवांस्ड दोनों का साथ मिलेगा. अभी तक गूगल जेमिनी को इंटरनेट ब्राउजर के जरिए इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब ये ऐप पर भी मौजूद रहेगा. एंड्रॉयड यूजर्स गूगल प्ले स्टोर पर जाकर आप जेमिनी एआई ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. ये ऐप आपको टाइप करने बात करने या यहां तक ​​कि अपनी जरूरत का सर्च रिजल्ट पाने के लिए एक इमेज एड करने की इजाजत देता है. उदाहरण के लिए अगर आपको टायर बदलने का तरीका जानना है तो एक सपाट टायर की फोटो लें, और जेमिनी से टायर बदलने का तरीका पूछें.

सुंदर पिचाई ने एक्स पर की लॉन्च की घोषणा
गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर जेमिनी ऐप के लॉन्च की जानकारी दी है. उन्होंने लिखा है कि आज हम गूगल जेमिनी ऐप को भारत में लॉन्च कर रहे हैं. ये ऐप अंग्रेजी सहित 9 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगा.

9 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट
गूगल के अनुसार, जेमिनी ऐप और जेमिनी एडवांस्ड गूगल के दोनों सबसे एडवांस्ड AI मॉडल्स 9 भारतीय भाषाओं में मौजूद रहेंगे. इससे ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी भाषा में जानकारी ले सकेंगे और एआई के जरिए काम को निपटा सकेंगे. ऐप हिंदी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, तमिल, तेलुगु और उर्दू में काम करेगा.

जेमिनी एडवांस्ड में नए एआई फीचर्स
गूगल ने जेमिनी एडवांस्ड में कई नए फीचर्स शामिल किए हैं. इनमें डेटा एनालिसिस की काबिलियत, फाइल अपलोड और गूगल मैसेज में जेमिनी से इंग्लिश में बात करना शामिल है. भारत के अलावा इस ऐप को पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और तुर्की में भी लॉन्च किया गया है.

इसे भी पढ़ें-Shilpa Shetty के लग्जरी रेस्तरां में होगी Sonakshi Zaheer की शादी, जानिए रेस्तरां की खूबी


20 जून को लांच होगा Vivo का ये नया स्मार्टफोन, जानें क्या होगी इसकी कीमत?

Vivo भारत में 20 जून को अपनी Y सीरीज का स्मार्टफोन Y58 5G  लॉन्च करने जा रही है. ये फोन 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरे के साथ आएगा.

Last Modified:
Monday, 17 June, 2024
BWHindia

भारत के स्‍मार्टफोन मार्केट में वीवो (Vivo) लगातार अपनी पहुंच को बढ़ा रहा है. वीवो (Vivo) जल्द ही भारतीय बाजार में अपनी Y-सीरीज में एक नए स्मार्टफोन को लॉन्च करने जा रही है. Vivo के इस नए Y58 स्मार्टफोन  में 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 6000 एमएएच की बैटरी होगी. तो चलिए आपको इस फोन के फीचर्स, डिजाइन से लेकर कीमत तक सारी जानकारी देते हैं. 

Vivo Y58 का लुक और कीमत

Vivo Y58 5G, वाई सीरीज में कंपनी की नई 5जी पेशकश होगा. कंपनी ने ‘इट्स माइ स्‍टाइल' टैगलाइन के साथ इसे टैग किया है. टीजर इमेज में फोन में डुअल रियर कैमरा की मौजूदगी देखी जा सकती है साथ में LED फ्लैश भी है. कंपनी द्वारा शेयर की गई फोटो के अनुसार Vivo Y58 में स्लैब जैसा डिजाइन है. स्मार्टफोन फ्लैट डिस्प्ले और चमकदार बैक पैनल के साथ आता है. अभी तक लॉन्च होने वाले Vivo Y58 में एक डुअल रियर कैमरा है, जिसको एक गोलाकार कैमरा मॉड्यूल के अंदर रखा गया है. स्मार्टफोन नीला और हरा, इन दो कलर ऑप्शन में आएगा. जानकारी के अनुसार इस फोन की शुरुआती कीमत 22,990 रुपये हो सकती है. 

ये मिलेंगे फीचर्स
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपकमिंग वीवो Y58 में 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ 6.72-इंच फुल HD+ डिस्प्ले होने की बात कही गई है. स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 4 जेन 2 चिपसेट है. अपकमिंग वीवो स्मार्टफोन में 8GB रैम और 128GB इंटरनल स्टोरेज है, जिसे माइक्रोएसडी कार्ड लगाकर 1TB तक बढ़ाया जा सकता है. 

इसे भी पढ़ें-Google Chrome पर आया ये नया फीचर, अब वेबसाइट पर लिखा कंटेंट सुनाई भी देगा

डुअल रियर कैमरा सेटअप 
इस फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप होगा,  जिसमें 50MP मैंन कैमरा और 2MP सेकेंडरी कैमरा होने की उम्मीद है. स्मार्टफोन के फ्रंट में 8MP का सेल्फी कैमरा होने की बात कही गई है.  कहा जा रहा है कि स्मार्टफोन में 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 6000 एमएएच की बैटरी है.


Google Chrome पर आया ये नया फीचर, अब वेबसाइट पर लिखा कंटेंट सुनाई भी देगा

गूगल (Google) ने अपने एंड्रायड यूजर्स के लिए Listen to this page मोड फीचर लॉन्च किया है. इस फीचर की मदद से यूजर्स कंटेट को पढ़ने के साथ सुन भी सकते हैं.

Last Modified:
Monday, 17 June, 2024
BWHindia

आप भी वेब पेज पर दी जाने वाली जानकारियों को पढ़ना एक झंझट भरा काम समझते हैं या आपके पास इन्हें पढ़ने के लिए समय कम रहता है? तो अब आपकी इस समस्या का हल निकल गया है. दरअसल, गूगल क्रोम (Google Chrome) पर आपके लिए एक काम का फीचर आया है. गूगल एंड्रायड ने यूजर्स के लिए Listen to this page मोड फीचर लॉन्च किया है, जिससे यूजर्स को काफी सुविधा होगी. तो चलिए आपको इस फीचर की पूरी जानकारी देते हैं.

वेबसाइट पर कंटेट को केवल पढ़ ही नहीं, सुन भी पाएंगे
वेबसाइट पर रीड किए जाने वाले कंटेंट को अब केवल पढ़ कर ही नहीं, सुन कर भी जाना जा सकता है. इस फीचर को लिस्न टू दिस पेज ( Listen to this page mode in Chrome) नाम से लाया गया है. इस फीचर के साथ यूजर किसी वेब पेज पर नजर आ रही जानकारियों को पढ़ने के साथ अब सुन भी पाएंगे. यह फीचर क्रोम ब्राउजर पर एक्सेस किए जाने वाले वेब पेज के साथ सुने जा सकेंगे.

12 भाषाओं में सुन पाएंगे कंटेट
गूगल के अनुसार क्रोम में लिस्न टू दिस पेज मोड कुल 12 भाषाओं को सपोर्ट करता है. शुरुआती फेज में गूगल क्रोम यूजर अरबी, बंगाली, चीनी, अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, हिंदी, इंडोनेशियाई, जापानी, पुर्तगाली, रूसी और स्पेनिश जैसी भाषाओं में वेब पेज का कंटेंट सुन सकेंगे. 

कंटेंट की स्पीड भी कर सकेंगे मैनेज

एंड्रॉइड फोन पर क्रोम यूजर्स प्लेबैक ऑप्शन जैसे प्ले, पॉज, रिवाइंड, चेंज स्पीड, फास्ट फॉर्वर्ड, ऑटो स्क्रॉल जैसे ऑप्शन के साथ ऑडियो को मैनेज कर सकेंगे. कंपनी के अनुसार किसी स्थिति में फोन की स्क्रीन लॉक हो जाती है तो भी यह फीचर काम करेगा. यूजर वेब पेज के कंटेंट को पूरा होने तक सुन सकेंगे. एंड्रॉइड यूजर्स वेबसाइट का इस्तेमाल करने के साथ कंटेंट को सुनते हुए अलग-अलग टैब्स पर स्विच भी कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ें-ABP के शैलेन्द्र शेट्टी RPSG मीडिया में संभालेंगे Chief Business Officer की कमान
 

ऐसे करें फीचर का इस्तेमाल

1. सबसे पहले एंड्रॉइड फोन पर क्रोम के साथ किसी वेबसाइट को ओपन करना होगा. 
2. अब टॉप राइट कॉर्नर पर More ऑप्शन पर टैप करना होगा.

3. यहां Listen to this page का ऑप्शन नजर आने पर इस पर टैप करना होगा.

4. इसके तुरंत बाद कंटेंट सुनाई देने लगा.

5. Listen to this page मोड बंद करने के लिए Close पर टैप करना होगा.

सभी वेबसाइट के लिए नहीं फीचर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Listen to this page सभी वेबसाइट के लिए पेश नहीं हुआ है. ऐसे में जिन पेज के लिए यह फीचर मौजूद नहीं होगा, मेन्यू में इस फीचर को ऑप्शन में नहीं देख सकेंगे.
 


नए AI फीचर्स के साथ आया Samsung Galaxy Z Fold 6, जानें कब और कितनी कीमत पर मिलेगा ये स्मार्टफोन

सैमसंग (Samsung) का अपकमिंग Samsung Galaxy Z Fold 6 5G Galaxy Z Fold 6 अगले महीने लॉन्च हो सकता है. इसमें एआई फीचर्स भी मिलेंगे, जिससे यूजर्स को एक नया एक्सपीरियंस मिलेगा.

Last Modified:
Saturday, 15 June, 2024
BWHindia

अगर आप एआई फीचर्स वाला कोई स्मार्टफोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार कर लीजिए. दरअसल, सैमसंग (Samsung) अगले महीने गैलेक्सी अनपैक्ड 2024 इवेंट में Samsung Galaxy Z Fold 6 5G को लॉन्च कर सकती है. लॉन्च से पहले इस फोन्स के कई लीक्स सामने आ चुके हैं, जिससे इनकी कीमत और डिजाइन के बारे में कई चीजों का खुलासा हो गया है. लीक्स से मिली जानकारी के अनुसार Galaxy Z Fold 6 कस्टम स्नैपड्रैगन 8 जेन 3 मोबाइल प्लेटफॉर्म पर चलेगा और इसमें 4400mAh की बैटरी होगी. आइए हम आपको इस अपकमिंग स्मार्टफोन के फीचर्स और कीमत की पूरी जानकारी देते हैं.
  
गैलेक्सी जेड फोल्ड 6 का सपोर्ट पेज भी हुआ लाइव
सैमसंग इंडिया की वेबसाइट पर सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड 6 का सपोर्ट पेज भी लाइव हो गया है. सपोर्ट पेज कंफर्म करता है कि सैमसंग जल्द ही भारत में SM-F956B/DS मॉडल नंबर के साथ एक नया स्मार्टफोन लॉन्च कर सकता है. मॉडल नंबर में D/S आने वाले सैमसंग स्मार्टफोन में डुअल सिम कार्ड स्लॉट होने का हिंट देता है. SM-F956B/DS मॉडल नंबर को पहले कई सर्टिफिकेशन में देखा जा 8 चुका है.

ये मिलेंगे फीचर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Z Fold 6 में 7.6 इंच का डायनामिक एमोलेड 2X QXGA+ 120 हर्ट्ज मेन और 6.3 इंच का डायनामिक एमोलेड 2X 120 हर्ट्ज एचडी प्लस कवर डिस्प्ले हो सकता है. दोनों में ही एस पेन का सपोर्ट मिल सकता है. फोन ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 8 जेन 3 के साथ आ सकता है और 12GB LPDDR5X रैम और 1TB तक की इंटरनल स्टोरेज को स्पोर्ट कर सकता है. इसमें 4400mAh की बैटरी हो सकती है. सॉफ्टवेयर में नए गैलेक्सी AI फीचर्स मिलने की उम्मीद है. बता दें कि पुराने मॉडल यानी Galaxy Z Fold 5 में 6.2 इंच की कवर स्क्रीन थी. ये फोन तीन कलर ऑप्शन नेवी, पिंक और सिल्वर शैडो में मिल सकता है.

इसे भी पढ़ें-Bajaj ने लॉन्च की 4 नई पल्सर, जानें क्या होगी इनकी कीमत?

फोटोग्राफी और वीडियो 
फोटोग्राफी के लिए इस स्मार्टफोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा, जिसमें 50 मेगापिक्सेल OIS मेन + 12 मेगापिक्सेल अल्ट्रावाइड + 30X डिजिटल जूम के साथ 10 मेगापिक्सेल टेलीफोटो सेंसर दिया जा सकता है. सेल्फी के लिए फोन में 4 मेगापिक्सेल अंडर-डिस्प्ले सेंसर और कवर स्क्रीन पर 10 मेगापिक्सेल का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है. रियर कैमरा सेटअप 30fps पर 8K वीडीयो शूटिंग को सपोर्ट करेगा.

कनेक्टिवी के लिए ये फीचर
स्मार्टफोन में वाई-फाई 6, ब्लूटूथ 5.3 और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट दिए जाने की संभावना है. डिवाइस पर साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट रीडर दिया जा सकता है. इसका वजन 239 ग्राम हो सकता है और फोल्ड होने पर इसकी मोटाई 12.1 मिमी और अनफोल्ड होने पर 5.6 मिमी हो सकती है.

इतनी होगी कीमत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल फोन की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है. फोल्डेबल फोन की कीमत अमेरिका में 1899.99 डॉलर (256GB) और भारत में लगभग 1,69,999 रुपये से शुरू हो सकती है.
 


अब Whatsapp पर मिलेगा कॉलिंग का बेहतर एक्सपीरियंस, एक साथ मिले कई नए फीचर

Whatsapp यूजर्स को बेहतर कॉलिंग एक्सपीरियंस के लिए वीडियो कॉल में 32 कॉन्टैक्ट्स को ऐड करने, ऑडियो के साथ स्क्रीन शेयरिंग और स्पीकर स्पॉटलाइट जैसे फीचर मिल रहे हैं.

Last Modified:
Friday, 14 June, 2024
BWHindia

व्हाट्सएप (WhatsApp) ने बीते कुछ समय से यूजर्स के लिए कई नए फीचर को रोलआउट किया है. इसी क्रम में अब कंपनी (Meta) यूजर्स के कॉलिंग एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के लिए 3 नए फीचर लेकर आई है. नए अपडेट्स को आईफोन्स, ऐंड्रॉयड, वेब और PC के लिए लाया गया है। तो चलिए जानते हैं व्हाट्सएप के इन नए फीचर से आपको क्या फायदा होगा?

ऑडियो के साथ स्क्रीन शेयरिंग और वीडियो कॉल में 32 लोग
व्हाट्सएप के इन नए फीचर्स में वीडियो कॉल में 32 कॉन्टैक्ट्स को ऐड करने के अलावा ऑडियो के साथ स्क्रीन शेयरिंग और स्पीकर स्पॉटलाइट शामिल हैं.  इस फीचर के आने से यूजर फ्रेंड्स और फैमिली के साथ वीडियो कॉल पर अपनी स्क्रीन के कॉन्टेंट को ऑडियो के साथ शेयर कर सकेंगे. वीडियो देखने के साथ आप वेबसाइट ब्राउज कर सकते हैं और प्रेजेंटेशन भी दिखा सकते हैं. यह सब अपने कॉल प्रतिभागियों के साथ ऑडियो शेयर करते हुए कर सकते हैं. इसके अलावा कंपनी ने सभी डिवाइसेज के लिए वीडयो कॉलिंग में 32 लोगों को जोड़ने वाले फीचर का भी ऐलान कर दिया है. 

व्हाट्सएप कॉल पर स्पीकर होगा हाइलाइट 

व्हाट्सएप कॉल पर ज्यादा लोगों के होने के कारण स्पीकर यानी बात कर रहे कॉन्टैक्ट को पहचानने में आसानी हो, इसके लिए कंपनी स्पीकर स्पॉटलाइट फीचर लाई है. यह फीचर स्पीकर को हाइलाइट करने के साथ ही स्क्रीन पर उसे सबसे पहले दिखाएगा. 

खराब नेटवर्क और पुराने डिवाइसेज पर भी बेस्ट कॉलिंग एक्सपीरियंस

इसके अलावा कंपनी कॉल रिलायबिलिटी के साथ ऑडियो और वीडियो कॉल की क्वॉलिटी को बेहतर बनाने के लिए MLow codec को भी लॉन्च किया है. कोडेक बेहतर एको और नॉइज कैंसलेशन से मोबाइल डिवाइस पर की जाने वाली कॉल्स की क्वॉलिटी को बेहतर बनाता है. कंपनी के अनुसार इस फीचर के आने से यूजर्स को खराब नेटवर्क और पुराने डिवाइसेज पर भी बेस्ट कॉलिंग एक्सपीरियंस मिलेगा. कंपनी ने नए अपडेट्स के बारे में कहा कि ये पहले से काफी ज्यादा बेहतर हैं. कंपनी ने आगे कहा कि 2015 में कॉलिंग फीचर को लाने के बाद इसे लगातार बेहतर बनाया जा रहा है. व्हाट्सएप के अनुसार ये नए फीचर आने वाले दिनों सभी यूजर्स तक पहुंच जाएंगे.

इसे भी पढ़ें-Musk और Bezos से आगे निकले Ambani, Jio प्लेटफॉर्म्स को पहले मिली सैटेलाइट इंटरनेट शुरू करने की मंजूरी
 


1 Phone में 2 सिम चलाने वालों की खैर नहीं, होश उड़ा देगा TRAI का ये प्लान

अधिकांश लोगों के मोबाइल में दो सिम होते हैं फिर भले ही वो दोनों इस्तेमाल करें या न करें.

Last Modified:
Thursday, 13 June, 2024
BWHindia

यदि आप भी एक मोबाइल में 2 सिम कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो फिर आपके लिए बुरी खबर है. भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ऐसा करने वालों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने की तैयारी में है. यह शुल्क एकमुश्क या फिर सालाना आधार पर लिया जा सकता है. TRAI की ये व्यवस्था ऐसे यूजर्स के लिए होगी जिनके मोबाइल में दो सिम कार्ड हैं, लेकिन उनमें से एक का इस्तेमाल न के बराबर करते हैं. दरअसल, ट्राई ने टेलीकॉम ऑपरेटर से मोबाइल फोन या लैंडलाइन के नंबर के लिए चार्ज लेने का प्लान बनाया है. ऐसे में मोबाइल ऑपरेटर इस शुल्क की वसूली यूजर्स से कर सकते हैं.

इसलिए पड़ी है ज़रूरत
ट्राई का कहना है कि मोबाइल नंबर एक सार्वजनिक संसाधन है, न की निजी. लिहाजा इनका इस्‍तेमाल भी सार्वजनिक हित को ध्‍यान में रखते हुए किया जाना चाहिए. देश मोबाइल नंबरों की काफी कमी है, इसके बावजूद लोग बिना ज़रूरत के एक मोबाइल में दो सिम रखते हैं. TRAI का मानना है कि अतिरिक्त शुल्क की व्यवस्था लागू होने से नंबरों की उपलब्धता बनी रहेगी. नियमों के अनुसार, अगर किसी सिम कार्ड को ज्यादा वक्त तक रिचार्ज नहीं कराया जाता, तो उसे ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान है. लेकिन, टेलीकॉम कंपनियां अपना यूजर बेस खोने के डर से ऐसा नहीं करतीं. इसी को ध्यान में रखते हुए ट्राई अब इनएक्टिव मोबाइल नंबर को ब्‍लैकलिस्‍ट न करने पर मोबाइल ऑपरेटर पर जुर्माना लगाने जा रहा है. जाहिर है इसका बोझ कंपनियां यूजर्स पर डालेंगी.

ये भी पढ़ें - Kuwait: जिस कंपनी की बिल्डिंग में लगी आग क्या है उसका बिज़नेस, कौन है मालिक?

21.9 करोड़ नहीं हैं एक्टिव 
ट्राई के आंकड़े बताते हैं कि जारी किए गए कुल मोबाइल नंबरों में से करीब 21.9 करोड़ लंबे समय से एक्टिव नहीं हैं. यह आंकड़ा कुल मोबाइल नंबर का लगभग 19% है. आपको बता दें कि सरकार के पास मोबाइल नंबर स्पेसिंग का अधिकार है. सरकार द्वारा ही मोबाइल ऑपरेटर को मोबाइल नंबर सीरीज जारी की जाती है. ट्राई का कहना है कि मोबाइल नंबर सीमित मात्रा में मौजूद हैं, ऐसे में उसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना बेहद ज़रूरी है. ऐसे कई देश हैं जहां मोबाइल नंबर के लिए टेलीकॉम कंपनियां यूजर्स से शुल्क वसूलती हैं. इसमें UK, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, बेल्जियम, फिनलैंड, लिथुआनिया, ग्रीस, हांगकांग, बुल्गारिया, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, पोलैंड, कुवैत, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका और डेनमार्क आदि शामिल हैं.